Tag: Sport

  • एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे, खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से बढ़ा देश का गौरव

    एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे, खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से बढ़ा देश का गौरव

    एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे

    विश्‍वास कैलाश सारंग

    भोपाल 

    जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा की चमक को पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और जज्बे का शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरी दुनिया को भारत की बढ़ती खेल शक्ति का परिचय कराया। तिरंगे की आन, बान और शान के लिए मैदान में उतरे हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में भारत को गौरवपूर्ण चौथा स्थान दिलाया। यह उपलब्धि केवल पदकों की संख्या नहीं बल्कि भारत की युवा खेल प्रतिभा के निरंतर निखरते सामर्थ्य और वैश्विक खेल मंच पर बढ़ते प्रभाव की स्वर्णिम चमक है। वहीं इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 10 मेडल जिनमें 5 स्वर्ण, 4 रजत 1 कांस्य पदक अर्जित कर अपनी सर्वोच्च प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विशेष योगदान दिया है।

    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज खेल भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है। मोदी जी के मार्गदर्शन में एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी योजना के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने, प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। छोटे शहरों, गांवों और सामान्य परिवारों से आने वाले युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पास अब केवल प्रतिभा नहीं बल्कि उसे निखारने के लिए अवसर, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी वातावरण भी उपलब्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह विजन कि भारत का युवा केवल खेलों में भाग लेने वाला नहीं बल्कि दुनिया में भारत का नेतृत्व करने वाला बने, आज मैदानों में दिखाई दे रहा है। मिट्टी के मैदानों से लेकर आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक, स्कूलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक, भारत की नई पीढ़ी खेलों को अपना भविष्य बनाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है।

    वहीं मध्यप्रदेश में भी हम प्रधानमंत्री जी के विजन को दृष्टिगत रखते हुए एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान के उन्नयन व विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमी संचालित हैं। इन अकादमियों में विश्व स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। नवीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत प्रदेश की सभी 230 विधानसभा में खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान, टैलेंट सर्च, समर कैंप सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से नई प्रतिभाओं की तलाश और उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    इस प्रतियोगिता में भारत के खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर विश्व पटल पर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। भारत के कुल पदकों में एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसमें कुल 24 पदक जीते गए। इसके बाद शूटिंग का नंबर रहा, जिसमें 15 पदक मिले। इनमें तीन बार खिलाड़ी टॉप पोडियम पर रहे। बॉक्सिंग में भी तीन स्वर्ण पदक मिले, जिनमें लवलीना बोरगोहेन भी शामिल थीं। आर्चरी में सबसे ज्यादा पांच बार खिलाड़ी शीर्ष पोडियम पर रहे। अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने रेसलिंग में एशियन गेम्स चैंपियन का खिताब जीता। भारत की महिला और पुरुष क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल हासिल किए। नीरू ढांडा, कुमकुम मोहोद, गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज जापान में भारत के प्रमुख प्रदर्शन करने वाले एथलीट में शामिल रहे, जिन्होंने कई पदक जीतने में योगदान दिया। सुचिका तरियाल ने महिला ट्रेडिशनल -60 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया। सेमी-फाइनल में पहुंचने के बाद जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भी वही कारनामा दोहराया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फ़ाइनल में श्रीलंका को हराकर अपना ख़िताब बरकरार रखा और इस टूर्नामेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। बाद में पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को फ़ाइनल में करारी शिकस्त देकर अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया। वहीं, शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में जीत हासिल करके एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 1998 के बैंकॉक गेम्स के बाद वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए पहला एशियाई गेम्स मेडल हासिल किया। रोशिबिना देवी ने भी वुशू में लगातार अपना तीसरा कॉन्टिनेंटल मेडल जीता। सीमा कुमारी ने भी एशियाई गेम्स में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में मेडल जीतकर भारत के 16 साल बाद पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीतने के दौरान एशियन रिकॉर्ड की बराबरी की। बरानिका इलांगोवन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय पोल वॉल्टर बन गईं। सावन बरवाल ने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए 1982 के बाद मैराथन में भारत का पहला मेडल जीता। स्क्वैश में, अनाहत सिंह एशियन गेम्स में वूमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। विथ्या रामराज ने वूमेंस 400 मीटर हर्डल रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। जैवलिन थ्रो इवेंट में यश वीर सिंह और रोहित यादव ने भारत के लिए दो मेडल पक्के किए। उन्होंने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर एलए 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया। अंकिता भकत, कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर एशियन गेम्स में भारत के लिए वूमेंस टीम रिकर्व इंवेट का पहला गोल्ड मेडल जीता। महान मुक्केबाज मैरी कॉम (इंचियोन 2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का खिताब भी जीता। 17 साल की कुमकुम मोहोद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी उर्स गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

    वहीं मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी इस गौरवमयी उपलब्धि में अहम योगदान दिया। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांढा ने शूटिंग (शॉटगन) के वुमेंस ट्रैप इंडिविजुअल में स्वर्ण, ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण और वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक सहित नीरू ने 3 मेडल हासिल कर इतिहास रचा। मनीषा कीर ने शूटिंग (शॉटगन) वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक, ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने शूटिंग (राइफल) 50मी. राइफल 3 पोजिशन मेन्स टीम में सिल्वर पदक, आशी चौकसे ने शूटिंग (राइफल) 50मी. राइफल 3 पोजिशन वुमेंस टीम में सिल्वर पदक, पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा रहे विवेक सागर ने स्वर्ण पदक, महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं इशिका चौधरी ने स्वर्ण पदक, क्रांति गौड़ ने क्रिकेट (टीम इवेंट) में स्वर्ण पदक, जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस (व्यक्तिगत स्पर्धा) में कांस्य पदक अर्जित कर प्रदेश व देश का मान बढ़ाया है।

    भारत के युवा खिलाड़ी आज केवल पदक नहीं जीत रहे, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सपनों की नई सीमा तय कर रहे हैं। पदक मंच पर जब भारतीय खिलाड़ी तिरंगे को अपने कंधों पर लेकर खड़े होते हैं और राष्ट्रगान की धुन बजती है, तब वह क्षण केवल खिलाड़ी का नहीं होता बल्कि वह 140 करोड़ भारतीयों के गौरव का क्षण होता है। एशियन गेम्स में चमके भारत के इन सितारों ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत की युवा शक्ति दुनिया के किसी भी मंच पर इतिहास रच सकती है।

     

  • एशियाई खेलों में पंजाब की धूम, परिनाज और सतनाम ने दिलाया ब्रॉन्ज

    एशियाई खेलों में पंजाब की धूम, परिनाज और सतनाम ने दिलाया ब्रॉन्ज

    अमृतसर
     जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे 20वें एशियाई खेलों के मंच पर पंजाब के जांबाज खिलाड़ियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, अदम्य साहस और बेजोड़ खेल कौशल का ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में गौरव और उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी है।

    एथलेटिक्स के रेस ट्रैक से लेकर निशानेबाजी की शूटिंग रेंज तक, और रोइंग के वाटर कोर्स से लेकर हॉकी के मैदान तक, पंजाब की मिट्टी से निकले इन होनहार एथलीटों ने हर जगह अपनी धाक जमाई है।

    जालंधर, पटियाला, मानसा और संगरूर जैसे जिलों से आए खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर नए मुकाम हासिल किए, बल्कि महत्वपूर्ण मुकाबलों में पदक जीतकर और निर्णायक जीत दर्ज कराकर यह साबित कर दिया कि भारतीय खेल जगत में पंजाब का दबदबा आज भी अटूट है।

    100 मीटर की दौड़ में सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने से लेकर रोइंग और निशानेबाजी में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने और हॉकी में गोलों की बरसात करने तक, गुरुवार का पूरा दिन पंजाब के गबरूओं के शानदार नाम रहा, जिससे पूरे राज्य में जश्न का माहौल बना हुआ है।

    100 मीटर में गुरिंदरवीर सिंह चमके
    एथलेटिक्स के मैदान में पुरुष वर्ग की सबसे रोमांचक मानी जाने वाली 100 मीटर रेस में पंजाब के जालंधर के रहने वाले राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।

    चौथी हीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरिंदरवीर सिंह ने 10.38 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। उनके इस प्रदर्शन से भारतीय खेमे के साथ-साथ पूरे पंजाब के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

    पटियाला की परिनाज ने साधा निशाना
     स्कीट निशानेबाजी की मिश्रित स्पर्धा में पंजाब के शाही शहर पटियाला की परिनाज धालीवाल ने इतिहास रच दिया है। शुरुआती दौर के भारी दबाव के बावजूद परिनाज ने अपने जोड़ीदार अनंतजीत सिंह नरूका के साथ मिलकर गजब का धैर्य और तालमेल दिखाया।

    इस जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का इस स्पर्धा में यह पहला पदक है, जिसे दिलाकर परिनाज ने पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

    रोइंग में मानसा के सतनाम सिंह चमके
    पानी की लहरों पर अपनी नाव को रफ्तार देते हुए मानसा जिले के गांव फता मालोका के रहने वाले सतनाम सिंह ने देश और पंजाब को एक और गौरवशाली पल दिया। रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स इवेंट में सतनाम सिंह ने अपने साथी सलमान खान के साथ मिलकर 6:13.25 मिनट का समय निकाला और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। पूर्व हैंडबॉल खिलाड़ी रहे सतनाम की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि पंजाब के एथलीट हर खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हैं।

    हॉकी में दिलप्रीत सिंह की हैट्रिक
    पुरुष हॉकी स्पर्धा में भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 8-2 के बड़े अंतर से मात देकर अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली। इस बड़ी जीत के नायक रहे पंजाब के स्टार फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल (10वें, 26वें और 32वें मिनट में) दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की।

    इसके अलावा टीम के अन्य अनुभवी खिलाड़ियों सुखजीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह और राजिंदर सिंह ने भी एक-एक गोल करके विरोधी टीम को पस्त करने में अहम भूमिका निभाई। पंजाब के खिलाड़ियों के इस सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के चलते राज्य भर में जश्न का माहौल है।

  • खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितंबर को, खिलाड़ी लें हिस्सा

    खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितंबर को, खिलाड़ी लें हिस्सा

    गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश नवीनीकरण के लिए चयन ट्रायल 23-24 सितम्बर को

    तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल

    आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य

    रायपुर
    राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश के नवीनीकरण के लिए 23 सितम्बर और 24 सितम्बर को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। इसमें भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 23 सितम्बर को रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गैर-आवासीय बालक-बालिका तीरंदाजी और बालिकाओं के फुटबॉल (बालिका) के लिए चयन ट्रायल 23 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा तीरंदाजी एरिना (बालिका खेल छात्रावास के सामने) में होंगे। वहीं गैर-आवासीय बालक-बालिका हॉकी एवं बालक-बालिका एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 24 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं हॉकी स्टेडियम पिच-02 में सुबह 7 बजे से आयोजित किए गए हैं।

    चयन ट्रायल में राज्य के बालक-बालिका खिलाड़ी तथा अन्य राज्यों के 13 से 17 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। फुटबॉल एवं तीरंदाजी खिलाड़ियों का 23 सितम्बर को पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं तीरंदाजी एरिना रायपुर में किया जाएगा। वहीं 24 सितम्बर को हॉकी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-02 में होगा।

    चयन ट्रायल में खिलाड़ियों का चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम,2014 के तहत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, बीमा एवं छात्रवृत्ति आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • नए यूपी का स्पोर्ट्स मॉडल होगा खास, ट्रेड शो में दिखेगी खेल प्रतिभा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की झलक

    नए यूपी का स्पोर्ट्स मॉडल होगा खास, ट्रेड शो में दिखेगी खेल प्रतिभा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की झलक

    खेल प्रतिभा से वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तक, ट्रेड शो में दिखेगा नए यूपी का स्पोर्ट्स मॉडल

    इंटरनेशनल ट्रेड शो में पहली बार खेल विभाग का भव्य पवेलियन

    200 वर्ग मीटर के पवेलियन में खेल निदेशालय, युवा कल्याण, स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल यूनिवर्सिटी की होगी संयुक्त भागीदारी

    राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां, वीडियो बाइट्स और तस्वीरों के जरिए दिखेगी यूपी की खेल प्रतिभा

    आधुनिक खेल परियोजनाओं के 3डी मॉडल होंगे आकर्षण का केंद्र

    जेन-जी को खेलों से जोड़ने के साथ एआई के इस्तेमाल और खेल प्रतिभाओं के डिजिटल डेटा प्रबंधन की भी दिखाई जाएगी झलक

    लखनऊ, 
    योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में खेलों और खेल सुविधाओं के तेजी से विस्तार को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशन ट्रेड शो-4.0 में पहली बार प्रदेश का खेल विभाग अपनी व्यापक भागीदारी दर्ज कराने जा रहा है। खेल विभाग की ओर से करीब 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विशेष पवेलियन तैयार किया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के खेल क्षेत्र की उपलब्धियों, खिलाड़ियों की सफलता, आधुनिक खेल सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा।

    इस पवेलियन में उत्तर प्रदेश सरकार के खेल विभाग के चार प्रमुख अंग संयुक्त रूप से प्रतिभाग करेंगे। इसमें खेल निदेशालय, प्रादेशिक विकास दल एवं युवा कल्याण विभाग, स्पोर्ट्स कॉलेज और मेरठ में विकसित हो रही खेल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। शासन स्तर पर इस आयोजन के नोडल अधिकारी विशेष सचिव कुमार विनीत होंगे, जबकि खेल विभाग की ओर से भी इसकी तैयारियों के लिए नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।

    उपलब्धियों से लेकर खिलाड़ियों तक की होगी झलक

    ट्रेड शो में खेल विभाग की उपलब्धियों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। पवेलियन में प्रदेश से निकले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। खिलाड़ियों के वीडियो बाइट्स, उनकी तस्वीरों और उपलब्धियों से जुड़ी सामग्री के माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं से परिचित कराया जाएगा। इसके लिए टीवी पैनल और डिजिटल डिस्प्ले का भी इस्तेमाल होगा।

    योगी सरकार के दौर में तैयार किए जा रहे वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर सहित प्रदेश में विकसित हो रही प्रमुख खेल सुविधाओं के साथ मेरठ में बन रही खेल यूनिवर्सिटी को भी पवेलियन में जगह मिलेगी। इन परियोजनाओं के 3डी मॉडल तैयार कर प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही प्रदेश के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार की जा रही डॉक्यूमेंट्री भी ट्रेड शो के दौरान दिखाई जाएगी।

    युवा कल्याण विभाग की उपलब्धियां भी होंगी प्रदर्शित

    पवेलियन में युवा कल्याण विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। युवक मंगल दल और महिला मंगल दल से जुड़ी गतिविधियों और उपलब्धियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किए गए प्रमाणपत्रों, पुरस्कारों और मेडल्स को भी गैलरी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। 

    गेमिंग जोन बनेगा आकर्षण का केंद्र

    पवेलियन को केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरी तरह इंटरएक्टिव बनाने की तैयारी है। इसके लिए एक विशेष गेमिंग जोन बनाया जा रहा है, जिसमें फुटबॉल, हॉकी और टेबल टेनिस समेत चार खेलों से जुड़े गेम शामिल किए जाएंगे। ट्रेड शो में आने वाले दर्शक इन खेलों का छोटा सा इंटरएक्टिव अनुभव ले सकेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को छोटे उपहार और चॉकलेट आदि देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।

    जेन-जी को खेलों से जोड़ने पर जोर

    आज की युवा पीढ़ी और खासकर जेन-जी को सकारात्मक ऊर्जा के साथ खेलों से जोड़ने पर भी पवेलियन में विशेष प्रस्तुति होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक सोच की दिशा में प्रेरित करना है। खेल विभाग की कोशिश होगी कि युवा पीढ़ी खेलों को केवल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं, बल्कि बेहतर और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम के रूप में भी देखे।

    खेलों में एआई के इस्तेमाल की भी झलक

    पवेलियन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के खेल क्षेत्र में इस्तेमाल की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए एआई का उपयोग, खेल प्रतिभाओं के डेटा बेस के बेहतर प्रबंधन और भविष्य में तकनीक के माध्यम से खेल गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रस्तुति होगी।

    उच्च उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से खिलाड़ियों को मिल रहा बेहतर प्रशिक्षण

    खेल विभाग के विशेष सचिव विनीत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों ने खेल नर्सरी के रूप में दशकों से देश और विश्व पटल पर प्रदेश की प्रतिभाओं को पहचान दिलाई है। इन संस्थानों से निकले खिलाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन होने के साथ राष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब खेल प्रतिभाओं को और बेहतर संबल देने के लिए प्रतियोगिताओं की तैयारी से लेकर शासकीय सेवा तक सहायता दी जा रही है। खेल विद्यालय, खेल विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स हॉस्टल और उच्च उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। साई के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सुविधाएं, ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा स्टेडियमों में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरण व सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

  • खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ से युवाओं को मिल रहा खेलों में आगे बढ़ने का अवसर: सांसद हिमाद्री सिंह

    खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ से युवाओं को मिल रहा खेलों में आगे बढ़ने का अवसर: सांसद हिमाद्री सिंह

    खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिल रहा अवसर- सांसद  हिमाद्री सिंह

    खेल से खिलाड़ियों का होता है शारीरिक एवं मानसिक विकास- विधायक मनीषा सिंह

     खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मिलता है अवसर- विधायक  जयसिंह मरावी

    गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल में राज्य स्तरीय बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन

    शहडोल 
     गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल, शहडोल में 70वीं राज्य स्तरीय अंडर-17 बालक एवं बालिका बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता में प्रदेश के 09 संभागों की टीमें सहभागिता कर रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं खेल ध्वज का ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। 
    शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से प्रदेश एवं देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है और विभिन्न खेल विधाओं में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    सांसद ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी खेल प्रतिभा को और बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ी पूरी खेल भावना, अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में भाग लें और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना और निरंतर प्रयास है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से सीख लेकर भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करना चाहिए।

    विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से खेल गतिविधियों में सहभागिता करने से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना का विकास होता है। खेल खिलाड़ियों को चुनौतियों का सामना करने और विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय बास्केटबाल जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन शहडोल जिले के लिए गौरव का विषय है। इससे जिले के खिलाड़ियों को प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करते हैं तथा खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    विधायक श्री जयसिंह मरावी ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के विभिन्न संभागों से खिलाड़ियों के शामिल होने से उन्हें एक-दूसरे की खेल प्रतिभा को देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ आपसी भाईचारा एवं खेल भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ नियमित अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में जीत और हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के खिलाड़ी ही भविष्य में जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। कार्यक्रम को श्रीमती अमिता चपरा एवं श्री संतोष लोहानी ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्री घनश्याम जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, श्री संतोष लोहानी, श्री सौरभ गोले, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री उमेश धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अतुल चौधरी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनन्द राय सिन्हा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, कार्यक्रम में गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य श्रीमती लीना रोज मैरी, पूर्व बास्केटबाल खिलाड़ी श्री जसबीर सिंह, भूतपूर्व सैनिक श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता एवं श्री विष्णुप्रसाद विश्वकर्मा सहित पत्रकार, सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • सपोर्ट विंग्स की ‘न्यू माइंड, न्यू इंडिया’ पहल, भोपाल में 45 से अधिक बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

    सपोर्ट विंग्स की ‘न्यू माइंड, न्यू इंडिया’ पहल, भोपाल में 45 से अधिक बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

     सपोर्ट विंग्स की 'न्यू माइंड, न्यू इंडिया' पहल, भोपाल में 45 से अधिक बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

    भोपाल 
    युवाओं के नेतृत्व में सामाजिक बदलाव की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए सपोर्ट विंग्स ने 6 सितंबर 2026 को भोपाल के न्यू अंबेडकर नगर, कोलार रोड में 'न्यू माइंड, न्यू इंडिया' पहल का सफल आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता, शिक्षा और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना था।
    इस कार्यक्रम में सपोर्ट विंग्स के 15 वालंटियर्स ने 45 से अधिक बच्चों के साथ समय बिताया। बच्चों के साथ इंटरैक्टिव गतिविधियों, शैक्षिक संवाद और जागरूकता सत्रों के माध्यम से उन्हें कई महत्वपूर्ण विषयों के बारे में सरल और बाल-सुलभ तरीके से जानकारी दी गई। बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, गुड टच और बैड टच, व्यक्तिगत सीमाओं और आत्म-जागरूकता जैसे अहम विषयों से अवगत कराया गया।
    कार्यक्रम के दौरान बच्चों में सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर भी जोर दिया गया। वालंटियर्स द्वारा बच्चों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री वितरित की गई और उनके लिए नींबू पानी, व्हाइट सॉस पास्ता, समोसे और बिस्किट सहित भोजन और जलपान की व्यवस्था भी की गई।
    खेल, बातचीत और मित्रवत संवाद के माध्यम से वालंटियर्स ने एक खुशनुमा और स्वागत भरा माहौल बनाया, जहां बच्चे खुलकर भाग ले सके, सीख सके और अपनी बात कह सके। इस पहल ने बच्चों को अधिक आत्मविश्वासी, जागरूक और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित किया।
    इस पहल के बारे में सपोर्ट विंग्स की डायरेक्टर राजलक्ष्मी बानिक ने कहा,
    “हर बच्चे को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए जहां वह सीख सके, आगे बढ़ सके और आत्मविश्वास महसूस कर सके। 'न्यू माइंड, न्यू इंडिया' के माध्यम से हमारा लक्ष्य सीखने और जागरूकता को बच्चों के लिए रोचक बनाना है, साथ ही उन्हें अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और आत्म-मूल्य को समझने के लिए प्रेरित करना है। हमें विश्वास है कि आज के छोटे और सकारात्मक प्रयास कल एक उज्जवल और आत्मविश्वासी भविष्य का निर्माण करेंगे।”
    यह कार्यक्रम शिक्षा, जागरूकता, देखभाल और सामुदायिक जुड़ाव को एक साथ लाने वाला एक सार्थक अनुभव रहा, जो बच्चों और वालंटियर्स दोनों के लिए यादगार बना।
    सपोर्ट विंग्स के बारे में:
    सपोर्ट विंग्स एक युवा-नेतृत्व वाला संगठन है जो भारत के 80 से अधिक शहरों में सक्रिय है। यह संगठन लीडरशिप प्रोग्राम, इंटर्नशिप, वालंटियरिंग के अवसरों और समुदाय-आधारित पहलों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बना रहा है, ताकि वे जिम्मेदार चेंजमेकर बन सकें।

  • MP में हॉकी की नई पौध तैयार होगी, 6 से 12 वर्ष के बच्चों को मिलेगा शुरुआती प्रशिक्षण

    MP में हॉकी की नई पौध तैयार होगी, 6 से 12 वर्ष के बच्चों को मिलेगा शुरुआती प्रशिक्षण

    मध्यप्रदेश में 6 से 12 वर्ष उम्र के बच्चों के लिए बनेगा हॉकी का फीडर सेंटर

    स्क्रीन टाइम घटाएं और एक घंटा खेल मैदान में बिताएं : मंत्री सारंग
    राष्ट्रीय खेल दिवस पर भोपाल में मैत्री हॉकी मैच का आयोजन
    प्रदेशभर में हुई विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं एवं फिटनेस गतिविधियां

    भोपाल 
    राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं एवं फिटनेस गतिविधियां आयोजित की गई हैं। राजधानी भोपाल स्थित मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में मैत्री हॉकी मैचों का आयोजन किया गया। टीटी नगर स्टेडियम में स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार, कराते, बॉलीबाल, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल, जूडो, बॉक्सिंग, कुश्ती सहित पैरेंट्स फन गेम्स हुए। इन आयोजनों में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मंत्री सारंग ने 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए हॉकी फीडर सेंटर शुरू करने की घोषणा की। मंत्री सारंग ने कहा कि इस फीडर सेंटर में कम उम्र से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को उचित प्रशिक्षण एवं मंच देकर उनका समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। स्पोर्ट्स साइंस सेमिनार में शामिल होकर मंत्री सारंग ने कहा कि स्क्रीन टाइम घटाएं और एक घंटा खेल मैदान में बिताएं, जिससे युवाओं को शारीरिक, मानसिक सहित समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। सेमिनार में पोषण, इंजरी सहित अन्य विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दिया गया।

    भोपाल में हुआ हॉकी का मैत्री मैच

    कार्यक्रम में पहला मैत्री हॉकी मुकाबला एमपी अकादमी और भोपाल वांडर्स के बीच खेला गया। इसमें एमपी अकादमी ने 3-0 से मैच जीता। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों में उत्साह पैदा किया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने तेज आक्रमण, मजबूत डिफेंस और बेहतर तालमेल का प्रदर्शन किया। वहीं महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला वर्ग में रायसेन क्वीन और भोपाल टाइग्रेस के बीच मैत्री हॉकी मैच हुआ। जिसमें भोपाल टाइग्रेस ने शूट आउट में 3-2 से मैच जीती।

    6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए फीडर सेंटर में मिलेगा प्रशिक्षण

    मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 11 खेल अकादमियों का संचालन किया जा रहा है। इन अकादमियों में प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। मंत्री सारंग ने कहा कि अब खेल अकादमियों के लिए प्रतिभाओं को और कम उम्र से तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत 6 से 12 वर्ष तक के बच्चों को फीडर सेंटर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रयास है कि प्रतिभाओं की तलाश केवल अकादमी स्तर पर नहीं, बल्कि उससे भी नीचे स्तर से हो। फीडर सेंटर के माध्यम से छोटे बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचाना जाएगा, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनकी क्षमता अनुसार आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

    जमीनी स्तर से होगा टैलेंट सर्च

    मंत्री सारंग ने कहा कि यह मध्यप्रदेश में जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को तलाशने और तैयार करने की दिशा में नया प्रयोग है। अभी तक जहां खिलाड़ियों का चयन अपेक्षाकृत बड़े स्तर पर होता था, वहीं अब गांव, ब्लॉक और स्थानीय स्तर तक प्रतिभा खोजने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि 6 से 12 वर्ष की उम्र बच्चों में खेल कौशल विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसी उम्र में यदि बच्चों को सही प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन और खेल का वातावरण मिले तो उन्हें भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में तैयार किया जा सकता है। फीडर सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे चलकर खेल अकादमियों से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रकार फीडर सेंटर से लेकर अकादमी और फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के विकास की एक मजबूत श्रृंखला तैयार होगी।

    अकादमी तक पहुंचेगी नई प्रतिभाएं

    मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं है, बल्कि खिलाड़ी तैयार करने की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है। फीडर सेंटर इस पूरी व्यवस्था की शुरुआती कड़ी होंगे। यहां से तैयार होने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार संबंधित खेलों में आगे बढ़ाया जाएगा। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में संचालित 11 खेल अकादमियां उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही हैं। अब फीडर सेंटर के माध्यम से इन अकादमियों के लिए प्रतिभाओं की एक मजबूत और सतत पाइपलाइन तैयार होगी।

  • खेलों से सजेगा आज एमसीबी, राष्ट्रीय खेल दिवस पर मैदान में दिखेगा उत्साह

    खेलों से सजेगा आज एमसीबी, राष्ट्रीय खेल दिवस पर मैदान में दिखेगा उत्साह

    खेलों से सजेगा आज एमसीबी, राष्ट्रीय खेल दिवस पर मैदान में दिखेगा उत्साह

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    देश के महान हॉकी खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आज 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर खेलों के प्रति युवाओं में उत्साह बढ़ाने और जिले की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
    राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन, मेहनत और टीम भावना का संदेश देने वाला दिन है। खेल का मैदान युवाओं को जीत के साथ-साथ हार से सीखने, संघर्ष करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यही कारण है कि आज के दौर में पढ़ाई के साथ खेलों को भी बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

    स्वामी आत्मानंद स्कूल मैदान में होगा आयोजन
    राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर स्वामी आत्मानंद स्कूल मैदान में दोपहर 2 बजे भव्य खेल आयोजन रखा गया है। आयोजन में विभिन्न खेल गतिविधियों के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। जिले के युवा और खेलप्रेमी इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं।
    वहीं सरगुजा ओलंपिक 2026-27 के लिए भी खिलाड़ियों का पंजीयन जारी है। एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, खो-खो सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभागी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मंच मिलने की उम्मीद है।

    मैदान से ही निकलेंगे भविष्य के खिलाड़ी

    एमसीबी जैसे जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो केवल उन्हें उचित अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की। राष्ट्रीय खेल दिवस इसी संकल्प को मजबूत करने का अवसर है कि गांव-कस्बों की गलियों और स्कूल मैदानों में पसीना बहाने वाला कोई बच्चा भविष्य में जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सके।
    आज का दिन खिलाड़ियों के सम्मान और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने का दिन है। खेलें, स्वस्थ रहें और अपने जिले का नाम रोशन करें, यही राष्ट्रीय खेल दिवस का सच्चा संदेश है।

  • MP के खेल सिस्टम का होगा बड़ा बदलाव, 5 साल में 1,965 करोड़ खर्च; खिलाड़ियों के लिए होंगे 6 अहम सुधार

    MP के खेल सिस्टम का होगा बड़ा बदलाव, 5 साल में 1,965 करोड़ खर्च; खिलाड़ियों के लिए होंगे 6 अहम सुधार

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में खेल सुविधाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब हर जिले में एक जैसी सुविधाएं देने के बजाय इलाके की खेल के हिसाब से पैसा लगाया जाएगा. यानी पहले यह पता लगाया जाएगा कि किस इलाके में किस खेल के अच्छे खिलाड़ी हैं और वहां की सुविधाओं में क्या कमी है. इसी बेस पर कोचिंग, ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जाएगा. प्रदेश के 52 खेलो इंडिया सेंटर इस योजना की पहली कड़ी होंगे और जरूरत पड़ने पर नए सेंटर भी खोले जाएंगे। 

    5 साल में 1,965 करोड़ खर्च
    इस योजना पर अगले 5 साल में 1,965 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र सरकार 60% और राज्य सरकार 40% राशि देगी. मध्य प्रदेश का हिस्सा 565 करोड़ रुपये है. खेल मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक, प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में अभी 90 स्टेडियम हैं और 140 से ज्यादा नए स्टेडियम बनाए जाएंगे. हर स्टेडियम पर करीब 7 करोड़ रुपये खर्च होंगे. गौरतलब है कि केंद्र की 2026-31 की नई खेलो इंडिया योजना पर देशभर में 29,054 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 

    ये 6 बड़े बदलाव होंगे
    नई व्यवस्था में सबसे पहले टैलेंट मैपिंग होगी, यानी प्रदेश में टैलेंट क्लस्टर बनाकर देखा जाएगा कि कहां किस खेल के खिलाड़ी हैं. दूसरा, मेडल मैपिंग के तहत ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े खेलों में मेडल की संभावना वाली सुविधाएं बनेंगी और बड़े खेल परिसर अपग्रेड होंगे. तीसरा, स्कूलों से प्रतिभा खोजकर खेलो इंडिया सेंटर, साई ट्रेनिंग सेंटर और अकादमियों तक पहुंचाया जाएगा, जिसमें भोपाल अहम कड़ी बनेगा. चौथा, एलीट लेवल तक नहीं पहुंचे खिलाड़ियों को E-KIA (इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट) से जोड़ा जाएगा। 

    5वां खिलाड़ियों को डाइट, रहना, किट, पढ़ाई और मेडिकल सपोर्ट के साथ डॉक्टर, फिजियो, साइकोलॉजिस्ट और न्यूट्रिशनिस्ट जैसे एक्सपर्ट की टीम मिलेगी. छठा, एआई-वीडियो से टैलेंट स्काउटिंग होगी और वेयरेबल डिवाइस से खिलाड़ियों का प्रदर्शन ट्रैक किया जाएगा. इसके साथ ही स्कूल से यूनिवर्सिटी लेवल तक मुकाबले बढ़ाए जाएंगे। 

     

  • भोपाल में ‘खेल की बात पीएम के साथ’ का संदेश, युवाओं को खेलों से सशक्त बनाने और देश का गौरव बढ़ाने का संकल्प

    भोपाल में ‘खेल की बात पीएम के साथ’ का संदेश, युवाओं को खेलों से सशक्त बनाने और देश का गौरव बढ़ाने का संकल्प

    खेलों से सशक्त युवा, देश का गौरव बढ़ाने का संकल्प — भोपाल में गूंजा ‘खेल की बात पीएम के साथ’ का संदेश

    नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ ‘खेलो इंडिया डायलॉग: खेल की बात पीएम के साथ’ कार्यक्रम

    भोपाल

              नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, स्थित राजीव गांधी साइबर लॉ सेंटर में माय भारत के संयुक्त तत्वाधान में ‘खेलो इंडिया डायलॉग: खेल की बात पीएम के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के देशभर के खिलाड़ियों एवं युवाओं के साथ संवाद का सीधा प्रसारण किया गया। 

        कार्यक्रम का सफल संचालन एवं मॉडरेटर की भूमिका यशस्वी अग्रवाल द्वारा प्रभावी ढंग से निभाई गई। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना तथा खेल के माध्यम से अनुशासन, समर्पण, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना को बढ़ावा देना रहा।
    इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से देशभर के खिलाड़ियों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए खेलों के प्रति समर्पण, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा अपनी प्रतिभा के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री के संवाद से उपस्थित युवाओं एवं विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने खेलों को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

       कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री मनोज श्रीवास्तव, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग,  श्री प्रवीण शर्मा, अध्यक्ष, राज्य युवा आयोग, डॉ एस सूर्यप्रकाश, कुलपति, एन एल आई यू, डॉ राका आर्या, डिन, छात्र कल्याण, एन एल आई यू,  श्रीमती गुंजन चौकसे, सुप्रीम कोर्ट लॉयर एवं श्रीमति निक्की राठौर, उपनिदेशक, माय भारत की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने उपस्थित खिलाड़ियों, यूथ आइकन्स, विद्यार्थियों एवं युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि युवा अपनी प्रतिभा को पहचानें, नियमित अभ्यास करें और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग करते हुए जिला, प्रदेश एवं देश स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।

    कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रेरणादायी बनाने में जिले के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही। इस अवसर पर सुश्री वैष्णवी खलाने, अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी, उपस्थित रहीं जिनकी उपलब्धियों एवं संघर्षपूर्ण खेल यात्रा ने उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं को यह संदेश दिया कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
    इसके साथ ही यूथ आइकन के रूप में सुश्री यशस्वी अग्रवाल, सुश्री संजना पाल एवं श्री शैलेंद्र श्रीवास, श्री देवेंद्र वर्मा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। उनकी उपस्थिति ने युवाओं को खेलों के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता, रचनात्मक गतिविधियों एवं युवा नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

          प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के उपरांत कार्यक्रम का महत्वपूर्ण एवं संवादात्मक चरण आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित बच्चों एवं युवाओं को जिले के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने खिलाड़ियों से उनके खेल जीवन के अनुभव, नियमित अभ्यास की दिनचर्या, खेल के दौरान आने वाली कठिनाइयों, प्रतियोगिताओं के दबाव, असफलताओं से सीखने तथा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किए गए संघर्षों के बारे में जानकारी प्राप्त की। खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को बताया कि खेल के क्षेत्र में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ-साथ निरंतर अभ्यास, अनुशासन, धैर्य, सकारात्मक सोच और खेल भावना अत्यंत आवश्यक है।

      कार्यक्रम के दौरान आइडिया बॉक्स के माध्यम से उपस्थित युवाओं ने पांच  प्रमुख विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। इनमें देश में खेल पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, शासन में युवा नेतृत्व एवं भागीदारी, विकसित भारत के लिए युवाओं का सशक्तिकरण तथा नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत प्रमुख रहे। युवाओं ने खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान एवं प्रशिक्षण, युवाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी तथा कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर बढ़ाने से संबंधित अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इन विचारों के माध्यम से युवाओं ने विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी की भावना व्यक्त की।
    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी युवाओं एवं विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। युवाओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा अपने आसपास के अन्य युवाओं को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का ।

            संकल्प व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने भी युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने।असफलताओं से निराश न होने तथा निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों, खिलाड़ियों, यूथ आइकन्स, एवं युवाओं का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ। ‘खेल की बात पीएम के साथ’ संवाद ने भिंड के युवाओं को खेलों के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा देने के साथ यह संदेश दिया कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, अनुशासित युवा शक्ति और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का प्रभावी साधन है। आयोजन ने युवाओं में ‘खेलेंगे तो खिलेंगे और आगे बढ़ेंगे तो देश का नाम रोशन करेंगे’ जैसी सकारात्मक भावना को और मजबूत किया।