Tag: Vishnu Deo Sai

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की सौजन्य मुलाकात

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की सौजन्य मुलाकात

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की सौजन्य मुलाकात

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री वि
    ष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सौजन्य मुलाकात की।

  • राष्ट्रपति की बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में सहभागिता प्रदेश के लिए गौरव का अवसर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    राष्ट्रपति की बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में सहभागिता प्रदेश के लिए गौरव का अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत

    राष्ट्रपति की बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में सहभागिता प्रदेश के लिए गौरव का अवसर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    रायपुर 
    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आज रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में राज्यपाल  रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर है। उनकी उपस्थिति से प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं का मान बढ़ेगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने देवनानी का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर इंदौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद शंकर लालवानी और अमित चिमनानी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री साय 21 अक्टूबर को अर्बन चैलेंज फंड एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर क्षेत्रीय कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री साय 21 अक्टूबर को अर्बन चैलेंज फंड एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर क्षेत्रीय कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ

    शहरों के सुनियोजित विकास और आधुनिक अधोसंरचना को मिलेगी नई रफ्तार

    मुख्यमंत्री साय 21 अक्टूबर को अर्बन चैलेंज फंड एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर क्षेत्रीय कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ

    शहरी विकास में निवेश के नए द्वार खोलने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होंगे दो महत्वपूर्ण एमओयू

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का हुडको और सेप्ट यूनिवर्सिटी के साथ होगा एमओयू

    नवा रायपुर में जुटेंगे शहरी विकास और वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ, म्युनिसिपल बॉन्ड, पीपीपी मॉडल और निवेश आधारित परियोजनाओं पर होगा मंथन

    नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    रायपुर, 
     छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित एवं टिकाऊ विकास, आधुनिक शहरी अधोसंरचना के विस्तार और नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे नवा रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।

    कार्यशाला में देशभर के शहरी विकास, वित्तीय प्रबंधन और अधोसंरचना क्षेत्र के नीति-निर्माता एवं विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस दौरान शहरों के विकास के लिए नए वित्तीय संसाधन जुटाने, निजी निवेश आकर्षित करने, म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से अधोसंरचना विकसित करने तथा किफायती आवास परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन होगा।

    मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा हुडको तथा सेप्ट यूनिवर्सिटी के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। इन समझौतों के माध्यम से नगरीय निकायों की संस्थागत एवं वित्तीय क्षमता को मजबूत करने, आधुनिक शहरी नियोजन को बढ़ावा देने और निवेश आधारित अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने की दिशा में सहयोग बढ़ाया जाएगा।

    राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और हुडको द्वारा संयुक्त रूप से नवा रायपुर स्थित होटल मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित कार्यशाला में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड तथा अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) के माध्यम से शहरी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और नगरीय निकायों को निवेश योग्य परियोजनाएं तैयार करने में सक्षम बनाने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ ही शहरी परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने, उनकी वित्तीय योजना तैयार करने और दीर्घकालिक वित्तीय प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।

    कार्यशाला में हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ मुख्य वक्तव्य देंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा प्रदेश में शहरी विकास की प्राथमिकताओं, नगरीय अधोसंरचना की आवश्यकताओं तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर अपने विचार रखेंगे।

    तीन तकनीकी सत्रों में होगा शहरी विकास के वित्तीय मॉडल पर मंथन

    कार्यशाला के अंतर्गत दोपहर 12 बजे से तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में देश के विभिन्न राज्यों एवं संस्थाओं के विशेषज्ञ शहरी विकास के सफल मॉडल, वित्तीय नवाचार और परियोजनाओं को निवेश योग्य बनाने के व्यावहारिक पहलुओं पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

    पहले तकनीकी सत्र में हुडको के महाप्रबंधक डॉ. विवेक अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो की अवधारणा, कार्यप्रणाली और शहरी विकास परियोजनाओं में इनके उपयोग की संभावनाओं पर प्रस्तुति देंगे। तेलंगाना शासन की सचिव डॉ. टी.के. श्रीदेवी तेलंगाना में अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के अनुभव साझा करेंगी। इससे नगरीय निकायों को शहरी विकास के विभिन्न मॉडलों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन को समझने का अवसर मिलेगा।

    बैंकेबल प्रोजेक्ट और पीपीपी मॉडल पर रहेगा विशेष फोकस

    दोपहर दो बजे से आयोजित दूसरे तकनीकी सत्र में अर्बन स्पेशलिस्ट सुआस्था जैन परियोजनाओं की अवधारणा तैयार करने से लेकर उनके निर्माण तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया पर प्रस्तुति देंगी।

    सिटीज (CITIES) फोरम के प्रकाश गौर बैंकेबल शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं, किफायती आवास परियोजनाओं और पीपीपी स्ट्रक्चरिंग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। विश्व बैंक के रघु केसवन म्युनिसिपल फाइनेंस तथा रेवेन्यू रिंग फेंसिंग के माध्यम से शहरी परियोजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के तरीकों की जानकारी देंगे।

    यह सत्र नगरीय निकायों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा, क्योंकि इससे उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसी परियोजनाएं तैयार करने में मार्गदर्शन मिलेगा, जिनमें संस्थागत वित्त और निजी निवेश आकर्षित करने की क्षमता हो।

    म्युनिसिपल बॉन्ड से शहरों के विकास के लिए संसाधन जुटाने पर चर्चा

    शाम सवा चार बजे आयोजित तीसरे तकनीकी सत्र में टिपसन्स के उमेश खंडेलवाल म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से शहरी विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। म्युनिसिपल बॉन्ड जैसे आधुनिक वित्तीय साधनों के प्रभावी उपयोग से नगरीय निकाय बड़े अधोसंरचना प्रोजेक्ट्स के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधन जुटाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

    इसके बाद हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोरड अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत बैंकेबल शहरी अधोसंरचना और किफायती आवास परियोजनाओं के लिए हुडको द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली वित्तीय सुविधाओं की जानकारी देंगे।

    शाम 5:20 बजे हुडको के महाप्रबंधक डॉ. विवेक के साथ पैनल डिस्कशन एवं प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी शहरी विकास, परियोजनाओं की वित्तीय संरचना, निवेश जुटाने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक विषयों पर विशेषज्ञों से सीधा संवाद कर सकेंगे।

    नगरीय निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

    कार्यशाला के माध्यम से राज्य के नगरीय निकायों को परंपरागत वित्तीय संसाधनों के साथ-साथ निवेश आधारित विकास, म्युनिसिपल बॉन्ड, पीपीपी और संस्थागत वित्त जैसे आधुनिक विकल्पों के प्रभावी उपयोग की जानकारी मिलेगी। इससे नगरीय निकायों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने तथा उनके लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

    कार्यशाला में होने वाला विचार-मंथन छत्तीसगढ़ के शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण, किफायती आवास, बेहतर नागरिक सुविधाओं और निवेश आधारित विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके साथ ही नगरीय निकायों को दीर्घकालिक रूप से वित्तीय रूप से सक्षम बनाते हुए प्रदेश के शहरों को अधिक सुव्यवस्थित, सुविधाजनक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में भी यह पहल उपयोगी होगी।

  • छत्तीसगढ़ में श्रम आधारित उद्योगों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, CM विष्णु देव साय का बयान

    छत्तीसगढ़ में श्रम आधारित उद्योगों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, CM विष्णु देव साय का बयान

    छत्तीसगढ़ में श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की नई औद्योगिक इकाई का किया भूमिपूजन

    150 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से स्थापित होगी इकाई, साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार

    मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

    नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली गति, प्रदेश को मिले साढ़े आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    उद्योगों की स्थापना और संचालन को सुगम बनाने के लिए 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की विशेष पहल

    निवेश के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन नई औद्योगिक नीति का प्रमुख लक्ष्य : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    प्रदेश में तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित, 50 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार : उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के युवाओं तक रोजगार और आर्थिक अवसरों के रूप में पहुंचे, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से नई औद्योगिक विकास नीति में ऐसे श्रम आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिनमें अपेक्षाकृत कम पूंजी निवेश के साथ बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करने की क्षमता है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और प्रदेश की समृद्धि का माध्यम बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित नई औद्योगिक इकाई के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की नई इकाई छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस परियोजना में 150 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इससे साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस इकाई में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है। हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ में ऐसे उद्योग अधिक से अधिक स्थापित हों, जो प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएं। जब युवाओं को अपने ही प्रदेश में कौशल और क्षमता के अनुरूप रोजगार मिलेगा तो उनके परिवार आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथ में नियुक्ति पत्र देना किसी भी औद्योगिक निवेश की सबसे सार्थक उपलब्धि है। एक रोजगार केवल एक व्यक्ति को आत्मनिर्भर नहीं बनाता, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करने की पहल के लिए यश ग्रुप की सराहना की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कौशल विकास और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार पर एक साथ काम किया जा रहा है। प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ उठाकर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक विकास नीति 2024–2030 में रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। नीति तैयार करते समय इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है कि प्रदेश में आने वाला निवेश स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करे। टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और अन्य श्रम आधारित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही उद्योग लगाने और संचालित करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। उद्यमियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और जटिलताओं से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार सुधार किए गए हैं। जन विश्वास से जुड़े सुधारों के अंतर्गत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की विशेष पहल की गई है। विभिन्न अनुमतियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया जा रहा है, ताकि निवेश प्रस्ताव तेजी से धरातल पर उतरें और उत्पादन तथा रोजगार सृजन शीघ्र प्रारंभ हो सके।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति को देश-विदेश के निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। प्रदेश को साढ़े आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब सरकार का विशेष जोर इन निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने पर है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना से लेकर संचालन तक हर स्तर पर आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि औद्योगिकीकरण का विस्तार केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग अंचलों तक पहुंचे। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के विकास से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

    मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यश ग्रुप की यह नई इकाई नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि परियोजना समयबद्ध रूप से पूर्ण हो और शीघ्र उत्पादन प्रारंभ करे, इसके लिए संबंधित विभाग आवश्यक समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करेंगे।

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति की सोच में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अब निवेश का मूल्यांकन केवल निवेश की राशि से नहीं, बल्कि उससे उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसरों के आधार पर भी किया जा रहा है। प्रदेश में लंबे समय तक अधिक पूंजी निवेश और अपेक्षाकृत कम रोजगार देने वाले उद्योगों की प्रधानता रही है। इस स्थिति को बदलते हुए नई औद्योगिक नीति में श्रम आधारित और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

    उन्होंने कहा कि यश फैन्स एंड एप्लायंसेस की प्रस्तावित इकाई इसी सोच का उदाहरण है। लगभग 150 करोड़ रुपए के निवेश से साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होना प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई दिशा को दर्शाता है। हमारा प्रयास है कि औद्योगिक निवेश का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के युवाओं तक पहुंचे।

    चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर वित्त एवं उद्योग विभाग ने समन्वित रूप से औद्योगिक विकास नीति 2024–2030 तैयार की है। इसमें रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने के साथ केंद्र सरकार की रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं से भी समन्वय किया गया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी के बजटीय प्रावधान को लगभग 200 करोड़ रुपए से बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपए से अधिक किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पहला बजट ‘ज्ञान’ अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के कल्याण को समर्पित था, जबकि दूसरे बजट में ‘गति’ के माध्यम से सुशासन, अधोसंरचना, तकनीक और औद्योगिक विकास को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया। आर्थिक विकास से प्राप्त संसाधनों का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं को और सशक्त बनाने में किया जाएगा। औद्योगिक और आर्थिक प्रगति के माध्यम से जनकल्याण को स्थायी आधार देना सरकार का लक्ष्य है।

    प्रदेश में तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित, 50 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार : उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन

    उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके माध्यम से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।

    देवांगन ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण और सरकार की निवेश हितैषी नीतियों के कारण निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर काम किया जा रहा है।

    उन्होंने यश ग्रुप की नई औद्योगिक इकाई को प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कंपनी प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि इकाई जल्द उत्पादन प्रारंभ करे और प्रदेश के युवाओं को रोजगार का लाभ मिल सके।

    यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड के सीईओ ए.एन. रविचंद्रन ने प्रस्तावित औद्योगिक इकाई की गतिविधियों, उत्पादन योजनाओं और रोजगार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए उपलब्ध अनुकूल वातावरण और राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग की सराहना की।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप के चेयरमैन रितेश नरेडी, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि, कंपनी प्रबंधन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • गंभीर विषयों को सहजता से जनमानस तक पहुंचाने की कार्टून में है अद्भुत क्षमता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    गंभीर विषयों को सहजता से जनमानस तक पहुंचाने की कार्टून में है अद्भुत क्षमता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    कार्टून समाज को जागरूक करने के साथ सोचने और आत्ममंथन के लिए करता है प्रेरित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    गंभीर विषयों को सहजता से जनमानस तक पहुंचाने की कार्टून में है अद्भुत क्षमता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    युवा कार्टूनिस्ट अपनी रचनात्मकता को दें नई उड़ान, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें छत्तीसगढ़ का नाम : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री साय कार्टून फेस्टिवल-2026 में हुए शामिल, कार्टून वॉच पत्रिका के 30 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व एवं सेवा यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक का हुआ विमोचन

    प्रख्यात कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से किया गया सम्मानित

    रायपुर
    कार्टून केवल हास्य और मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और समाज का सशक्त दर्पण है। यह गंभीर विषयों, सामाजिक परिस्थितियों और विसंगतियों को हास्य एवं व्यंग्य के माध्यम से सहजता से जनमानस तक पहुंचाने वाली प्रभावशाली रचनात्मक विधा है। कई बार जो बात हजारों शब्दों में कहना कठिन होता है, उसे एक प्रभावशाली कार्टून बड़ी सरलता और गहराई के साथ अभिव्यक्त कर देता है। कार्टून समाज को हंसाने के साथ सोचने, समझने और आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में कार्टून वॉच पत्रिका द्वारा आयोजित कार्टून फेस्टिवल-2026 को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कला और साहित्य किसी भी समाज की चेतना के वाहक होते हैं। कार्टून इस दृष्टि से विशिष्ट कला है, जिसमें चित्र, विचार, हास्य और व्यंग्य का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। एक कार्टूनिस्ट अपने सूक्ष्म अवलोकन और रचनात्मक दृष्टि से सामाजिक घटनाओं को ऐसा स्वरूप देता है, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृति में बना रहता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्टून जनभावनाओं, जनअपेक्षाओं और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्ति देने का भी सशक्त माध्यम है।

    मुख्यमंत्री ने भारतीय कार्टून कला की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए महान कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आर.के. लक्ष्मण का प्रसिद्ध ‘कॉमन मैन’ केवल एक कार्टून चरित्र नहीं, बल्कि देश के सामान्य नागरिक की आशाओं, अपेक्षाओं, जिज्ञासाओं और चिंताओं की पहचान बन गया। स्वतंत्रता के बाद बदलते भारत और उसकी सामाजिक परिस्थितियों को उन्होंने जिस प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, वह भारतीय पत्रकारिता और कार्टून कला की अमूल्य विरासत है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्टून कला को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को भी अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने और इस विधा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कार्टून फेस्टिवल-2026 में जयपुर के प्रख्यात कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी कलाकार की दीर्घकालीन साधना और रचनात्मक योगदान का सम्मान पूरी कला विधा का सम्मान है और इससे नई पीढ़ी को उत्कृष्टता की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

    मुख्यमंत्री साय ने युवा कार्टूनिस्टों का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में प्रतिभा, कल्पनाशीलता और तकनीक की अपार संभावनाएं हैं। डिजिटल माध्यमों के विस्तार ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए मंच उपलब्ध कराए हैं। युवा कलाकार अपनी मौलिकता और रचनात्मक दृष्टि को बनाए रखते हुए इन अवसरों का उपयोग करें और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अपनी समृद्ध कला, संस्कृति, साहित्य और रचनात्मक परंपराओं से है। राज्य सरकार इनके संरक्षण एवं संवर्धन के साथ कलाकारों और रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्टून फेस्टिवल जैसे आयोजन स्थापित कलाकारों के अनुभव और युवा प्रतिभाओं की ऊर्जा को एक मंच पर लाकर कला एवं समाज के बीच रचनात्मक संवाद को मजबूत करते हैं।

    कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व, नेतृत्व और सेवा यात्रा पर आधारित कार्टून कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कार्टून के माध्यम से किसी व्यक्तित्व और उसकी यात्रा को प्रस्तुत करना अभिव्यक्ति का विशिष्ट और रोचक माध्यम है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्टून वॉच पत्रिका के प्रकाशन के 30 वर्ष पूर्ण होने और 31वें वर्ष में प्रवेश करने पर पत्रिका के संपादक त्र्यंबक शर्मा सहित पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तीन दशकों तक कार्टून जैसी विशिष्ट रचनात्मक विधा को समर्पित पत्रिका का निरंतर प्रकाशन उल्लेखनीय उपलब्धि है। कार्टून वॉच ने इस कला के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ देशभर के स्थापित और नवोदित कार्टूनिस्टों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराया है।

    लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कार्टून के माध्यम से समाज के गंभीर और संवेदनशील विषयों को व्यंग्य के जरिए सहज एवं सरल रूप में रेखांकित किया जा सकता है। उन्होंने कार्टून कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए त्र्यंबक शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कार्टून वॉच पत्रिका के 30 वर्ष पूर्ण होने पर पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने कार्टून फेस्टिवल-2026 के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, सहयोगियों, कार्टूनिस्टों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ समाज में सकारात्मक और विचारशील संवाद को और समृद्ध करेंगे।

    कार्यक्रम में कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा, हिमांशु द्विवेदी सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ पत्रकार, देश के विभिन्न हिस्सों से आए कार्टूनिस्ट, कलाकार तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • बारिश में सड़क की बदहाली पर CM साय सख्त, सभी कलेक्टरों को नियमित निरीक्षण और सुरक्षा के निर्देश

    बारिश में सड़क की बदहाली पर CM साय सख्त, सभी कलेक्टरों को नियमित निरीक्षण और सुरक्षा के निर्देश

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है। अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस वायरल वीडियो को देखने के बाद संज्ञान लिया है।

    वायरल वीडियो को देखने के बाद संज्ञान

    मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन कर वायरल वीडियो की सच्चाई जानी है। फोन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
    क्या कहा सीएम ने
    मुख्यमंत्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

    सभी कलेक्टरों को निर्देश

    सीएम विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए।

    बारिश के कारण जर्जर हो गई थी सड़क, विधायक ने ठीक कराई

    उन्होंने कहा कि जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

    लोगों को नहीं होनी चाहिए परेशानी

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।

    राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

  • 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप सदैव याद किया जाएगा

    2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप सदैव याद किया जाएगा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मातृशक्ति के सम्मान और नारी शक्ति के प्रति आदर की परंपरा से जुड़ी हुई है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की आस्था से लेकर माता कौशल्या की धरती तक, छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति सदैव सामाजिक जीवन के केंद्र में रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और स्वावलंबन को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाना इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के 30 माह के कार्यकाल में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश की करीब 68 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ परिवार के आर्थिक निर्णयों में अधिक भागीदारी का अवसर मिल रहा है।

    रक्षाबंधन से पहले बहनों को आर्थिक संबल

    रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि का अंतरण किया। 25 अगस्त को बालोद जिले में आयोजित कार्यक्रम में करीब 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। 
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहारों को पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें। रक्षाबंधन से पहले खातों में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों में सरकार की सहभागिता का संदेश भी लेकर आई।

    ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में दिखा आत्मीयता और सम्मान का भाव

     विगत दिनों रक्षाबंधन के अवसर पर रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधे। कार्यक्रम में सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव दिखाई दिया। कार्यक्रम का भावुक क्षण उस समय आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक  युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी मती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। 

    प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राखी का यह धागा भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। अनेक जवानों ने राष्ट्र और प्रदेश की सुरक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। सरकार का प्रयास है कि नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग न उजड़े, किसी मां को अपना बेटा न खोना पड़े और किसी बहन को अपने भाई की सुरक्षा की चिंता न सताए।

    महिला स्व-सहायता समूहों से बढ़ा आत्मनिर्भरता का दायरा

    राज्य में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। प्रदेश में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आय के स्थायी साधनों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है। महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्थानीय स्तर पर विभिन्न उत्पादों का निर्माण एवं विपणन कर रही हैं। इससे उन्हें आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं और वे परिवार के साथ-साथ गांव के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

    प्रदेशभर से मिला मुख्यमंत्री को बहनों का स्नेह

     महतारी वंदन योजना की राशि रक्षाबंधन से पहले प्राप्त होने पर प्रदेश के विभिन्न जिलों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सुकमा से कोरिया और राजनांदगांव से रायगढ़ तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह और विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें बड़े भाई के रूप में सम्मान दिया। महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना से उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिल रही है। आर्थिक सहायता ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है और परिवार की आवश्यकताओं के लिए उन्हें अधिक सक्षम बनाया है।

    राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध 

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश की नारी शक्ति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान, स्वावलंबन और समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महतारी वंदन योजना, महिला स्व-सहायता समूहों और लखपति दीदी जैसे प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के खातों में पहुंची सहायता राशि ने इस विश्वास को और मजबूत किया है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

    बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद, कहा – सफलता केवल डॉक्टर-इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं, हर क्षेत्र में हैं आगे बढ़ने के अवसर

    आईआईएम, ट्रिपल आईटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों का विद्यार्थियों ने किया भ्रमण

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज शाम उनके निवास कार्यालय में सरगुजा जिले के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी छात्र-छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की। अंबिकापुर क्षेत्र के सात शासकीय विद्यालयों के लगभग 50 विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री साय ने आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभव, रुचियों तथा भविष्य के सपनों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

    मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौर में देखा गया सपना और उसे पूरा करने के लिए किया गया परिश्रम जीवन की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सफलता का अर्थ केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना नहीं है। आज युवाओं के लिए शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, खेल, तकनीक, प्रशासन, उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी प्रतिभा और रुचि होती है। आवश्यकता इस बात की है कि वह अपनी क्षमता को पहचाने, सही लक्ष्य चुने और पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसे हासिल करने में जुट जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रदेश की विभिन्न प्रतिभाओं और उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तित्वों के प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विस्तार हुआ है। आज छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित हैं, जहां प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के मन में नई जिज्ञासा पैदा करने के साथ उनके सपनों को नया विस्तार देते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से परिचित कराने और उन्हें भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने माता-पिता, विद्यालय तथा प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

    केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के संपूर्ण जीवन की नींव होता है। जिस प्रकार किसी मजबूत भवन के लिए उसकी नींव मजबूत होना आवश्यक है, उसी प्रकार उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, परिश्रम और समय का सदुपयोग आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण समय का उपयोग अपने लक्ष्य को पहचानने, ज्ञान अर्जित करने और व्यक्तित्व निर्माण में करने का आह्वान किया।

    शैक्षणिक भ्रमण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनकालों, बकिरमा, सुखरी, रामपुर, मेंड्राकला एवं करजी तथा शासकीय सेजेस केशवपुर के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। 

    भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी), ट्राइबल म्यूजियम और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय सहित विभिन्न प्रमुख संस्थानों एवं स्थलों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने इन संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन के अवसरों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। राजधानी और नवा रायपुर के प्रमुख संस्थानों को नजदीक से देखने का अनुभव विद्यार्थियों के लिए उत्साहवर्धक रहा।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पायल सिंह तोमर सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • ‘आजादी की धुन’ में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

    ‘आजादी की धुन’ में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

    आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल

    100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समां

    रायपुर 
     राजधानी रायपुर की शाम आज देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।

    मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।

    मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।

    उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।