Category: छत्तीसगढ़

  • जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’

    जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान से सुशासन का लाभ पहुंचेगा हर परिवार तक

    'नियद नेल्लानार' मॉडल का राज्यव्यापी विस्तार: 23 जिलों में 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

    तकनीक आधारित निगरानी, विभागीय अभिसरण और जन-केंद्रित सेवा प्रदाय से मजबूत होगा विकसित छत्तीसगढ़ का आधार

    जन-जन तक सुशासन, घर-घर तक विकास : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान होगा प्रारंभ

    जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़'

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' इसी सोच का विस्तार है।

    'नियद नेल्लानार' की सफलता से प्रेरित नई पहल

    वर्ष 2024 से बस्तर संभाग  में संचालित 'नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की।

    योजना की सफलता को देखते हुए इसे 'नियद नेल्लानार 2.0' के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

    यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान अंतर्गत  रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।

    सुशासन से संतृप्ति की ओर

    'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।

     'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।

    31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

    अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।

    इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं।
    इन योजनाओं का उद्देश्य  परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है।

    CHiPS विकसित करेगा अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड

    अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी।

    छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत 'सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड' विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी।

    तीन चरणों में होगा अभियान का संचालन

    अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी।

    दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

    तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    जिला प्रशासन निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

    अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

    जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

    संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी।

    'सुघ्घर छत्तीसगढ़' एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे।
    इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा।

    विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में नया अध्याय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 'सुघ्घर छत्तीसगढ़'  नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

    उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' और 'विकसित छत्तीसगढ़' का संकल्प साकार होगा। यह अभियान प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित करते हुए विकास की यात्रा को और अधिक समावेशी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाएगा।

  • राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया

    राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया

    राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया

    रायपुर, 
    राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

      लोक भवन में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना एवं लोक भवन  के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी।

  • राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

    राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

    राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

    रायपुर,
    राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी बिरला का स्वागत किया।

  • रेत कारोबार को लेकर खूनी संघर्ष, फॉर्च्यूनर में सवार शख्स की जलकर मौत; 4 संदिग्ध पकड़े गए

    रेत कारोबार को लेकर खूनी संघर्ष, फॉर्च्यूनर में सवार शख्स की जलकर मौत; 4 संदिग्ध पकड़े गए

    कोरिया.

    रेत का विवाद जिले में मरने-मारने में तब्दील हो चुका है. बीती रात जिले के सोनहत तहसील अंतर्गत ग्राम कटगोड़ी में हुई दिल दहला देने वाली घटना में फॉर्च्यूनर गाड़ी को आरोपियों ने पहले टिपर से मारकर क्षतिग्रस्त किया, फिर आग लगा दी.

    घटना में गाड़ी में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं तीन अन्य सवार घायल हो गए. आरोपी हिरासत में लिए गए हैं. जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात 11 बजे की है. भरत सिंह अपने साथियों के साथ जैसे ही नवगई गांव पहुंचे आरोपियों ने पहले टिपर से फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी, इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. क्षतिग्रस्त वाहन के दरवाजे जाम होने की वजह से शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे सवारों से आरोपियों ने मारपीट भी की.

    घटना में जहां फॉर्च्यूनर में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में जारी है.
    घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे. पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी शामिल हैं. बाकी तीन फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है.

    मौके पर पहुंचे बैंकुठपुर विधायक
    बताया जा रहा है कि मामले में मरने वाले भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह आरोपी मनोज त्रिपाठी के बीच रेत उत्खनन को लेकर विवाद था. लल्ला सिंह आरोपी मनोज त्रिपाठी 3 अन्य लोगों के साथ मंगलवार की दोपहर आपसी झड़प भी हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी.

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया जवाब
    कोरिया जिले में घटित घटना को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि घटना की पूरी जांच होगी. घटना में जो तथ्य आयेंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी. साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश का अपराधीकरण किया. कांग्रेस घटना का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रही है.

  • छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में विकास का महापर्व, CM साय आज देंगे 700 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में विकास का महापर्व, CM साय आज देंगे 700 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गरियाबंद के क्षेत्रवासियों को 700 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देने वाले हैं. मुख्यमंत्री बुधवार को आज सूरजपुर और गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक वह सुबह 11 बजे रायपुर से सूरजपुर के लिए रवाना होंगे.

    जहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष, पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे. कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब एक बजे गरियाबंद के लिए प्रस्थान करेंगे. विधान सभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह की मौजूदगी में सीएम साय दोपहर करीब 3 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में 700 करोड़ के विकास कार्य का शिलान्यास लोकार्पण करेंगे. 4 बजे नव निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे. वहीं दर्रिपारा ग्राम में आयोजित आदिवासी समाज के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. वहीं नव निर्मित कचना ध्रुवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण करेंगे.

  • जैविक खेती बनेगी किसानों की समृद्धि का आधार, पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा: केदार कश्यप

    जैविक खेती बनेगी किसानों की समृद्धि का आधार, पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा: केदार कश्यप

    जैविक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल – वन मंत्री केदार कश्यप

    किसानों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों से जोड़ने कृषि कार्यशाला का सफल आयोजन

    दंतेवाड़ा को जैविक कृषि का मॉडल जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

    रायपुर,
     किसानों और कृषि प्रेमियों को रासायनिक खादों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती करने के लिए प्रशिक्षित करने हेतु आयोजित की गई है। दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया।

    जैविक खेती स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि का आधार

                   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां और किसानों की मेहनत जैविक कृषि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। जैविक खेती अपनाकर किसान भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन कर सकते हैं।

    किसानों के लिए संचालित हो रही हैं अनेक योजनाएं

                   वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने किसानों से खेतों की मेड़ों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भूमि संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।

    जैविक खेती बनेगी दंतेवाड़ा की नई पहचान

                  क्षेत्रीय विधायक चौतराम अटामी ने कहा कि जिले के किसान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर खेती को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
    उन्होंने किसानों से कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

    वैज्ञानिकों ने दी उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी

                 कार्यशाला के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक, वर्मी कम्पोस्ट, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा जैविक उत्पादों के विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी किसानों को दी। किसानों की समस्याओं का समाधान भी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

    विभिन्न विभागों ने लगाए जानकारी एवं प्रदर्शनी स्टॉल

                 कार्यक्रम में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा भूमगादी संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों को कृषि आदान सामग्री एवं आम के पौधों का वितरण भी किया गया।

    महिला स्व-सहायता समूहों ने प्रदर्शित की नवाचार क्षमता

                  कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा रागी से तैयार केक का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि ने केक काटकर महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।  कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न गांवों से आए किसान, ग्रामीण युवा और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

  • भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर रही है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय

    भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर रही है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय

    शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर रही है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय

    स्कूली शिक्षा में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का संत समाज ने किया स्वागत

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विभिन्न संत-महात्माओं ने की सौजन्य भेंट, आध्यात्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्णय पर जताया आभार

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के महंत सुरेंद्र दास जी महाराज, शदाणी दरबार से उदय लाल जी  तथा कबीर आश्रम सोनपैरी के देवकर साहब जी ने सौजन्य भेंट की।

    इस अवसर पर संत-महात्माओं ने छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों एवं नैतिक शिक्षा से जुड़े पारंपरिक श्लोकों और मंत्रों को पुनः शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

    संतों ने कहा कि पूर्व में विद्यालयों में विद्यार्थियों को "गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वर" जैसे मंत्रों एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया जाता था, जिससे बच्चों में संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास होता था। समय के साथ ये परंपराएं शैक्षणिक वातावरण से धीरे-धीरे विलुप्त होती गईं, किंतु अब राज्य सरकार द्वारा इन्हें पुनः स्थापित करने की पहल अत्यंत स्वागतयोग्य है।

    संत समाज ने कहा कि विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र तथा अन्य प्रेरणादायी वैदिक एवं सांस्कृतिक प्रार्थनाओं का समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ सकेगी।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों के विकास का आधार भी है। हमारी सरकार बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र एवं अन्य प्रेरणादायी प्रार्थनाओं के समावेश से विद्यार्थियों में अनुशासन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास होगा। यह पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए एक संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस पहल के लिए साधुवाद देते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया तथा कहा कि यह निर्णय प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • कृषि विभाग की सख्ती, खाद की 1500 बोरियां जब्त, दो दुकानों पर गिरी गाज

    कृषि विभाग की सख्ती, खाद की 1500 बोरियां जब्त, दो दुकानों पर गिरी गाज

    धमतरी.

    धमतरी जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद की कालाबाजारी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में जांच के लिए पहुंची. निरीक्षण के दौरान मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री और कम्प्यूटराइज्ड बिल नहीं देने की शिकायत सही पाई गई.

    अनियमितता की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया. साथ ही दुकान में रखी 859 बोरी रासायनिक उर्वरक भी जब्त कर ली गई. मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है.

    अन्य प्रतिष्ठानों पर भी हुई कार्रवाई
    नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी और जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई. दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. कुरूद विकासखंड के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने के साथ ही मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी. इस गंभीर अनियमितता पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं.

    कृषि विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से कालाबाजारी करने वाले प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है. वहीं प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें.

  • दशकों का इंतजार खत्म! बस्तर के तीन गांवों में पहली बार गूंजेगी बच्चों की पाठशाला

    दशकों का इंतजार खत्म! बस्तर के तीन गांवों में पहली बार गूंजेगी बच्चों की पाठशाला

    दंतेवाड़ा.

    मलगिर क्षेत्र के बड़ेपल्ली, लावा और बैंगपाल गांवों में आजादी के बाद पहली बार स्कूल शुरू होने जा रहे हैं. इन गांवों के 65 बच्चे पहली बार औपचारिक शिक्षा से जुड़ेंगे. इलाका अब तक सड़क और शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रहा है.

    शिक्षा विभाग की टीम ने गर्मी की छुट्टियों में दुर्गम रास्तों पर पैदल पहुंचकर सर्वे किया. घर-घर जाकर बच्चों की पहचान और दस्तावेज तैयार किए गए. अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया. फिलहाल ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए भवनों में कक्षाएं संचालित होंगी. भविष्य में स्थायी स्कूल भवन बनाने की योजना तैयार की जा रही है.

    यह पहल दूरस्थ इलाकों में शिक्षा पहुंचाने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है. साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का अभियान भी जारी है. पलायन और अन्य कारणों से शिक्षा से दूर हुए बच्चों की सूची तैयार की जा रही है. बस्तर के इन गांवों में अब पहली बार बच्चों के हाथों में कलम और किताब दिखाई देगी.

  • दुर्ग को मिलेगा आधुनिक बहुद्देशीय स्टेडियम, निर्माण कार्य शुरू; जमीन का सीमांकन पूरा

    दुर्ग को मिलेगा आधुनिक बहुद्देशीय स्टेडियम, निर्माण कार्य शुरू; जमीन का सीमांकन पूरा

    दुर्ग.

    दुर्ग ब्लॉक के खेलगांव खम्हरिया में 15 करोड़ की लागत से संभागीय स्टेडियम निर्माण होगा। जिसकी स्वीकृति सरकार की ओर से की गई है। प्रथम किस्त 4 करोड़ लोकनिर्माण विभाग को मिल चुका है। स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए राजस्व एवं लोक निर्माण अधिकारियों की उपस्थिति में स्टेडियम के सीमा रेखा का सीमांकन कार्य की आरआई व पटवारी के माध्यम से किया गया।

    ज्ञातव्य हो कि ग्राम खम्हरिया में 16 एकड़ शासकीय भूमि खेल अधोसंरचना निर्माण हेतु जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग के नाम से आवंटित किया जा चुका है। स्टेडियम निर्माण के अंतर्गत 400 मीटर का एथलेटिक्स सिंथेटिक टैंक विथ फुटबाल एवं सिटिंग गैलरी भी शामिल हैं। इसके साथ ही साथ 2 करोड़ की लागत से बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम एवं 80 लाख का प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा।
    चूंकि खेलगांव खम्हरिया दुर्ग भिलाई एवं रिसाली निगम से मात्र 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है जिससे दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर भिलाई, रिसाली निगम सहित आस पास गांव के खिलाड़ी एथलेटिक्स फुटबाल एवं बैडमिंटन के खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। संभाग का यह पहला स्टेडियम होगा।

    राजस्व विभाग से आरआई उतई सर्किल घनश्याम चंद्राकर, पटवारी विवेक देवांगन, लोकनिर्माण विभाग से सिविल इंजीनियर वाय के सोनवानी, सुष्मिता चंद्राकर सरपंच ग्राम पंचायत खम्हरिया श्रीमती दुलारी देशलहरे, हरीश कुर्रे (पंच) आशीष चंद्राकर एवं ग्रामवासियों में अनिल चतुर्वेदी, बालकदास, बी. आर. साहू सहित ग्रामवासियों की उपस्थिति में सीमांकन कार्य की प्रक्रिया शुरू हुई।

    स्टेडियम की जमीन का चिन्हांकन कर रहे सरकारी अधिकारियों को जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले ग्रामीणों व महिलाओं ने पत्थर से मारने की भी धमकी भी दे रहे थे। जिसके कारण अगला जमीन चिन्हांकन का कार्य पुलिस फोर्स की उपस्थित में होगा, क्योंकि इस स्टेडियम निर्माण को लेकर कई बार वाद विवाद व मारपीट जैसी बड़ी घटनाएं घट चुकी है।