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  • Red Sea Crisis: हूती विद्रोहियों का एक और बड़ा हमला, सऊदी तेल टैंकर पर अटैक; 13 दिन में 8वां जहाज निशाने पर

    Red Sea Crisis: हूती विद्रोहियों का एक और बड़ा हमला, सऊदी तेल टैंकर पर अटैक; 13 दिन में 8वां जहाज निशाने पर

    नई दिल्ली

    अमेरिका- ईरान जंग के बीच होर्मुज के साथ-साथ लाल सागर का पानी भी खौल रहा है. यमन में रहने वाले ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बुधवार, 5 अगस्त को कहा कि उन्होंने लाल सागर में यानबू के पास सऊदी अरब के एक तेल टैंकर पर हमला किया है. उधर अमेरिका और ईरान ने होर्मुज में नाकेबंदी कर रखी है तो इधर हूती विद्रोही ने लाल सागर में सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी जारी रखे हुए हैं. एक दिन पहले भी यमन के पश्चिमी तट के पास हूती के मिसाइल हमले के बाद भारत के झंडे वाला एक मालवाहक जहाज पलट गया था और डूब गया था। 

    न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक वीडियो जारी कर यह दावा किया है. इसमें उन्होंने कहा कि समूह ने उत्तरी लाल सागर में यानबू के तट के पास कई बैलिस्टिक मिसाइलों से सऊदी तेल टैंकर 'वफा' को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को नाकेबंदी शुरू होने के बाद से यह आठवां जहाज है जिसे हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया है। 

    एक दिन पहले भारतीय जहाज पर हुआ था हमला
    इससे पहले यमन के तट के निकट मंगलवार को भारतीय झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था. इस जहाज का नाम एमएसवी फैज नूर ओलिया है. भारत के विदेश मंत्रलय ने बताया कि जहाज पर 13 भारतीय नागरिक सवार थे और सभी को बचा लिया गया. भारत ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी और कहा कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए। 

    विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को बचाने में सहयोग के लिए यमन के अधिकारियों का धन्यवाद किया. यमन सरकार ने भी इस हूती हमले की कड़ी निंदा की है. यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि विस्फोटक से भरी नाव से किए गए इस हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया. इसमें 13 भारतीयों समेत कुल 14 नाविक सवार थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया. मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय और समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया। 

  • समुद्री सुरक्षा पर संकट गहराया: होदेइदाह के पास जहाज पर हमले से वैश्विक चिंता बढ़ी

    समुद्री सुरक्षा पर संकट गहराया: होदेइदाह के पास जहाज पर हमले से वैश्विक चिंता बढ़ी

    नई दिल्ली
    लाल सागर में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिली है। यमन के पश्चिमी तट के निकट एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर दिया। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की। हालांकि अभी तक किसी भी संगठन, समूह या गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हमले में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई है।

    UKMTO केंद्र ने एक आधिकारिक सूचना में बताया कि हमला तटीय शहर होदेइदाह के पास हुआ। होदेइदाह ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के मजबूत नियंत्रण वाले इलाके में स्थित है। जहाज होदेइदाह से लगभग 30 समुद्री मील (करीब 55 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम दिशा में था, जब अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने उस पर हमला किया। UKMTO ने स्पष्ट किया कि जहाज के चालक दल ने तुरंत हमले की सूचना दी। फिलहाल संबंधित अंतरराष्ट्रीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

    हूती विद्रोहियों की धमकी
    बता दें कि यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर और अदन की खाड़ी में गुजरने वाले जहाजों पर हमले दोबारा शुरू करने की खुली धमकी दी थी। हालांकि, उन्होंने अभी तक इन धमकियों को अमली जामा नहीं पहनाया है। हूती प्रवक्ता ने इस घटना पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

    गौरतलब है कि हूतियों ने अक्टूबर 2023 से गाजा युद्ध के समर्थन में लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित संकरे बाब अल-मंडाब के आसपास अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था। उन्होंने ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइलें और अन्य हथियारों का इस्तेमाल कर कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले किए। इन हमलों के कारण वैश्विक जहाजरानी कंपनियों को स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी सिरे (केप ऑफ गुड होप) का लंबा और महंगा रास्ता अपनाना पड़ा।

    सोमाली समुद्री लुटेरों भी हैं ऐक्टिव
    लाल सागर संकट के बीच सोमाली समुद्री डाकू भी अदन की खाड़ी और आसपास के दूरवर्ती इलाकों में फिर से सक्रिय हो गए हैं। एक जुलाई को यमन के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित बलहाफ बंदरगाह शहर से 76 समुद्री मील (लगभग 140 किलोमीटर) दक्षिण में एक और घटना हुई थी। UKMTO के अनुसार, चार सशस्त्र व्यक्ति छोटी नाव पर सवार होकर आए और एक जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) को मामूली नुकसान पहुंचाया। इस घटना को संदिग्ध समुद्री लुटेरों का काम माना जा रहा है।

    बता दें कि लाल सागर और अदन की खाड़ी विश्व व्यापार का अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यहां से रोजाना लाखों टन तेल, गैस, कंटेनर माल और अन्य सामान गुजरता है। आये दिन हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। अमेरिका, ब्रिटेन और उनके सहयोगी देशों के युद्धपोत क्षेत्र में गश्त बढ़ाए हुए हैं, इसके बावजूद चुनौतियां बरकरार हैं।