Tag: Shivraj Singh Chouhan

  • बिहार में बाढ़ से 50 लाख लोग प्रभावित, शिवराज ने हाजीपुर में नाव से लिया हालात का जायजा

    बिहार में बाढ़ से 50 लाख लोग प्रभावित, शिवराज ने हाजीपुर में नाव से लिया हालात का जायजा

    पटना
    बिहार में बाढ़ से लगभग 50 लाख की आबादी प्रभावित है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों को सात-सात हजार रुपये की राहत राशि उनके खाते में भेजी थी। आज बिहार में बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बिहार पहुंची। पटना पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह हाजीपुर पहुंचे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव में बाढ़ का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

    इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। शिवराज सिंह चौहान औऱ मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी ने हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। शिवराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर गांव का बोट से भी जायजा लिया। दोनों नेताओं ने राघोपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और बाढ़ और फसल क्षति का आकलन किया। इस दौरान किसानों और बाढ़ पीड़ितों से भी बातचीत करेंगे।

    बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सराकर सहायता के काम में जुटी हुई। भोजन वितरण की भी व्यवस्था है। राज्य सरकार जो संभव हो सकता है वो कर रही है। केंद्र सरकार भी राज्य के लोगों को संकट से बाहर निकालने के लिए काम करेगी। सड़कों और मकानों का जो भी नुकसान हुआ है उसका आकलन कर लोगों की मदद की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार सरकार के साथ मिलकर बिहार के लोगों को हर संभव मदद देगी।

    सम्राट चौधरी ने कहा कि लोगों के साथ मिलकर जो सहायता हो सकती है उसपर लगातार हम चर्चा कर रहे हैं। जो स्थिति इन्होंने यहां देखा हम मुंगेर औऱ भागलपुर जाएंगे। समीक्षआ बैठक भी केरंगे। मैं पीएम को धन्यवाद देता हूं कि केंद्रीय टीम यहां आई। बाढ़ से नुकसान का जायजा लेकर लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।

  • कर्नाटक में वंदे मातरम को लेकर सियासी घमासान, शिवराज ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    कर्नाटक में वंदे मातरम को लेकर सियासी घमासान, शिवराज ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    सक्ती/ रायपुर.

    कर्नाटक सरकार के वंदे मातरम को लेकर लिए गए निर्णय पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना रोष जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान की धज्जियां उड़ा रही है. संसद में विधेयक को पारित कर वंदे मातरम पर कानून बना है. कर्नाटक सरकार का फैसला अलोकतांत्रिक है. कांग्रेस सरकार का यह फैसला भारत माता का अपमान है.

    सक्ती जिले के ग्राम जेठा में आयोजित PM आवास और लखपति दीदी सम्मान कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा की. कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा को बहुत प्यार दिया. छत्तीसगढ़ में विकास की बाजार बह रही है. कका और कांग्रेस ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह किया था. उन्होंने कहा कि भाजपा ने गरीबों को मकान का अधिकार दिया. 3 लाख 65 हजार से ज्यादा मकान गरीबों के लिए स्वीकृत हुए हैं. आज मुख्यमंत्री को स्वीकृति पत्र दे रहा हूं. छत्तीसगढ़ में हर दिन 1600 मकान पूरे हो रहे हैं. विकसित भारत जीरामजी में भी छत्तीसगढ़ का सहयोग मिल रहा है. विकसित भारत के तहत खेत से सड़क योजना सम्मिलित कर ली गई है. 36 करोड़ रुपए की छत्तीसगढ़ स्वीकृत हुई है. ग्रामीण विकास विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए सड़कें स्वीकृत की हैं.

    17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व ने देश का स्वाभिमान बढ़ाया है. भारत माता फिर से अंगड़ाई ले रही है. विश्व गुरु के पथ पर चल रहा है. वहीं BRICS समिट पर कांग्रेस के सवाल उठाए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया की आधी आबादी का नेतृत्व एक धरती पर इकट्ठा हो रहा है. पूरी दुनिया की नजर BRICS सम्मेलन पर हैं. जब दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ता है तो कांग्रेस के पेट में दर्द होता है. कांग्रेस हमारे देश की प्रतिष्ठा पर उंगली उठाती है. देश की प्रगति और विकास से कांग्रेस प्रसन्न नहीं हो सकती. 

  • आज बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे शिवराज सिंह चौहान, बैठक में होगी घोषणा

    आज बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे शिवराज सिंह चौहान, बैठक में होगी घोषणा

    पटना 

    बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान आज 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार कुछ देर में कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व पहली बार भाजपा करेगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक में गठबंधन के पांच दलों के विधायक उस नाम का अनुमोदन करेंगे। अभी जैसे जेडीयू विधायक दल के नेता नीतीश सीएम हैं, उसी तरह आगे भाजपा विधायक दल का नेता ही एनडीए विधायक दल का नेता और मुख्यमंत्री बनेगा। भाजपा और एनडीए से पहले जेडीयू के विधायक दल की बैठक 2 बजे नीतीश लेंगे।

    एनडीए विधायक दल की बैठक के बाद नया नेता यानी नए मुख्यमंत्री राजभवन जाकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। बुधवार की सुबह 11 बजे लोक भवन (राजभवन) में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें सीमित संख्या में पांच घटक दलों के मंत्री शपथ लेंगे। समारोह में दिल्ली से भाजपा और एनडीए दलों के बड़े नेता आ सकते हैं।

    नए सीएम को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है, लेकिन खुली आंखों से जो राजनीतिक घटनाक्रम दिख रहा है और कल से जिस तरह भाजपा विधायक दल के मौजूदा नेता और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आवास नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों-मुलाकातों का केंद्र बना हुआ है, उससे यह संभावना प्रबल है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के नए और अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। सीएम पद के लिए नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, जनक राम, रेणु देवी, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल, मंगल पांडे जैसे कई नाम चर्चा में हैं। लेकिन भाजपा का फैसला शाम 3 बजे की बैठक में सामने आने तक कुछ तय रूप से नहीं कहा जा सकता।

    पांच महीने पहले सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को भाजपा विधायक दल का नेता और उप-नेता चुना गया था। भाजपा के पास विकल्प है कि वो विधायक दल का नेता या उप-नेता ना बदले, लेकिन जदयू को सांसद नीतीश की जगह पर नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो। इस लिहाज से जदयू की 2 बजे की बैठक भी बहुत महत्वपूर्ण है। जदयू में नीतीश के बाद नेता बनने की रेस में विजय कुमार चौधरी का नाम सबसे आगे है।

    नीतीश कुमार सीएम आवास से निकले, आंबेडकर जयंती समारोह बतौर मुख्यमंत्री आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम

    नीतीश कुमार बतौर सीएम अपने अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री आवास से निकल गए। वो आंबेडकर जयंती समारोह में शामिल होने के बाद जब सीएम हाउस लौटेंगे तो अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद वो राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप देंगे।

     भाई वीरेंद्र ने कहा- सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो हम बधाई देंगे
    राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है कि अगर सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो वो उनको बधाई देंगे। कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव के करीबी नेता शक्ति सिंह यादव ने भी कहा था कि अगर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो राजद के कार्यकर्ता खुश ही होंगे। शक्ति यादव का तर्क था कि इससे साबित होगा कि राजद से निकले कार्यकर्ता दूसरे जगह जाकर भी सीएम बन सकते हैं।

    सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 08- राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा सम्राट के आवास गए
    एनडीए दलों के नेता और नीतीश के प्रधान सचिव दीपक कुमार के बाद कल शाम जब राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा भी सम्राट चौधरी के आवास पहुंच गए, तो यह अब तक के सारे संकेतों में सबसे मजबूत इशारा हो गया कि अगला सीएम कौन हो सकता है। कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा करने के लिए राज्यपाल के सचिव सम्राट से मिलने गए थे।

    सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 07- सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार सम्राट के आवास गए
    एनडीए के नेताओं के बाद जब कल नीतीश कुमार के प्रधान सचिव दीपक कुमार भी सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। दीपक कुमार ही सरकार की सारी प्रशासनिक व्यवस्था पर सीएम के लिए नजर रखते हैं। दीपक कुमार हर यात्रा और कार्यक्रम में सीएम के साथ और बिल्कुल पास खड़े दिख जाते हैं। दीपक कुमार का सम्राट चौधरी के आवास जाना भी अगली सरकार के नेता का मजबूत संकेत है।

    JDU इन 5 नेताओं पर लगा सकती है दांव

    डिप्टी सीएम की रेस में कौन आगे?
    सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेडीयू की ओर से उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा. हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम इस पद के लिए सबसे चर्चा में है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार निशांत फिलहाल इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं. वहीं, दो उपमुख्यमंत्री होने की बात भी माने आ रही है. कुछ लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री के मामले में चौका भी सकते हैं. वे निशांत के अलावा किसी अन्य नेता पर भी दाव लगा सकते हैं. इसके लिए 5 नाम सबसे प्रबल हैं. इनमें संजय झा, ललन सिंह, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, विजेंद्र यादव शामिल हैं। 

        संजय झाः इन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. पार्टी के रणनीतिकार हैं. सवर्ण (ब्राह्मण) जाति से आते हैं. वे बीजेपी से जदयू में आए हैं. लिहाजा बीजेपी में भी उनकी अच्छी पकड़ है। 

        ललन सिंहः ये नीतीश कुमार के पुराने साथी और बेहद भरोसेमंद हैं. ललन सिंह भी सवर्ण यानि भूमिहार जाति से आते हैं. फिलहाल लोकसभा सांसद और केंद्र में मंत्री है. इनका पार्टी पर संगठन पर मजबूत पकड़ और लंबा प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव है। 
        विजय चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के साथ साये की तरह देखा जाता है. विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और नीतीश के संकटमोचक माने जाते हैं. फिलहाल राज्य सरकार में मंत्री हैं. सवर्ण जाति से आते हैं और भूमिहार है। 

        अशोक चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के मानस पुत्र माना जाता है. पासी जाति यानि महादलित समुदाय से आते हैं. कांग्रेस से जदयू में आए हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 

        विजेंद्र यादवः इन्हें को नीतीश कुमार की सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलती रही है. नीतीश के भरोसेमंद भी माने जाते हैं और प्रशासनिक कार्यों में निपुण हैं. ये पिछड़ी जाति से आते हैं।