Category: छत्तीसगढ़

  • विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने और उपभोक्ता सेवाओं में निरंतरता के लिए ओपन टेंडर की प्रक्रिया

    विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने और उपभोक्ता सेवाओं में निरंतरता के लिए ओपन टेंडर की प्रक्रिया

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी प्रदेश में वर्तमान में संचालित विद्युत मेंटेनेंस, उपभोक्ताओं के विद्युत व्यवधान के निराकरण एवं अन्य संबंधित सेवाओं को और अधिक बेहतर, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई ओपन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, कार्यों का बेहतर प्रबंधन तथा विद्युत संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। 

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ ने पत्र लिखकर अपनी मांगों और समस्याओं पर चर्चा का अनुरोध किया है। संघ द्वारा ओपन टेंडर के विरोध में 3 नवंबर को विद्युत मेंटेनेंस एवं टीएमसी/एफओसी सेवाएं बंद रखने तथा 7 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की दी गई है। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन संघ के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल को 2 नवंबर 2026 को अपराह्न 3:00 बजे कंपनी मुख्यालय, रायपुर में वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया है, ताकि संगठन द्वारा उठाई गई मांगों एवं समस्याओं पर सकारात्मक वातावरण में विचार-विमर्श किया जा सके।

    राज्य शासन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने तथा उनके अन्य हितों के संरक्षण के प्रति अत्यंत संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध हैं। विद्युत आपूर्ति एवं उपभोक्ता सेवाओं से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, यह शासन एवं कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
    कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि टीएमसी/एफओसी सेवाएं एवं विद्युत आपूर्ति से संबंधित आकस्मिक सुधार कार्य उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान उपभोक्ताओं के हित में नहीं है।

    कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि इस निविदा के माध्यम से नियुक्त होने वाली एजेंसी को न केवल वर्तमान में कार्यरत एजेंसी के वाहनों, बल्कि टीएमसी/एफओसी एवं अन्य तकनीकी कार्यों में ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत मानव संसाधनों (कार्यरत अमले) को भी नियमानुसार एवं निविदा में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप होने पर ,अपने कार्य में बनाए रखने/शामिल करने हेतु प्रेरित एवं सलाहित किया जाएगा। इसके साथ ही निविदा में इन मानव संसाधनों की कार्यकुशलता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने का भी विशेष प्रावधान किया गया है, ताकि वर्तमान में सेवाएं दे रहे समस्त तकनीकी कर्मियों के हितों व रोजगार का समुचित ध्यान रखा जा सके।
    कंपनी प्रबंधन का उद्देश्य किसी भी स्थानीय वाहन मालिक, छोटे ठेकेदार अथवा कार्यरत कर्मचारियों व संगठन के हितों की अनदेखी करना नहीं है। कंपनी सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद एवं समन्वय के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने के लिए तत्पर है।

    कंपनी को आशा है कि संगठन के पदाधिकारी प्रस्तावित बैठक में उपस्थित होकर सकारात्मक चर्चा करेंगे तथा विद्युत उपभोक्ताओं के हितों एवं विद्युत सेवाओं की निरंतरता को सर्वोपरि रखते हुए सहयोग करेंगे।

    समाचार क्रमांक- CSPC-DGM(PR) 2026/170

  • डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन के बाद दुर्ग राज्योत्सव रद्द, कार्यक्रम स्थगित

    डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन के बाद दुर्ग राज्योत्सव रद्द, कार्यक्रम स्थगित

    दुर्ग.

    छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवंबर से प्रदेशभर में राज्योत्सव का कार्यक्रम आयोतिज होने वाला है। जिसको लेकर पूरी तरह से तैयारियां हो चुकी है। इस अवसर पर प्रदेश के अलग अलग जिलों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। लेकिन इसी बीच एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है।

    दुर्ग जिले में एक नवंबर से होने वाले राज्योत्सव कार्यक्रम अचानक स्थगित हो गया। बताया जा रहा है कि यहां एक नवंबर से पांच नवंबर तक राज्योत्सव आया​जित होने वाला था। इसके साथ ही सभी शासकीय कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया है।

    विधायक के निधन के चलते फैसला
    दरअसल, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा कल 30 अक्टूबर को अचानक निधन हो गया। उन्होंने हैदराबाद में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की दौड़ गई। जिसके के चलते दुर्ग में होने वाले पांच दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। साथ ही सभी शासकीय कार्यक्रम रद्द कर दी गई है। उनके निधन के बाद राज्य सरकार ने कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला लिया है।

    आज गृहग्राम में होगा अंतिम संस्कार
    कोर्सेवाड़ा का कल 30 अक्टूबर को हैदराबाद में उपचार के दौरान निधन हो गया। आज 31 अक्टूबर 8.30 बजे उनका पार्थिव शरीर विमान द्वारा रायपुर एयरपोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद पार्थिव देह 10.15 बजे भिलाई स्थित उनके शासकीय आवास लाया जाएगा, जहां सुबह 11 बजे तक का समय अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए रखा गया है। सुबह 11 बजे भिलाई- 3 निवास से पार्थिव शरीर सुबह 11.30 बजे जवाहरनगर दुर्ग पहुंचेगा। जहां दोपहर 12.30 बजे तक दर्शन के लिए रखा जाएगा, इसके उपरांत जवाहरनगर दुर्ग से ग्राम भेंड्रा के लिए ले जाया जाएगा। पार्थिव देह ग्राम भेण्ड्रा में उनका अंतिम संस्कार होगा। मुख्यमंत्री साय ग्राम भेण्ड्रा पहुंचकर कोर्सेवाड़ा के अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

    अहिवारा सीट से थे विधायक
    कोर्सेवाड़ा भारतीय जनता पार्टी से पहली बार 2008 में अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। वे दूसरी बार 2023 में इसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रहे।

    उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा: सीएम साय
    सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, ""भाजपा परिवार के वरिष्ठ नेता एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन की सूचना से स्तब्ध हूँ। सरल व्यक्तित्व, जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा उनकी विशेष पहचान रही। क्षेत्र की जनता के सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने वाले श्री कोर्सेवाड़ा जी का जाना हम सभी के लिए गहरी पीड़ा का विषय है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकसंतप्त परिजनों और उनके सभी स्नेहीजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करें। ॐ शांति।""

  • छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी की तबादला सूची, कई अधिकारी-कर्मचारी इधर से उधर

    छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी की तबादला सूची, कई अधिकारी-कर्मचारी इधर से उधर

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य शासन ने 50 से अधिक कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। इस फेरबदल में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), राजस्व निरीक्षक और लेखापाल सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है।

    जारी आदेश के मुताबिक, रायपुर नगर निगम के जोन कमिश्नर विनोद कुमार पाण्डेय को नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार भेजा गया है। वहीं पूजा पिल्ले को मंदिर हसौद से रायपुर नगर निगम में नई जिम्मेदारी दी गई है।

    53 कर्मचारियों के नाम आदेश में शामिल
    विभाग की ओर से जारी आदेश 30 अक्टूबर 2026 का है। इसमें कुल 53 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। सूची में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, लेखापाल, सहायक राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। कई कर्मचारियों को नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में नई जिम्मेदारी दी गई है।

    7 दिन के भीतर संभालना होगा नया कार्यभार
    आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ट्रांसफर किए गए अधिकारी-कर्मचारियों को वर्तमान पोस्टिंग स्थल से नवीन पदस्थापना स्थल पर सात दिन के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा। तय समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। आदेश में प्रतिनियुक्ति भत्ते और कुछ पूर्व आदेशों में संशोधन का भी उल्लेख किया गया है।

    इन निकायों में हुआ फेरबदल
    आदेश के अनुसार बलौदा बाजार, जांजगीर-नैला, सक्ती, बांकीमोंगरा, मनेंद्रगढ़, पिपरिया, पंडरिया, सीतापुर, डौंडीलोहारा, कुर्रा, पिथौरा, कवर्धा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, रायगढ़, अम्बिकापुर, चांपा, रतनपुर, बिलासपुर, भाटापारा, धमतरी सहित कई नगरीय निकायों में कर्मचारियों की नई पोस्टिंग की गई है। इस प्रशासनिक फेरबदल से नगरीय निकायों में कामकाज की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। आदेश में शामिल सभी 53 अधिकारियों-कर्मचारियों की नामवार जानकारी नीचे दी गई सरकारी सूची में देखी जा सकती है।

  • रायगढ़ में 981 वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया स्वागत

    रायगढ़ में 981 वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया स्वागत

    प्रभु श्रीराम का जीवन संघर्ष, त्याग, सेवा और मर्यादा की प्रेरणा देता है: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    वित्त मंत्री ने रायगढ़ में तीर्थयात्रा से लौटे 981 वरिष्ठ नागरिकों का किया सम्मान

    रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से साकार हो रहे वरिष्ठजनों के सपने

    प्रदेश में एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प

    रायपुर,
     वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए आदर्श है। उनका जीवन हमें संघर्ष, त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम ने राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद अनेक कठिनाइयों का सामना किया और 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों से विचलित हुए बिना समाज और मानवता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।

    वित्त मंत्री चौधरी आज रायगढ़ के पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत तीर्थयात्रा कर लौटे वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले के 981 वरिष्ठ नागरिकों को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंट कर सम्मानित किया। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 861 तथा शहरी क्षेत्रों के 120 वरिष्ठ नागरिक शामिल थे।

    छत्तीसगढ़ से भगवान श्रीराम का गहरा सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान श्रीराम का प्रदेश से गहरा सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध है। छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को स्नेहपूर्वक भांचा राम कहा जाता है। यहां भांचा के प्रति विशेष आदर और उनके चरण स्पर्श करने की परंपरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। उनके जीवन में मर्यादा, पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात कर हम समाज में सेवा, सद्भाव और सकारात्मकता की भावना को और मजबूत कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वरिष्ठजनों को मिल रहा तीर्थयात्रा का अवसर

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः प्रारंभ किया। इसके साथ ही सरकार के पहले बजट में रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई, ताकि छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकें।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा का अवसर मिले। इसके लिए यात्रा के दौरान आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। ये योजनाएं वरिष्ठजनों की वर्षों पुरानी इच्छाओं और धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं।

    एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प

    वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में कम से कम एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि श्रीरामचरित मानस भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और कर्तव्यबोध से परिचित कराने के साथ हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के तीर्थ दर्शन का सपना किया साकार: सांसद राधेश्याम राठिया

    लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि आज का दिन सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से अनेक वरिष्ठ नागरिकों का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है। तीर्थयात्रा से लौटे श्रद्धालुओं के अनुभव और उनके चेहरों की प्रसन्नता इन योजनाओं की सार्थकता को दर्शाती है।

    धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह

    राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना और रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, मंदिरों और धार्मिक विरासत के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव है।

    उन्होंने वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने के संकल्प की सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल ने भी वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

    तीर्थयात्रा से लौटे वरिष्ठजनों ने साझा किए भावुक अनुभव

    सम्मान समारोह में तीर्थयात्रा कर लौटे वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। उनके परिवार की पिछली पीढ़ियां भी अयोध्या नहीं जा सकी थीं, लेकिन राज्य सरकार की योजना से उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हुई।

    श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा के दौरान आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की अच्छी व्यवस्था की गई थी। तीर्थस्थलों पर भी उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी  के प्रति आभार व्यक्त किया।

    एक वर्ष में छह चरणों में कराई गई अयोध्या धाम की यात्रा

    अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले के वरिष्ठ नागरिकों को छह चरणों में अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई। इसी अवधि में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत भी एक यात्रा आयोजित की गई। इन यात्राओं से लाभान्वित जिले के 981 वरिष्ठ नागरिकों को समारोह में सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड पाठ एवं सामूहिक हनुमान चालीसा के वाचन से हुई। वित्त मंत्री चौधरी ने भगवान श्रीराम के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की और रामायण आरती में शामिल हुए। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ करने वाले दल के सदस्यों तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे एवं उनकी टीम को भी स्मृति चिह्न और श्रीरामचरित मानस पुस्तिका भेंट कर सम्मानित किया गया।

    समारोह में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल, नगर निगम सभापति डिग्री लाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में महापौर जीवर्धन चौहान ने आभार प्रदर्शन किया।

  • राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक

    राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक

    राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक

    समावेशी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लास और कौशल विकास पर विशेष फोकस

    STEM, ATL, कंपोजिट लैब और SCE​RT की उपलब्धियों सहित शिक्षा के विभिन्न आयामों का होगा प्रदर्शन

    रायपुर,
    छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाई जा रही विभागीय स्टॉल में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे नवाचारों, आधुनिक शिक्षण तकनीकों और शैक्षणिक उपलब्धियों की झलक देखने को मिलेगी। स्टॉल के माध्यम से राज्य में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राज्योत्सव में प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।विभागीय स्टॉल में समावेशी शिक्षा एवं संस्कृति, कौशल विकास एवं शिक्षा, STEM/ATL/Composite Lab, नवाचार, SCERT की उपलब्धियां, मुस्कान पुस्तकालय एवं डिजिटल लाइब्रेरी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, स्मार्ट शिक्षण, NCC, स्काउट गाइड, रेड क्रॉस तथा डिजिटल लर्निंग एवं स्मार्ट क्लास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।

    स्टॉल में आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित आधारित स्टेम शिक्षा, अटल टिंकरिंग लैब तथा कंपोजिट लैब के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने के प्रयासों को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। साथ ही डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास के माध्यम से शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रोचक, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की पहल को भी प्रस्तुत किया जाएगा।

    राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की शैक्षणिक उपलब्धियों, शिक्षक प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यावहारिक ज्ञान, कौशल आधारित शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की अवधारणा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    इसके अतिरिक्त स्टॉल में एनसीसी, स्काउट गाइड और रेड क्रॉस जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने के प्रयासों को भी प्रमुखता दी जाएगी। समावेशी एवं समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य को भी रेखांकित किया जाएगा।

    राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की यह स्टॉल प्रदेश की बदलती शिक्षा व्यवस्था, आधुनिक तकनीकों के समावेश और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित करेगी। इसके माध्यम से आम नागरिकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं, नवाचारों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त होगी।

  • हवाई यात्रियों के लिए राहत की खबर, बिलासपुर-कोलकाता उड़ान दोबारा होगी शुरू

    हवाई यात्रियों के लिए राहत की खबर, बिलासपुर-कोलकाता उड़ान दोबारा होगी शुरू

    बिलासपुर.

    विंटर शेड्यूल की कोलकाता फ्लाइट बंद होने की खबर फैलते ही राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है. डिप्टी सीएम अरूण साव की पहल पर एक बार फिर कोलकाता की फ्लाइट दोबारा शुरू की जाएगी.

    दरअसल हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने गुरूवार को उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक धरमलाल कौशिक और अमर अग्रवाल से चर्चा कर मामले में दखल देने की मांग की थी. जिसपर अधिकारियों से चर्चा कर डिप्टी सीएम ने जल्द से जल्द फ्लाइट शुरू करने के निर्देश दिए हैं. अब अलाइंस एयर को पत्र मिलने के बाद आवश्यक अनुमति के लिए डीजीसीए और कोलकाता एयरपोर्ट से पत्राचार कर दोबारा परिचालन शुरू किया जाएगा. गौरतलब है कि राज्य शासन के फ्लाइट बंद करने के निर्देश पर परिचालन की अनुमतियां को अलाइंस एयर ने सरेंडर कर दिया था.

    एयर लाइन कंपनी के पदाधिकारियों का कहना है कि अनुमति लेकर जल्दी से जल्दी उड़ान शुरू किया जाएगा. संभवतः रविवार से फ्लाइट शुरू हो सकती है, लेकिन इतने कम समय में फ्लाइट के लिए यात्री मिलना मुश्किल होगा. हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने इस फैसले के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव समेत विधायकों का आभार व्यक्त किया है.

  • देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण के महान शिल्पकार थे सरदार पटेल : मुख्यमंत्री साय

    देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण के महान शिल्पकार थे सरदार पटेल : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें किया नमन

    राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के अतुलनीय योगदान को किया याद

    देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण के महान शिल्पकार थे सरदार पटेल : मुख्यमंत्री साय

    सरदार पटेल का दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का आदर्श सदैव प्रेरणादायी रहेगा

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय एकता और अखंडता के महान शिल्पकार थे। उन्होंने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त और अखंड भारत की नींव रखी। राष्ट्र निर्माण में उनका यह असाधारण योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका व्यक्तित्व हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आज देश विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। सरदार पटेल के विचार और आदर्श इस राष्ट्रीय संकल्प को और अधिक सशक्त बनाते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल सरदार पटेल के महान योगदान को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का भी दिन है। भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और समुदायों को एकता के सूत्र में पिरोकर आगे बढ़ना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर एक सशक्त, समरस और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, ताकि विकसित भारत के निर्माण में हमारा प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा सके।

  • सुआ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से गूंजा बलौदाबाजार, लोक संस्कृति की दिखी झलक

    सुआ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से गूंजा बलौदाबाजार, लोक संस्कृति की दिखी झलक

    बलौदा बाजार.

    दीपावली त्योहार नजदीक आते ही, छत्तीसगढ़ की महिलाओं में पारंपरिक सुआ नृत्य को लेकर उत्साह देखने को मिलता है. ग्रामीण क्षेत्रों में जब महिलाएं खेती किसानी के कामों से निवृत्त हो जाती है, तो वह सुआ नृत्य के माध्यम से आशीर्वाद प्रदान करने निकलती हैं.

    बलौदाबाजार के नगर भवन में दो दिवसीय सामूहिक सुआ संदेश का आयोजन किया गया, जिससे इस संस्कृति से देश सहित विदेश के लोग भी परिचित हो सके. जिला स्तरीय सामूहिक सुआ नाच में बलौदाबाजार-भाटापारा के साथ-साथ रायपुर और अन्य क्षेत्रों से महिलाओं की टीम पहुंची, जिन्होंने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां दी. इस दौरान लोगों में पारंपरिक लोकनृत्य को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष डॉ. अजय यादव, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत यदु और नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन शामिल हुए. अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को जरूरी बताया.

    सुआ संदेश कार्यक्रम आयोजक डॉ. चांदनी चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इसका आयोजन किया गया है. इसमें बलौदाबाजार के अलावा रायपुर सहित अन्य जिलों के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया. इसके साथ ही अंचल के लोगों में अपनी संस्कृति को जानने और समझने के प्रति खासा उत्साह देखने को मिला. आयोजक डॉ. देवेश वर्मा ने कहा कि सुआ नृत्य का वास्तविक समय दीपावली से पहले का होता है. इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए इस समय आयोजन किया गया है. नवरात्रि के दौरान भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए हैं, लेकिन सुआ नृत्य के पारंपरिक आयोजन होने से लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया.

    मुख्य अतिथि अमित बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार को इस तरह के आयोजन कार्तिक माह से राज्योत्सव तक कराना चाहिए. बलौदाबाजार नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने भी कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए.

  • CG में धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर होगी 3100, 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

    CG में धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर होगी 3100, 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

    रायपुर
     प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के रूप में शुक्रवार को राज्य के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपये अंतरित किए गए। वहीं, प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियों के बीच राज्य सरकार ने 360 नए उपार्जन केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश में खरीदी केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में ये जानकारी दी।

    देशभर में 18 हजार करोड़ से ज्यादा जारी
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक संबल बनी है।

    किसानों को अब तक इस योजना के तहत 11,776 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की राशि मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक मजबूती और खेती को लाभकारी बनाना सरकार का संकल्प है।

    15 नवंबर से 15 जनवरी तक होगी धान खरीदी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 से शुरू होगी।धान खरीदी 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।नए खरीदी केंद्रों के खुलने से किसानों को धान बेचने में सुविधा मिलेगी और खरीदी केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

    10 नवंबर से 24 घंटे मिलेगा ऑनलाइन टोकन

    धान बेचने के लिए किसानों को टोकन लेने की सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, तुंहर टोकन एप के माध्यम से 10 नवंबर से 24 घंटे ऑनलाइन टोकन प्राप्त किए जा सकेंगे।इससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन टोकन ले सकेंगे और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ से बच सकेंगे।

    2 से 5 नवंबर तक होगा ट्रायल रन

    धान खरीदी शुरू होने से पहले व्यवस्था की जांच के लिए 2 नवंबर से 5 नवंबर तक समितियों में ट्रायल रन किया जाएगा।इस दौरान खरीदी केंद्रों की तैयारियों, तकनीकी व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का परीक्षण किया जाएगा, ताकि 15 नवंबर से धान खरीदी सुचारु रूप से शुरू हो सके।

    24.59 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 498 करोड़ रुपये

    पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का लाभ भी मिला।शुक्रवार को प्रदेश के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए गए।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक संबल बनी है।

    एक नजर में धान खरीदी 2026-27 की तैयारी

    विवरण

    जानकारी

    नए खरीदी केंद्र

    360

    वर्तमान खरीदी केंद्र

    2,740

    नए केंद्रों के बाद कुल

    3,100

    धान खरीदी शुरू

    15 नवंबर 2026

    धान खरीदी की अंतिम तिथि

    15 जनवरी 2027

    ऑनलाइन टोकन

    10 नवंबर से

    ट्रायल रन

    2 से 5 नवंबर

    टोकन सुविधा

    तुंहर टोकन एप

    लाभान्वित किसान

    2 लाख से अधिक को नजदीकी केंद्र की सुविधा

    15 नवंबर से 15 जनवरी तक होगी धान खरीदी
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक धान खरीदी होगी। नए केंद्र खुलने से दो लाख से अधिक किसानों को अपने घर के नजदीक उपज बेचने की सुविधा मिलेगी। तुंहर टोकन एप से 10 नवंबर से 24 घंटे ऑनलाइन टोकन मिलेंगे। दो से पांच नवंबर तक समितियों में ट्रायल रन होगा।

    नए उपार्जन केंद्रों से किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
    राज्य सरकार द्वारा 360 नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था का व्यापक विस्तार होगा। नए केंद्रों के प्रारंभ होने से किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्रों में धान विक्रय की सुविधा मिलेगी। इससे धान लेकर दूरस्थ उपार्जन केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी और परिवहन पर होने वाले खर्च में भी बचत होगी।

    अब तक जिन उपार्जन केंद्रों पर अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण भीड़ और प्रतीक्षा की स्थिति बनती थी, वहां भी नए केंद्रों के प्रारंभ होने से दबाव कम होगा। किसानों का आवागमन विभिन्न केंद्रों में विभाजित होने से धान की तौल, गुणवत्ता परीक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी। इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कम समय देना पड़ेगा और वे अपने कृषि कार्यों तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए अधिक समय निकाल सकेंगे। विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों को इससे सुविधा मिलने की अपेक्षा है।

    दो लाख से अधिक किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
    प्रदेश में स्वीकृत 360 नए धान उपार्जन केंद्रों से दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इन किसानों को नए केंद्रों के माध्यम से टोकन प्राप्त करने और निर्धारित अवधि में धान विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

    नए उपार्जन केंद्रों के संचालन से धान खरीदी की क्षमता का विस्तार होगा। एक ही समय में अधिक केंद्रों पर खरीदी होने से अधिक संख्या में किसानों का धान निर्धारित अवधि के भीतर खरीदा जा सकेगा। इससे पुराने केंद्रों पर किसानों की निर्भरता कम होगी और धान विक्रय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या में कमी आएगी। 

  • छत्तीसगढ़ में शुरू होगी राइस ATM सुविधा, मशीन से आसानी से निकाल सकेंगे चावल

    छत्तीसगढ़ में शुरू होगी राइस ATM सुविधा, मशीन से आसानी से निकाल सकेंगे चावल

    जगदलपुर.

    राशन लेने के लिए अब उचित मूल्य की दुकान खुलने का इंतजार और लंबी कतारों में खड़े रहने की मजबूरी खत्म करने की तैयारी है। जगदलपुर शहर में जल्द ही जिले का पहला अन्नपूर्ति ग्रीन एटीएम स्थापित किया जा सकता है।

    इस व्यवस्था के शुरू होने से राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार दिन या रात किसी भी समय चावल प्राप्त कर सकेंगे। नगर निगम क्षेत्र के सभी 48 वार्डों के करीब 31 हजार 200 राशनकार्डधारियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि वन नेशन-वन राशनकार्ड योजना के तहत जिले के किसी भी क्षेत्र का पात्र हितग्राही इस मशीन से चावल ले सकेगा। इसके लिए हितग्राही को राशनकार्ड नंबर दर्ज करने के बाद अंगूठे से बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। पात्रता की पुष्टि होते ही निर्धारित मात्रा में चावल मशीन से बाहर आ जाएगा। खाद्य विभाग ने लालबाग और दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में दो संभावित स्थान चिह्नित किए हैं। अब विश्व खाद्य कार्यक्रम की टीम इन स्थानों का निरीक्षण कर उपयुक्त जगह का चयन करेगी।

    मशीन के संचालन की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूह को दी जाएगी, जबकि ऑपरेटर और चौकीदार की दो शिफ्ट में व्यवस्था रहेगी। हालांकि, इस आधुनिक सुविधा का लाभ कब से मिलना शुरू होगा, यह निरीक्षण और स्थापना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    कैसे काम करेगी यह 'अन्नपूर्णा' मशीन
    यह मशीन हुबहू बैंक एटीएम की तरह काम करती है, बस इसमें कैश की जगह अनाज निकलता है। इसकी प्रक्रिया बेहद सरल रहेगी। लाभार्थी को अपना राशन कार्ड नंबर डालना होगा या आधार आधारित बायोमेट्रिक (अंगूठा) लगाना होगास्क्रीन पर अनाज की मात्रा प्रदर्शित होगी।

    मशीन से निर्धारित मात्रा में चावल या गेहूं सीधे थैले में गिर जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 30 से 45 सेकंड का समय लगेगा। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि जीरो-एरर तौल सुनिश्चित होगी।

    पायलट प्रोजेक्ट के बाद पूरे प्रदेश में विस्तार
    सूत्रों के अनुसार, रायपुर में सफल क्रियान्वयन के बाद इस योजना को चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में इस तरह की मशीन आधारित व्यवस्था को लागू करना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।

    ग्रेन एटीएम 24 घंटे चालू रह सकता है, जिससे मजदूर और दैनिक वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे कामकाजी लोगों की परेशानी कम होगी।

    इन राज्यों में ग्रेन एटीएम का प्रयोग हो चुका सफल
    बिहार, ओडिशा, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में ग्रेन एटीएम का सफल प्रयोग पहले ही हो चुका है। वहां इस प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ी है और उपभोक्ताओं को तेज व सुगम सेवा मिली है। इसी मॉडल को देखते हुए छत्तीसगढ़ में भी इसे लागू करने की पहल की जा रही है।

    खाद्य वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव संभव
    यदि यह योजना सफल होती है, तो प्रदेश की खाद्य वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और उपभोक्ताओं को आसान, तेज और भरोसेमंद सेवा मिलेगी।

    पढ़े राशनकार्ड धारियों की जानकारी एक नजर में

        कुल राशनकार्ड: 6,51,081
        प्राथमिकता श्रेणी: 4,50,054
        अंत्योदय कार्ड: 71,123
        एपीएल कार्ड: 1,26,240

    ग्रेन एटीएम: सुविधा और पारदर्शिता का नया विकल्प
    ग्रेन एटीएम योजना सिर्फ तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता के लिए राशन वितरण में सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का एक नया विकल्प भी साबित हो सकती है।

    इससे न केवल भ्रष्टाचार और हेराफेरी की संभावना कम होगी, बल्कि लाभार्थियों को तेज और भरोसेमंद सेवा भी मिलेगी। अब यह देखना बाकी है कि पायलट प्रोजेक्ट रायपुर में कितनी सफलता हासिल करता है और इसे पूरे प्रदेश में कब तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।