Category: छत्तीसगढ़

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास को मिलेगी नई गति

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास को मिलेगी नई गति

    केंद्र-राज्य समन्वय से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी।

    इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।

  • बाल श्रम निषेध दिवस पर बड़ा एक्शन: फैक्ट्री से 9 नाबालिग मुक्त, 20 बच्चों को मिला संरक्षण

    बाल श्रम निषेध दिवस पर बड़ा एक्शन: फैक्ट्री से 9 नाबालिग मुक्त, 20 बच्चों को मिला संरक्षण

    बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल आयोग का बड़ा एक्शन

    डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में बाल श्रम पर बड़ी कार्रवाई

    जोखिमपूर्ण फैक्ट्री से 9 नाबालिग मुक्त, कुल 20 बच्चों को संरक्षण

    दूसरे प्रदेशों के नाबालिगों का रेस्क्यू, बाल तस्करी के एंगल से होगी जांच

    रायपुर, 
     विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नेतृत्व में बच्चों के संरक्षण हेतु प्रदेशभर में विशेष कार्रवाई की गई। इस दौरान रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र से 9 नाबालिग बच्चों, बिलासपुर में आरपीएफ के माध्यम से 7 बच्चों तथा रायपुर जीआरपी के माध्यम से 4 बच्चों का रेस्क्यू कर कुल 20 बच्चों को संरक्षण में लिया गया।

    इसी क्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में राजधानी रायपुर के उरला स्थित मारुति नंदन स्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज में विशेष औचक छापामार कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि लोहे की फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से गंभीर एवं जोखिमपूर्ण प्रकृति का कार्य कराया जा रहा था। मौके से 9 बच्चों को तत्काल संरक्षण में लेकर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया गया तथा उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

    प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि रेस्क्यू किए गए बच्चे ओडिशा, उत्तर प्रदेश के बरेली तथा पश्चिम बंगाल के आसनसोल के निवासी हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें एक ठेकेदार के माध्यम से रायपुर लाया गया था, जो बिहार का रहने वाला है। मामले में संबंधित ठेकेदार, बच्चों को यहां लाने वाले अन्य व्यक्तियों तथा संभावित बाल तस्करी के पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

    प्रकरण में प्रथम दृष्टया बच्चों के साथ क्रूरता, शोषण एवं अवैध रूप से जोखिमपूर्ण कार्य कराए जाने के तथ्य सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75, 79 एवं 143 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बाल श्रम एवं संभावित बाल तस्करी से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

    छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि, बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, विशेषकर तब जब उनसे जोखिमपूर्ण उद्योगों में कार्य कराया जाता है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्राप्त है। बाल श्रम एवं बाल तस्करी जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध आयोग पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

    इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी संजय निराला, विपिन ठाकुर, श्रम विभाग की टीम एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति रही। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को आवश्यक संरक्षण, परामर्श, चिकित्सकीय सहायता एवं पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।

  • अवैध गुटखा निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में 12 आरोपी दबोचे गए

    अवैध गुटखा निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में 12 आरोपी दबोचे गए

    दुर्ग.

    जिले के अंडा थाना क्षेत्र के ग्राम कुथरेल और अंडा में दो स्थानों पर पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान अवैध गुटखा बनाकर बेचने वालों को पकड़ा गया। आरोपी वासिंग पाउडर की आड़ में गुटखा बनाने का काम कर रहे थे।

    पुलिस ने लगभग 10 बोरियों में 60 किलो अवैध गुटखा और पैकिंग मशीने जब्त की है। इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में सितार गुटखे का नकली गुटखा तैयार कर मार्केट में खपा रहे हैं। जैसे ही टीम ने ग्राम अंडा और कुथरेल के दो ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की, तब उन्होंने देखा कि आरोपी वाशिंग पाउडर बनाने की आड़ में नकली जर्दायुक्त गुटखा तैयार कर रहे थे।

    10 बोरी गुटखा, पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त
    पुलिस के अनुसार ये आरोपी पूर्व में छत्तीसगढ़ में अवैध गुटखा कारोबार के मुख्य सरगना गुरूमुख जुमनानी के गुटखा फैक्ट्री में काम कर चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 10 बोरियों में 60 किलो गुटखा, तीन पैकिंग मशीनें और नकली गुटखा बनाने की सामग्री जब्त की गई।

    पुलिस ने गोदामों को किया सील, जांच के लिए भेजा सैंपल
    पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने गोदामों को सील कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है। खाद्य विभाग ने जब्त किए गए गुटखे को सैंपलिंग के लिए भेज दिया है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद इसमें कार्रवाई की जाएगी।

  • छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले पर बड़ा एक्शन, ओवररेटिंग मामले में 4 अधिकारी सस्पेंड

    छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले पर बड़ा एक्शन, ओवररेटिंग मामले में 4 अधिकारी सस्पेंड

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग की शिकायतों पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न जिलों की मदिरा दुकानों में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने के मामले सामने आने के बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने 4 आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है।

    वहीं 8 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। आबकारी विभाग के अनुसार, रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी जिलों की मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग के मामले पकड़े गए। विभागीय जांच में संबंधित अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।

    फाफाडीह शराब दुकान में 20 रुपये अधिक वसूले गए
    विदेशी मदिरा दुकान फाफाडीह (रायपुर) में औचक निरीक्षण के दौरान विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की के दो पाव निर्धारित 480 रुपये के बजाय 500 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इस मामले में विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामला आबकारी उपनिरीक्षक कौशल किशोर सोनी के प्रभार क्षेत्र का होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    गंडई में भी मिली ओवररेटिंग की शिकायत
    खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान गंडई में विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर द्वारा तीन पाव देशी शराब निर्धारित 240 रुपये के बजाय 250 रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इसके बाद विक्रेता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इस मामले में वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को निलंबित किया गया है। वहीं सहायक जिला आबकारी अधिकारी चन्द्रप्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    हिरमी और कुरूद में भी कार्रवाई
    बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान हिरमी में विक्रेता द्वारा निर्धारित मूल्य से 30 रुपये अधिक वसूले जाने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार धमतरी जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान कुरूद में दो अलग-अलग मामलों में देशी शराब की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में आबकारी उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम सिन्हा को निलंबित किया गया है।

    इन आठ अधिकारियों को नोटिस
    आबकारी विभाग ने जिन 8 जिला आबकारी और सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, उनमें निरुपमा लोन्हारे, मुकेश अग्रवाल, जलेश सिंह, अजय सिंह धुर्वे, राजेश कुमार शर्मा, जेबा खान, चंद्रप्रताप सिंह और अल्ताफ खान शामिल हैं। आबकारी आयुक्त ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के प्रभार क्षेत्रों में इस प्रकार की गंभीर अनियमितताओं का पाया जाना उनके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण को दर्शाता है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

  • सुशासन तिहार में मिली चेतावनी पड़ी भारी, एमसीबी DEO मिरे की हुई छुट्टी

    सुशासन तिहार में मिली चेतावनी पड़ी भारी, एमसीबी DEO मिरे की हुई छुट्टी

    मनेंद्रगढ़.

    छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाते हुए राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज्य शासन द्वारा ‘महानदी भवन’ से जारी इस नवीन आदेश के तहत कई जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और प्राचार्यों के प्रभार में भारी फेरबदल किया गया है।

    इस पूरी सूची में सबसे बड़ा और संवेदनशील एक्शन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में देखने को मिला है, जहाँ सुशासन की कसौटी पर खरे न उतरने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया गया है। रविशंकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में 16 जून से शुरू होगा एडमिशन… खाद-बीज संकट को लेकर कांग्रेस करेगी प्रदर्शन… राजधानी के कई इलाकों में आज शाम जलापूर्ति रहेगी बाधित

    सुशासन तिहार की फटकार और खराब रिज़ल्ट
    मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे का तबादला कर दिया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में घोषित हुए कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों में एमसीबी (MCB) जिला पूरे प्रदेश में सबसे आखिरी पायदान पर रहा था। शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर शासन स्तर पर भारी असंतोष था। ​इसके अलावा, ‘सुशासन तिहार’ के तहत जब मुख्यमंत्री स्वयं एमसीबी जिले के चिरमिरी में मैराथन समीक्षा बैठक ले रहे थे, तब विभागीय लापरवाही और लचर कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने तत्कालीन डीईओ आरपी मिरे को जमकर फटकार भी लगाई थी। मुख्यमंत्री की इसी सख्त नाराजगी और खराब परफॉर्मेंस का सीधा असर इस तबादला आदेश में देखने को मिला है, जहाँ मिरे को हटाकर लोक शिक्षण संचालनालय के विकल्प पर रखा गया है।

    रविकांत यादव बने प्रभारी डीईओ
    जिले में पटरी से उतरी स्कूली शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और सुशासन को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए शासन ने अब रविकांत यादव (विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी) पर भरोसा जताया है। रविकांत यादव को तत्काल प्रभाव से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके सामने अब जिले के शैक्षणिक स्तर को सुधारने और आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले को शीर्ष पर लाने की एक बेहद चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

  • रायपुर में संसदीय स्थायी समिति की अहम बैठक, अध्यक्ष डोला सेन ने की अध्यक्षता

    रायपुर में संसदीय स्थायी समिति की अहम बैठक, अध्यक्ष डोला सेन ने की अध्यक्षता

     रायपुर
    राज्य सभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष  डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है।

    बैठक में "भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन" विषय पर विस्तृत चर्चा की  जा रही है।

     समिति के सदस्यों  द्वारा  व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है ।
     अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक रिपोर्ट तैयार करना है।

  • खाद की नहीं होगी कमी! खरीफ सीजन को लेकर जिला प्रशासन ने किए विशेष प्रबंध

    खाद की नहीं होगी कमी! खरीफ सीजन को लेकर जिला प्रशासन ने किए विशेष प्रबंध

    बिलासपुर.

    खरीफ सीजन 2026 में किसानों को खाद की कमी नहीं हो इसके लिए जिला प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है. प्रशासन ने बताया कि किसानों को खाद की कमी नहीं होगी, 49,772 टन से अधिक उर्वरक का भंडारण उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 31 प्रतिशत अधिक है.

    खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन उर्वरक उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक करीब 64.98 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है. प्रशासन के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में उर्वरक उपलब्धता में 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. इस वर्ष अब तक 26,131.71 टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56.6 प्रतिशत अधिक है. भंडारित उर्वरक का 58.33 प्रतिशत हिस्सा किसानों तक पहुंच चुका है.

    सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से लगातार खाद वितरण किया जा रहा है. हालांकि कई किसान अभी भी पर्याप्त खाद नहीं मिलने की आशंका जताते हुए खेती और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता व्यक्त कर रहे हैं.

  • बिलासपुर में NEET UG री-एग्जाम को लेकर हाई अलर्ट, कलेक्टर-SSP ने व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

    बिलासपुर में NEET UG री-एग्जाम को लेकर हाई अलर्ट, कलेक्टर-SSP ने व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

    बिलासपुर.

    नीट यूजी-2026 की 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा की तैयारियों को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी ने समीक्षा बैठक की. बैठक में परीक्षा केंद्राध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया. जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी.

    प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. मानसून को देखते हुए अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए सभी केंद्रों पर वाटरप्रूफ शेड बनाए जाएंगे. प्रवेश द्वारों और परीक्षा केंद्र परिसर के बाहर भी बारिश से बचाव की व्यवस्था रहेगी.

    इसके अलावा जल निकासी, वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी रहेगी तथा प्रश्नपत्र और OMR शीट की सुरक्षा के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे. किसी भी संवेदनशील गतिविधि पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा.

  • मुख्यमंत्री साय का संदेश: सकारात्मक सोच और जवाबदेही से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

    मुख्यमंत्री साय का संदेश: सकारात्मक सोच और जवाबदेही से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

    सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा

    लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पीएम आवास निर्माण में तेजी और पीएम सूर्यघर योजना के विस्तार पर दिया विशेष जोर

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

    राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर

    मुख्यमंत्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

    प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।

    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

    किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें

    मुख्यमंत्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।

    महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस

    बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

    स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

    उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा

    जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।

    शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल

    मुख्यमंत्री ने पीएम स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।

    पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।

    मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

    बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।