Category: छत्तीसगढ़

  • ऑपरेशन तलाश बना मिसाल: बिलासपुर में 579 लापता लोगों की खोज, 69 मासूम सुरक्षित लौटे घर

    ऑपरेशन तलाश बना मिसाल: बिलासपुर में 579 लापता लोगों की खोज, 69 मासूम सुरक्षित लौटे घर

    बिलासपुर.

    बिलासपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान और तलाश के तहत एक महीने के भीतर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन के अभियान के तहत 648 को ढूंढ निकाला गया है.

    बारमद किए गए व्यक्तियों में 69 अपहृत बच्चें (11 लड़के और 58 लड़कियां) और 579 वयस्क (430 महिला और149 पुरूष) शामिल हैं. पुलिस टीमों ने न केवल राज्य भीतर, बल्कि देश के महाराष्ट्र और ओडिशा से भी 3 बच्चों को किडनैप किया है.  1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाए गए अभियान में तकनीकी सहयोग और मुखबिर तंत्र को स्ट्रांग किया गया, जिससे कई अपहृत बच्चों के विभिन्न राज्यों में होने की जानकारी प्राप्त हुई. टीम तैयार करके देश के विभिन्न राज्यों और राज्य के विभिन्न जिलों में टीम रवाना की गई, जिस पर राज्य के बाहर महाराष्ट्र से 2 बालिका और ओडिशा से 1 बालिका की दस्तायाबी की गई.

    गौरतलब है कि इस अभियान में बिलासपुर जिला ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 69 बच्चों की दस्तयाबी कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. इसी प्रकार ऑपरेशन तलाश के तहत 579 महिला और पुरूष की दस्तयाबी कर राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है.

  • रायगढ़ में 50 लाख के सामुदायिक भवन का लोकार्पण, नई सुविधा से क्षेत्रवासियों को मिलेगा लाभ

    रायगढ़ में 50 लाख के सामुदायिक भवन का लोकार्पण, नई सुविधा से क्षेत्रवासियों को मिलेगा लाभ

    रायपुर : 50 लाख की लागत से बने सामुदायिक भवन का लोकार्पण, रायगढ़ को मिली नई सौगात

    सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा भवन : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    नालंदा परिसर और नव गुरुकुल जैसी योजनाओं से शिक्षा व युवा सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा

    रायपुर

    वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने  रायगढ़ नगर निगम के वार्ड क्रमांक 6 में 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित आधुनिक सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनकर स्थानीय समुदाय को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिए गए विश्वास और समर्थन को विकास कार्यों के माध्यम से लौटाना उनका दायित्व है। शहर में अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

    वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। कला महाविद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय, फिजियोथेरेपी कॉलेज, प्रयास विद्यालय, स्विमिंग पूल, विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजोन, सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण तथा गजमार पहाड़ी और बाल समुंद तालाब का सौंदर्यीकरण जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, आरसीसी नाली और बीटी सड़कों का निर्माण भी जारी है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए 22 स्थानों पर नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें रायगढ़ का नालंदा परिसर लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन है। इसके अलावा बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘नव गुरुकुल’ पहल के माध्यम से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए शासन, प्रशासन और नागरिकों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

    इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

  • अरुण साव का बड़ा कदम: रायपुर में नालंदा परिसर और 8 करोड़ के अन्य कार्यों का भूमिपूजन

    अरुण साव का बड़ा कदम: रायपुर में नालंदा परिसर और 8 करोड़ के अन्य कार्यों का भूमिपूजन

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नालंदा परिसर सहित 8 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया भूमिपूजन

    शहर को बनाएं स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण – अरुण साव

    रायपुर
    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने  गरियाबंद नगर पालिका में 44 विकास कार्यों का भूमिपूजन कर नगरवासियों को 8 करोड़ 15 लाख 98 हजार रुपए की सौगात दी। इनमें चार करोड़ 41 लाख रुपए की लागत का नालंदा परिसर, 2 करोड़ 91 लाख रुपए लागत के सीसी सड़कों, नालियों एवं शेड निर्माण के 30 कार्य, 83 लाख रुपए की लागत के 13 सड़कों एवं नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं। इन निर्माण कार्यों से नगर की बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और नागरिकों को बेहतर सड़क व जल निकासी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। विधायक रोहित साहू और राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस दौरान विभिन्न सामाजिक एवं सार्वजनिक संस्थाओं के लिए करीब 2 करोड़ रुपए की अतिरिक्त स्वीकृति भी दी। उन्होंने दो अलग-अलग पत्रकार भवनों के लिए 5-5 लाख रुपए, प्रजापति ब्रह्मकुमारी आश्रम भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, साहू समाज के लिए 25 लाख रुपए तथा नगर पालिका के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने प्रस्ताव लेकर आने पर तुरंत स्वीकृति की भी बात कही।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि गरियाबंद में 4 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला नालंदा परिसर और कुल 8 करोड़ 15 लाख रुपए के विकास कार्य नगर के विकास की दिशा तय करेंगे। गरियाबंद के बच्चों को आधुनिक पढ़ाई के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। वहीं सीसी सड़कों, नालियों और अन्य अधोसंरचना कार्यों से शहर को नई पहचान मिलेगी।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गरियाबंद नगर के लिए 22 करोड़ 79 लाख रुपए के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। यह स्वीकृतियां बताती हैं कि सरकार शहर को किस तरह विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है। कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है, ताकि शहर स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सके। उन्होंने नागरिकों से शहर को स्वच्छ रखने की अपील करते हुए कहा कि नाली और सड़कों में कचरा नहीं फेंकें। बाहर से आने वाले लोग सबसे पहले शहर की व्यवस्था और स्वच्छता देखते हैं, इसलिए गरियाबंद को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। शहर में बुजुर्गों के लिए गार्डन, बच्चों के लिए खेल मैदान और नागरिकों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

    विधायक रोहित साहू ने कार्यक्रम में कहा कि हमारी सरकार ने गरियाबंद को ग्राम पंचायत से नगर पालिका और फिर जिला बनने तक विकास की नई पहचान दी है। प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर चहुंमुखी विकास होता है और आज 8 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन इसका प्रमाण है। उन्होंने नालंदा परिसर की तर्ज पर बनने वाली सेंट्रल लाइब्रेरी के लिए उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। 

    राजिम नगर पालिका के अध्यक्ष रिखीराम यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, नगर पालिका के उपाध्यक्ष आसिफ मेमन और अनिल चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

  • रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार की तैयारियों की की समीक्षा

    रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार की तैयारियों की की समीक्षा

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े दुर्ग, बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रभार के जिलों में सुशासन तिहार के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। 

              समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मनरेगा भुगतान, पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड वितरण, राजस्व प्रकरण, शिक्षा, जाति प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं पेयजल व्यवस्था सहित विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। 

            उप मुख्यमंत्री शर्मा ने निर्देशित किया कि सुशासन तिहार में विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए और कोई भी मामला समय-सीमा से बाहर न रहे। उन्होंने नक्शा-खसरा निःशुल्क उपलब्ध कराने, बंटवारा, सीमांकन और नामांतरण जैसे मामलों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिविरों की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं समाज प्रमुखों तक समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को ध्यान में रखते हुए सभी लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

               बैठक में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के प्रचार-प्रसार के लिए शिविरों में स्टॉल लगाने और डेमो देने की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजना की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खाद वितरण, विद्युत आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने, खराब बोर सुधारने, पाइपलाइन बिछाने और जरूरत पड़ने पर पानी टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

            उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर शिविर स्थलों पर पेयजल, कूलर और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। उन्होंने पुलिस विभाग को स्कूल-कॉलेजों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा साइबर अपराध, नशा और यातायात नियमों पर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

    सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने और ग्राम पंचायतों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर सुशासन तिहार को सफल बनाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • रायपुर में सुशासन तिहार के तहत मिला उज्ज्वला गैस कनेक्शन, लकड़ी के चूल्हे का युग हुआ समाप्त

    रायपुर में सुशासन तिहार के तहत मिला उज्ज्वला गैस कनेक्शन, लकड़ी के चूल्हे का युग हुआ समाप्त

    रायपुर : सुशासन तिहार में मिला उज्ज्वला गैस कनेक्शन, खत्म हुआ लकड़ी के चूल्हे का संघर्ष

    रायपुर,
    सुशासन तिहार ने ग्राम धनरास की गृहिणी माधुरी के जीवन में नई रोशनी भर दी है। वर्षों से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने की मजबूरी झेलती आ रही माधुरी आज बेहद खुश है, क्योंकि शिविर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा प्रदान किया गया है।

    गर्मी, धुआँ और हर दिन लकड़ी जुटाने की चिंता माधुरी के लिए हमेशा से एक बड़ी परेशानी रही। दो छोटे बच्चों और मजदूरी करने वाले पति की देखभाल के बीच लकड़ी से चूल्हा जलाना उनके लिए थका देने वाला काम बन गया था। गैस कनेक्शन के लिए उन्होंने कई बार पैसे जोड़े, लेकिन पूरी राशि एक साथ जमा न कर पाने के कारण वह गैस कनेक्शन नहीं ले पाईं।

    माधुरी ने बताया कि उनके गाँव धनरास मे सुशासन तिहार के तहत शिविर लगने वाली है। शिविर में ग्रामीण अपना आवेदन देकर शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्हें यह भी जानकारी मिली कि शिविर में आवेदन देकर  प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इस जानकारी के बाद माधुरी ने तुरंत आवेदन दिया। आवेदन की जांच के उपरांत खाद्य विभाग द्वारा उनका चयन किया गया और उन्हें शिविर में गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए बुलाया गया।

    शिविर में उद्योग, वाणिज्य और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने स्वयं माधुरी को गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा प्रदान किया। गैस चूल्हा मिलने के बाद माधुरी ने बताया कि लकड़ी का चूल्हा जलाना उनके लिए बेहद कठिन था और अब गैस मिलने से खाना बनाना बहुत आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि दो छोटे बच्चों और मजदूरी करने वाले पति के लिए कभी भी तुरंत चूल्हा जलाकर भोजन बनाना मुश्किल था, लेकिन अब केवल लाइटर ऑन करने भर से खाना-नाश्ता आसानी से तैयार हो जाएगा।
    माधुरी को यह गैस कनेक्शन पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया गया है। साथ ही 100 दिन का रोजगार पूरा करने पर उन्हें जॉब कार्ड भी दिया गया है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और मजबूत हुई है।

    शिविर में कलिता बाई पति भरत लाल, ग्राम धनरास और नंदिनी वैष्णव पति अशोक कुमार, ग्राम धनरास को भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन और चूल्हा प्रदान किया गया। दोनों महिलाओं ने गैस मिलने पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजना से उन्हें असल लाभ प्राप्त हुआ है और सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम ग्रामीण हितग्राहियों के लिए अत्यंत लाभदायक साबित हो रहे हैं।

  • भारतमाला घोटाले पर सख्ती: हर खसरा नंबर की होगी जांच, प्रशासन ने बनाई अफसरों की स्पेशल टीमें

    भारतमाला घोटाले पर सख्ती: हर खसरा नंबर की होगी जांच, प्रशासन ने बनाई अफसरों की स्पेशल टीमें

    रायपुर.

    भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा फर्जीवाड़ा की जांच एक बार फिर अफसरों की टीम करेगी। इसके लिए संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने आला अफसरों को दो नई टीम बनाई है। इस बार यह टीम सभी खसरा नंबरों की बारीकी से जांच करेगी।

    भारतमाला प्रोजेक्ट में जितने खसरा नंबरों पर मुआवजा दिया गया है उन सभी की जांच होगी। चाहे उन खसरा नंबरों की शिकायत भी न मिली हो। सभी तरह की जांच को हर हाल में एक महीने में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संभाग कमिश्नर महादेव कांवरे की ओर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में बनी टीम करेगी। इसी तरह धमतरी जिले के खसरा नंबरों की जांच अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी।

    जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी हाल में ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में आईएएस, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदारों की भी गंभीर भूमिका है।

    अभी तक इस मामले में केवल डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच में दावा किया गया है कि इस मामले में और अभी डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम दोषी हैं। इसके बाद ही तय किया गया कि अब एक-एक खसरा नंबर की जांच की जाएगी कि उसमें मुआवजा सही मिला है या नहीं। इस जांच टीम के पहले अफसरों की तीन टीम भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच कर चुकी है, लेकिन इस टीम ने केवल उन्हीं खसरा नंबरों की जांच की थी जिसकी शिकायत लोगों ने की थी। 

  • रायपुर में IPL का डबल धमाका: 10 और 13 मई को मुकाबले, टिकट बिक्री कल से होगी शुरू

    रायपुर में IPL का डबल धमाका: 10 और 13 मई को मुकाबले, टिकट बिक्री कल से होगी शुरू

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर में 10 और 13 मई को आईपीएल मैच होने जा रहा है। इसकी टिकट की बुकिंग कल यानि 3 मई से शुरू हो रही है। मैच के टिकट केवल आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट shop.royalchallengr s.com/ticket और ऐप पर ही उपलब्ध होंगे। किसी अन्य वेबसाइट/ऐप से नकली टिकट न खरीदें।

    बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी। टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी। मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है।

    2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट
    टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे। 

  • पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल: बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी

    पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल: बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी

    पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल – बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी'

                              

    बलौदाबाजार
    मन की बात' से राष्ट्रीय क्षितिज तक का सफर- प्रायः सभी प्रकृति प्रेमियों का मानना है कि प्रकृति कभी भी अपना ऋण नहीं भूलती। यदि मनुष्य पूरी ईमानदारी से उसके संरक्षण की ओर एक कदम बढ़ाता है, तो प्रकृति उसे अपनी भव्यता से कई गुना वापस लौटाती है। छत्तीसगढ़ की पावन धरा, जो सदियों से अपनी नैसर्गिक संपदा और सघन वन क्षेत्रों के लिए विख्यात रही है, आज वन्यजीव संरक्षण के एक नए स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रही है। 

     छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य (लगभग 245 वर्ग किमी) में काले हिरणों (ब्लैकबक) का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार हुआ है, जहाँ इनकी संख्या अब 200 के करीब पहुँच गई है। 1970 के दशक में विलुप्त हो चुके इन हिरणों को 2018 की पुनरुद्धार योजना और 2026 तक के वैज्ञानिक प्रयासों से वापस लाया गया। हाल ही में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में जब बारनवापारा अभ्यारण्य के काले हिरणों की सफल वापसी का उल्लेख किया, तो यह केवल एक राज्य की उपलब्धि नहीं रही, बल्कि भारत के पर्यावरण मानचित्र पर वन्यजीव संरक्षण का एक नया अध्याय बन गई। 

        विजन भरा नेतृत्व और प्रतिबद्धता- इस गौरवमयी उपलब्धि के सूत्रधार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हैं। उन्होंने इस सफलता को राज्य की समृद्ध जैव विविधता और पर्यावरण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिफल बताया है। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि प्रधानमंत्री की सराहना केवल एक प्रशंसा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वन विभाग और वहां के स्थानीय समुदायों के कठिन परिश्रम पर लगी राष्ट्रीय मुहर है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के बीच उस दुर्लभ संतुलन को साध रहा है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है।

           वैज्ञानिक रणनीति: विलुप्ति से पुनर्वास तक- बारनवापारा अभ्यारण्य में काले हिरणों (Blackbucks) का दिखाई देना एक समय दुर्लभ हो गया था। लेकिन वन मंत्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के रणनीतिक निर्देशन ने इस असंभव लक्ष्य को वास्तविकता में बदल दिया। फरवरी 2026 का महीना छत्तीसगढ़ के वन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जब विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में 30 काले हिरणों को उनके प्राकृतिक आवास में 'सॉफ्ट रिलीज' पद्धति से मुक्त किया गया। यह प्रक्रिया केवल उन्हें जंगल में छोड़ने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि वे नए वातावरण में बिना किसी तनाव (Stress-free) के रच-बस सकें। ब्लैकबक कंजर्वेशन सेंटर में बेहतर पोषण और वैज्ञानिक देखभाल से इनकी संख्या में वृद्धि हुई। 

        प्रशासनिक इच्छाशक्ति और मैदानी संघर्ष- इस महाअभियान के पीछे उन जांबाज अधिकारियों और मैदानी अमले की मेहनत है, जिन्होंने दिन-रात एक कर दिया। मुख्य वन संरक्षक (रायपुर) श्रीमती सतोविशा समाजदार और वनमंडलाधिकारी (बलौदाबाजार) धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में फील्ड स्टाफ, जीव वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों की एक समर्पित टीम ने एक ढाल की तरह काम किया। वर्तमान में इन हिरणों की सुरक्षा के लिए हाई-टेक निगरानी प्रणाली, जीपीएस ट्रैकिंग और नियमित पेट्रोलिंग का उपयोग किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ वन विभाग की तकनीकी दक्षता का प्रमाण है।

    रामपुर ग्रासलैंड:- एक सुरक्षित भविष्य का पालना बारनवापारा अभ्यारण्य का यह मॉडल आज देश के अन्य राज्यों के लिए एक 'केस स्टडी' बन सकता है। यहाँ केवल काले हिरण की प्रजाति का पुनर्वास नहीं हुआ, बल्कि उनके लिए एक संपूर्ण आवास तंत्र विकसित किया गया। रामपुर ग्रासलैंड का वैज्ञानिक प्रबंधन, प्राकृतिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार और घास की स्थानीय प्रजातियों का संवर्धन वे मुख्य कारक हैं, जिन्होंने काले हिरणों को वहां फलने-फूलने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की एक अनूठी मिसाल पेश की है। काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

                      भविष्य की राह और राष्ट्रीय संदेश- बारनवापारा अभ्यारण्य में गूंजती काले हिरणों की चहल-कदमी और उनकी कुलाचें इस बात का जीवंत साक्ष्य हैं कि यदि इंसान प्रकृति के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी समझ ले, तो खोई हुई धरोहर को फिर से लौटाया जा सकता है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक 'लिविंग लैबोरेटरी' (जीवंत प्रयोगशाला) के रूप में कार्य करेगी, जहाँ वे प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना सीख सकेंगी। 

                  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मन की बात' ने हमारे नवाचारों को एक वैश्विक मंच प्रदान किया है। छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जोड़कर एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रही है, जहाँ मनुष्य और वन्यजीव दोनों सुरक्षित हों।आज जब हम बारनवापारा अभ्यारण्य की खुली वादियों में कुलाचें भरते काले हिरणों को देखते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है कि प्रकृति स्वयं मुस्कुराते हुए छत्तीसगढ़ के इस सराहनीय प्रयास को अपना आशीर्वाद दे रही है। यह छत्तीसगढ़ के गौरव का वह उत्कर्ष है, जिसकी चमक अब पूरे देश को प्रेरित कर रही है।

     धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक
    अशोक कुमार चन्द्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

  • राजनांदगांव में खेल सुविधाओं का विस्तार: 5 एकड़ भूमि पर खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी, मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद

    राजनांदगांव में खेल सुविधाओं का विस्तार: 5 एकड़ भूमि पर खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी, मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद

    राजनांदगांव को मिली खेल विकास की बड़ी सौगात: आधुनिक खेल मैदान व क्रिकेट अकादमी के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित, राजनांदगांववासियों के साथ विस अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने जताया मुख्यमंत्री साय का  आभार

    युवाओं के सपनों को मिलेगा नया आसमान: कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय से राजनांदगांव में खेल अधोसंरचना को बढ़ावा

    रायपुर
     विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के पश्चात राजनांदगांव के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी से उनके विधानसभा स्थित कक्ष में सौजन्य मुलाकात की।

    इस दौरान हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक में राजनांदगांव के खेल विकास को लेकर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय पर विस्तार से चर्चा हुई।

    कैबिनेट द्वारा आधुनिक खेल मैदान एवं क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा अंतर्गत दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आवंटित करने के निर्णय पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

    प्रतिनिधिमंडल ने इस निर्णय को क्षेत्र के खेल प्रतिभाओं के लिए एक नई दिशा देने वाला कदम बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। इस पहल से न केवल क्षेत्र में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे।

  • हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की ठोस प्रतिबद्धता

    हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की ठोस प्रतिबद्धता

    (1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष)

    हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता

    छगन लोन्हारे, उप संचालक जंनसंपर्क

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते 02 साल 04 माह में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। 

    मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।

    मुख्यमंत्री साय का मानना है कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

    प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

    श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव के सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उन्हें उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 भोजन केन्द्र संचालित है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 5 रूपये में गरम भोजन, दाल चावल, सब्जी, आचार प्रदाय किया जा रहा है, जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी। 

    उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।

    औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 76 करोड़ 38 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।