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  • हरपाल चीमा के साथ बैठक के बाद बनी सहमति, पंजाब में सड़कों पर लौटीं बसें

    हरपाल चीमा के साथ बैठक के बाद बनी सहमति, पंजाब में सड़कों पर लौटीं बसें

    पटियाला/मोहाली.

    पंजाब के बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में पिछले चार दिनों से लगातार चल रही पीआरटीसी, पनबस और पंजाब रोडवेज के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। परिवहन मंत्री के साथ हुई सकारात्मक बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने लिखित आदेश मांगा था।

    लिखित आदेश मिलने के बाद आंदोलन तुरंत प्रभाव से वापस लेने की घोषणा कर दी है, जिसके चलते पूरे पंजाब में रुकी हुई बस सेवाओं का संचालन एक बार फिर से पूरी तरह सुचारू रूप से शुरू हो चुका है।

    बुधवार को सामूहिक आकस्मिक अवकाश
    पंजाब सरकार के लाखों कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार और गुरुवार, 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक आकस्मिक अवकाश (मास कैजुअल लीव) पर रहे। कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति और अन्य कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों के नेतृत्व में किए गए इस आंदोलन से राज्यभर में सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। वहीं, परिवहन कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण सरकारी बस सेवाओं पर भी असर पड़ा। प्रदर्शनकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों और बकाया राशि जारी करने, वेतन विसंगतियां दूर करने, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने सहित लंबे समय से लंबित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार, बुधवार को तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन में भाग लिया। इसमें सरकारी शिक्षक, विभिन्न विभागों के कर्मचारी तथा पंजाब रोडवेज, पनबस और पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के संविदा कर्मचारी शामिल रहे।

    कार्यालयों और परिवहन पर असर
    हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों, निदेशालयों, जिला प्रशासनिक परिसरों और तहसील कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ। कर्मचारी संगठनों ने पंजाबभर में प्रदर्शन करने का आह्वान किया। चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर और मोहाली में पुडा भवन के नजदीक प्रमुख रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई गई। जिलों में कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन किए। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 7,500 परिवहन कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए, जिसके चलते राज्यभर में लगभग 2,700 बसें सड़कों से दूर रहीं। इसके बाद पंजाब रोडवेज, पनबस और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी राज्यव्यापी हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकारी बसों पर निर्भर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कामकाजी लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

  • नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में कराई जाए उपलब्ध : परिवहन सचिव

    नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में कराई जाए उपलब्ध : परिवहन सचिव

    परिवहन सचिव ने किया सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का निरीक्षण, नागरिकों को त्वरित और बेहतर सेवाएं देने के दिये निर्देश

    नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में कराई जाए उपलब्ध : परिवहन सचिव

    परिवहन कार्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, ऑनलाइन सेवाओं की देखी कार्य प्रणाली

    भोपाल

    सचिव मध्यप्रदेश सड़क परिवहन मनीष सिंह ने सीहोर जिला परिवहन कार्यालय का मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान कार्यक्रम अन्तर्गत निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेख संधारण तथा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कक्षों और पूरे परिसर का निरीक्षण करते हुए परिवहन सेवाओं के संचालन की स्थिति देखी तथा संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

    सिंह ने कार्यालयीन स्टॉफ से चर्चा कर कामकाज के दौरान आने वाली समस्याओं और कार्य प्रणाली से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी रितेश तिवारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों के कार्यों को प्राथमिकता और गंभीरता से करें और सेवाओं की प्रदायगी में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये कहा।

    सचिव सड़क परिवहन सिंह ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय में संधारित किए जा रहे अभिलेखों का अवलोकन किया और दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण के निर्देश दिये। उन्होंने नागरिकों को प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले नागरिकों को परिवहन संबंधी सेवाएं सरल, सुगम और समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    निरीक्षण के दौरान सिंह ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन कार्यालय पहुंचे नागरिकों से चर्चा करते हुए परिवहन सेवाओं की प्रक्रिया, ऑनलाइन सुविधाओं तथा कार्यालय में मिलने वाली सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य प्रणाली को प्रभावी तथा नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए।

     

  • यात्री परिवहन के विस्तार पर मंथन, इंदौर में विजन समिट से निवेश और उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

    यात्री परिवहन के विस्तार पर मंथन, इंदौर में विजन समिट से निवेश और उद्योग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

    इंदौर 

    मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 में घाटे का हवाला देकर सड़क परिवहन निगम (सपनि) को बंद कर दिया था। पत्रिका ने सड़क परिवहन निगम के बंद होने से प्रदेश में बिगड़ी परिवहन व्यवस्था को उजागर किया था। सरकार के सामने वे सभी तथ्य लेकर आए, जिसने सफर की मुश्किलें बढ़ाईं। इसके बाद मोहन सरकार ने सरकारी लोक परिवहन सेवा को शुरू करने ऐलान किया और अब क्रियान्वयन की ओर बढ़ी है। यानी अब मध्य प्रदेश में जल्द ही सरकारी बस परिवाहन सेवा शुरु होगी।

    आपको बता दें कि, राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को स्मार्ट, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम लेने जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित की जाएगी। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 11 और 12 सितंबर को आयोजित होने समिट में प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने पर मंथन होगा।

    इसमें पूरे देश से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश की 75 फीसदी ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा।

    मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड अंतर्गत 'मोबिलिटी विज़न 2030' का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प होगा।

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर
    पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। मौजूदा समय में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें प्रदेश में संचालित हैं। इसके साथ आगामी 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जबकि वर्ष 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रॉस्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे सालाना 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी।

    यात्री सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक और 24×7 निगरानी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए होगी। इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।

  • इंदौर बनेगा नई परिवहन नीति का केंद्र, 11-12 सितंबर को होगा यात्री परिवहन विजन समिट

    इंदौर बनेगा नई परिवहन नीति का केंद्र, 11-12 सितंबर को होगा यात्री परिवहन विजन समिट

     इंदौर

    मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन की तस्वीर बदलने की तैयारी है। प्रदेश सरकार इंदौर में 11 और 12 सितंबर को यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित करने जा रही है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाली दो दिवसीय समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में यात्री परिवहन को केवल बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित न रखते हुए इसे आधुनिक तकनीक, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सुविधाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी से जोड़ा जाए।

    निजी बस ऑपरेटर से लेकर टेक्नोलॉजी कंपनियां होंगी शामिल
    समिट में निजी बस ऑपरेटर, बस निर्माता, परिवहन विशेषज्ञ, नीति निर्माता, निवेशक, टेक्नोलॉजी कंपनियां और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की भविष्य की परिवहन व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। खास बात यह है कि सरकार पीपीपी मॉडल के जरिए यात्री बसों के संचालन को बढ़ावा देने की दिशा में भी रोडमैप तैयार करेगी। इससे निजी क्षेत्र को परिवहन व्यवस्था में बड़े स्तर पर भागीदारी का मौका मिलेगा। 

    बस सेवा से लेकर एआई तक पर होगी चर्चा
    समिट में यात्री परिवहन से जुड़े कई आधुनिक क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इनमें इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन मोबिलिटी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई और डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और मोबिलिटी फाइनेंस प्रमुख हैं। सरकार का जोर ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें यात्री को बस की जानकारी, टिकटिंग और यात्रा से जुड़ी सुविधाएं डिजिटल माध्यम से आसानी से मिल सकें। 

    12 क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं
    समिट में मोबिलिटी सेक्टर के 12 संभावनाशील क्षेत्रों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। इनमें बस निर्माण, इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन मोबिलिटी, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई एवं एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस और परिवहन वित्त जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के लिए मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के नए अवसर तलाशे जाएंगे। 

    सरकार और उद्योग के बीच सीधे संवाद पर जोर
    समिट की एक खास बात सरकार और उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद को माना जा रहा है। इसमें शामिल कंपनियों को प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठक का अवसर भी मिलेगा। कंपनियां अपने तकनीकी समाधान और बिजनेस मॉडल प्रस्तुत कर सकेंगी। इसके जरिए पायलट प्रोजेक्ट, निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।

    मोबिलिटी विजन-2030 का रोडमैप होगा तैयार
    यात्री परिवहन विजन समिट से प्रदेश के लिए मोबिलिटी विजन-2030 को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम होगा। इसमें पीपीपी मॉडल को गति देने, डिजिटल-फर्स्ट मोबिलिटी फ्रेमवर्क तैयार करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और सरकार-उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। समिट में छह प्रमुख विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। इनमें पीपीपी आधारित मोबिलिटी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वित्तीय स्थिरता, स्वच्छ मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और बेहतर यात्री अनुभव शामिल हैं।