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  • मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में बारिश की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में बारिश की चेतावनी

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में दो दिन से चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर बना हुआ है। मऊगंज में शुक्रवार सुबह से रिमझिम बरसात हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, 2 नवंबर तक प्रदेश में बारिश हो सकती है। आज ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने के आसार। 

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अलर्ट जारी किया है।

    वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की उम्मीद है।

    बारिश से फसलों को नुकसान, मंडी में भीगा मक्का
    बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। गुरुवार को पांढुर्णा की मंडी में खुले में रखे मक्के के ढेर भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है। छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में धान की फसल खेतों में खड़ी है। बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    रायसेन के दशहरा मैदान में करीब 200 ट्रॉलियों में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश हुई।

    हालांकि, बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    पचमढ़ी में रात का तापमान 15.2 डिग्री
    आंधी-बारिश के कारण गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय ठंडक महसूस हुई। दिन के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई।

    बीती रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17, जबकि धार में 17.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

  • छत्तीसगढ़ के मौसम में आएगा बदलाव, ‘अर्नब’ चक्रवात को लेकर भारी बारिश की चेतावनी

    छत्तीसगढ़ के मौसम में आएगा बदलाव, ‘अर्नब’ चक्रवात को लेकर भारी बारिश की चेतावनी

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी भी दी गई है.

    इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है. रायपुर में भी 27 अक्टूबर को बारिश या बादल गरजने-चमकने के साथ मौसम बदल सकता है.

    बंगाल की खाड़ी में एक्टिव है चक्रवाती तूफान
    मौसम विभाग ने जानकारी दी कि चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से में केंद्रित है. इसके 27 अक्टूबर तक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है. इसके बाद तूफान के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच टकराने का अनुमान है. तट से टकराते समय तूफान की अधिकतम हवा की स्पीड  115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है. वहीं हवा के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है. इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. राजधानी रायपुर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है. मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक या अंधड़ चलने की संभावना जताई है. शहर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

    28-29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
    प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का दायरा बढ़ने के आसार हैं. मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है. वहीं, मध्य छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की आशंका भी जताई गई है. इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो कुछ स्थानों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

    इन जिलों में यलो अलर्ट जारी
    मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और गरियाबंद में बादल गरजने, आकाशीय बिजली, बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवा चलने की संभावना जताई है. इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है.

    प्रदेश में शुष्क रहा मौसम
    बीते 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, रायगढ़ में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

  • छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी का तूफान बढ़ाएगा किसानों की चिंता, पांच दिन तक हो सकती है बारिश

    छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी का तूफान बढ़ाएगा किसानों की चिंता, पांच दिन तक हो सकती है बारिश

    खैरागढ़.

    बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने की संभावना है। इसे लेकर खैरागढ़ जिला प्रशासन ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

    जिला जनसंपर्क अधिकारी राजेश नेताम ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने 25 से 29 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश की आशंका जताते हुए किसानों के लिए कृषि सलाह जारी की है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए किसानों को धान की कटाई फिलहाल रोकने, कटी फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने कहा गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसके प्रभाव से 25 अक्टूबर से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव और मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं 28 और 29 अक्टूबर को सभी जिलों में वर्षा के आसार हैं।

    लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने की भी संभावना है। धान की फसल पकने की अवस्था में होने के कारण कृषि विश्वविद्यालय ने आगामी दो से चार दिनों तक कटाई स्थगित रखने की सलाह दी है। जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे उसे जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं ताकि बारिश से नुकसान न हो। खेतों में अतिरिक्त पानी जमा न होने दें। कीट और रोग के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद आवश्यक नियंत्रण उपाय अपनाएं वहीं गेहूं की बुवाई फिलहाल टालने और रबी फसलों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू करने की सलाह भी दी गई है।

  • Indore Weather: रात में ठंडक, दिन में गर्मी; उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने गिराया पारा

    Indore Weather: रात में ठंडक, दिन में गर्मी; उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने गिराया पारा

    इंदौर 
     अक्टूबर में इस बार मौसम में अलग-अलग मिजाज नजर आ रहे हैं। सप्ताह के शुरुआत में जहां शहरवासियों को गर्मी का अहसास हो रहा था। वहीं माह के आखिरी सप्ताह में अब ठंडक महसूस हो रही है।

    उत्तर पश्चिमी हवाओं ने शहर का पारा गिरा दिया और शुक्रवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। शहर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। इस तरह इंदौर बीते 10 वर्षो में सबसे ठंडा रहा।

    शुक्रवार के मुकाबले शनिवार के तापमान में 5.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। वही दिन में बादल न होने से धूप निकली और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। शनिवार के अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था।

    रात में ठंडक रहेगी बरकार, दिन में गर्मी
    भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक बादल न होने व हवाओं का रुख उत्तर पश्चिमी होने के कारण अभी रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आगामी तीन से चार दिन अलसुबह व रात में ठंडक रहेगी वहीं दिन में पारा बढ़ने के कारण शहरवासियों को दोपहर में गर्मी का अहसास होगा।

     

  • Haryana Weather: प्रदेश में मौसम लेगा करवट, बारिश और आंधी को लेकर जानें ताजा अपडेट

    Haryana Weather: प्रदेश में मौसम लेगा करवट, बारिश और आंधी को लेकर जानें ताजा अपडेट

    हिसार.

    हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार और मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, 24 अक्टूबर की देर रात से राज्य में बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आंशिक प्रभाव वाले एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिमी से बदलकर उत्तर-पूर्वी हो जाएगा। इस बदलाव के कारण 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। 26 अक्टूबर के बाद मौसम दोबारा शुष्क होने का अनुमान है।

    दिन में हल्की गिरावट, लेकिन रातें होंगी थोड़ी गर्म
    मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट आएगी, जिससे सुबह और शाम को हल्की ठंड का अहसास होगा। वहीं, बादलों की आवाजाही के कारण रात (न्यूनतम) के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।

    नूंह और गुरुग्राम में सबसे ज्यादा गर्मी
    हरियाणा का औसत अधिकतम तापमान सामान्य के पास बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान गुरुग्राम में 33.8°C दर्ज किया गया। इसके अलावा नूंह में 33.5°C, हिसार में 33.1°C, चरखी दादरी में 33.1°C और फरीदाबाद में 33.1°C रहा। सबसे कम अधिकतम तापमान पंचकूला में 29.1°C दर्ज किया गया।

    गुरुग्राम में न्यूनतम पारा 14°C, तो नूंह में 21.6°C दर्ज
    राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.5°C की हल्की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के जिलों के बीच रात के तापमान में 7.6°C का बड़ा अंतर देखा गया। केवल 2 इलाकों में रात का तापमान 15°C से नीचे दर्ज हुआ। गुरुग्राम (14.0°C) और पंचकूला (14.3°C)। दूसरी तरफ, सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान नूंह में 21.6°C और झज्जर में 20.7°C रिकॉर्ड किया गया।

  • पंजाब का मौसम: बारिश नहीं, पहाड़ों की बर्फबारी से पारे पर असर

    पंजाब का मौसम: बारिश नहीं, पहाड़ों की बर्फबारी से पारे पर असर

    अमृतसर.

    पंजाब में आने वाले दिनों तक मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने का अनमान है। यानीकि सूरज चमकेगा और बारिश के आसार भी नहीं हैं। लेकिन इसी बीच तापमान में अधिक बदलाव होता नहीं दिख रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के जारी आंकड़ों के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य का तापमान सामान्य के करीब ही बना रहेगा।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हिमाचल के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी के कारण पंजाब में शुष्क मौसम के बीच भी मौसम में अधिक बदलाव नहीं होगा। पहाड़ों से नीचे की तरफ बहने वाली हवाओं के कारण राज्य का तापमान अधिक नहीं बदलेगा। शनिवार-रविवार की रात तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि रविवार दिन के तापमान में 0.1 डिग्री की मामूली बढ़ौतरी हुई। लेकिन तापमान सामान्य के करीब बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, 24 घंटे में पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद यह सामान्य के करीब बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक 36.5 डिग्री तापमान फरीदकोट में दर्ज किया गया।

    24 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान
    पंजाब और चंडीगढ़ के आसपास समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने 24 अक्टूबर तक पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 19 से 23 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है

    ठंडक बढ़ने से बिजली की मांग में कमी
    मौसम में बदलाव के साथ बिजली की मांग में भी कमी देखी जा रही है। सुबह छह बजे तक पंजाब में बिजली की मांग 7,286 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य ने 2,771 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित मात्रा 2,887 मेगावाट थी। इस तरह निर्धारित मात्रा से 116 मेगावाट कम बिजली ली गई। राज्य में बिजली उत्पादन 4,503 मेगावाट रहा। बिजली की आवृत्ति 50.02 हर्ट्ज दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक पहुंचेगा पंजाब और चंडीगढ़ में 24 से 29 अक्टूबर तक मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान बारिश के आसार नहीं हैं। दिन में अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री के बीच रह सकता है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 12 से 18 डिग्री तक रहने का अनुमान है। दिन में हल्की गर्मी रहेगी, वहीं सुबह और रात के समय ठंड महसूस होगी।

  • बस्तर में सुबह-शाम ठंड का असर, गर्म कपड़ों की बढ़ेगी मांग

    बस्तर में सुबह-शाम ठंड का असर, गर्म कपड़ों की बढ़ेगी मांग

    जगदलपुर.

    बस्तर में मौसम के बदलते मिजाज के साथ सर्दियों की आहट महसूस होने लगी है. सुबह और शाम के समय बढ़ती ठंडक ने लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत का अहसास कराना शुरू कर दिया है. इसी के साथ जगदलपुर के बाजारों में भी सर्दियों के सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं.

    दुकानों पर स्वेटर, जैकेट, गर्म टोपी, मफलर और दूसरे ऊनी कपड़ों की नई रेंज सजने लगी है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यापारी अलग-अलग डिजाइन और कीमतों के कपड़े रख रहे हैं. हालांकि, मौसम में शुरुआती ठंडक के बीच कारोबारियों को अभी बिक्री में तेजी आने का इंतजार है. व्यापारियों की उम्मीद नवंबर और दिसंबर में बढ़ने वाली ठंड पर टिकी हुई है.

    पिछले साल ठंड का असर अपेक्षाकृत कम रहने से गर्म कपड़ों के कारोबार को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पाई थी. कम मांग के कारण दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ा और बिक्री भी प्रभावित हुई थी. इस बार मौसम में ठंडक बढ़ने के संकेतों से कारोबारियों को बेहतर व्यापार की उम्मीद है. खासकर बच्चों के स्वेटर और जैकेट सहित रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले गर्म कपड़ों की मांग बढ़ने की संभावना है. अब सर्दियों की तीव्रता तय करेगी कि बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री कितनी बढ़ती है और व्यापारियों की उम्मीदें कितनी पूरी होती हैं.

  • मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल में बारिश और भोपाल-इंदौर में दिन में गर्मी का असर

    मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल में बारिश और भोपाल-इंदौर में दिन में गर्मी का असर

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 9 जिलों में असर देखने को मिलेगा। इससे पहले 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा।मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान है। भोपाल और इंदौर में रात में ठंडक बनी रहेगी, जबकि उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) का असर खत्म हो गया, लेकिन अब नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और नए चक्रवात की वजह से प्रदेश में असर देखने को मिलेगा।

    मानसून लौट चुका, बारिश जारी
    प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं भी आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है।

    अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। वहीं, कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है।

    इस साल सामान्य से कम हुई बारिश
    दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है।

    वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 25 जिलों में कोटा फुल
    भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर। बाकी 30 जिलों में कम बारिश हुई।

    इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

  • राजस्थान में 3-4 दिन बिगड़ा रहेगा मौसम, बीकानेर-श्रीगंगानगर समेत इन जिलों में बारिश की चेतावनी

    राजस्थान में 3-4 दिन बिगड़ा रहेगा मौसम, बीकानेर-श्रीगंगानगर समेत इन जिलों में बारिश की चेतावनी

    जयपुर
     राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और तेज ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। रविवार सुबह श्रीगंगानगर सहित आसपास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। इस दौरान कई जगह बिजली भी चमकी। मौसम में आए बदलाव से तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्दी का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के मध्य भागों के ऊपर वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में ट्रफ लाइन सक्रिय है। अरब सागर की खाड़ी से हवाओं के साथ नमी मिलने के कारण प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला है।

    इन जिलों में 3-4 दिन मौसम रहेगा खराब
    बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उत्तरी हिस्सों में अगले तीन से चार दिन तक मौसम की ऐसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

    श्रीगंगानगर में बारिश, करनपुर में 20 एमएम बरसात
    श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। रविवार सुबह कई इलाकों में बारिश के साथ बिजली चमकने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान श्रीगंगानगर के करनपुर में सर्वाधिक 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

    नरमा की फसल को लेकर चिंता बढ़ी
    सूरतगढ़ क्षेत्र में भी बूंदाबांदी हुई। इससे नरमा की कटाई का काम प्रभावित हुआ है। किसानों को चिंता है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो खेतों में तैयार फसल की कटाई और उपज को सुरक्षित रखने में परेशानी हो सकती है।

    फलोदी के ग्रामीण इलाकों में बढ़ी सर्दी
    पश्चिमी राजस्थान के फलोदी जिले के देणोक, आऊ, घंटियाली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी रविवार को मौसम का असर दिखाई दिया। सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर तेज ठंडी हवाएं चलती रहीं। दोपहर बाद हवा की रफ्तार बढ़ने से धूल भरी आंधी जैसा माहौल बन गया। इससे खेतों में काम कर रहे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट के साथ सर्दी का एहसास बढ़ गया।

    दिन के साथ रात के तापमान में भी गिरावट
    मौसम में बदलाव का असर प्रदेश के कई शहरों में दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, कोटा, सिरोही और हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई। दिन में गर्मी कम होने के साथ रातें भी ठंडी होने लगी हैं। शनिवार को प्रदेश के 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। उदयपुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

    13 और 14 अक्टूबर को फिर बारिश की संभावना
    मौसम विभाग के अनुसार, 12 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, 13 और 14 अक्टूबर को एक कमजोर मौसम प्रणाली के प्रभाव से बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
    बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले आसमान के नीचे रखी तैयार फसलों को भीगने से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है। कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज और अन्य जिंसों को भी बारिश से सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसानों को आने वाले दिनों में बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर कटाई और उपज के भंडारण की तैयारी करने की जरूरत है।

  • मध्यप्रदेश का मौसम बदलेगा, रीवा संभाग में बारिश के आसार; पचमढ़ी में सबसे कम तापमान

    मध्यप्रदेश का मौसम बदलेगा, रीवा संभाग में बारिश के आसार; पचमढ़ी में सबसे कम तापमान

    भोपाल
    मध्यप्रदेश में
    मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ लाइन के सक्रिय रहने से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की संभावना बनी हुई है। रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में शनिवार को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं, भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के कई शहरों में धूप खिलने की संभावना है। मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के बाद प्रदेश के कई इलाकों में रात के तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, दिन के समय गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। बड़वानी के तालुन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    रीवा संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में धूप
    मानसून की विदाई के बाद भी मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसमी सिस्टम का असर देखने को मिल रहा है। दूसरी ओर, भोपाल और इंदौर में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।आने वाले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। ऐसे में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    अमरकंटक में 37.5 मिमी बारिश, रात में बढ़ी ठंडक
    हाल के दिनों में हुई बारिश का असर रात के तापमान पर भी पड़ा है। अमरकंटक में करीब डेढ़ इंच यानी 37.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में रातें अपेक्षाकृत ठंडी हो गई हैं।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

    पचमढ़ी: 16.4°C

    अमरकंटक: 17.9°C

    इंदौर: 17.9°C

    छिंदवाड़ा: 18.1°C

    कटनी (करौंदी): 18.8°C

    शाजापुर: 19°C

    वहीं, दिन के तापमान में गर्मी का असर बना हुआ है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। बड़वानी जिले के तालुन में सबसे ज्यादा 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, फिर क्यों हो रही बारिश?
    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया था। इस बार प्रदेश में मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद अक्टूबर में बारिश होने की वजह चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन जैसी मौसम प्रणालियां हैं।अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस दौरान सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण मानसून की विदाई के बाद भी कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।इसलिए मानसून खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है।

    इस बार सामान्य से 4% कम हुई बारिश
    मध्यप्रदेश में जून से सितंबर तक चले मानसून सीजन में औसतन 35.8 इंच यानी 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य औसत 37.3 इंच से करीब 4 प्रतिशत कम है।प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का वितरण अलग-अलग रहा।

    पूर्वी मध्यप्रदेश: सामान्य से करीब 4% अधिक बारिश।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश: औसत से करीब 12% कम बारिश।

    जून में बारिश का कोटा 14 प्रतिशत कम रहने से पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों पर असर पड़ा। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश से काफी हद तक भरपाई हुई, लेकिन शुरुआती सूखे के कारण कुल बारिश सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सकी।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी
    प्रदेश के 55 जिलों में से 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
    भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।

    इन प्रमुख जिलों में सामान्य से कम बारिश
    इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, देवास, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नीमच, मंदसौर और धार सहित कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।

    आगे कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम?
    मौसम के मौजूदा रुख के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में मौसम साफ रह सकता है। अगले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप निकलने का अनुमान है।रात के तापमान में गिरावट से सुबह और देर रात हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में गर्मी बनी रहने की संभावना है। स्थानीय मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।