बिहारराज्य

रांची एयरपोर्ट बना झारखंड की उड़ान का नया केंद्र, रोज 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही

रांची
 बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची अब सिर्फ राजधानी को देश के बड़े शहरों से जोड़ने वाला हवाई अड्डा नहीं रह गया है, बल्कि झारखंड की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।

रांची एयरपोर्ट से हर दिन औसतन पांच हजार से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। बढ़ती यात्री संख्या यह संकेत दे रही है कि राज्य में हवाई यात्रा की मांग लगातार मजबूत हो रही है। एयरपोर्ट प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार जुलाई और अगस्त 2026 में ही 3,68,446 यात्रियों ने रांची एयरपोर्ट से यात्रा की। इस दौरान 2,654 विमानों का परिचालन हुआ।

सितंबर के अंतिम दिनों में भी यात्री संख्या पांच हजार के आसपास बनी रही। 29 सितंबर को 5,483 और 30 सितंबर को 5,040 यात्रियों ने हवाई सफर किया। 30 सितंबर को एयरपोर्ट पर 44 विमानों का शेड्यूल था, लेकिन 38 विमानों का ही परिचालन हुआ।

इस दिन 2,762 यात्री रांची पहुंचे और 2,278 यात्री रवाना हुए, यानी कुल 5,040 यात्रियों की आवाजाही हुई। एक दिन पहले 29 सितंबर को 46 निर्धारित विमानों में 42 का परिचालन हुआ और यात्री आवागमन 5,483 रहा।

बढ़ता यात्री दबाव, बढ़ रही सुविधाओं की जरूरत
रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ टर्मिनल सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर चेक-इन काउंटर, सुरक्षा जांच क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, खान-पान, पार्किंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार बेहतर किया जा रहा है।

त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कम समय में अधिक यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। खासकर पीक आवर में सुरक्षा जांच, बोर्डिंग और बैगेज कलेक्शन में यात्रियों को कम से कम इंतजार करना पड़े, इस पर फोकस जरूरी है।

दो महीने में हवाई सफर का आंकड़ा
जुलाई 2026
यात्रियों का आवागमन : 1,85,486
विमान का परिचालन : 1,299

अगस्त 2026
यात्रियों का आवागमन : 1,82,960
विमानों का परिचालन : 1,355

कुल (जुलाई-अगस्त)
यात्रियों का आवागमन : 3,68,446
विमानों का परिचालन : 2,654

सितंबर के अंतिम दो दिन
29 सितंबर : 5,483 यात्री, 42 विमान
30 सितंबर : 5,040 यात्री, 38 विमान

मांग बढ़ी, तो नई उड़ानों की संभावना भी बढ़ी
रांची से वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और पटना जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। इन शहरों से व्यापार, नौकरी, शिक्षा और चिकित्सा कारणों से बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं।

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले समय में रांची से और शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग तेज हो सकती है। विशेष रूप से चेन्नई, जयपुर, वाराणसी, भुवनेश्वर और पूर्वोत्तर के शहरों से बेहतर हवाई संपर्क की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। रांची एयरपोर्ट का बढ़ता यात्री आधार नई सेवाओं के लिए सकारात्मक संकेत देता है।

पूजा से पहले किराये ने बढ़ाई चिंता
दुर्गापूजा के दिनों में टिकट की कीमतों में तारीख के अनुसार बड़ा अंतर दिख रहा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के उपलब्ध किराया कैलेंडर में रांची-बेंगलुरु का एकतरफा किराया अक्टूबर की शुरुआती तारीखों में करीब 7,891 रुपये से शुरू दिख रहा है।

15 अक्टूबर को यह 9,910 रुपये, 16 अक्टूबर को 10,918 रुपये और 24 अक्टूबर को 13,803 रुपये तक दिख रहा है। रांची-मुंबई के लिए भी अक्टूबर की शुरुआती तारीखों में करीब 7,829 रुपये का शुरुआती किराया दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ तारीखों में यह 10 हजार से ऊपर है।

बढ़ती मांग के साथ बढ़े क्षमता
यात्रियों की संख्या बता रही है कि रांची में हवाई सफर की मांग अब स्थायी रूप से बढ़ चुकी है। आने वाले वर्षों में चुनौती केवल यात्रियों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर अनुभव देने की होगी। नई उड़ानें, बेहतर सुविधाएं और समय पर परिचालन ही रांची एयरपोर्ट को झारखंड के विकास का मजबूत हवाई केंद्र बना सकते हैं।

यात्रियों की संख्या में बढोत्तरी भविष्य के लिए बेहतर संकेत है। कई नई उड़ान शुरु होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट पर यात्रियों को बेहतर सुविधा और माहौल मिले, इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन प्रयास कर रहा है। यात्री सुविधाओं में बढोत्तरी हुई है।
    -विनोद कुमार, निदेशक, रांची एयरपोर्ट

 

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