बिज़नेस

अब बिना वीजा 30 दिन घूम सकेंगे भारतीय! उज्बेकिस्तान के बड़े फैसले से बढ़ेगा पर्यटन और कारोबार

नई दिल्ली 
भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उज्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन का वीजा-फ्री शासन लागू करने की घोषणा की है। यह ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा और पर्यटन, कारोबार तथा आपसी आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। ताशकंद में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भारत को उज्बेकिस्तान का विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बताया।

दोनों देशों के बीच हर सप्ताह 14 सीधी उड़ानें
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के मुताबिक भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहली बार पिछले साल 1 अरब डॉलर से अधिक पहुंचा। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संयुक्त उपक्रमों यानी ज्वाइंट वेंचर्स (Joint Ventures) की संख्या करीब सात गुना बढ़ी है। दोनों देशों के बीच हर सप्ताह 14 सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं। ऐसे में 30 दिन की वीजा-फ्री सुविधा शुरू होने से भारतीय यात्रियों के लिए उज्बेकिस्तान जाना काफी आसान हो सकता है। इससे खासतौर पर पर्यटन, बिजनेस ट्रैवल और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ने की उम्मीद है।

भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ते भी काफी पुराने और मजबूत हैं। ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर और महात्मा गांधी सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज जैसे संस्थान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उज्बेकिस्तान में योग की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। वहां वर्ष 2018 से एक समर्पित योग फेडरेशन मौजूद है और इस साल जून में पूरे देश में योग महोत्सव का आयोजन भी किया गया।

भारत और उज्बेकिस्तान ने 18 मार्च 1992 को राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। उज्बेकिस्तान की आजादी के बाद भारत उसके संप्रभु अस्तित्व को मान्यता देने वाले शुरुआती देशों में शामिल था। दोनों देशों ने वर्ष 2011 में अपने रिश्तों को स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप (Strategic Partnership) के स्तर तक पहुंचाया।

इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदा यात्रा से पहले भी दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय मुलाकातें हो चुकी हैं। मोदी इससे पहले 2015 में उज्बेकिस्तान की यात्रा कर चुके हैं और 2016 तथा 2022 में SCO समिट के लिए भी वहां गए थे। वहीं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव 2018 में भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे।

उज्बेकिस्तान की यह नई वीजा-फ्री व्यवस्था भारतीयों के लिए मध्य एशिया की यात्रा को और आकर्षक बना सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह बड़ा फायदा होगा, जो उज्बेकिस्तान की ऐतिहासिक जगहों, संस्कृति और वास्तुकला को करीब से देखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद यात्रा के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे, जहां वह किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के कंट्रोल पर 26वें SCO समिट में हिस्सा लेंगे।

यह सम्मेलन SCO के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हो रहा है। भारतीयों के लिए 30 दिन की वीजा-फ्री सुविधा भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में पर्यटन और कारोबार दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button