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  • कंबोडिया से 3 बच्चों के साथ आई दुल्हन, पैरोल पर गैंगस्टर मैनपाल ने रचाई शादी

    कंबोडिया से 3 बच्चों के साथ आई दुल्हन, पैरोल पर गैंगस्टर मैनपाल ने रचाई शादी

    झज्जर.

    करीब आठ साल पहले पैरोल के दौरान जेल से फरार होकर कंबोडिया पहुंचने और वहां से प्रत्यर्पित किए गए आजीवन कारावास के दोषी मैनपाल ढिल्ला बुधवार, 24 सितंबर को अपनी कंबोडियाई पत्नी मेटा चान के साथ हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह बंधन में बंधेंगे।

    हत्या सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश जसजीत सिंह बेदी की अदालत से 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है।

    कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ से रात आठ बजे तक रहेंगे बाहर
    जेल अधीक्षक सेवा सिंह के अनुसार मैनपाल को सामान्य पैरोल की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि वह पूरे समय पुलिस और जेल कर्मियों की कड़ी कस्टडी व सुरक्षा घेरे में रहेगा। तयशुदा कार्यक्रम के तहत उसे सुबह आठ बजे जेल से बाहर लाया जाएगा और रात आठ बजे तक वापस जेल पहुंचाना होगा।

  • Wedding Muhurat 2026: 25 जुलाई से थमेंगी शहनाइयां, नोट करें शादी-सगाई के अगले शुभ मुहूर्त

    Wedding Muhurat 2026: 25 जुलाई से थमेंगी शहनाइयां, नोट करें शादी-सगाई के अगले शुभ मुहूर्त

    भोपाल 

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 25 जुलाई से शादी-सगाई पर ब्रेक लग जाएगा। इसके बाद अगले 4 महीनों तक शादी-सगाई का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है, क्योंकि 25 जुलाई से चातुर्मास की शुरुआत हो रही है।

    वहीं, इसका समापन 20 नवंबर को होगा। इसी दिन शादी-सगाई की शुरुआत होगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु 4 महीने के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन जागते हैं।

    देवउठनी एकदशी के दिन चातुर्मास का समापन होता है। इसी दिन से शादी-सगाई की शुरुआत होती है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि चातुर्मास के बाद शादी-सगाई के शुभ मुहूर्त कब-कब हैं, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि आगामी शुभ मुहूर्तों के बारे में।

    विवाह के शुभ मुहूर्त 2026 (Vivah Ke Shubh Muhurat 2026)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, नवंबर के महीने में में विवाह के लिए कोई शुभ दिन नहीं है।

    दिसंबर 2026 के महीने में विवाह के लिए 10 शुभ दिन उपलब्ध हैं।
    दिसंबर – 11, 12, 13,14, 19,20, 21, 26, 30, 31

    विवाह के शुभ मुहूर्त 2027 (Vivah Ke Shubh Muhurat 2027)

    जनवरी 2027 में विवाह के लिए 8 शुभ दिन हैं।

    जनवरी- 18, 19, 23, 26, 26, 27, 30, 31

    फरवरी 2027 में विवाह के लिए 11 शुभ दिन हैं।
    फरवरी- 2, 9, 10, 11, 14, 20, 21, 22, 24, 25, 27

    मार्च 2027 में विवाह के लिए 6 शुभ दिन हैं।

    मार्च- 1, 3, 4,8, 9,10

    अप्रैल 2027 में विवाह के लिए 11 शुभ दिन हैं।
    अप्रैल- 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 25, 26, 27,28

    मई 2027 में विवाह के लिए 16 शुभ दिन उपलब्ध हैं।
    मई- 3, 7, 8, 9, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 22, 24, 25, 29, 30, 31

    जून 2027 में विवाह के लिए 15 शुभ दिन हैं।
    जून- 4, 9, 11, 12,13, 14, 15, 16, 17, 18, 19,

    जुलाई 2027 में विवाह के लिए 3 शुभ दिन हैं।
    जुलाई- 7, 8, 11

    देवउठनी एकादशी से शुरू होते हैं विवाह
    कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन 4 महीने के बाद भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने का अधिक महत्व है। साथ ही व्रत किया जाता है। देवउठनी एकादशी से ही मांगलिक काम की शुरुआत होती है।

     

  • शादी में दिखी मिसाल, बेटे के विवाह पर 3500 ग्रामीणों को मिला बीमा सुरक्षा का गिफ्ट

    शादी में दिखी मिसाल, बेटे के विवाह पर 3500 ग्रामीणों को मिला बीमा सुरक्षा का गिफ्ट

     नांदेड

    महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कंधार तालुका स्थित बहादरपुरा गांव में एक शादी सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल बन गई. आमतौर पर शादी समारोहों में लाखों रुपये सजावट, आतिशबाजी और भव्य आयोजनों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन बहादरपुरा के पेठकर परिवार ने अपने बेटे सिद्धेश्वर पेठकर के विवाह को समाज सेवा से जोड़ते हुए एक अनोखी पहल की। 

    पेठकर परिवार ने पूरे गांव का कराया बीमा
    सिद्धेश्वर पेठकर और मंजुषा के विवाह समारोह के अवसर पर परिवार ने पूरे गांव के करीब 3500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराने का निर्णय लिया. इस पहल का उद्देश्य गांव के लोगों को भविष्य में किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. परिवार का मानना है कि शादी केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम होना चाहिए। 

    गांव में जैसे ही इस पहल की जानकारी सामने आई, लोगों में खुशी और गर्व का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी शादी में ऐसा सामाजिक संदेश देखा है. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहल आने वाले समय में अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। 

    पेठकर परिवार ने बताया कि आज के समय में अचानक होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल देती हैं. ऐसे में यदि पहले से बीमा जैसी सुविधा उपलब्ध हो तो कठिन समय में लोगों को सहारा मिल सकता है. इसी सोच के साथ विवाह समारोह को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया गया। 

    चर्चा में बनी ये पहल
    परिवार के इस कदम की इलाके में व्यापक चर्चा हो रही है. सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि अगर समाज के सक्षम लोग अपने निजी आयोजनों को सामाजिक हित से जोड़ें, तो कई जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। 

    बहादरपुरा गांव में अब यह शादी केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गई है. “वधू का आगमन हुआ और गांव सुरक्षित हो गया”. यह संदेश अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. पेठकर परिवार की इस अनोखी पहल ने यह साबित कर दिया कि खुशियों के अवसर पर समाज के बारे में सोचने से बदलाव की नई शुरुआत की जा सकती है। 

  • इन 3 राशियों की बजेगी शहनाई! ब्रह्मांड दे रहा है शादी के संकेत

    इन 3 राशियों की बजेगी शहनाई! ब्रह्मांड दे रहा है शादी के संकेत

    जब भी कोई जन्म लेता है तो कहा जाता है कि वह ईश्वर के यहां से जन्म, विवाह और मृत्यु लिखवाकर लाता है, जिसे कोई टाल नहीं सकता है. हालांकि लोगों को यह नहीं पता होता है कि उनके जीवन में कब किस तरह की घटनाएं घटित होने वाली हैं, लेकिन वैदिक ज्योतिष ग्रह-नक्षत्रों की चालों से जरूर इशारा करता है कि किस समय क्या योग बन रहे हैं. इस बीच ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की कुछ ऐसी चालें और बदलाव हो रहे हैं जो कुछ राशियों के लिए एक सकारात्मक वर्ष का संकेत दे रहे हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इनमें से कुछ लोग 2026 में शादी के बंधन में बंध सकते हैं या उनकी सगाई हो सकती है.

    ऐसा माना जा रहा है कि बृहस्पति के शुभ भावों में गोचर और शुक्र के कृपापूर्ण प्रभाव से कुछ राशियों के लोगों को उनका लाइफ पार्टनर मिल सकता है और वे शादी के बंधन में बंध सकते हैं. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि ग्रहों के ये बदलाव ‘साझेदारी के 7वें भाव’ के अनुकूल हो जाएंगे, जिससे बेहतर रिश्ते, विवाह के प्रस्ताव, सगाई और शादियों के योग बनेंगे. आइए जानते हैं कि इस साल कि राशि के लोगों के शादी में बंधने की संभावना ज्यादा है.

    वृषभ राशि
    वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 2026 में भविष्यवाणी की गई है कि यह साल इस राशि में जन्मे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है. ऐसा माना जाता है कि वृषभ राशि के जातकों को जून तक शुक्र का प्रबल सहयोग और बृहस्पति की सातवें भाव पर दृष्टि का लाभ मिलेगा, जिससे परिवार की सहमति से विवाह के प्रस्ताव आने की संभावना बढ़ रही है. इस वर्ष विवाह या सगाई होने की संभावना 26-27 अप्रैल के आसपास शुभ मुहूर्तों के दौरान अपने चरम पर रहने वाली है. यह वर्ष भावनात्मक स्थिरता लेकर आएगा, जो रिश्तों की दीर्घकालिकता सुनिश्चित करती है.

    कर्क राशि
    ज्योतिष के मुताबिक, माना जाता है कि यह साल कर्क राशि वालों के लिए सकारात्मकता और बदलाव का साल होगा क्योंकि इस राशि में जन्मे लोगों पर ब्रह्मांड से कृपा बरसने वाली है. साल की शुरुआत से बृहस्पति के प्रभाव से कर्क राशि वाले अपने रिश्तों में ज्यादा तालमेल महसूस कर रहे हैं. यह समय भावनात्मक जुड़ाव और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाने के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. इस राशि के लिए शुभ समय 3 फरवरी से शुरू हुआ है और 19 जून के आस-पास तक रहने वाला है. इस समय परिवार के बड़े-बुजुर्ग बेहतर रिश्ते तय करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं. इन लोगों के लिए सगाई के बाद प्रेम-संबंधों में सफलता मिलने की संभावना है.

    कन्या राशि
    इस साल शुक्र के गोचर के कारण कन्या राशि वालों को अपने रिश्तों में आखिरकार स्पष्टता का अनुभव होने वाला है. माना जा रहा है कि 2 जून तक विवाह के लिए एक प्रबल योग बन रहा है. भविष्यवा की जा रही है कि इस राशि के लोगों की मुलाकात 26 जून या 3 दिसंबर जैसी तारीखों के आसपास अपने जीवनसाथी से हो सकती है, जिससे राहु के कारण होने वाली देरी से बचते हुए उनके विवाह का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. हालांकि, आपसी तालमेल से उनके दीर्घकालिक रिश्ते और भी गहरे होंगे.

  • 8 करोड़ कैश उड़ाने का वीडियो वायरल, पंजाबी शादी में दूल्हे-दुल्हन पर उठा सवाल

    8 करोड़ कैश उड़ाने का वीडियो वायरल, पंजाबी शादी में दूल्हे-दुल्हन पर उठा सवाल

    चंडीगढ़ 
    शादियों में पैसा उड़ाना बेहद आम बात है. लेकिन आप सोचिए अगर किसी ने अपनी शादी में 8 करोड़ रुपये से कैश उड़ा दिया हो तो… जी हां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों पंजाबी शादी का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें कपल के ऊपर नोटों की बारिश की जा रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि दुल्हे ने दुल्हन पर करीब 8 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश उड़ा दिए हैं. लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है आइए जानते हैं…

    हकीकत है कुछ और…

    इसी बीच कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जिससे यह आयोजन कई लोगों के अनुसार कैश पार्टी में बदल गया. हालांकि, दूल्हे के भाई सिकंदर सिंह ने साफ किया है कि शादी के दौरान पैसों की बारिश तो हुई, लेकिन ऑनलाइन हो रहे दावों का आसपास नहीं. उन्होंने बताया कि मेरा भाई ऑस्ट्रेलिया में ट्रक का कारोबार करता है. शादी 14 फरवरी को हुई थी. हमने जमकर पैसे लुटाए लेकिन खर्च लगभग 2 लाख रुपये ही हुए थे.

    सोशल मीडिया ने इसे करोड़ों में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जो गलत है. कार्यक्रम का आयोजन करने वाले इवेंट मैनेजर और डीजे ने भी वायरल हो रहे 8 करोड़ रुपये के दावे को खारिज कर दिया. उनके अनुसार, कुल कैश लगभग 4 लाख रुपये थी, जिसमें कुछ डॉलर के नोट भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि करोड़ रुपये का आंकड़ा कैसे सामने आया और इतना वायरल हो गया. 

    वीडियो में क्या दिख रहा?

    वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा रहा है कि पंजाबी शादी में दुल्हे ने दुल्हन पर नोटों की बारिश कर रहे हैं. ऐसे में दावा यह किया जा रहा है कि इस शादी में कम से कम 8 करोड़ रुपये से अधिक कैश उड़ाए गए हैं, जो बिल्कुल गलत है. दुल्हे के भाई ने साफ कर दिया है कि यह 8 करोड़ रुपये नहीं बल्कि 2 लाख रुपये हैं. इस वीडियो को देख सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हो गए हैं. कपल के ऊपर नोटों की ऐसी बारिश की गई जिसे देखकर आपकी आंखें फटी रह जाएगी.

  • शादी में मामा का तोहफा: 81 लाख नकद, 25 तोला सोना और 1 करोड़ 61 लाख का मायरा

    शादी में मामा का तोहफा: 81 लाख नकद, 25 तोला सोना और 1 करोड़ 61 लाख का मायरा

    नागौर
    राजस्थान के नागौर जिले के जायल में एक बार फिर मायरा की चर्चा छा गई है, लेकिन इस बार जाट समाज के बाद ब्राह्मण भाइयों ने इतिहास रच दिया. यहां दो ब्राह्मण भाइयों ललित कुमार व्यास और ओमप्रकाश व्यास ने अपनी बहन गायत्री देवी के बेटे नीलेश की शादी में 1 करोड़ 61 लाख रुपये का भव्य मायरा भरा. यह ब्राह्मण समाज में अब तक का सबसे बड़ा मायरा माना जा रहा है, जिसने जायल की परंपरा को नई ऊंचाई दी है.

    यह रस्म जायल के माहेश्वरी भवन में पारंपरिक विधि-विधान से पूरी हुई. पिता श्यामसुंदर व्यास की मौजूदगी में भाइयों ने बहन गायत्री को चुनरी ओढ़ाकर मायरा भरा. यह न सिर्फ भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, बल्कि ब्राह्मण समाज की एकता, संस्कार और परंपरा को भी दर्शाता है.

    ब्रॉम्हण भाइयों के मायरे की खास बातें

    – 81 लाख रुपये नकद
    – 25 तोला सोना
    – चांदी के जेवरात
    – अन्य कपड़े, उपहार और सामान

    जायल का मायरा है एक ऐतिहासिक परंपरा 

    राजस्थान के नागौर जिले में जायल-खिंयाला का मायरा सदियों पुरानी संस्कृति का हिस्सा है. यहां मामा (भाई) अपनी बहन के बच्चों की शादी में दिल खोलकर उपहार देते हैं, जिसे महिलाएं विशेष गीतों (जायल खिंयाला रो मायरो) में गाती हैं. पहले मुख्य रूप से जाट समुदाय में बड़े मायरे चर्चित थे, लेकिन अब अन्य समाज भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.

    आपको बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में नागौर में कई बड़े मायरे भरे गए हैं. जिसके तहत कुछ परिवारों ने करोड़ों की जमीन, नकद, सोना-चांदी दिए. जबकि हाल ही में 21 करोड़ से ज्यादा के मायरे भी सुर्खियां बने. लेकिन इस बार ब्राह्मण समाज का यह योगदान खास है. क्योंकि यह समाज में एक नई मिसाल कायम कर रहा है.

    आज भी जीवंत हैं राजस्थान की परंपरा

    जायल क्षेत्र में इस ऐतिहासिक मायरे की हर ओर चर्चा है. भाई-बहन का प्यार, परंपरा का सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा का जीता-जागता उदाहरण भी है. साथ ही यह मायरा बताती है कि राजस्थान की रस्में आज भी जीवंत हैं, जहां रिश्ते पैसे से नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों से मजबूत होते हैं.