Category: छत्तीसगढ़

  • रायपुर के उत्तम साहू का कमाल, OSOA मंच पर चमकी छत्तीसगढ़ी टेराकोटा कला की विरासत

    रायपुर के उत्तम साहू का कमाल, OSOA मंच पर चमकी छत्तीसगढ़ी टेराकोटा कला की विरासत

    रायपुर.

    रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि युवा कलाकार उत्तम साहू का चयन राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहल “वन स्टेट वन आर्टिस्ट (OSOA)” के लिए किया गया, जहां उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध टेराकोटा कला का प्रतिनिधित्व किया.

    1 से 9 मई 2026 तक नशाला, हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस विशेष पहल में देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 38 युवा लोक और पारंपरिक कलाकारों ने भाग लिया. इस पहल का उद्देश्य भारत की पारंपरिक और लोक कला विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना था. उत्तम साहू ने रायपुर की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली टेराकोटा कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला परंपरा को देशभर के कलाकारों और दर्शकों तक पहुंचाया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों के साथ कोलेबोरेटिव आर्टवर्कस तैयार किए और कला कार्यशालाओं, सांस्कृतिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई.  

    लोक कला ढोकरा का प्रदर्शन 
    इस राष्ट्रीय पहल में छत्तीसगढ़ से अन्य युवा कलाकारों का भी चयन हुआ, जिनमें सुरेंद्र सोनी ने प्रसिद्ध लोक कला ढोकरा का प्रतिनिधित्व किया. युवा आर्टिस्ट प्रकाश गर्ग द्वारा परिकल्पित OSOA का उद्देश्य भारत की लोक कला परंपराओं को युवाओं के माध्यम से नई पहचान देना और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर लाना है.

    पूर्ण रूप से प्रायोजित इस पहल ने युवा कलाकारों को अपनी लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने, अन्य राज्यों की कला शैलियों को समझने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया. उत्तम साहू का यह चयन और प्रतिनिधित्व रायपुर एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला परंपरा के लिए गर्व का विषय है. यह दर्शाता है कि राज्य के युवा कलाकार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं.

  • पुराने बिजली बिल भरना अब होगा आसान, सरकार लाई समाधान योजना 2026

    पुराने बिजली बिल भरना अब होगा आसान, सरकार लाई समाधान योजना 2026

    विशेष लेख 

    मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026

    आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में  छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।

              मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे।

    क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026

    मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है।

    28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत

    राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे।  यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है।

    किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

    इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं।

    योजना से होने वाले प्रमुख फायदे

    सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है।

    आसान किस्तों में भुगतान

            बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है।

    बिजली विच्छेदन का खतरा कम

             बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।

    मानसिक तनाव से राहत

            लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है।

    योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें

           योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है।

    योजना की अवधि

            मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।

    जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण

            मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है।

            मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।

    * धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक

    * सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक

  • सफलता की कहानी: सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी खुशी

    सफलता की कहानी: सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी खुशी

    सफलता की कहानी-सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई से हितग्राही ने जताया आभार

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव शासकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में उस समय प्रशासन का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जब राशन कार्ड की समस्या लेकर पहुंची स्थानीय निवासी सुनीता जायसवाल का कार्य मिनटों में पूरा हो गया।

    संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान

            सुनीता जायसवाल लंबे समय से राशन कार्ड की समस्या से जूझ रही थीं। शिविर में उनके आवेदन पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और पात्रता की जांच कर मौके पर ही नया राशन कार्ड बनाकर सौंपा। हाथों-हाथ राशन कार्ड पाकर सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया।

    एक ही छत के नीचे मिली सरकारी सेवाएं

            सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इस शिविर की प्रमुख विशेषताएं रहीं। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से आवेदनों का मिलान और सत्यापन आसान हुआ। प्राप्त आवेदनों पर बिना किसी विलंब के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई। सुनीता जायसवाल की तरह अन्य दर्जनों लोगों ने भी अपनी पेंशन, राजस्व और अन्य नागरिक सेवाओं का तत्काल लाभ प्राप्त किया।सरकार की यह पहल सचमुच सुशासन का प्रतीक है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा राशन कार्ड इतनी जल्दी बन जाएगा। अब मुझे दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    धरातल पर उतर रहा है सुशासन

            हितग्राही सुनीता जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प को पूरा कर रही है। प्रशासन का यह समस्याओं को स्थल पर ही समाधान मॉडल जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।

  • ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है – मुख्यमंत्री साय

    ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है – मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग का आह्वान

    ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है – मुख्यमंत्री साय

    सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से ईवी में बदलने की दिशा में होगी कार्रवाई- मुख्यमंत्री साय

    राष्ट्रहित में ईंधन बचत को जन-आंदोलन बनाने की अपील

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है। 

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। 

    उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

  • स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल भरतपुर में प्रवेश हेतु लॉटरी आयोजित

    स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल भरतपुर में प्रवेश हेतु लॉटरी आयोजित

    स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल भरतपुर में प्रवेश हेतु लॉटरी आयोजित

    जनकपुर 
    भरतपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल भरतपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु सोमवार को लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई। यह आयोजन लोक शिक्षण संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग रायपुर के निर्देशानुसार संपन्न हुआ।

    विद्यालय में कक्षा पहली की 50, कक्षा चौथी की 1 तथा कक्षा आठवीं की 3 रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण विद्यार्थियों का चयन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।

    लॉटरी कार्यक्रम में नगर पंचायत जनकपुर अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष अजय जगवानी, विधायक प्रतिनिधि महेंद्र सेन, विकासखंड शिक्षा अधिकारी भरतपुर, पालक अधिकारी सच्चिदानंद साहू, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास इमरान खान सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं स्टाफ की भी सहभागिता रही

  • कोरबा के विकास में DMF की बड़ी भूमिका: मंत्री लखनलाल देवांगन बोले- जिले की तरक्की का मजबूत आधार बना फंड

    कोरबा के विकास में DMF की बड़ी भूमिका: मंत्री लखनलाल देवांगन बोले- जिले की तरक्की का मजबूत आधार बना फंड

    कोरबा जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है डीएमएफ – मंत्री लखनलाल देवांगन

    डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को मिली स्वीकृति

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की।

    बैठक में मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त होती है। डीएमएफ अब कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री देवांगन ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोरबा जिले में डीएमएफ के तहत होने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए।

    सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान प्राप्त होगी। जिले में जहां भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक क्षेत्रों में राशि की जरूरत है, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। जिले में उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तथा समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी कार्यों की प्रगति देखी जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के साथ उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में खनन प्रभावित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लाभ,खेल,अधोसंरचना, बेसलाइन सर्वे, पंचवर्षीय परिपेक्ष्य परियोजना,सड़क सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ एवं पदेन सचिव दिनेश नाग, निगमायुक्त  आशुतोष  पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, प्रशिक्षु आईएएस तरूण किरण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी डीएमएफ के सदस्य श्रीमती किरण मरकाम, पार्षद नरेन्द्र देवांगन भी बैठक में शामिल हुए।

    खनिज संपदा से जनकल्याण की नई उड़ान वर्ष 2026-27 के लिए विकास का खाका तैयार

    कलेक्टर सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें खनिज क्षेत्रों के सतत विकास और प्रभावित समुदायों के कल्याण के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तीन चरणों में एक व्यापक बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5 विकास खंडों के 782 गाँवों को कवर कर आगामी पाँच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की जाएगी। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्माण पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जो एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के रूप में जिले की सभी परियोजनाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग और फंड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।वर्ष 2026-27 के लिए 70 प्रतिशत राशि सीधे तौर पर उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल के लिए आवंटित की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये के बजट से 16 पीएम स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब और नीट-जेईई हेतु आवासीय कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 67.18 करोड़ रुपये से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेयजल संकट के समाधान हेतु 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंपों की स्थापना की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एंटी-स्मॉग गन और सघन वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अनुरूप, इन सभी प्रयासों का मुख्य लक्ष्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए स्थायी और आत्मनिर्भर आजीविका के नए अवसर सृजित करना है।

  • तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती मामले में जांजगीर कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान

    तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती मामले में जांजगीर कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान

    तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती मामले में जांजगीर कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान

    जांच के लिए भेजे गए तरबूज के सैंपल

    स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कर रही अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच

    रायपुर
    जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मृत्यु तथा 3 अन्य बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित एसडीएम को जिला चिकित्सालय जांजगीर भेजा , कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम जांजगीर ने मेडिकल टीम को गांव में संबंधित परिवार के सभी लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए रवाना किया तथा तहसीलदार को गांव में इस बाबत पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।

    सिविल सर्जन श्री एस. कुजूर ने बताया बच्चों के तरबूज और चिकन खाने बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है जिनकी हालत अब सामान्य है ।कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित तरबूज के सैंपल जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निगरानी भी कर रही है।

  • वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम,  जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद

    वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद

    रायपुर

    राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक  राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।
          
    सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।
          
    उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है। 
            
     जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

  • सुकमा जिले के 1 लाख 54 हजार 157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी

    सुकमा जिले के 1 लाख 54 हजार 157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच और उपचार कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों के जरूरतमंद नागरिकों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में कोंटा विकासखंड के दूरस्थ नियद नेल्लानार क्षेत्र के अरलमपल्ली, पोलमपल्ली, दोरनापाल, बगड़ेगुड़ा, रंगाईगुड़ा, कोलईगुड़ा एवं पेंटापाड़ जैसे गांवों से कुल 39 मरीजों को जिला चिकित्सालय सुकमा लाकर जांच एवं उपचार कराया गया।

    जिला चिकित्सालय में इन मरीजों का समुचित परीक्षण कर उपचार सुनिश्चित किया गया, जिसमें 16 लोगों को प्रेसबायोपिक चश्मा प्रदान किया गया तथा 8 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। वहीं नियद नेल्लानार के गोगुंडा पहाड़ी क्षेत्र से 5 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित लाकर जांच कराई गई और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श के साथ वापस भेजा गया। इसके अतिरिक्त कोसागुड़ा से 6 मरीजों को अल्ट्रासाउंड एवं रक्त चढ़ाने हेतु भेजा गया था, जबकि 4 मरीज हाथ-पैर सूजन की समस्या से पीड़ित थे, जिनका भी उपचार कर राहत प्रदान की गई।

    जिला चिकित्सालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में कुल स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य 2,93,386 निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1,54,157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान कुल 4990 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, खून की कमी, उच्च जोखिम गर्भवती महिला, कुपोषित बच्चे, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से चिन्हांकित कर प्राथमिक, सामुदायिक एवं जिला अस्पतालों में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। 

    कलेक्टर  अमित कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद नागरिक इलाज से वंचित न रहे। अभियान के अंतर्गत चिन्हांकित मरीजों को समय पर जिला चिकित्सालय लाकर जांच, उपचार, ऑपरेशन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  

    मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता का परिचय देते हुए सभी मरीजों का इलाज पूर्ण कराने के बाद उन्हें सुरक्षित घर वापस भेजने की व्यवस्था भी की गई। सुबह 6 बजे जिला अस्पताल में 4 एम्बुलेंस लगाकर मरीजों को नाश्ता कराया गया और फिर उन्हें उनके गांवों तक पहुंचाया गया। यह व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि शासन-प्रशासन दूरस्थ अंचलों के लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सम्मान और सुरक्षा के साथ इलाज उपलब्ध करा रहा है।

  • तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी

    तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकली एक प्रतिभा ने आज देश की सर्वाेच्च सेवाओं में अपनी जगह बनाकर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। रायगढ जिले के सम्बलपुरी ग्राम के एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के सुपुत्र अजय गुप्ता ने अपने अटूट संकल्प से भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।
             
    रायगढ़ के संबलपुरी गांव में तेंदूपत्ता और महुआ बीनने वाला अजय गुप्ता अब IFS अधिकारी बन गया है। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए अजय ने पूरे देश में 91वीं रैंक हासिल की। अब वही जंगल, जो कभी परिवार की रोजी-रोटी था, उसकी जिम्मेदारी बनने जा रहा है। अजय गुप्ता ने 12वीं कक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया और इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में प्रवेश मिला। एनआईटी में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही। अजय कहते हैं कि पहले सपने बहुत बड़े नहीं थे। लगता था कि हमारी दुनिया बस गांव तक सीमित है, लेकिन एनआईटी में एडमिशन लेने के बाद नजरिया बदल गया। पहली बार लगा कि मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूं। अजय कहते हैं कि जंगल उनके बचपन से ही जिंदगी का हिस्सा रहा है। जंगल ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि जीवन की दिशा भी दी। वह कहते हैं बचपन से मेरा जुड़ाव जंगल से रहा है। जंगल ने मुझे बहुत कुछ दिया है, बस्तर में काम करने के दौरान भी जंगल से रिश्ता और मजबूत हुआ।

    संघर्ष की जमीन से सफलता के आसमान तक
            
    अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अजय बताते हैं। माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने बच्चों की शिक्षा को ही अपना लक्ष्य माना। छुट्टियों के दौरान अजय स्वयं जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में माता-पिता की मदद करते थे। अभावों के बीच भी उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी योग्यता का परिचय दिया था।

    सरकारी योजनाओं ने पंखों को दी मजबूती

    अजय की इस लंबी उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने 'कैशलेस सपोर्ट' और आर्थिक संबल प्रदान किया। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति ने स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई के दौरान इस छात्रवृत्ति ने आर्थिक बोझ को कम किया। राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।

    अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय
                
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
              
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एक ऐसा युवा जिसने स्वयं जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित किया, आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। हमारी सरकार की 'लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति' और 'पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति' जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान की है। अजय की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर हमारे ग्रामीण अंचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं।

    वन मंत्री ने जताया गौरव, हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीक
           
    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। मंत्री जी ने कहा कि अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों वनाश्रित परिवारों की जीत है जो जंगलों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि हमारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे ही सशक्त भविष्य का निर्माण करना है।

    युवाओं के लिए नया आदर्श
            
    अजय गुप्ता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में IFS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत सच्ची हो और शासन का साथ मिले, तो वनांचल का कोई भी युवा देश के शीर्ष पद तक पहुँच सकता है।