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  • स्मार्टफोन पिंकी क्या है? ज्यादा फोन इस्तेमाल से उंगली पर पड़ सकता असर

    स्मार्टफोन पिंकी क्या है? ज्यादा फोन इस्तेमाल से उंगली पर पड़ सकता असर

    नई दिल्ली
    आज स्मार्टफोन हमारे हाथ से शायद ही कभी दूर रहता हो. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम चैट करते हैं, वीडियो देखते हैं, गेम खेलते हैं और सोशल मीडिया स्क्रॉल करते रहते हैं. कई लोगों का स्क्रीन टाइम 10 घंटे से भी ज्यादा होता है. लगातार फोन यूज करने में कई दिक्कतें हैं, लेकिन पिंकी फिंगर नाम की चीज असली है और आप खुद भी नोटिस कर पाएंगे.

    लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने को लेकर एक नई प्रॉब्लम सामने आई है. इसे Smartphone Pinky कहा जा रहा है. सोशल मीडिया पर कई लोग अपनी छोटी उंगली की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि लगातार फोन पकड़ने की वजह से उनकी छोटी उंगली में गड्ढा पड़ गया है या वह हल्की टेढ़ी हो गई है.

    आप भी लगातार फोन यूज करते हैं तो राइट हैंड की छोटी उंगली चेक करें. मुमकिन है आपको यहां एक गढ्ढे जैसा महसूस होगा. अगर लेफ्ट हैंड से फोन यूज करते हैं तो लेफ्ट हैंड में चेक करें.

    सवाल यह है कि क्या सच में स्मार्टफोन आपकी उंगली का आकार बदल सकता है या फिर यह सिर्फ इंटरनेट पर वायरल हुआ एक नया ट्रेंड है? इस सवाल पर अब हाथ और हड्डियों के विशेषज्ञों ने अपनी राय दी है. उनका कहना है कि इस बात को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे लेकर घबराने की भी जरूरत नहीं है.

    असल में स्मार्टफोन पिंकी कोई मेडिकल बीमारी का नाम नहीं है. डॉक्टर इस नाम का इस्तेमाल नहीं करते. यह एक ऐसा शब्द है जो सोशल मीडिया पर पॉपुलर हुआ. इसका मतलब उस स्थिति से है, जब लोग लंबे समय तक फोन का वजन अपनी छोटी उंगली पर टिकाकर रखते हैं. इससे उंगली पर हल्का निशान, दबाव या कुछ लोगों में हल्का मोड़ दिखाई दे सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह ज्यादातर बार लगातार पड़ने वाले दबाव का असर होता है, न कि कोई नई बीमारी.

    आज के स्मार्टफोन पहले की तुलना में बड़े और भारी हो गए हैं. ज्यादातर लोग एक हाथ से फोन पकड़ते हैं और उसका निचला हिस्सा छोटी उंगली पर टिकाकर रखते हैं. फिर उसी हाथ के अंगूठे से स्क्रीन पर स्क्रॉल करते रहते हैं. अगर यही तरीका रोज कई घंटों तक अपनाया जाए तो छोटी उंगली, अंगूठे और कलाई पर लगातार दबाव पड़ता है. इसी वजह से कुछ लोगों को उंगली में दर्द, अकड़न या निशान महसूस होने लगता है.

    हाथ के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंसान का हाथ घंटों तक पतले और भारी स्मार्टफोन को पकड़ने के लिए नहीं बना है. जब छोटी उंगली फोन का पूरा वजन संभालती है तो उस पर मौजूद छोटे जोड़, मांसपेशियां और सॉफ्ट टिशू लगातार दबाव में रहते हैं. समय के साथ इससे दर्द, नंबनेस, कमजोरी या उंगली में असहजता महसूस हो सकती है. हालांकि हर शख्स में ऐसा होना जरूरी नहीं है.

    क्या इससे उंगली हमेशा के लिए टेढ़ी हो जाती है? इसका जवाब अभी पूरी तरह क्लियर नहीं है. इस सबजेक्ट पर हुई मेडिकल रिसर्च बहुत लिमिटेड है. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादातर मामलों में जो निशान दिखाई देता है, वह दबाव की वजह से बना टेंप्ररी निशान हो सकता है और फोन पकड़ने का तरीका बदलने पर कम भी हो सकता है. अभी तक ऐसा कोई मजबूत साइंटिफिक एविडेंस नहीं मिला है जो यह साबित करे कि सिर्फ स्मार्टफोन पकड़ने से हर शख्स की उंगली हमेशा के लिए टेढ़ी हो जाती है.

    हालांकि डॉक्टर यह जरूर मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से हाथों में दूसरी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. लंबे समय तक एक ही स्थिति में फोन पकड़ने से अंगूठे में दर्द, कलाई पर दबाव, टेंडन में सूजन, नसों पर असर और पकड़ने की ताकत कम होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. यानी स्मार्टफोन पिंकी भले ही आधिकारिक बीमारी न हो, लेकिन जरूरत से ज्यादा फोन इस्तेमाल करना हाथों के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता.

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में हुई एक स्टडी में नियमित स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करीब 60 प्रतिशत लोगों ने हाथ या छोटी उंगली में किसी न किसी तरह के दर्द की शिकायत की. विशेषज्ञों का कहना है कि यह इस बात का संकेत है कि लंबे समय तक फोन पकड़ने की आदत शरीर पर असर डाल सकती है, इसलिए सही तरीके से फोन इस्तेमाल करना जरूरी है.

    अगर आपको छोटी उंगली में लगातार दर्द, सुन्नपन, झनझनाहट या पकड़ने में कमजोरी महसूस हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉक्टर सलाह देते हैं कि फोन पकड़ने का तरीका बदलें, दोनों हाथों का इस्तेमाल करें, बीच-बीच में ब्रेक लें और जरूरत हो तो फोन स्टैंड या ग्रिप एक्सेसरी का इस्तेमाल करें. अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे तो ऑर्थोपेडिक या हैंड स्पेशलिस्ट से जांच करानी चाहिए.

  • स्मार्टफोन को हर हफ्ते रीस्टार्ट करना क्यों है जरूरी, जानिए इसके बड़े फायदे

    स्मार्टफोन को हर हफ्ते रीस्टार्ट करना क्यों है जरूरी, जानिए इसके बड़े फायदे

    आपने अपना स्मार्टफोन आखिरी बार कब रीस्टार्ट किया था? आम तौर पर जब तक फोन सही काम कर रहा होता है लोग उसे रीस्टार्ट नहीं करते हैं. कई बार लोगों को लगता है कि फोन खराब हो गया और एक रीस्टार्ट से काम बन जाता है और फोन ठीक चलने लगता है. लेकिन ऐसा क्यों होता है?

    आज ज्यादातर लोग अपने स्मार्टफोन को हफ्तों या महीनों तक बंद ही नहीं करते. फोन हमेशा ऑन रहता है और लगातार ऐप्स, नोटिफिकेशन, बैकग्राउंड प्रोसेस और सिस्टम सर्विसेज चलते रहते हैं. इसी वजह से टेक एक्सपर्ट समय-समय पर फोन को रीस्टार्ट करने की सलाह देते हैं.

    सवाल यह है कि आखिर फोन को कितने दिन में एक बार रीस्टार्ट करना चाहिए? क्या इससे सच में कोई फायदा होता है या यह सिर्फ एक पुरानी आदत है? कई लोगों को लगता है कि फोन रीस्टार्ट करने से बैटरी तेजी से ड्रेन होती है और फोन की लाइफ कम होने लगती है.

    एक कॉमन मिथ ये भी है कि लोगों को लगता है फोन रीस्टार्ट करने से अच्छा है ऐप्स को मैनुअली बंद कर दिया जाए. लेकिन ऐप स्वाइप करके बंद करने से प्रोसेस चलता ही रहता है. रीस्टार्ट करने से पूरी तरह बंद होता है. फोन रीस्टार्ट करने से बैटरी पर असर नहीं पड़ता. यहां तक की एक्सपर्ट्स का मानना है कि रीस्टार्ट या फोन रीबूट करने से बैटरी रीकैलिब्रेशन प्रोसेस होता है और बैकग्राउंड ऐप्स बंद होते हैं जिससे हीटिंग इश्यू नहीं होती.

    हफ्ते में एक बार रीस्टार्ट करना सबसे बेहतर माना जाता है
    सैमसंग समेत कई टेक कंपनियां और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि स्मार्टफोन को कम से कम हफ्ते में एक बार रीस्टार्ट करना चाहिए. अगर आप बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जैसे गेम खेलते हैं, वीडियो एडिट करते हैं या दिनभर कई ऐप्स चलाते हैं, तो 3-4 दिन में एक बार रीस्टार्ट करना भी अच्छा माना जाता है.

    रीस्टार्ट करने से फोन का डेटा डिलीट नहीं होता और न ही कोई फोटो या ऐप हटती है. यह सिर्फ ऑपरेटिंग सिस्टम को नए सिरे से शुरू करता है.

    रीस्टार्ट करने से क्या फायदा होता है?
    फोन लगातार चलने पर कई ऐप्स बैकग्राउंड में खुले रहते हैं. इनमें से कुछ ऐप्स जरूरत से ज्यादा रैम इस्तेमाल करने लगते हैं. रीस्टार्ट करने पर ये सभी एक्स्ट्रा प्रोसेस बंद हो जाते हैं और रैम खाली हो जाती है. इससे फोन पहले से ज्यादा स्मूद चल सकता है.

    अगर किसी ऐप में कोई छोटी तकनीकी गड़बड़ी आ गई हो या सिस्टम किसी वजह से अटक गया हो, तो रीस्टार्ट के बाद यह समस्या कई बार अपने आप ठीक हो जाती है. यही वजह है कि कस्टमर केयर भी अक्सर सबसे पहले फोन रीस्टार्ट करने की सलाह देता है.

    रीस्टार्ट करने से बैटरी लाइफ पर भी असर पड़ सकता है. जब बेवजह बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स बंद हो जाते हैं, तो प्रोसेसर पर दबाव कम होता है और बैटरी की खपत भी कम हो सकती है.

    सिर्फ स्पीड ही नहीं, सिक्योरिटी में भी मदद
    फोन रीस्टार्ट करना सिर्फ परफॉर्मेंस के लिए ही नहीं, बल्कि सिक्योरिटी के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. अमेरिका की National Security Agency (NSA) भी पहले सलाह दे चुकी है कि समय-समय पर फोन रीस्टार्ट करना कुछ तरह के साइबर हमलों और मेमोरी में चल रहे संदिग्ध प्रोसेस को रोकने में मदद कर सकता है. हालांकि यह किसी वायरस का इलाज नहीं है, लेकिन सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जरूर बन सकती है.

    Google और Apple ने भी हाल के समय में अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसा फीचर जोड़ा है कि अगर फोन कई दिनों तक लॉक रहे तो वह खुद ही Restart हो जाता है. इसका मकसद फोन के डेटा को ज्यादा सुरक्षित रखना है. रीस्टार्ट के बाद फोन First Unlock मोड में चला जाता है, जहां PIN या पासकोड डाले बिना डेटा एक्सेस नहीं किया जा सकता.

    किन लोगों को ज्यादा जरूरत है?
    अगर आपका फोन दो-तीन साल पुराना है, उसमें स्टोरेज लगभग भर चुकी है या आप दिनभर सोशल मीडिया, बैंकिंग, कैमरा और गेमिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो नियमित रीस्टार्ट आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.

    जो लोग कभी भी फोन बंद नहीं करते, उनके फोन में छोटी-छोटी तकनीकी दिक्कतें जमा होती रहती हैं. रीस्टार्ट इन अस्थायी समस्याओं को काफी हद तक साफ कर देता है.

    क्या रोज Restart करना चाहिए?
    रोज रीस्टार्ट करना जरूरी नहीं है. इससे कोई खास एक्स्ट्रा फायदा भी नहीं मिलता. ज्यादातर एक्सपर्ट मानते हैं कि हफ्ते में एक बार रीस्टार्ट करना नॉर्मल यूजर के लिए काफी है.

    अगर आपका फोन पहले से बिल्कुल स्मूद चल रहा है, तब भी हफ्ते में एक बार रीस्टार्ट करना अच्छी आदत मानी जाती है.

    ऑटो रीस्टार्ट फीचर भी है
    कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन, खासकर सैमंसग, में ऑटो रीस्टार्ट या ऑटो ऑप्टिमाइजेशन का फीचर मिलता है. इसमें आप तय कर सकते हैं कि फोन रात में किसी तय समय पर अपने आप रीस्टार्ट हो जाए. इससे आपको अलग से याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती. अगर आपके फोन में यह फीचर मौजूद है, तो उसे हफ्ते में एक बार रात के समय के लिए सेट किया जा सकता है.

  • प्रीमियम स्मार्टफोन सस्ता: Galaxy S25 Ultra पर बैंक ऑफर और एक्सचेंज से बड़ी बचत

    प्रीमियम स्मार्टफोन सस्ता: Galaxy S25 Ultra पर बैंक ऑफर और एक्सचेंज से बड़ी बचत

    नया स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो सैमसंग के फ्लैगशिप ग्रेड स्मार्टफोन पर बंपर ऑफर मिल रहा है. सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा एक पावरफुल है, जिसमें दमदार प्रोसेसर, 200MP का कैमरा और कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं. अब इस हैंडसेट पर बंपर डील मिल रही है और इसको करीब आधे दाम में घर लाया जा सकता है.

    Samsung Galaxy S25 Ultra को Amazon पर 94,977 रुपये में लिस्ट किया है, जबकि इस हैंडसेट को बीते साल 1,29,999 रुपये में लॉन्च किया था. अब इस हैंडसेट पर 35,022 रुपये का फ्लैट डिस्काउंट मिल रहा है.

    Amazon पे आईसीआईसीआई  बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके यूजर्स को 2849 रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट हासिल कर सकते हैं, जिसके बाद ये कीमत घटकर 92,128 रुपये तक हो जाएगी.

    सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा को खरीदने के लिए अगर पुराने हैंडसेट एक्सचेंज करेंगो तो मैक्सिमम 22,500 रुपये तक की कीमत को कम किया जा सकता है. इसके बाद सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा की कीमत और कम हो जाएगी, जो 72,477 रुपये तक नीचे जा सकती है. एक्सचेंज वैल्यू पुराने हैंडसेट की कंडिशन पर निर्भर करती है.

    Samsung Galaxy S25 Ultra के स्पेसिफिकेशन्स
    Samsung Galaxy S25 Ultra में एक बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जो 6.9 इंच का डाइनेमिक LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले है, जिसके साथ 120Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलता है. इसमें HDR10+ का सपोर्ट, 2600 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी.

    सैमसंग गैलेक्सी एस 25 अल्ट्रा में Snapdragon 8 Elite चिपसेट का यूज किया गया है. इसमें 16GB तक रैम और 1TB तक की स्टोरेज दी गई है. ये ऐप्स को स्मूद परफॉर्मेंस देते हैं

    Samsung Galaxy S25 Ultra का कैमरा
    Samsung Galaxy S25 Ultra में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है, जो 200 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा सेंसर के साथ आता है और इसमें OIS का भी सपोर्ट मिलता है. 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल कैमरा, 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस मिलता है, जो 5X ऑप्टिकल जूम के साथ आता है. इसमें 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा भी है, जो 3X ऑप्टीकल जूम के साथ आता है.

    Samsung Galaxy S25 Ultra की बैटरी
    Samsung Galaxy S25 Ultra में  5,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W का फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है. यह 30 मिनट में करीब 65 परसेंट बैटरी को चार्ज कर देता है. इसमें 15W वायरलेस चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. इसमें एस पेन का सपोर्ट मिलता है.

  • तालिबान का नया फरमान, सरकारी अधिकारियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक; दुनिया में बढ़ी चिंता

    तालिबान का नया फरमान, सरकारी अधिकारियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक; दुनिया में बढ़ी चिंता

    काबुल 

    अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने एक और सख्त फैसला लेते हुए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है. नए आदेश के मुताबिक, अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया तो उसका फोन मौके पर तोड़ दिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी और शरिया के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। 

    यह आदेश तालिबान की सैन्य अदालतों की ओर से जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि उच्च पदस्थ अधिकारियों से लेकर सामान्य कर्मचारियों और मुजाहिदीन तक, किसी को भी स्मार्टफोन रखने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी. अगर किसी को छूट चाहिए तो उसके लिए तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबातुल्लाह अखुंदजादा की लिखित मंजूरी जरूरी होगी। 

    एक ब्रिटिश न्यूज प्लेटफॉर्म दि गार्डियन के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में तालिबान अधिकारियों को यह आदेश पढ़ते और लोगों के मोबाइल फोन तोड़ते हुए भी देखा गया है. हालांकि तालिबान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। 

    पूरे देश में लागू नहीं किया जा रहा स्मार्टफोन बैन
    रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रतिबंध पूरे देश में एक समान तरीके से लागू नहीं किया जा रहा. कुछ इलाकों में यह सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक सीमित है, जबकि कुछ प्रांतों में महिलाओं, छात्रों, शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों तक भी इसका असर देखने को मिल रहा है। 

    विशेषज्ञों का मानना है कि तालिबान फिलहाल लोगों की प्रतिक्रिया पर नजर रख रहा है और संभव है कि भविष्य में पूरे देश में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की जाए. उनका कहना है कि यह कदम अफगानिस्तान को दुनिया से और अधिक अलग-थलग कर सकता है। 

    इंटरनेट पर पाबंदी का कड़ा विरोध
    हाल के महीनों में तालिबान ने इंटरनेट और डिजिटल कम्युनिकेशन पर नियंत्रण बढ़ाने की कई कोशिशें की हैं. पिछले साल सितंबर में पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं. तालिबान ने इसे "अनैतिक सामग्री रोकने" के लिए जरूरी बताया था. हालांकि इस फैसले का व्यापार, बैंकिंग, हवाई सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा था, जिसके बाद इंटरनेट बहाल करना पड़ा। 

    विश्लेषकों का मानना है कि स्मार्टफोन प्रतिबंध के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. हाल ही में हेरात शहर में महिलाओं के विरोध प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे. ये प्रदर्शन महिलाओं और लड़कियों की गिरफ्तारी के खिलाफ हुए थे. आरोप है कि तालिबान बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत भी हुई थी. वीडियो सामने आने के बाद तालिबान को अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करना पड़ा। 

    तालिबान स्मार्टफोन पर क्यों लगा रहा बैन?
    तालिबान को यह भी चिंता है कि सरकारी अधिकारी मोबाइल फोन के जरिए गोपनीय दस्तावेज और बैठकों की जानकारी लीक कर रहे हैं. कई मामलों में सरकारी फैसलों की जानकारी आधिकारिक घोषणा से पहले ही सोशल मीडिया पर पहुंच गई थी। 

    हेरात के कुछ सरकारी कर्मचारियों ने बताया कि उनके दफ्तरों में कई महीनों से स्मार्टफोन पर अनौपचारिक रोक लगी हुई थी. एक कर्मचारी ने दावा किया कि जब वह मोबाइल लेकर कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने फोन जब्त कर लिया और बाद में उसे तोड़ दिया। 

    तालिबान का यह भी मानना है कि कर्मचारी काम करने के बजाय घंटों मोबाइल फोन पर समय बर्बाद करते हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित होता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या दुनिया के कई देशों में है, लेकिन इसका समाधान स्मार्टफोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं है। 

     

  • भारत में मोबाइल फोन की कीमतें बढ़ीं, यूजर्स पर पड़ेगा असर

    भारत में मोबाइल फोन की कीमतें बढ़ीं, यूजर्स पर पड़ेगा असर

    स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. भारत में एक बार फिर मोबाइल फोन महंगे हो रहे हैं और इस बार दो बड़ी कंपनियों Motorola और Nothing ने अपने कई स्मार्टफोन्स की कीमत बढ़ा दी है.

    हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों ने अपने पॉपुलर मॉडल्स के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसका सीधा असर आम यूजर्स की जेब पर पड़ने वाला है.

    Motorola और Nothing ने बढ़ाईं कीमतें
    सबसे पहले बात Motorola की करें तो कंपनी ने अप्रैल 2026 से अपने कुछ चुनिंदा मॉडल्स की कीमत बढ़ाई है. रिपोर्ट्स के अनुसार Moto G35, Moto G57 Power और Edge 60 Fusion जैसे स्मार्टफोन्स अब पहले से महंगे हो गए हैं.

    इन डिवाइसेज की कीमत में लगभग 1000 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है. पहले जो फोन एक तय बजट में आसानी से मिल जाते थे, अब वही मॉडल थोड़ा ज्यादा खर्च करवाएंगे.

    यह बढ़ोतरी सिर्फ प्रीमियम फोन्स तक सीमित नहीं है. Motorola ने अपने बजट और मिड-रेंज सेगमेंट को भी महंगा किया है. यानी जो यूजर्स 15 से 25 हजार रुपये के बीच फोन खरीदने की सोच रहे थे, उन्हें अब अपना बजट बढ़ाना पड़ेगा.

    खास बात यह है कि यह बदलाव नए स्टॉक के साथ लागू हो रहा है, इसलिए कई ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर कीमतें अलग-अलग भी दिख सकती हैं.

    अब बात Nothing की करें तो कंपनी ने भी अपने नए और पॉपुलर मॉडल्स की कीमत में बदलाव किया है. Nothing Phone 2a और Phone 3a Lite जैसे स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ने की खबर है.

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकी कीमत में करीब 2000 से 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. यानी जो फोन पहले 20 से 22 हजार रुपये के आसपास मिल रहा था, अब उसकी कीमत 23 से 26 हजार रुपये तक जा सकती है.

    क्यों हो रहे हैं स्मार्टफोन्स महंगे?
    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अचानक स्मार्टफोन्स इतने महंगे क्यों हो रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण है कंपोनेंट्स की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी. खासतौर पर RAM और स्टोरेज जैसे पार्ट्स की कीमतें बढ़ गई हैं.

    AI टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से मेमोरी चिप्स की डिमांड काफी बढ़ गई है, जिससे सप्लाई पर दबाव पड़ा है और कीमतें ऊपर चली गई हैं. हालांकि कंपनियां AI के नाम पर ज्यादा मार्जिन कमाने के लिए भी तेजी से फोन महंगे कर सकती हैं. क्योंकि ये एक परसेप्शन बन चुका है कि AI की वजह से चिप शॉर्टेज हो रही है.

    इसके अलावा ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतें भी एक बड़ी वजह हैं. कई देशों में मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं के कारण कंपनियों की लागत बढ़ी है.

    साथ ही रुपये की कमजोरी ने भी इम्पोर्ट कॉस्ट बढ़ा दी है. यही कारण है कि सिर्फ Motorola और Nothing ही नहीं, बल्कि दूसरी कंपनियां भी धीरे-धीरे अपने स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ा रही हैं.

    क्या कहते हैं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स?
    इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. कंपनियों के लिए कम कीमत में ज्यादा फीचर्स देना मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में या तो यूजर्स को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे या फिर कम फीचर्स के साथ समझौता करना पड़ेगा.

    इस पूरे बदलाव का असर सीधे तौर पर कस्टमर्स पर पड़ने वाला है. जो लोग नया फोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, उनके लिए यह सही समय हो सकता है कि वे जल्दी फैसला लें. क्योंकि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले महीनों में वही फोन और महंगे हो सकते हैं.

  • आय का 40% स्मार्टफोन पर खर्च, महंगाई ने 22 करोड़ यूजर्स का स्मार्टफोन अपग्रेड रोका

    आय का 40% स्मार्टफोन पर खर्च, महंगाई ने 22 करोड़ यूजर्स का स्मार्टफोन अपग्रेड रोका

    नई दिल्ली

    देश में 22 करोड़ लोग फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। वे स्मार्टफोन पर शिफ्ट होना चाहते हैं। पर बजट और महंगे हैंडसेट बड़ी बाधा हैं। एक भरोसेमंद स्मार्टफोन और एंट्री-लेवल फीचर फोन के बीच ₹4-6 हजार का अंतर है।

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ने से अंतर 6-8 हजार हो सकता है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक महंगे स्मार्टफोन डिजिटल इंडिया के लिए चुनौती हैं। बेसिक स्मार्टफोन की कीमत यूजर की मासिक आय का 30-40% तक है।

    यह सामर्थ्य के तय मानक 5% से कई गुना है। सिंधिया ने सुझाव दिया है कि पीएलआई स्कीम को मेक इन इंडिया से आगे बढ़ाकर ‘अफोर्डेबल इन इंडिया’ की दिशा में ले जाना चाहिए।

    हिस्सेदारी

        5-10 हजार सेगमेंट: बाजार हिस्सेदारी 24% है और इसमें 71% मॉडल अब 5जी तकनीक वाले हैं।

        15 हजार से कम सेगमेंट: इसकी कुल मार्केट हिस्सेदारी 4% रह गई है और इसमें 100% मॉडल 4जी हैं।

    फीचर फोन से 7 गुना महंगा स्मार्टफोन
    देश का सबसे सस्ता 4जी स्मार्टफोन आईटेल जेनो ₹5799 रुपए का है। वहीं लावा शार्क ₹8999 रुपए में सबसे सस्ता 5जी स्मार्टफोन विकल्प है। इसके मुकाबले स्नेक्सलैन गुरु 301 जैसा 2जी फीचर फोन महज ₹649 और कार्बन के1 जैसा 4जी फीचर फोन मात्र ₹835 रुपए में उपलब्ध है।

    मेमोरी चिप महंगी होने से बढ़ेंगी कीमतें
    काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक 4जी फीचर फोन से 4जी स्मार्टफोन पर अपग्रेड के लिए ₹4 हजार अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं। यदि ग्राहक 5जी फोन चुनता है तो बोझ 6 हजार रुपए तक बढ़ जाता है। मेमोरी शॉर्टेज से कीमतें बढ़ने पर स्मार्टफोन खरीदना और मुश्किल होगा।

    मेमोरी चिप की कीमतों में उछाल: ₹8,000 तक बढ़ सकती है लागत 
    इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, साल 2026 तक स्मार्टफोन की कीमतों में भारी उछाल आने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण मेमोरी चिप की वैश्विक किल्लत और कीमतों में हो रही वृद्धि है। माना जा रहा है कि केवल मेमोरी की बढ़ती लागत के कारण हर हैंडसेट की कीमत में ₹6,000 से ₹8,000 तक का इजाफा हो सकता है। 

    काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार: 
    "वर्तमान में 4G फीचर फोन से स्मार्टफोन पर शिफ्ट होने का मतलब ₹4,000 का अतिरिक्त बोझ है, जो 5G के मामले में ₹6,000 तक है। 2026 में यह गैप और बढ़ेगा। सरकार को किफायती फोन निर्माताओं को इंसेंटिव देने पर विचार करना चाहिए।" 

    आय का 40% हिस्सा स्मार्टफोन पर: सिंधिया ने जताई चिंता 
    संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे को डिजिटल समावेशन की 'नई सीमा' करार दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि कई बाजारों में एक बेसिक स्मार्टफोन की कीमत यूजर की मासिक आय के 30-40 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि वैश्विक मानक के अनुसार यह 5 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। सिंधिया ने सुझाव दिया है कि अब समय आ गया है जब PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना का ध्यान "मेक इन इंडिया" के साथ-साथ "अफोर्डेबल इन इंडिया" पर भी केंद्रित हो। 

    बाजार का बदलता स्वरूप और चुनौतियां
    इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    (MeitY) फिलहाल स्मार्टफोन निर्यात बढ़ाने और वैल्यू एडिशन पर ध्यान दे रहा है, लेकिन घरेलू बाजार में ₹5,000-10,000 की कैटेगरी छोटी होती जा रही है। 

    बाजार के प्रमुख आंकड़े (2025-26 अनुमान): 
    ₹5,000 से कम का सेगमेंट: कुल शिपमेंट में केवल 4% योगदान (सभी 4G फोन)। 

    ₹5,000-10,000 का सेगमेंट: 24% योगदान (71% 5G फोन)। 

    मुनाफे की कमी: OEMs (कंपनियों) के लिए इस कम बजट वाले सेगमेंट में मुनाफा कमाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। 

  • कम कीमत, दमदार फीचर्स: ₹5999 में आया 50MP कैमरा और 6000mAh बैटरी वाला नया फोन

    कम कीमत, दमदार फीचर्स: ₹5999 में आया 50MP कैमरा और 6000mAh बैटरी वाला नया फोन

    नई दिल्ली

    भारतीय ब्रैंड Ai+ ने अपना नया और क‍िफायती स्‍मार्टफोन Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च कर दिया है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का कैमरा और 6 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। इसकी कीमत बेहद कम 5999 रुपये रखी गई है। वहीं, सैमसंग ने नया 60W का कॉम्‍पैक्‍ट पावर एडप्‍टर पेश किया है। iQOO Z11x की इंडिया में लॉन्‍च डेट सामने आ गई है। ओपो ने बताया है कि वह OPPO K14 5G को इसी महीने पेश करने जा रही है। सभी खबरों को वि‍स्‍तार से जानते हैं।

    Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च हुआ 5999 रुपये में
    Ai+ Pulse 2 को भारत में 5999 रुपये में लॉन्‍च किया गया है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि यह कीमत शुरुआती 24 घंटों के लिए प्रभावी रहेगी। इसकी सेल 11 मार्च को दाेपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर होगी।
    इस फोन में 6.745 इंच का HD+ वी-नॉच डिस्‍प्‍ले दिया गया है। 120Hz का रिफ्रेश रेट है। फोन की पीक ब्राइटनैस 400 निट्स है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा 8MP का है। Ai+ Pulse 2 में Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 6 हजार एमएएच बैटरी है, जो 18वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके 4GB + 64GB मॉडल की कीमत 5999 और 6GB + 128GB मॉडल के दाम 7999 रुपये हैं।

    Samsung 60W पावर एडप्‍टर लॉन्‍च
    Samsung ने अपना 60W पावर एडप्‍टर भारतीय मार्केट में भी पेश कर दिया है। इसे पिछले साल सबसे पहले लाया गया था। अब ये इंडियन मार्केट में भी मिलेगा। दावा है कि इसे स्‍मार्टफोन्‍स के साथ-साथ, लैपटॉप और ईयरबड्स को चार्ज करने के लिए बनाया गया है। यह पावर एडप्‍टर, गैलियम नाइट्रेड (GaN) टेक्‍नोलॉजी पर काम करता है। इससे इसका डिजाइन कॉम्‍पैक्‍ट रखने में मदद मिलती है जबकि इसकी क्षमता बढ़ जाती है। इसकी कीमत 3,499 रुपये है और यह Samsung.com के साथ-साथ Amazon, Flipkart आदि पर मिलेगा।

    OPPO K14 5G इंडिया लॉन्‍च डेट
    OPPO K14 5G को भारत में 9 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह पिछले साल आए K13 5G की जगह लेगा। नए ओपो फोन में 7 हजार एमएएच की बैटरी मिलने वाली है। यह 45 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। फोन में Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जाएगा जो पिछले साल दिए गए Snapdragon 6 Gen 4 के मुकाबले डिसेंट अपग्रेड है। इसके बाकी फीचर्स अभी सामने नहीं आए हैं।

    iQOO Z11x लॉन्‍च डेट
    iQOO Z11x को भारत में 12 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह Z सीरीज में कंपनी का नया स्‍मार्टफोन होने वाला है और MediaTek Dimensity 7400 Turbo चिपसेट से पावर्ड होगा। दावा है कि यह 23 हजार रुपये की प्राइस रेंज में सबसे तेज फोन होगा। फोन में 7200 एमएएच की बैटरी दी जाएगी, जो पिछले साल आए मॉडल में दी गई बैटरी के मुकाबले बड़ा अपग्रेड होने वाला है। यह फोन 44 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग के साथ आएगा। लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड OriginOS 6 पर चलेगा। इसे एमेजॉन के साथ-साथ आईकू इंडिया की वेबसाइट पर सेल किया जाएगा।