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  • जो रूट ने रचा इतिहास, ODI में यह कारनामा करने वाले पहले इंग्लिश बल्लेबाज बने

    जो रूट ने रचा इतिहास, ODI में यह कारनामा करने वाले पहले इंग्लिश बल्लेबाज बने

     रावलपिंडी

    इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने ओडीआई क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक जड़कर रिकॉर्ड बुक को हिला दिया, लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाजों ने उनकी इस उपलब्धि को फीका कर दिया. 22 अक्टूबर (गुरुवार) को रावलपिंडी के रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए ओडीआई ट्राई सीरीज के रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 430 रनों का लक्ष्य दो विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया. यह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा। 

    हैरी ब्रूक ने महज 116 गेंदों में 202 रनों की विस्फोटक पारी खेली. उन्होंने सिर्फ 114 गेंदों में दोहरा शतक पूरा कर शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. उनकी यादगार पारी की बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवर्स में चार विकेट पर 429 रन बनाए, लेकिन इतने बड़े स्कोर के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा। 

    पवन रत्नायके का तूफानी शतक
    विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने 24 रनों के स्कोर तक दो विकेट गंवा दिए. इसके बाद अविष्का फर्नांडो और पवन रत्नायके ने पारी को संभाला. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 166 रन जोड़कर इंग्लैंड की मुश्किलें बढ़ा दीं. फर्नांडो ने 11 चौके और 2 छक्के की सहायता से 83 गेंदों पर 97 रन बनाए. जबकि रत्नायके ने 15 चौके और तीन छक्के की मदद से 106 गेंदों पर 130 रनों की शानदार पारी खेली. इस साझेदारी ने श्रीलंका को मुकाबले में वापस ला दिया. इसके बाद दसुन शनाका ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए महज 50 गेंदों पर 97 रन ठोक दिए. शनाका ने अपनी इनिंग्स में 8 छक्के और 6 चौके लगाए। 

    श्रीलंका को अंतिम ओवर में सात रन चाहिए थे और उसके 6 विकेट गिर चुके थे. इंग्लैंड के जोश टंग ने लगातार दो गेंदों पर डुनिथ वेलालगे और ईशान मलिंगा को आउट कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया. अब श्रीलंका को तीन गेंदों में सात रन बनाने थे. नंबर-10 बल्लेबाज असिथा फर्नांडो ने एक रन लेकर जनिथ लियानागे को स्ट्राइक दी. इसके बाद लियानागे ने लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्का जड़कर श्रीलंका की जीत पक्की कर दी. टीम ने एक गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. लियानागे ने 7 चौके और 3 छक्के की मदद से 27 गेंदों पर नाबाद 61 रनों की पारी खेली। 

    जो रूट ने रच दिया नया इतिहास
     दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने ओडीआई क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वह इस फॉर्मेट में 8000 रन पूरे करने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. ओडीआई ट्राई सीरीज में गुरुवार (22 अक्टूबर) को श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में रूट ने यह मुकाम हासिल किया। 

    जो रूट ने रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में 66 गेंदों पर 69 रन की पारी खेली, जिसमें आठ चौके शामिल रहे. उन्होंने अपने ओडीआई करियर की 186वीं पारी में 8000 रन का आंकड़ा पार किया. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इंग्लैंड के वनडे इतिहास में अपनी अलग पहचान कायम कर ली है। 

    बाकी इंग्लिश बल्लेबाज काफी पीछे
    जो रूट अब तक 197 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 8005 रन बना चुके हैं. उनका औसत 50.66 है, जबकि स्ट्राइक रेट 87.83 रहा है. उनके नाम पर 20 शतक और 49 अर्धशतक दर्ज हैं. इस फॉर्मेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 166 रन है. इंग्लैंड के लिए वनडे इंटरनेशनल में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में पूर्व कप्तान इयोन मॉर्गन 6957 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. जोस बटलर ने 5678, इयान बेल ने 5416 और पॉल कॉलिंगवुड ने 5092 रन बनाए हैं। 

    श्रीलंका ने ओडीआई क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया. इससे पहले उसका सर्वश्रेष्ठ रनचेज 2017 में भारत के खिलाफ द ओवल में आया था. तब उसे 322 रनों का लक्ष्य हासिल करना था। 

    बता दें कि ओडीआई क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़े सफल रन चेज का रिकॉर्ड अब भी साउथ अफ्रीका के नाम है, जिसने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 438 रन बनाकर जीत दर्ज की थी. श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ ओडीआई क्रिकेट में सबसे बड़े सफल रनचेज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। 

    ODI मैचों में सबसे सफल रनचेज
    435 साउथ अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, जोहानिसबर्ग 2006
    430 श्रीलंका बनाम इंग्लैंड, रावलपिंडी 2026
    406 भारत बनाम वेस्टइंडीज, गुवाहाटी 2026
    375 नीदरलैंड्स बनाम वेस्टइंडीज, हरारे 2023 (सुपर ओवर जीत)
    372 साउथ अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, डरबन 2016

  • शिरंथी राजपक्षे पर शिकंजा, श्रीलंका की पूर्व फर्स्ट लेडी गिरफ्तार; 1 करोड़ की कथित धोखाधड़ी

    शिरंथी राजपक्षे पर शिकंजा, श्रीलंका की पूर्व फर्स्ट लेडी गिरफ्तार; 1 करोड़ की कथित धोखाधड़ी

    कोलंबो
     श्रीलंका की पूर्व प्रथम महिला शिरंथी राजपक्षे को बुधवार को उनके एनजीओ ओसिरलिया सवियाओ के बैंक अकाउंट से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया।रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले आयोग के अधिकारियों ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पत्नी को कोलंबो के पोल्हेंगोडा में उनके घर से गिरफ्तार किया। 73 वर्षीय शिरंथी सोमवार को ही सिंगापुर से इलाज कराकर लौटी थीं।

    उसी सुबह, उनके वकीलों ने पुलिस के फाइनेंशियल क्राइम्स डिवीजन द्वारा उनकी गिरफ्तारी को रोकने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। हालांकि फाइनेंशियल क्राइम्स डिवीजन ने मंगलवार को उन्हें 13 अक्टूबर को उनके सामने पेश होने के लिए कहा था।

    भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच करने वाले आयोग (सीआईएबीओसी) ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की 73 वर्षीय पत्नी को कोलंबो में गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।राजधानी में राजपक्षे के घर पर पत्रकारों से बात करते हुए सीआईएबीओसी के एक अधिकारी ने कहा, "यह गिरफ्तारी उनके 'सिरिलिया सविया फाउंडेशन' से जुड़े मामले में की गई है।"

    वह चिकित्सा उपचार के लिए 16 सितंबर को सिंगापुर गई थीं, और कोलंबो हवाई अड्डे पर उन्हें अपने चैरिटी के बारे में पुलिस को बयान देने के लिए एक समन तामील कराया गया था।गिरफ्तारी को रोकने के लिए अदालत में याचिका दायर करने के बाद वह सोमवार (5 अक्टूबर) को वापस लौट आई, लेकिन अग्रिम जमानत की सुनवाई 12 अक्टूबर के लिए तय की गई।

    पुलिस ने कहा कि अधिकारी शिरंथी से उनके द्वारा आयोजित 'सिरिलिया सविया' नामक चैरिटी के माध्यम से स्थानीय कैंसर अस्पताल के लिए पीईटी स्कैनर हेतु एकत्र किए गए 10 मिलियन रुपये (30,300 डॉलर) के दान के संबंध में पूछताछ करना चाहते हैं।

    जांचकर्ताओं ने अदालत को बताया कि स्कैनर पहले ही चीनी सरकार द्वारा दान में दिया जा चुका था, लेकिन आरोप है कि चैरिटी संस्था ने दान मांगना जारी रखा और धन का दुरुपयोग किया।

    श्रीमती शिरंथी ने किसी भी प्रकार की त्रुटि से इनकार करते हुए कहा है कि धन का दुरुपयोग नहीं किया गया था।परिवार के अन्य सदस्यों को भी कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।पूर्व प्रथम महिला के सबसे बड़े बेटे, विपक्षी सांसद नमाल राजपक्षे, अपने पिता के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हस्ताक्षरित 2013 के एयरबस विमान सौदे से जुड़े आरोपों के सिलसिले में हिरासत में हैं।

    राजपक्सा परिवार ने भ्रष्टाचार के आरोपों का लगातार खंडन किया है और अपने खिलाफ चल रहे मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

    महिंदा राजपक्षे ने 2005 से 2015 तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और श्रीलंका के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों में से एक बने हुए हैं, हालांकि 2022 में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उनके भाई गोटाबाया राजपक्षे को राष्ट्रपति पद से हटा दिए जाने के बाद से परिवार की आर्थिक स्थिति में गिरावट आई है।

    शिरंथी राजपक्षे पर क्या आरोप?
    जांच आयोग के अनुसार, उन्हें इन आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया कि उन्होंने एक सरकारी बैंक से 10 मिलियन श्रीलंकाई रुपये लिए और उस पैसे का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करके पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट और भ्रष्टाचार से जुड़े कानूनों का उल्लंघन किया।

    सरकारी बैंक से एक करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप
    जांच आयोग के अनुसार, शिरांथी राजपक्षे पर आरोप है कि उन्होंने अपने गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) 'सिरिलिया सविया' के बैंक खाते के जरिए एक सरकारी बैंक से एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये प्राप्त किए और उस रकम का दुरुपयोग किया। एजेंसियों का कहना है कि यह सार्वजनिक संपत्ति कानून और भ्रष्टाचार रोधी प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। एफसीआईडी इस संस्था के कामकाज की गहन जांच कर रहा है, जिसकी कमान शिरांथी ने अपने पति महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति कार्यकाल (2005 से 2015) के दौरान संभाली थी।

    राजपक्षे परिवार की मुश्किलें बढ़ीं
    राजपक्षे परिवार के लिए यह नया कानूनी झटका माना जा रहा है। शिरांथी के बड़े बेटे और मुख्य विपक्षी दल श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना के सांसद नमल राजपक्षे भी कानूनी शिकंजे में हैं। नमल रिश्वतखोरी के दो अलग-अलग मामलों के सिलसिले में चार सितंबर से कोलंबो रिमांड जेल में बंद हैं। 

     

  • श्रीलंका ने आखिरी पलों में किया सरेंडर, भारत ने 10 गेंदों में छीनी जीत, दांबुला में दिखा दमदार खेल

    श्रीलंका ने आखिरी पलों में किया सरेंडर, भारत ने 10 गेंदों में छीनी जीत, दांबुला में दिखा दमदार खेल

     दांबुला

    दांबुला में मंगलवार (9 जून) को खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत A ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए श्रीलंका A को 8 रन से हरा दिया. एक समय मैच पूरी तरह मेजबान टीम की गिरफ्त में दिखाई दे रहा था, लेकिन आखिरी 10 गेंदों में चार विकेट गिरने से मुकाबला पलट गया और तिलक वर्मा की अगुआई वाली भारतीय टीम ने जीत के साथ अभियान का आगाज किया। 

    मैच में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की थी. हालांकि युवा बल्लेबाज अपनी पहली लिस्ट-A पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना सके और 14 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने अपनी छोटी पारी में तीन आकर्षक चौके लगाए, लेकिन मोहम्मद शिराज की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर शॉट खेलने की कोशिश में कप्तान सहान अराचिगे को कैच थमा बैठे। 

    भारत A की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने सिर्फ 16 रन पर वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह के विकेट गंवा दिए. इसके बाद प्रियांश आर्य ने 32 रन की तेज पारी खेली, लेकिन ऋतुराज गायकवाड़ के साथ गलतफहमी का शिकार होकर रनआउट हो गए। 

    69 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने पारी को संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 150 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। 

    ऋतुराज ने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए 112 गेंदों पर 101 रन बनाए. यह उनके लिस्ट-A करियर का 21वां शतक रहा. उन्होंने शुरुआत में संयम बरता और बाद में रनगति बढ़ाते हुए टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया. दूसरी ओर तिलक वर्मा ने 97 गेंदों पर 60 रन बनाए. दोनों बल्लेबाजों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी की। 

    पारी के अंत में आयुष बदोनी और सूर्यांश शेडगे ने तेजी दिखाई. बदोनी ने 18 गेंदों पर 24 रन बनाए, जबकि शेडगे 14 गेंदों पर 26 रन बनाकर नाबाद लौटे. दोनों के बीच 46 रन की तेज साझेदारी ने भारत A को 50 ओवर में 277/6 तक पहुंचा दिया। 

    श्रीलंका का दमदार रनचेज, लेकिन फ‍िर हालत खराब 
    लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका A ने दमदार शुरुआत की. वापसी कर रहे न‍िरोशन डिकवेला (47) और अविष्का फर्नांडो (45) ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़कर भारत पर दबाव बनाया. हालांकि दोनों बल्लेबाज आयुष बदोनी की स्पिन के खिलाफ बड़े शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। 

    इसके बाद सदीरा समरविक्रमा ने 46 रन बनाए, जबकि कप्तान सहान अराचिगे ने 72 गेंदों पर 74 रन की बेहतरीन पारी खेली. अंतरराष्ट्रीय अनुभव रखने वाले सहान ने टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया था। 

    श्रीलंका को अंतिम 10 गेंदों में सिर्फ 9 रन चाहिए थे और उसके हाथ में तीन विकेट थे. तभी तेज गेंदबाज अंशुल कांबोज ने सटीक यॉर्कर पर सहान को बोल्ड कर भारत को मैच में वापस ला दिया. इसके बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने दबाव में लगातार गलतियां कीं। 

    अंतिम ओवर में भारत ने तीन विकेट झटककर मुकाबला पूरी तरह भारत की झोली में डाल दिया. यह ओवर अरशद खान ने फेंका, 2 व‍िकेट उनको मिले, वहीं एक व‍िकेट रनआउट हुआ. श्रीलंका A की पूरी टीम 48.5 ओवर में 269 रन पर सिमट गई और भारत A ने 8 रन से रोमांचक जीत दर्ज कर ली। 

    गेंदबाजी में आयुष बदोनी (2/46) और अनुकुल रॉय (2/49) ने अहम भूमिका निभाई. दोनों स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर लगाम लगाकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा. भारत A अब 11 जून को इसी मैदान पर अफगानिस्तान A के खिलाफ अपना अगला मुकाबला खेलेगा।