Category: मनोरंजन

  • वेलकम टू द जंगल रिव्यू: 32 सितारों की ब्रेनरॉट कॉमेडी ने किया सरप्राइज

    वेलकम टू द जंगल रिव्यू: 32 सितारों की ब्रेनरॉट कॉमेडी ने किया सरप्राइज

    किसी फिल्म से जब कोई उम्मीद ना हो, तब उसे देखना अपने आप में ही एक थ्रिलिंग एक्सपीरियंस होता है. थिएटर्स में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडर, परेश रावल जैसे 32 सितारों से सजी फिल्म वेलकम टू द जंगल (वेलकम 3) रिलीज हुई है, जिससे कोई कुछ खास उम्मीद नहीं लगा रहा था. इसके पीछे दो कारण हैं. पहला इसका ट्रेलर जिसने काफी निराश किया था, और फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट में कमी पैदा कर दी थी. दूसरा इसके डायरेक्टर अहमद खान, जिनकी पिछली फिल्म हीरोपंती 2 बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी.

    वेलकम टू द जंगलजब अनाउंस हुई, तो लोगों के मन में शक पैदा हुआ कि क्या अहमद खान इस फिल्म की नैया पार लगा पाएंगे? रिलीज से पहले तक स्टारकास्ट ने तो डायरेक्टर की जमकर तारीफ की. अब फिल्म रिलीज हो गई है, तो इसे देखने के बाद एक बहुत बड़ा सरप्राइज मिला है. आइए, आपको बताते हैं कि इस मल्टी-स्टारर 'ब्रेनरॉट' फिल्म ने किस तरह सरप्राइज किया.

    'फेक' फिल्म के चक्कर में असली खतरा से हुआ सामना
    एक अरबपति बिजनेसमैन काजा (जाकिर हुसैन) इंडिया में अपनी काली कमाई से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा है. एक दिन उसे खबर मिलती है कि अगर उसने अपनी काली कमाई का कोई हल नहीं निकाला तो उसपर इनकम टैक्स की रेड पर जाएगी. ऐसे में वो अपने मैनेजर दुबे (जॉनी लिवर) के साथ मिलकर 2000 करोड़ रुपये की एक फ्लॉप फिल्म बनाने का प्लान करता है. मैनेजर देव (परेश रावल) और दास (राजपाल यादव) जैसे दो फ्लॉप डायरेक्टर और नयनसुख (श्रेयस तलपड़े) जैसे आधे-अंधे कैमरामैन को हायर करता है. देव और दास के पास एक धांसू स्क्रिप्ट है- वेलकम टू द जंगल. इसके लिए वो एक फ्लॉप का हीरो राजीव (अक्षय कुमार) को कास्ट करते हैं. राजीव के साथ-साथ येड़ा शेट्टी अन्ना (सुनील शेट्टी) और रोमियो भाई (अरशद वारसी) जैसे डॉन की भी फिल्म में एंट्री हो जाती है, जो दरअसल उदय-मजनू के कजिन हैं.

    इस फ्लॉप फिल्म में देव और दाव नादिया (दिशा पाटनी) को बतौर हीरोइन कास्ट करते हैं, जो पहले भी राजीव की गर्लफ्रेंड थी. इस फ्लॉप फिल्म में सिर्फ इतने एक्टर्स नहीं, टीवी-भोजपुरी-पंजाबी सिनेमा हर तरफ से एक्टर्स को कास्ट किया जाता है. बिजनेसमैन काजी अपनी फिल्म को फ्लॉप करने का पूरा प्लान बना लेता है, लेकिन तभी बाजी उसपर उलटी पड़ जाती है. इनकम टैक्स की रेड में काजा के सारे पैसे चले जाते हैं, जिससे वो कंगाल हो जाता है. अब उसे ये फिल्म किसी भी हाल में हिट चाहिए, जिसके लिए पूरी टीम एक रियल लोकेशन में जाकर असली लोगों के बीच शूटिंग करने लगती है. वहां उनका सामना असली आतंकवादी जतारा (जैकी श्रॉफ) से होता है. अब क्या ये फ्लॉप फिल्म वेलकम टू द जंगल पूरी बन पाएगी? यही इसका बेसिक प्लॉट है.

    एंटरटेनिंग है ये ब्रेनरॉट फिल्म
    अक्षय की मल्टी-स्टारर फिल्म का असली मजा इसकी कास्ट है, जिन्होंने इस पूरी फिल्म को एक एकसाथ अपने मजबूत कंधों पर उठाए रखा. फिल्म की कहानी एक पॉइंट के बाद भले ही मायने नहीं रखेगी, मगर जो एंटरटेनमेंट ये आपको दिलाती है उसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी. फिल्म में कई सारे ऐसे मोमेंट्स हैं जहां आप दिल खोलकर हंसते हैं. इसकी सबसे खास बात यही है कि फिल्म खुद को 'ब्रेनरॉट' कहला रही है. लेकिन वो देखने में भी आपको मजा ही आता है. सभी एक्टर्स की आपस में जुगलबंदी काफी अच्छी है. कॉमेडी सरप्राइजिंगली काफी क्लीन और देखने में अच्छी है. हालांकि वेलकम 3 में कुछ मोमेंट्स हैं जब आप थोड़े बोर से होने लगेंगे. लेकिन अंत में आते-आते फिल्म काफी दिलचस्प और मजेदार बन जाती है. जिस तरह की एक्साइटमेंट ट्रेलर ने सेटअप की थी, उसके मुताबिक फिल्म काफी बेहतर निकलकर आई है.

    वेलकम टू द जंगल का फर्स्ट हाल्फ काफी सही है, इसमें कहानी और विलेन को अच्छे से सेटअप किया जाता है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, परेश रावल, और जॉनी लिवर के काफी सीन्स ऐसे हैं, जो आपको खुलकर हंसने पर मजबूर करेंगे. इन सभी एक्टर्स को बाकी स्टारकास्ट का भी बढ़िया सपोर्ट मिला है. सेकेंड हाल्फ में चीजें थोड़ी गड़बड़ होने लगती हैं, मगर अंत आते-आते वो संभल भी जाती हैं. इस फिल्म से एक बड़ी शिकायत ये है कि इसका वीएफएक्स काफी सस्ता सा लगा. इसकी वजह से कुछ सीन्स बेहद अटपटे लगे. लेकिन अंत में ये एक फुल-टाइमपास कॉमेडी फिल्म बनकर सामने आती है, जिसमें डायरेक्टर अहमद खान की तारीफ बनती है.

    डायरेक्टर की होगी तारीफ
    अभी तक डायरेक्टर अहमद खान को लेकर जो सवाल उठे थे, ऐसा लगता है कि उन्होंने इस फिल्म से दूर कर दिया है. सबसे पहले उनकी इस बात की तारीफ होगी कि उन्होंने 32-34 स्टार एक्टर्स को एक ही फिल्म में लेने का फैसला लिया. और यही नहीं, सबको एक जैसा स्क्रीन टाइम देने की कोशिश की. उन्होंने अपनी फिल्म में हर एक्टर से कुछ ना कुछ ऐसा कराया, जिसे देखकर मजा जरूर से आया. इस 2 घंटे 45 मिनट की फिल्म को उन्होंने काफी अच्छी तरह से संभालकर रखा. लेकिन ऐसा भी लगता है कि वो इस फिल्म को थोड़ी और बेहतर बना सकते थे. इसी में उनकी बतौर डायरेक्टर थोड़ी बहुत कमी नजर आई. बाकी दिवंगत राइटर नीरज वोहरा की इस ओरिजिनल कहानी को उन्होंने सही तरीके से पर्दे पर दिखाया है. हालांकि फिल्म में ऐसा कोई गाना नहीं था, जो बाद में चलकर याद रह जाए जिसमें अहमद खान शायद थोड़ा चूक गए हैं.

    स्टार्स-कैमियो के दम पर उठी फिल्म
    फिल्म वेलकम टू द जंगल को लेकर अब ये कहा जा सकता है कि अगर इसमें 32-34 एक्टर्स नहीं होते, तो शायद ये फिल्म उतनी एंटरटेनिंग नहीं होती. इसके पीछे की वजह ये है कि हर एक एक्टर स्क्रीन पर अपनी ओर से कुछ अनोखा और क्रिएटिव लेकर आया, जिसे देखने में मजा आता है. अक्षय ने जो इस फिल्म में अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाली है, उसके लिए आप थिएटर में ताली जरूर बजाएंगे. वैसे तो वो कॉमेडी के 'खिलाड़ी' है हीं. मगर उनके साथ परेश रावल, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े और जॉनी लिवर ने जो केमिस्ट्री बिठाई, वो सोने पर सुहागा जैसा था.

    वहीं बात करें बाकी एक्टर्स—कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, तुषार कपूर, और जाकिर हुसैन की—तो उन्होंने अपना काम अच्छे से निभाया. उन्हें जितना रोल दिया गया, वो उन्होंने पूरी सच्चाई के साथ प्ले किया. बस सिंगर दलेर मेहंदी इस फिल्म में मिसकास्ट लगे. उन्होंने बड़ी कोशिश की कि वो अपने काम से इंप्रेस कर सकें, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. इनके अलावा फिल्म में दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस भी थीं, जिन्होंने ग्लैमर के मामले में कोई कमी नहीं छोड़ी.

    छा गई अक्षय-रवीना की केमिस्ट्री
    फिल्म में रवीना टंडन भी हैं, जो करीब 20 साल बाद अक्षय के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आईं. सच कहा जाए तो वो फिल्म में इकलौती हीरोइन लगीं, जिनके पास करने के लिए काफी कुछ था और उन्होंने अपना काम सही ढंग से किया भी है. वहीं आफताब शिवदसानी, हेमंत पांडे अपने रोल के साथ सही से न्याय कर पाए. मगर फिल्म में अगर किन्हीं सितारों के काम सबसे अलग नजर आए, तो वो थे फरीदा जलाल और किरण कुमार. वेटरन एक्ट्रेस फरीदा जलाल को आप इस फिल्म में कुछ ऐसा करते देखेंगे, जिसे देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा. घबराइए नहीं, उन्होंने एक ऐसा यादगार काम किया है जिसे देखने में आपको सचमुच मजा आएगा. वहीं किरण कुमार ने उनका बढ़िया साथ दिया.

    फिल्म में अक्षय का डबल रोल है; ये तो मेकर्स ने खुद ही अपने गानों से रिवील कर दिया था. उनके साथ महाभारत के दुर्योधन, करण और अर्जुन, यानी पुनीत इस्सर, पंकज धीर और फिरोज खान हैं, जो कुछ देर के लिए ही सही, मगर बढ़िया काम करके निकल जाते हैं. वहीं, वेलकम 3 के विलेन जैकी श्रॉफ बने, जिनका खूंखार अवतार आपको डराने और हंसाने का काम करेगा. उनके चमचे बने विंदु दारा सिंह भी अच्छे दिखे. इस फिल्म में दो कैमियो हैं—उर्वशी रौतेला और लारा दत्ता. दोनों ही एक्ट्रेसेस ने अपना काम बढ़िया किया है.

    कुल मिलाकर, अगर आप एक फैमिली-कॉमेडी फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो वेलकम टू द जंगल आपकी लिस्ट में जरूर आ सकती है, बशर्ते, आपको अपना दिमाग थिएटर हॉल से बाहर छोड़ना पड़ेगा. अगर आप कहानी की बारीकियों और उसके निष्कर्ष को ढूंढने में लगे रहेंगे, तो ये फिल्म आपको हंसाएगी कम, परेशान करेगी. ये एक नो-ब्रेनर कॉमेडी फिल्म है, जिसे सिर्फ बिना लॉजिक के एंजॉय किया जा सकता है.

  • Esha Deol ने तलाक के बाद रिश्तों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘गलती होती है’, रोमांस को लेकर दिया बड़ा बयान

    Esha Deol ने तलाक के बाद रिश्तों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘गलती होती है’, रोमांस को लेकर दिया बड़ा बयान

    मुंबई 

    ईशा देओल ने 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी से शादी रचाई थी. 2024 में आपसी सहमति से दोनों ने 12 साल पुरानी शादी को खत्म करने का ऐलान किया. तलाक के बाद ईशा ने जिंदगी में खालीपन और प्यार की कमी पर बात की है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें रोमांस पसंद है। 

    तलाक के बाद प्यार की कमी 
    Curly Tales संग बातचीत में ईशा ने कहा कि मेरा मानना है कि प्यार और रोमांस किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में सबसे अहम चीजें हैं, और फिलहाल ये चीजें मेरी जिंदगी में मिसिंग हैं. मुझे रोमांटिक होना बहुत पसंद है, मैं पूरी तरह एक रोम-कॉम वाली इंसान हूं. मुझे प्यार के गाने और प्यार की कहानियां बहुत पसंद हैं। 

    ईशा से पूछा गया कि क्या पति से अलग होने के बाद प्यार के लिए उनका नजरिया बदला. इस पर उन्होंने कहा कि नहीं, ये चीजें बदलती नहीं हैं. ब्रेकअप होते रहते हैं. मेरे भी पहले बॉयफ्रेंड रहे हैं जिनसे मैं अलग हुई. ऐसी चीजें होती हैं, पर इससे प्यार के प्रति मेरा नजरिया नहीं बदला है. ना ही इसमें कोई कमी आई है.  हम सबने हेमाजी और धर्मेंद्रजी के बीच के निःस्वार्थ प्यार को देखा है। 

    तलाक के बारे में उन्होंने कहा कि ये कुछ बहुत निजी है. ये दो लोगों के बीच की बात है. हमारे पेशे के कारण यह सब सार्वजनिक हो जाता है. मैं ऐसी इंसान नहीं हूं  और न ही भरत या उनका परिवार, जो हर चीज को इतना खुलकर बताए. पर उस वक्त हमें सार्वजनिक किया गया और इसमें बच्चों का भी सवाल आता है. ये जिंदगी के बहुत संवेदनशील हिस्से हैं. इनमें बहुत संभलकर चलना होता है. ईशा ने ये भी कहा कि उनके इस फैसले में परिवार ने साथ दिया। 

    एक्ट्रेस ने कहा कि वो अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेती हैं. ना कि किसी की सलाह पर निर्भर रहती हैं. ईशा का कहना है कि उनका फैसला सही हो या गलत उसकी जिम्मेदारी वो खुद लेती हैं। 

    बता दें कि ईशा और भरत की दो बेटियां राध्या और मिराया हैं. बड़ी बेटी का जन्म 2017 में हुआ और छोटी का जन्म 2019 में हुआ. तलाक के बाद ईशा और भरत मिलकर बेटियों की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं।  

  • निर्मित कौर अहलूवालिया ने संजय कपूर को किया याद, कहा- उनसे बहुत कुछ सीखा

    निर्मित कौर अहलूवालिया ने संजय कपूर को किया याद, कहा- उनसे बहुत कुछ सीखा

    मुंबई
     अभिनेत्री निर्मित कौर अहलूवालिया ने कहा है कि शो अब होगा हिसाब के सेट पर अनुभवी अभिनेता संजय कपूर के साथ काम करना उनके लिए सीखने और खुद को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।निर्मित ने कहा कि संजय कपूर का लंबा अनुभव, सहज स्वभाव और सेट पर सभी के लिए सकारात्मक माहौल बनाने की क्षमता उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करती है।उन्होंने कहा, “संजय सर हमारी पूरी कास्ट में सबसे वरिष्ठ कलाकार हैं और शुरू से ही मैंने इस प्रोजेक्ट को उनसे सीखने के अवसर के रूप में देखा। उनका परिवार कई दशकों से सिनेमा से जुड़ा रहा है और उनके साथ काम करना मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा।”

    निर्मित ने कहा कि संजय कपूर की सबसे बड़ी विशेषता उनका विनम्र और सहयोगी स्वभाव है। उन्होंने बताया कि इतने अनुभव और प्रतिष्ठा के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने वरिष्ठ होने का एहसास नहीं होने दिया और हमेशा कलाकारों की मदद के लिए तैयार रहे।उन्होंने कहा, “वह हमेशा समय निकालकर सीन पर चर्चा करते थे, अपने अनुभव साझा करते थे और कलाकारों के साथ सहजता से घुलमिल जाते थे। हम अक्सर साथ बैठकर खाना खाते, बातचीत करते और काम पर चर्चा करते थे। इन छोटी-छोटी बातों ने पूरे माहौल को बेहद आरामदायक बना दिया था।”

    निर्मित के अनुसार, इस अनुभव ने उन्हें केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि यह भी सिखाया कि एक कलाकार को सेट पर किस तरह का व्यवहार करना चाहिए और दूसरों को सहज महसूस कराने का महत्व क्या होता है।

    क्राइम-थ्रिलर आधारित शो ‘अब होगा हिसाब’ में निर्मित कौर अहलूवालिया एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनका मानना है कि अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने से उनके अभिनय को नई मजबूती मिली है और यह प्रोजेक्ट उनके करियर के यादगार अनुभवों में शामिल हो गया है।

  • स्मिता बंसल ने बयां किया मां होने का दर्द, कहा- करियर के चलते बेटी से दूरियां आ गई थीं

    स्मिता बंसल ने बयां किया मां होने का दर्द, कहा- करियर के चलते बेटी से दूरियां आ गई थीं

    मुंबई 
     टेलीविजन की दुनिया में अभिनेत्री स्मिता बंसल ने 'बालिका वधू' शो में 'सुमित्रा' का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। हाल ही में उन्होंने एक टीवी टॉक शो 'तुम हो ना- घर की सुपरस्टार' में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक अनुभव साझा किया और बताया कि लगातार शूटिंग और काम की व्यस्तता के कारण उन्हें अपने घर और बच्चों के साथ समय नहीं मिल पाता था। शो के दौरान बातचीत में स्मिता बंसल ने कहा, ''एक कलाकार होने के नाते मैं अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाती हूं लेकिन इसी बीच कई बार परिवार से दूर रहने का दर्द भी मुझे अंदर ही अंदर महसूस होता है। प्रोफेशनल कमिटमेंट्स के चलते कई बार मैं अपने निजी रिश्तों को उतना समय नहीं दे पाती, जितना एक मां के रूप में देना चाहिए।''

     शो के दौरान स्मिता ने बताया, "एक बार जब मैं शूटिंग से घर लौटी, तो मैंने अपनी बेटी को खुद सुलाने का फैसला किया। उस समय मेरी बेटी ने मेरे साथ सोने से मना कर दिया और अपनी दादी के साथ सोने की इच्छा जताई। उस पल मुझे एहसास हुआ कि काम की वजह से मेरे और मेरी बेटी के बीच भावनात्मक रूप से थोड़ी दूरी आ गई है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा दर्द था।"

    स्मिता बंसल ने आगे बताया, ''लोग मुझे टीवी पर अलग-अलग किरदारों के लिए जानते थे। कभी कोई मुझे 'आनंदी की मां' कहता था, तो कभी 'जग्या की मां'। हालांकि असल जिंदगी में मैं अपनी ही बेटी के साथ उतना समय नहीं बिता पा रही थी, जितना मैं चाहती थी। एक मां के रूप में यह मेरे लिए सबसे बड़ी कमी और सबसे बड़ा पछतावा रहा है, जिसे चाहकर भी मैं पूरी तरह बदल नहीं सकती।''

    बातचीत के दौरान स्मिता ने अपने अभिनय करियर को लेकर कहा, ''मैंने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं जो मजबूत महिलाओं की कहानियों को दिखाते हैं। ये वे महिलाएं थीं, जो बिना ज्यादा बोले भी अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करती हैं और मजबूती से आगे बढ़ती हैं। इन किरदारों ने मुझे यह समझने में मदद की कि असली ताकत हमेशा बड़े-बड़े शब्दों या दिखावे में नहीं होती, बल्कि कई बार यह रोजमर्रा की जिंदगी के छोटे-छोटे त्याग और धैर्य में छिपी होती है।''

    उन्होंने कहा, ''समय के साथ मैं इन किरदारों से खुद को जोड़ने लगी हूं, क्योंकि वास्तविक जीवन में भी महिलाएं कई बार बिना शिकायत किए अपने परिवार और जिम्मेदारियों के लिए बहुत कुछ सहती हैं।''

    अगर उनके निजी जीवन की बात करें तो स्मिता बंसल ने साल 2002 में निर्देशक और अभिनेता अंकुश मोहला से शादी की थी। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम स्टाशा बंसल और अनघा बंसल हैं।

  • संजीव कपूर का खुलासा: मास्टरशेफ इंडिया में अक्षय कुमार से ज्यादा फीस की थी शर्त

    संजीव कपूर का खुलासा: मास्टरशेफ इंडिया में अक्षय कुमार से ज्यादा फीस की थी शर्त

     सेलेब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने हाल ही में ‘मास्टरशेफ इंडिया’ को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसे फैंस जानते नहीं होंगे. संजीव ने बताया कि जब उन्हें पहली बार ‘मास्टरशेफ इंडिया’ ऑफर हुआ था, तब उन्होंने शो करने से इनकार कर दिया था. वजह थी उनकी एक खास शर्त, जिसे मेकर्स मानने के लिए तैयार नहीं थे.

    Sanjeev Kapoor Reveals His Condition: ‘मेरी एक ही शर्त थी’
    Culinary Culture से बातचीत में संजीव कपूर ने कहा, “जब वे पहली बार मेरे पास आए थे, तब उन्होंने मेरी शर्त नहीं मानी. मेरी शर्त सिर्फ इतनी थी कि मुझे अक्षय कुमार से एक रुपया ज्यादा फीस मिलनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “यह शो का पहला सीजन था और मुझे लगता था कि इस काम को मुझसे बेहतर कोई नहीं कर सकता. जब उन्होंने मुझसे बात की, तो मैंने कहा कि मेरी एक शर्त है. उन्होंने उसे नहीं माना और मैं समझौता नहीं करना चाहता था. मैं अपने फैसले से खुश था.” संजीव ने यह भी बताया कि शो छोड़ने के बाद भी मेकर्स लगातार उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे.

    गेस्ट बनकर भी नहीं पहुंचे शो में
    शेफ ने बताया कि मेकर्स ने उन्हें कई बार एक एपिसोड के लिए गेस्ट बनकर आने का ऑफर भी दिया, लेकिन उन्होंने हर बार मना कर दिया. संजीव कपूर ने कहा, “वे लोग बार-बार कहते थे कि सर, एक एपिसोड के लिए आ जाइए. लेकिन मैंने साफ कह दिया था कि मैं ऐसा नहीं करूंगा.”

     तीसरे सीजन में बदली पूरी कहानी
    संजीव कपूर ने बताया, “तीसरे सीजन में उन्होंने मुझसे कहा कि शो सही तरीके से नहीं चल रहा है और उन्हें मेरी जरूरत है. मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता मैं कर पाऊंगा. तब उन्होंने कहा कि हम बिल्कुल वैसा ही करेंगे जैसा आप कहेंगे.” इसके बाद संजीव ने अपनी शर्तों पर शो साइन किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या आखिरकार उन्हें अक्षय कुमार से ज्यादा फीस मिली थी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “बिल्कुल मिली थी. वह शर्त कभी बदलने वाली नहीं थी. अगर मैं अपने फील्ड में यह नहीं कर सकता, तो फिर क्या मतलब है?”

  • पंकज कपूर ने सुनाया शाहरुख खान से जुड़ा NSD का दिलचस्प किस्सा

    पंकज कपूर ने सुनाया शाहरुख खान से जुड़ा NSD का दिलचस्प किस्सा

    दिग्गज एक्टर पंकज कपूर ने हाल ही में पुरानी यादें ताजा करते हुए शाहरुख खान से जुड़ा एक दिल छू लेने वाला किस्सा शेयर किया. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में अपने स्टूडेंट के दिनों को याद करते हुए, पंकज ने बताया कि बॉलीवुड सुपरस्टार ने एक बार उभरते हुए एक्टर्स की जिंदगी में बैकस्टेज एक छोटा लेकिन यादगार रोल निभाया था.

    किंडल कास्ट के यूट्यूब चैनल पर अपने पुराने क्लासमेट्स के साथ हाल ही में हुई मुलाकात के बारे में बात करते हुए, पंकज ने कहा कि NSD से ग्रेजुएट हुए उन्हें 50 साल हो गए थे और उन्होंने अपने घर पर एक गेट-टुगेदर रखा था. इस मुलाकात के दौरान, उनके स्टूडेंट के दिनों की यादें ताजा हो गईं, जिसमें मशहूर थिएटर डायरेक्टर इब्राहिम अल्काज़ी के पुराने किले में किए गए नाटकों की कहानियां भी शामिल थीं.

    पंकज ने याद किया कि इब्राहीम अलकाजी जी एक साथ तीन बड़े नाटकों- रजिया सुल्तान, तुगलक और अंधा युग को डायरेक्ट कर रहे थे. ये नाटक किले की पुरानी दीवारों के बैकग्राउंड में किए गए थे, जिससे एक शानदार और यादगार थिएटर का एक्सपीरियंस मिला.

    पंकज कपूर ने सुनाया किस्सा
    एक्टर को 'रजिया सुल्तान' का एक खास सीन याद आया जिसमें भूखे नागरिक शासक के सामने जमा हुए थे. पहले साल के स्टूडेंट के तौर पर, पंकज और उनके दोस्तों को भीड़ का हिस्सा बनाया गया था, जबकि उनके दो क्लासमेट्स ने सैनिक का रोल निभाया था. सीन के दौरान, सैनिकों को भीड़ की तरफ नान फेंकने थे, और स्टूडेंट ने जल्द ही एक चालाक प्लान बनाया.

    पंकज ने याद करते हुए कहा, 'हमने दोस्तों के साथ एक टीम बनाई. वे हमारी तरफ नान फेंकते, हम उन्हें पकड़ते, और इंटरवल के दौरान हम समोसे खरीदते, सब कुछ बैकस्टेज ले जाते और साथ में नान, समोसा और चाय का मजा लेते.'

    हालांकि, यह सीक्रेट प्लान ज्यादा देर तक छिपा नहीं रहा. पंकज के मुताबिक, अलकाजी ने आखिरकार देखा कि कुछ एक्टर सीन की स्टेजिंग में बदलाव कर रहे थे और तुरंत उन्हें डांट लगाई. इस कहानी को और भी खास बनाने वाली बात थी समोसे सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान. उन्होंने याद करते हुए कहा, 'वे समोसे हमें कोई और नहीं बल्कि शाहरुख खान सप्लाई करते थे. उस समय वह 10 साल का लड़का था. उसके पिता वहां कैंटीन चलाते थे.'

    शाहरुख के पिता चलाते थे कैंटीन
    इससे पहले, 2016 में टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में, शाहरुख खान ने बताया था कि उनके पिता NSD में कैंटीन चलाते थे. उन्होंने कहा, 'मैं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का हिस्सा नहीं था, लेकिन मैं वहां के कई एक्टर्स के साथ काम करता था. मनोज बाजपेयी भी वहां से नहीं थे, लेकिन उन्होंने और मैंने रघुवीर यादव जैसे एक्टर्स के साथ काम किया जो NSD का हिस्सा थे. जब हम दिल्ली में थिएटर करते थे, तो वे हमारे बोलने के तरीके और उच्चारण को बेहतर बनाने में मदद करते थे. मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा. मेरे पिता NSD में कैंटीन चलाते थे, इसी वजह से मैं वहाँ के सभी बेहतरीन एक्टर्स को जान पाया.'

  • दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में सुरक्षा चूक, स्टेज पर चढ़ा खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी

    दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में सुरक्षा चूक, स्टेज पर चढ़ा खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी

    फेमस पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने ग्लोबल 'ऑरा वर्ल्ड टूर 2026' को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में सैन फ्रांसिस्को में चल रहे उनके एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए एक खालिस्तान-समर्थक प्रदर्शनकारी हाथ में झंडा लिए सीधे स्टेज पर जा पहुंचा. इस घटना से शो में मौजूद दर्शकों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया.

    हालांकि, वहां मौजूद मुस्तैद वेन्यू सिक्योरिटी और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, उस व्यक्ति को काबू में किया और हिरासत में ले लिया. इस पूरे ड्रामे के बीच दिलजीत ने गजब के प्रोफेशनल रवैये का परिचय दिया और बिना डरे अपनी परफॉर्मेंस जारी रखी.

    शो के बीच में सुरक्षा में बड़ी चूक
    यह चौंकाने वाली घटना शुक्रवार की रात सैन फ्रांसिस्को में दिलजीत के लाइव शो के दौरान घटी. चश्मदीदों और मिली जानकारी के अनुसार, जब दिलजीत अपनी परफॉर्मेंस में डूबे हुए थे, तभी एक प्रदर्शनकारी अचानक दौड़ता हुआ मंच पर चढ़ गया. इसे सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, दिलजीत ने इस व्यवधान के बाद भी अपना आपा नहीं खोया. जैसे ही पुलिस उस व्यक्ति को पकड़कर ले गई, दिलजीत ने तुरंत अपना डांस और गाना फिर से शुरू कर दिया. उन्होंने पूरे शो के दौरान अपना पूरा ध्यान दर्शकों के मनोरंजन और प्रवासी भारतीय समुदाय की एकता पर केंद्रित रखा.

    धमकियों के बीच दिलजीत का कड़ा रुख
    यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) जैसे कुछ कट्टरपंथी संगठनों की तरफ से ऑनलाइन धमकियां और रुकावटें डालने की कोशिशें देखी जा रही थीं. ये समूह मुख्यधारा के भारतीय मीडिया में दिलजीत की सक्रिय मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं. इस घटना के बाद सिंगर ने लाइव इवेंट्स को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जो कोई भी उनके फैंस को परेशान करने या कॉन्सर्ट में खलल डालने की कोशिश करेगा, उसे स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों द्वारा फौरन बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.

    सैन फ्रांसिस्को में टूर का शानदार समापन
    तनाव के इन पलों के बावजूद दिलजीत दोसांझ के नॉर्थ अमेरिकन 'ऑरा वर्ल्ड टूर 2026' का सफर बेहद शानदार रहा. इस बड़े स्टेडियम और एरिना टूर का समापन 20 और 21 जून, 2026 को सैन फ्रांसिस्को के मशहूर 'चेस सेंटर' में आयोजित हुए शोज़ के साथ हुआ, जहां फैंस की भारी भीड़ उमड़ी थी.

    लॉस एंजिल्स में मिला ऐतिहासिक सम्मान
    ग्लोबल स्तर पर दिलजीत का कद लगातार बढ़ रहा है. हाल ही में लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल ने वैश्विक मंच पर पंजाबी संगीत को पहचान दिलाने और अमेरिकी मनोरंजन जगत में दक्षिण एशियाई संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दिलजीत को एक अनोखा सम्मान दिया है. काउंसिल ने बाकायदा एक प्रस्ताव पास करके 6 जनवरी, 2027 को आधिकारिक तौर पर 'दिलजीत दोसांझ दिवस' घोषित किया है.

  • पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला, जमीन विवाद में आरोपी गिरफ्तार

    पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला, जमीन विवाद में आरोपी गिरफ्तार

    बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक्टर बड़े भाई विजयेंद्रनाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला हुआ है. हमले में एक्टर के भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

    पंकज त्रिपाठी के भाई पर कब और कैसे हमला हुआ?
    जानकारी के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर बिहार के गोपालगंज जिले में जमीन विवाद को लेकर हमला किया गया है. पुलिस के मुताबित, विजयेंद्रनाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला 21 जून को माधवपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलसंड तिवारी टोला में जमीन विवाद को लेकर किया गया है. सूचना मिलने के बाद सदर-2 के एसडीपीओ और माधोपुर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की.

    किस हालत में हैं एक्टर के भाई?
    हमले में एक्टर के भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिसके बाद विजयेंद्रनाथ तिवारी को घायल हालत में पहले गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है.

    कौन है आरोपी?
    घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर सबूत जुटाए गए. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं. शुरुआती जांच से पता चला है कि यह हमला लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद के कारण हुआ.

    पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान पीड़ित के पड़ोसी राजेश साह के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया है. पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था फिलहाल सामान्य है.

  • सामंथा की ‘मा इंटी बंगारम’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, दूसरे दिन बढ़ी कमाई

    सामंथा की ‘मा इंटी बंगारम’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, दूसरे दिन बढ़ी कमाई

    साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु लंबे ब्रेक के बाद फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ के जरिए बड़े पर्दे पर लौटी हैं. फिल्म को रिलीज के बाद दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. पहले दिन दमदार शुरुआत करने के बाद अब दूसरे दिन भी फिल्म की कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिली है.

    सरे दिन बढ़ी ‘मा इंटी बंगारम’ की कमाई
    Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मा इंटी बंगारम’ ने रिलीज के दूसरे दिन करीब 7.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. फिल्म की कमाई में शनिवार का फायदा साफ देखने को मिला. पहले दिन फिल्म ने 5.35 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी. ऐसे में अब फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 12.85 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि इंडिया ग्रॉस कलेक्शन लगभग 14.90 करोड़ रुपये हो चुका है.

     फिल्म की कहानी ने जीता दर्शकों का दिल
    ‘मा इंटी बंगारम’ की कहानी स्वर्णा नाम की महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार सामंथा रुथ प्रभु ने निभाया है. स्वर्णा शादी के बाद पहली बार अपने पति अनिरुद्ध के परिवार से मिलने जाती है. वह अपने ससुरालवालों पर अच्छा प्रभाव डालना चाहती है, लेकिन तभी उसके अतीत से जुड़ा करुणा उसकी जिंदगी में वापस आ जाता है और सबकुछ बदलने लगता है. फिल्म में सामंथा के अलावा दिगंत और गुलशन देवैया भी अहम भूमिका में नजर आए हैं. फिल्म की निर्देशक बीवी नंदिनी रेड्डी ने किया है, जबकि इसे राज निदिमोरू, सामंथा और हिमांक रेड्डी दुव्वुरु ने मिलकर प्रोड्यूस किया है.

    फिल्म को मिल रहे प्यार से सामंथा काफी खुश नजर आईं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्शकों का धन्यवाद करते हुए लिखा कि किसी फिल्म का पहले दिन इतना अच्छा प्रदर्शन करना उनके लिए बेहद भावुक पल है. सामंथा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि दर्शक अब फिल्म को सिर्फ मेल लीड या फीमेल लीड नजरिए से नहीं देख रहे हैं. अभिनेत्री ने आगे लिखा कि सबसे ज्यादा खुशी उन्हें इस बात की है कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी फिल्म देखने सिनेमाघरों तक पहुंची. सामंथा ने कहा कि दर्शकों का स्वाद लगातार बदल रहा है और यह सिनेमा के लिए बहुत खूबसूरत बदलाव है.

  • श्रद्धा कपूर की नई बायोपिक ‘ईथा’ का टीजर रिलीज, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

    श्रद्धा कपूर की नई बायोपिक ‘ईथा’ का टीजर रिलीज, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

    बॉलीवुड डीवा श्रद्धा कपूर अपकमिंग बायोपिक ईथा से बड़े पर्दे पर बड़ा धमाका करने के लिए तैयार हैं. फिल्म का टीजर कॉकटेल 2 के साथ आया. टीजर की छोटी सी झलक ने सोशल मीडिया पर हल्ला मचा दिया है. फिल्म प्रोडक्शन के आखिरी चरण में है और फिलहाल इसके अगस्त में रिलीज होने की बात चल रही है. पर असल खबर सिर्फ यही नहीं है.

    असल में बात एक्ट्रेस की फैमिली की है. कहा जा रहा है कि श्रद्धा कपूर की फैमिली में कुल चार लोग हैं और चारों ही अलग-अलग घर में रहते हैं. जानते हैं कि इसकी वजह क्या है.

    पेरेंट्स से अलग रहती हैं श्रद्धा
    FPJ की रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया कि श्रद्धा कपूर के परिवार के सारे लोग अलग-अलग रह रहे हैं. श्रद्धा जुहू  में एक किराये के फ्लैट में रहती हैं. उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड राहुल मोदी वहां आते-जाते रहते हैं. ये वही सी-फेसिंग अपार्टमेंट है, जो उन्होंने स्त्री 2 की कामयाबी के बाद ऋतिक रोशन से किराये पर लिया था. एक्ट्रेस यहां अकेली रहती हैं. उनके परिवार वाले कभी-कभार यहां उनसे मिलने आते हैं.

    लगभग 2020 तक कपूर फैमिली के चारों सदस्य एक ही जूहू वाले अपार्टमेंट में साथ रहते थे, लेकिन महामारी के बाद चीजें बदल गईं. अब शक्ति कपूर एक सबर्बन फ्लैट में अलग रहते हैं. श्रद्धा की मां शिवांगी ने गोवा में एक अपार्टमेंट खरीदा है. कोविड के बाद से वो अपना काफी समय गोवा के अपने बड़े घर में बिताती हैं.

    श्रद्धा के बड़े भाई सिद्धांत कपूर का भी गोवा में एक घर है. जब वो शूटिंग पर नहीं होते हैं, तो वहीं रहते हैं. मतलब ये कि इस कपूर खानदान के चारों सदस्य अब अपने-अपने घरों में रहते हैं और अलग जिंदगी जी रहे हैं. परफेक्ट अरेंजमेंट. सभी बड़े हैं और अपनी आजादी का स्वागत करते हैं.

    हमेशा के लिए हुए अलग?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धा कपूर और उनके “बापू” शक्ति ने पिछले जनवरी में मिलकर माहालक्ष्मी रेसकोर्स के सामने एक अपार्टमेंट खरीदा था.वहां के अंदरूनी सजावट का काम उनकी मां शिवांगी की निगरानी में चल रहा है, क्योंकि उनकी मां की एस्थेटिक्स पर पकड़ मज़बूत है और वो अपनी बेटी को सुंदर घर देना चाहती हैं. एक बार ये जगह तैयार हो जाए, तो श्रद्धा का सेंट्रल मुंबई में दूसरा घर भी होगा. माहालक्ष्मी वाले घर का एक हिस्सा हमेशा उनके माता-पिता के लिए रिजर्व रखा जाएगा, लेकिन सिद्धांत अपनी आजादी पसंद करते हैं और अपने बीचसाइड घर में गोवा में रहना जारी रखेंगे.