Category: मनोरंजन

  • मुंबई के अमेरिकन स्कूल को धमकी भरा ईमेल, अमिताभ बच्चन और दिलजीत दोसांझ के नाम का जिक्र

    मुंबई के अमेरिकन स्कूल को धमकी भरा ईमेल, अमिताभ बच्चन और दिलजीत दोसांझ के नाम का जिक्र

    बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि मायानगरी मुंबई में एक नए विवाद और धमकी ने पुलिस से लेकर आम लोगों तक की नींद उड़ा दी है. इस बार निशाना किसी सीधे सितारे का घर नहीं, बल्कि मुंबई के एक प्रतिष्ठित अमेरिकन स्कूल बना है, जिसे एक खौफनाक धमकी भरा ईमेल मिला है.

    इस ईमेल की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें महानायक अमिताभ बच्चन, दिलजीत दोसांझ समेत कई अन्य प्रमुख हस्तियों के नामों का सीधा उल्लेख किया गया है. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अमिताभ बच्चन को सीधे तौर पर कोई धमकी भरा मेल नहीं मिला है, बल्कि स्कूल को भेजे गए मेल में ही उनके और अन्य सेलिब्रिटीज के नामों का जिक्र किया गया है.

    स्कूल को मिला धमकी भरा ईमेल
    अमेरिकन स्कूल को मिले इस धमकी भरे ईमेल में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. सूत्रों और शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस मेल में पंजाब से जुड़े किसी संवेदनशील मुद्दे का भी विशेष रूप से जिक्र किया गया है. मेल में जिस तरह की भाषा और संदर्भों का इस्तेमाल हुआ है, उसने सुरक्षा तंत्र को और अधिक सतर्क कर दिया है.

    धमकी भरा संदेश मिलने के तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने बिना किसी देरी के मुंबई पुलिस को इसकी सूचना दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय बीकेसी थाना पुलिस ने तुरंत मिलकर जांच का जिम्मा संभाल लिया है. पुलिस की एक विशेष टीम मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) और सर्वर की लोकेशन को ट्रैक करने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ईमेल देश के भीतर से भेजा गया है या फिर इसके तार विदेशों से जुड़े हैं.

    बीएमसी को भी आया धमकी भरा मेल
    इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुंबई महानगर पालिका (BMC) को भी एक इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिलने की खबर से हड़कंप मच गया है. हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि शहर में डर और दहशत का माहौल पैदा करने के इरादे से यह फर्जी मेल (Hoax Mail) भेजा गया हो सकता है, लेकिन पुलिस किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है.

  • सुशांत सिंह राजपूत से अस्पताल में मिली थीं स्मिता जयकर, रिया चक्रवर्ती ने कराया था हीलिंग सेशन

    सुशांत सिंह राजपूत से अस्पताल में मिली थीं स्मिता जयकर, रिया चक्रवर्ती ने कराया था हीलिंग सेशन

    बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस  और आध्यात्मिक हीलर स्मिता जयकर ने मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत से अपनी मुलाकात को याद किया, जहां वे डिप्रेशन का इलाज करा रहे थे. उन्होंने रिया चक्रवर्ती द्वारा अपने रिश्ते के दौरान सुशांत की मदद करने की कोशिशों के बारे में भी बात की.

    सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में, स्मिता ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में सुशांत से मुलाकात की थी और उन्हें एक 'हीलिंग सेशन' (उपचार सत्र) देने की पेशकश की थी. रिया चक्रवर्ती जिनके साथ स्मिता ने 'सोनाली केबल' फिल्म में काम किया था – ने ही उनसे संपर्क किया था. स्मिता ने कहा, 'सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या के ख्यालों से जूझ रहे थे. जब वे हिंदुजा अस्पताल में डिप्रेशन का इलाज करा रहे थे, तब मैं वहां गई थी और उन्हें हीलिंग भी दी थी. मैंने सुशांत सिंह राजपूत को कसकर गले लगाया. वह बहुत ही भावुक और कमजोर स्थिति में थे. स्मिता ने खुलासा किया कि रिया चक्रवर्ती ने एक 'हीलिंग सेशन' का इंतजाम किया था.'

    अपनी बातचीत को याद करते हुए, स्मिता ने बताया कि सुशांत खुश लग रहे थे और उन्होंने बहुत अच्छे से बात की. उन्होंने आगे कहा कि सुशांत उनके सुझाए गए हीलिंग प्रोसेस में हिस्सा लेने के लिए आश्रम जाने को भी तैयार थे. हालांकि, ऐसा हो नहीं पाया.

    उन्होंने आगे बताया, 'रात में रिया ने मुझे मैसेज किया, 'स्मिता, वह फिर से अस्थिर स्थिति में हैं.' काश ऐसा हो पाता, काश वह आ जाते.'

    सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स नहीं ले रहे थे
    जब उनसे पूछा गया कि क्या सुशांत ड्रग्स के प्रभाव में थे, तो स्मिता ने इन अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि वह अस्पताल में उनसे मिली थीं और उनका मानना ​​है कि सुशांत शायद केवल अपनी दवाइयां ले रहे थे.

    रिया चक्रवर्ती का बचाव किया
    सुशांत की मौत पर अपना रिएक्शन को याद करते हुए, स्मिता ने कहा कि उन्होंने सोचा कि सुशांत ने उनसे दोबारा संपर्क क्यों नहीं किया, शायद वह उनकी कुछ मदद कर पातीं. उन्होंने रिया चक्रवर्ती का बचाव करते हुए कहा कि जब वे दोनों साथ थे, तो रिया सच में सुशांत की मदद करना चाहती थीं.

    बता दें कि 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली थी.

  • उड़ता तीर’ मूवी रिव्यू: आयुष्मान खुराना की कॉमेडी और राहुल बोस की अदाकारी ने जमाया रंग

    उड़ता तीर’ मूवी रिव्यू: आयुष्मान खुराना की कॉमेडी और राहुल बोस की अदाकारी ने जमाया रंग

    बॉलीवुड में जासूसी, देशभक्ति और कॉमेडी का तड़का लगाकर दर्शकों को हंसाने और रोमांचित करने की कोशिश नई नहीं है, लेकिन हर बार यह फॉर्मूला काम करे, जरूरी नहीं. आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ‘उड़ता तीर’ भी कुछ ऐसे ही मसाले लेकर आई है, जहां जासूसी मिशन है, पहचान का झोल है और कहानी में कॉमेडी का तड़का भी लगाया गया है. मगर सवाल यह है कि क्या फिल्म इन तमाम मसालों को मिलाकर मनोरंजन की चटपटी डिश परोस पाती है या फिर कहानी उलझकर रह जाती है?

    बॉलीवुड में देशभक्ति और जासूसी पर कई फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन ‘उड़ता तीर’ इस मसाले में कॉमेडी का ऐसा तड़का लगाती है कि कहानी धीरे-धीरे हंसी के पटाखे फोड़ने लगती है. फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है इसका अलग अंदाज, जहां गलत पहचान, जासूसी और मजेदार हालात मिलकर दर्शकों को एंटरटेन करते हैं.

    कहानी का कन्फ्यूजन ही है असली खेल
    आयुष्मान खुराना फिल्म में विक्रांत के किरदार में हैं, जो खुद को भारतीय खुफिया एजेंसी CTS का अधिकारी समझता है. लेकिन असली ट्विस्ट यह है कि वह दरअसल पाकिस्तानी एजेंट बिलाल है, जिसकी याददाश्त एक हादसे के बाद चली जाती है. इसके बाद वह अपने ही लोगों के पीछे पड़ जाता है. यही पहचान का खेल फिल्म में कॉमेडी और सस्पेंस दोनों पैदा करता है.

    फिल्म अपनी कहानी और किरदारों को जमाने में करीब आधा घंटा लेती है, इसलिए शुरुआत में थोड़े धैर्य की जरूरत पड़ती है. लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, मजेदार घटनाएं और एक के बाद एक ट्विस्ट माहौल बना देते हैं. इंटरवल के बाद शुरुआती हिस्सा थोड़ा सुस्त जरूर लगता है, मगर फिर फिल्म दोबारा रफ्तार पकड़ लेती है. फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो आपको सस्पेंस में छोड़े, बीच-बीच में आनेवाले छोटे-छोटे कॉमेडी पंच और जोक्स आपको हंसाने का भरपूर काम करते हैं.

    आयुष्मान खुराना ने निभाया दमदार किरदार
    आयुष्मान खुराना एक बार फिर लीक से हटकर किरदार में नजर आते हैं. दो अलग पहचानों के बीच फंसे शख्स की उलझन और उसके भोलेपन को उन्होंने अच्छे से निभाया है. उनकी अदाकारी फिल्म की कहानी को सहारा देती है और कॉमेडी वाले सीन में भी उनका अंदाज जंचता है.

    फिल्म में राहुल बोस का अंदाज सबसे ज्यादा चौंकाता है. उन्हें इस तरह मजेदार किरदार में देखना दिलचस्प है और वह कई मौकों पर महफिल लूट ले जाते हैं. उनकी कॉमिक टाइमिंग फिल्म के मनोरंजन को बढ़ाती है और उनका किरदार लंबे समय तक याद रह सकता है.

    दिवंगत मुकुल देव की मौजूदगी खास
    दिवंगत एक्टर मुकुल देव भी फिल्म में अपनी छाप छोड़ते हैं. उनका काम कहानी को मजबूती देता है और पर्दे पर उनकी मौजूदगी खास महसूस होती है. उनकी आखिरी फिल्म के तौर पर ‘उड़ता तीर’ देखना भावुक भी कर सकता है, क्योंकि दर्शकों के लिए यह उनकी यादों से जुड़ा एक अहम पड़ाव है.

    सुहैल नैय्यर को अच्छा रोल मिला है और वह इसका पूरा फायदा उठाते हैं. सारा अली खान और स्मिता तांबे अपने-अपने किरदारों में ठीक लगती हैं. वहीं राम कपूर, बृजेंद्र काला और गुलशन ग्रोवर भी कहानी में मनोरंजन का रंग भरते हैं. सपोर्टिंग कास्ट की वजह से कॉमेडी कई जगह और मजेदार बन जाती है.

    फिल्म के गाने बहुत खास असर नहीं छोड़ते और औसत ही लगते हैं. इसके उलट बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के सस्पेंस और कॉमेडी को बेहतर बनाता है. सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग भी ठीक हैं, हालांकि कुछ जगह कहानी की रफ्तार और बेहतर हो सकती थी.

    कॉमेडी के दीवानों के लिए मजेदार पैकेज
    डायरेक्टर-राइटर आकाश ए कौशिक ने देशभक्ति, एक्शन, सस्पेंस और कॉमेडी को मिलाकर एक मनोरंजक फिल्म पेश की है. कुछ जगहों पर धीमी रफ्तार खटकती है, लेकिन दमदार ट्विस्ट, राहुल बोस की शानदार कॉमिक अदाकारी और आयुष्मान का अलग अंदाज इसकी भरपाई करते हैं. अगर आप ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जिसमें गलत पहचान से पैदा हुआ कन्फ्यूजन और लगातार बदलते हालात हंसने का मौका दें, तो ‘उड़ता तीर’ एक बार देखी जा सकती है.

  • जाह्नवी कपूर के ‘पेद्दी’ विवाद के बीच रश्मिका मंदाना का बयान, कपड़ों को लेकर रखी अपनी राय

    जाह्नवी कपूर के ‘पेद्दी’ विवाद के बीच रश्मिका मंदाना का बयान, कपड़ों को लेकर रखी अपनी राय

    मुंबई 
    साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाने वाली रश्मिका मंदाना एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि फिल्मी पर्दे पर एक्सपोजर और एक्ट्रेसेस की अपनी पसंद से जुड़े उनके बेबाक विचार हैं। 

    राम चरण की फिल्म पेड्डी में जाह्नवी कपूर के किरदार को लेकर उठे विवाद पर अब रश्मिका और उनके पति विजय देवरकोंडा ने भी अपनी बात रखी है. रश्मिका ने साफ कहा कि वह हर तरह के कपड़े पहनने या जरूरत से ज्यादा स्किन शो करने में सहज महसूस नहीं करतीं। 

    दरअसल, पेड्डी रिलीज के बाद जाह्नवी कपूर के कुछ सीन्स को लेकर विवादों में घिर गई थी. कई दर्शकों ने आरोप लगाया कि फिल्म में उनके किरदार को जरूरत से ज्यादा ऑब्जेक्टिफाई और हाइपरसेक्सुअलाइज किया गया है. इसी मुद्दे पर कॉफी विद करण सीजन 9 में बातचीत के दौरान करण जौहर ने रश्मिका से सवाल किया कि क्या वह फिल्मों में अपने किरदार और कपड़ों को लेकर पहले से अपनी सीमाएं तय कर लेती हैं। 

    ‘मैं एक्सपोज करने में कंफर्टेबल नहीं हूं’
    करण जौहर के सवाल पर रश्मिका मंदाना ने माना कि वह अपने कम्फर्ट जोन को लेकर काफी स्पष्ट रहती हैं. एक्ट्रेस ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनके साथ वह सहज नहीं होतीं. भले ही किसी किरदार की मांग के मुताबिक बिकिनी पहनने की जरूरत हो, लेकिन वह अपने डायरेक्टर्स को पहले ही बता देती हैं कि वह जरूरत से ज्यादा एक्सपोजर या स्किन शो करने में कंफर्टेबल नहीं हैं। 

    रश्मिका के मुताबिक, कमर्शियल फिल्मों में कई बार ऐसे कॉस्ट्यूम पहनने पड़ते हैं, जिनमें एक्ट्रेस पूरी तरह सहज महसूस नहीं करतीं. ऐसे में वह अपनी तरफ से कुछ सीमाएं तय करती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जिन निर्देशकों के साथ वह काम करना पसंद करती हैं, वे आमतौर पर उनकी बात समझते हैं और उनकी सीमाओं का सम्मान करते हैं। 

    रश्मिका की इस बात से साफ है कि उनके लिए ग्लैमरस दिखना और अपनी सहजता से समझौता करना दो अलग-अलग चीजें हैं. वह किरदार की जरूरत समझती हैं, लेकिन अपनी पसंद और सीमाओं को भी उतनी ही अहमियत देती हैं। 

    जाह्नवी कपूर के विवाद पर विजय देवरकोंडा ने भी रखी राय
    इस बातचीत में विजय देवरकोंडा ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने माना कि सेट पर अपनी पसंद और सीमाओं को लेकर बात करना आसान नहीं होता. खासकर तब, जब किसी कलाकार को लगता है कि उसके सवाल उठाने से फिल्म की टीम नाराज हो सकती है। 

    जब करण जौहर ने जाह्नवी कपूर के संदर्भ में कहा कि वह तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री से नहीं आतीं और ऐसे हालात में खुद को कमजोर स्थिति में महसूस कर सकती थीं, तो विजय ने भी इस बात से सहमति जताई। 

    रश्मिका ने कहा कि फिल्म बनाने वालों को ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जहां कलाकार बिना झिझक अपनी परेशानी या असहजता के बारे में बात कर सकें. उन्होंने माना कि उनके लिए भी कभी-कभी अपनी बात रखना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में वह विजय से सलाह लेती हैं कि उन्हें अपनी बात कहनी चाहिए या नहीं। 

    ‘एक्ट्रेस हो, तो क्या हर बात मानना जरूरी है?’
    विजय देवरकोंडा ने इस मुद्दे पर एक अहम बात कही. उनके मुताबिक, कई बार कलाकारों को यह महसूस कराया जाता है कि उन्होंने फिल्म साइन की है, इसलिए उन्हें हर चीज के लिए तैयार रहना चाहिए. ऐसे दबाव में कलाकार सोचने लगते हैं कि अगर उन्होंने किसी सीन या कॉस्ट्यूम को लेकर सवाल उठाया, तो कहीं उन्हें गैर-पेशेवर तो नहीं समझा जाएगा। 

    विजय ने कहा कि कलाकारों को एक ऐसे सपोर्ट सिस्टम की जरूरत होती है, जो उन्हें यह भरोसा दिलाए कि अपनी बात रखना और किसी चीज के लिए ‘न’ कहना गलत नहीं है. जब फिल्म की टीम किसी कलाकार को गैर-पेशेवर महसूस कराने लगती है, तो कई बार वह विवाद बढ़ाने के बजाय चुप रहना ही बेहतर समझता है और उम्मीद करता है कि सब ठीक हो जाएगा। 

    उनकी बात का सीधा मतलब है कि किसी फिल्म के लिए हामी भरने का यह मतलब नहीं होना चाहिए कि कलाकार अपनी हर व्यक्तिगत सीमा को नजरअंदाज कर दे। 

    पेड्डी विवाद ने फिर छेड़ी बहस 
    राम चरण की फिल्म पेड्डी को लेकर जाह्नवी कपूर के किरदार पर हुई बहस ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फिल्मों में ग्लैमर और किरदार की जरूरत के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए. किसी किरदार के लिए खास कपड़े या दृश्य जरूरी हो सकते हैं, लेकिन कलाकार की सहजता और सहमति को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 

    रश्मिका और विजय की बातचीत इसी मुद्दे को सामने लाती है. दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि कलाकारों को अपनी सीमाएं तय करने और उन्हें जाहिर करने की आजादी मिलनी चाहिए. खासकर नए कलाकारों के लिए ऐसा माहौल जरूरी है, जहां वे बिना डर के अपनी बात कह सकें। 

     कॉफी विद करण के नौवें सीजन के दूसरे एपिसोड में मेहमान बने रश्मिका और विजय की यह बातचीत अब फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की पसंद, एक्सपोजर और प्रोफेशनल दबाव को लेकर चर्चा का नया विषय बन गई है। 

  • Tiger Shroff Firing Case: राधा-बबीता पर हथियार पहुंचाने का आरोप, पुलिस हिरासत में पूछताछ से खुलेंगे राज?

    Tiger Shroff Firing Case: राधा-बबीता पर हथियार पहुंचाने का आरोप, पुलिस हिरासत में पूछताछ से खुलेंगे राज?

      मुंबई

    मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में शुक्रवार को उस वक्त सबका ध्यान आरोपी राधा पर गया, जब वह कोर्ट में रोने लगी. मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में रिमांड की कार्यवाही शुरू होने से पहले राधा फूट-फूटकर रोती दिखी. राधा को तीन अन्य आरोपियों बबीता, कुनाल और सुमित के साथ अदालत में पेश किया गया था। 

    इन चारों पर फायरिंग में शामिल आरोपियों को हथियार मुहैया कराने और लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप है. अदालत ने आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इससे एक दिन पहले कोर्ट ने फायरिंग करने वाले तीन शूटरों को भी पुलिस रिमांड में भेज दिया था. पुलिस इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर इस पूरे गोलीकांड के पीछे की वजह पता लगाएगी। 

    मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले में हथियारों की सप्लाई और हमले की साजिश की जांच कर रही है. पुलिस का आरोप है कि राधा और बबीता ने हथियारों को मुंबई पहुंचाकर हमलावरों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई. जांच एजेंसी के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं. पुलिस इसी सिलसिले में आरोपियों से पूछताछ करना चाहती है। 

    विदेश में बैठे अनिल पंडित पर एक्शन की तैयारी!
    वहीं क्राइम ब्रांच ने केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 जोड़ दी है, जो संगठित अपराध से संबंधित है. पुलिस का आरोप है कि यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के इशारे पर किया गया था. पुलिस ने अपनी रिमांड अर्जी में अनिल पंडित को फरार आरोपी बताया है. यानी अब विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित पर भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। 

    BNS की धारा 111 संगठित अपराध से जुड़ी है. इसके तहत किसी व्यक्ति या संगठित अपराध सिंडिकेट के दो या अधिक सदस्यों की ओर से लगातार गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने और हिंसा, धमकी, दबाव या डर का इस्तेमाल करने जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है. इस धारा को जोड़ने के बाद मामले में संगठित नेटवर्क की भूमिका की जांच अहम हो गई है। 

    बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का किया विरोध
    आरोपियों के वकील सत्यव्रत जोशी और अजिंक्य मिरगल ने पुलिस हिरासत की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने सवाल उठाया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों को किस आधार पर गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ कौन से बयान या सबूत हैं. वकीलों ने दलील दी कि ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है और दो आरोपी महिलाएं हैं। 

    पुलिस का कहना है कि मामले में हथियारों की बरामदगी और साजिश की तह तक पहुंचने के लिए पूछताछ जरूरी है. ताजा जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को 26 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। 

    गौरतलब है कि रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी. अभिनेता सुरक्षित बच गए थे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे. क्राइम ब्रांच अब इस मामले में कथित संगठित अपराध नेटवर्क और अनिल पंडित की भूमिका की जांच कर रही है। 

     

    किराए का कमरा लेकर अकेले रहती थी बबीता
    इसकी जानकारी बबीता ने राजस्थान में रह रहे अपने भाई दीपक को फोन पर दी थी। नीलम के अनुसार सोनीपत में पहले से रहकर काम करने वाली गांव की पूजा और उसके पति राजनाथ दो साल पहले गांव आए थे। उन लोगों ने बताया कि सोनीपत में पैकिंग के काम में 10-12 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। यह जानकर बबीता अपने मौसी के लड़के उसकी पत्नी और गांव की गुंजन संग सोनीपत चली गई। सोनीपत में बबीता किराए का कमरा लेकर अकेले रहती थी।

    उसके पिता रामजतन राम व मां रूमाली देवी घर रहते हैं। खेती-बाड़ी के नाम पर सिर्फ एक बिस्वा खेत है। तीन बहन और दो भाइयों में बड़ा भाई दिलीप लुधियाना में नौकरी करता है। उसकी पत्नी मीरा आजमगढ़ स्टेडियम में रसोईया है। बबीता ने गांव से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई के बाद स्नातक की शिक्षा अवध विश्वविद्यालय से ली। इस घटना में बबीता का नाम आने से परिवारीजन हैरान, परेशान हैं।

    आजमगढ़ के एसएसपी डा. अनिल कुमार के अनुसार स्थानीय पुलिस मुंबई-दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। फिलहाल जांच में पता चल रहा कि बबीता का उपयोग घटना में कैरियर के तौर पर किया गया। हथियार कहां से गए हैं, इसकी जांच पुलिस कर रही है। उधर, सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के नहवइया गांव की राधा के बारे में पता चला कि आठ वर्ष पहले वह पति को छोड़कर बेटे के साथ अपने मायके इसी जिले के मिश्रिख थाना क्षेत्र के करमसेपुर गांव चली गई थी।

    राधा के पति सुनील का आरोप है कि वह बेटे को लेकर कानपुर निवासी अपने मौसेरे भाई के साथ चली गई थी। टाइगर पर हमले की जानकारी सामने आने के बाद नैमिषारण्य और मिश्रिख पुलिस राधा की ससुराल और मायके पहुंची। वर्ष 2017 में राधा ने सुनील के खिलाफ मारपीट और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा मिश्रिख कोतवाली में दर्ज कराया था।

    राधा की मां मैना ने बताया कि पति खाना-खर्चा नहीं देता था, इसलिए उनकी बेटी वर्ष 2025 में कमाई करने हरियाणा गई थी। हालांकि मां को नहीं पता था कि राधा किस फैक्ट्री में और क्या काम करती थी। मां के अनुसार आखिरी बार राधा से उसकी सोमवार शाम वीडियो काल पर बात हुई थी। उस समय राधा के साथ एक अन्य युवती भी बैठी दिखी थी। इसके बाद से उसका मोबाइल बंद है।

     

  • फिल्म ‘माइकल’ को गोल्डन ग्लोब्स 2027 की म्यूजिकल-कॉमेडी श्रेणी में जगह नहीं मिली।

    फिल्म ‘माइकल’ को गोल्डन ग्लोब्स 2027 की म्यूजिकल-कॉमेडी श्रेणी में जगह नहीं मिली।

    फिल्म ‘माइकल’ को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फैंस की नजरें फिल्म की सफलता का बाद गोल्डन ग्लोब्स पर टिकी थीं। मगर इस बार उन्हें निराशा का समना करना पड़ सकता है। पॉप म्यूजिक के महारथी दिवांगत माइकल जैक्शन की फिल्म का म्यूजिक इस अवॉर्ड का हिस्सा नहीं होगा।

    म्यूजिक नहीं तो किस श्रेणी में शामिल?
    गोल्डन ग्लोब्स पुरस्कार समिति ने लायंसगेट की ब्लॉकबस्टर माइकल जैक्सन बायोपिक को 2027 के समारोह में संगीत या कॉमेडी श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वैरायटी की रिपोर्ट के मुताबिक गोल्डन ग्लोब्स के इस फैसले का मतलब है कि पॉप किंग के रूप में जाफर जैक्सन अभिनीत यह फिल्म फिलहाल ड्रामा श्रेणी में शामिल है, जहां यह क्रिस्टोफर नोलन की ‘द ओडिसी’, लॉस जाविस की ‘ला बोला नेग्रा’ और अन्य फिल्मों के साथ छह स्थानों में से एक के लिए मुकाबला करेगी।

    मेकर्स अब भी कर सकते हैं अपील
    फिल्म ‘माइकल’ को म्यूजिक श्रेणी में शामिल करने के लिए मेकर्स अब भी अपील कर सकते हैं। लायंसगेट 31 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले इस फैसले के खिलाफ जा सकते हैं। अगर स्टूडियो अपील करता है, तो संगठन की पुरस्कार समिति अपील का समीक्षा  करेगी। गोल्डन ग्लोब्स के नियमों के हिसाब से एक म्यूजिकल कॉमेडी  फिल्म सिर्फ ड्रामा हो सकता है जिसमें कहानी को आगे बढ़ाने के लिए संवादों के अलावा गानों का भी इस्तेमाल किया जाता है। बताते चलें कि 'माइकल' के सीक्वल पर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। इसकी जानकारी पहले भाग में माइकल के वकील-मैनेजर जॉन ब्रांका का किरदार निभाने वाले अभिनेता माइल्स टेलर ने यह जानकारी दी थी।

    फिल्म 'माइकल' के बारे में
        'माइकल' का निर्देशन एंटोनी फुक्वा ने किया था।
        वहीं फिल्म का लेखन जॉन लोगन ने किया था।
        माइकल के भतीजे जाफर जैक्सन ने फिल्म में सिंगर का किरदार निभाया था।
        कोलमैन डोमिंगो और निया लॉन्ग ने माता-पिता जो और कैथरीन की भूमिका निभाई है।
        फिल्म अप्रैल 2026 में रिलीज हुई थी।

     

  • वाघा बॉर्डर पर आतिफ असलम के गाने से दब गई आयुष्मान-सारा की आवाज, वायरल हुआ वीडियो

    वाघा बॉर्डर पर आतिफ असलम के गाने से दब गई आयुष्मान-सारा की आवाज, वायरल हुआ वीडियो

    बॉलीवुड स्टार आयुष्मान खुराना और सारा अली खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘उड़ता तीर’ को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म की रिलीज से पहले दोनों सितारे इसके प्रमोशन में जुटे हैं, लेकिन अमृतसर और अटारी-वाघा बॉर्डर पर कुछ ऐसा हुआ कि उनका प्रमोशनल इवेंट ही सुर्खियों में आ गया. भारत-पाकिस्तान सीमा पर दर्शकों को संबोधित करने पहुंचे आयुष्मान और सारा की आवाज तेज म्यूजिक के शोर में दब गई.

    दिलचस्प बात यह रही कि पाकिस्तानी तरफ से मशहूर सिंगर आतिफ असलम की आवाज में ‘ताजदार-ए-हरम’ बज रहा था. अब इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहे हैं.

    वाघा बॉर्डर पर चुप हुए आयुष्मान-सारा!
    मंगलवार को आयुष्मान खुराना और सारा अली खान अपनी फिल्म ‘उड़ता तीर’ के प्रमोशन के लिए अमृतसर और अटारी-वाघा बॉर्डर पहुंचे थे. यहां दोनों ने माइक संभालकर मौजूद लोगों को संबोधित करने की कोशिश की. लेकिन इसी दौरान पाकिस्तानी तरफ से लाउडस्पीकर पर आतिफ असलम का मशहूर कलाम ‘ताजदार-ए-हरम’ बजने लगा.

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नजर आता है कि आयुष्मान और सारा कई बार लोगों से बात करने की कोशिश करते हैं, लेकिन तेज आवाज के कारण उनकी बातें ठीक से सुनाई नहीं देतीं. ऐसे में दोनों सितारों का यह प्रमोशनल पल चर्चा का विषय बन गया. हालांकि, ऐसा जानबूझकर किया गया या गलती से कहना मुश्किल है. लेकिन यूजर्स इस पर जमकर चुटकी ले रहे हैं.

    BSF जवानों को किया सलाम, सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो
    इस इवेंट से पहले आयुष्मान और सारा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया था. इसमें सारा ने सीमा पर तैनात BSF जवानों के प्रति सम्मान जताते हुए लिखा कि वह उनके साहस और बलिदान के लिए आभारी हैं. उन्होंने जवानों को देश के नायकों के तौर पर सलाम किया.

    हालांकि, दोनों की ओर से शेयर किए गए वीडियो में कार्यक्रम के दौरान की लाइव आवाज शामिल नहीं थी. बाद में सामने आए दूसरे वीडियो में बॉर्डर पर बजते गाने और सितारों के संबोधन की कोशिशों को लेकर चर्चा शुरू हो गई.

    गोल्डन टेंपल में भावुक हुईं सारा अली खान
    अमृतसर पहुंचीं सारा अली खान ने श्री हरमंदिर साहिब यानी गोल्डन टेंपल में भी मत्था टेका. वहां प्रार्थना करते समय सारा भावुक नजर आईं और उनका एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया. वीडियो में वह हाथ जोड़कर अरदास करती दिखाई देती हैं.

    सारा का यह भावुक पल भी लोगों का ध्यान खींच रहा है. एक तरफ फिल्म के प्रमोशन से जुड़े वीडियो चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ गोल्डन टेंपल में उनकी प्रार्थना वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.

    रिलीज से पहले नेपाल में ‘उड़ता तीर’ पर लगा बैन
    आयुष्मान और सारा की फिल्म को लेकर चर्चा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. फिल्म को नेपाल में रिलीज की अनुमति नहीं मिली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाली फिल्म समीक्षक समीप्यराज तिमिल्सिना ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पर आधारित कहानी को देखते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई गई है.

    नेपाली वेबसाइट ऑनलाइनखबर की रिपोर्ट के अनुसार, वहां ऐसे प्रावधान हैं जिनके तहत किसी दूसरे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने या मित्र देशों के साथ संबंधों पर बुरा असर डालने की आशंका वाली फिल्मों पर रोक लगाई जा सकती है. इस फैसले के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर चर्चा और तेज हो गई है.

    क्या है ‘उड़ता तीर’ की कहानी?
    आकाश कौशिक के निर्देशन में बनी ‘उड़ता तीर’ को एक देशभक्ति से जुड़ी कॉमेडी फिल्म के तौर पर पेश किया जा रहा है. फिल्म में आयुष्मान खुराना एक पाकिस्तानी एजेंट का किरदार निभा रहे हैं, जो एक मिशन के तहत भारत आता है. लेकिन एक हादसे के बाद उसकी याददाश्त चली जाती है और उसे यकीन दिलाया जाता है कि वह भारतीय एजेंट है.

    यहीं से कहानी में गलतफहमियों, मजेदार हालात और कॉमेडी का सिलसिला शुरू होता है. फिल्म में सारा अली खान भी अहम भूमिका में हैं. फिल्म 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है.

    अब देखना होगा कि वाघा बॉर्डर पर हुए इस वायरल घटनाक्रम और नेपाल में रिलीज पर लगी रोक के बीच ‘उड़ता तीर’ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कितनी कामयाब होती है.

  • . दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट पर संकट, 30 अक्टूबर के शो को नहीं मिली पुलिस की मंजूरी

    . दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट पर संकट, 30 अक्टूबर के शो को नहीं मिली पुलिस की मंजूरी

    दिलजीत दोसांझ के दिल्ली वाले फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. अगर आपने भी 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले उनके कॉन्सर्ट के टिकट बुक किए हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है. दिलजीत के ‘Aura India Tour’ के दिल्ली शो को सुरक्षा संबंधी मंजूरी नहीं मिली है. ऐसे में उन फैंस को झटका लगा है, जो अपने पसंदीदा सिंगर को लाइव परफॉर्म करते देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे.

    पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी मंजूरी
    रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के ऑफिस ने 'बुक माय शो' को एक पत्र भेजा है. इसमें 14 अक्टूबर 2026 को मिले आवेदन का जिक्र करते हुए बताया गया कि 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती.

    पत्र में इसकी वजह बताते हुए कहा गया कि सुरक्षा से जुड़े कुछ खास इनपुट मिले हैं. इसके अलावा, त्योहारों के मौसम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी दूसरी अहम जिम्मेदारियों के चलते भी सुरक्षा व्यवस्था पर काफी दबाव है. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शो आयोजित करने की मांग को मंजूरी नहीं दी गई.

    हालांकि, इस अपडेट से टिकट बुक कर चुके फैंस के मन में कई सवाल उठना लाजिमी है. फिलहाल टिकटों के रिफंड, शो की नई तारीख या किसी दूसरी जगह आयोजन को लेकर स्थिति साफ होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है.

    दिल्ली दिलजीत का ये टूर इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरू, लखनऊ और चंडीगढ़ में भी होने वाला है. इस टूर की शुरुआत दिल्ली से होनी थी लेकिन अब देखना होगा कि प्लान में क्या बदलाव आते हैं.

    टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
    हाल ही में मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ था. उनसे जुड़े ठिकाने को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई थी. जांच के दौरान आरोपियों पर फिल्मी सितारों के घरों और ठिकानों की रेकी करने के आरोप भी सामने आए थे. इस घटना ने मनोरंजन जगत की हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है.

    हालांकि, दिलजीत के दिल्ली कॉन्सर्ट को मंजूरी न मिलने की वजह के तौर पर पुलिस के पत्र में सुरक्षा से जुड़े इनपुट और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों का जिक्र है.

     

  • 12 जोड़ियां, 24 सिंगर्स और हिमेश रेशमिया का अंदाज, क्या दिल जीत पाएगा Indian Idol – Legends Return?

    12 जोड़ियां, 24 सिंगर्स और हिमेश रेशमिया का अंदाज, क्या दिल जीत पाएगा Indian Idol – Legends Return?

    पुराने कंटेस्टेंट्स की वापसी, 12 जोड़ियों का मुकाबला और हिमेश रेशमिया का स्टाइलिश अंदाज Indian Idol – Legends Return में नॉस्टैल्जिया और ग्लैमर का तड़का लगाते हैं. लेकिन क्या यह महफिल संगीत की नई ब्लॉकबस्टर बन पाएगी?

    कुछ टीवी शोज सिर्फ मनोरंजन नहीं करते, बल्कि पुरानी यादों को भी ताजा कर देते हैं. ये शो उन्हीं आवाजों को दोबारा मंच पर लाया है, जिन्होंने कभी अपनी गायकी से दर्शकों का दिल जीता था. दो एपिसोड के बाद शो का कॉन्सेप्ट दिलचस्प लगता है, लेकिन इसकी असली चमक अभी निखरनी बाकी है.

    पुराने सितारों की वापसी: यादों का रीमिक्स, एहसास वही
    अभिजीत सावंत, अमित साना, सलमान अली, सायली कांबले और ऋषि सिंह जैसे जाने-पहचाने सिंगर्स की वापसी पुराने दर्शकों के लिए किसी खास तोहफे से कम नहीं है. इनके साथ पुरानी यादें भी लौटती हैं. हालांकि, पहले से बनी पहचान के बावजूद कलाकारों को अपनी मौजूदा गायकी का दम भी दिखाना होगा.

    इस बार 24 सिंगर्स को 12 जोड़ियों में बांटा गया है. डुएट फॉर्मेट शो को नया रंग देता है, जहां सिर्फ अच्छी आवाज ही नहीं, बल्कि तालमेल और केमिस्ट्री भी मायने रखती है. अगर दोनों कलाकार एक-दूसरे की ताकत बनें, तो परफॉर्मेंस शानदार हो सकती है. शुरुआती दो एपिसोड के बाद यह प्रयोग उत्सुकता जगाता है, लेकिन इसकी असली परीक्षा आगे होगी.

    इंडियन आइडल का सफर: 2004 से अब तक

    इंडियन आइडल की शुरुआत 2004 में इंटरनेशनल Pop Idol फॉर्मेट से प्रेरित होकर हुई थी. पहले सीजन में अभिजीत सावंत विजेता और अमित साना रनर-अप बने. वक्त के साथ यह शो गायकी के मंच से बढ़कर संघर्ष, भावनाओं और यादगार आवाजों की पहचान बन गया. Legends Return इसी विरासत को नए अंदाज में आगे बढ़ाने की कोशिश है.

    हिमेश रेशमिया का स्वैग: ग्लैमर का तड़का
    हिमेश रेशमिया का सिग्नेचर स्वैग, कॉन्फिडेंस और फिल्मी अंदाज शो की रौनक बढ़ाते हैं. इंडियन आइडल के साथ उनका पुराना जुड़ाव भी दर्शकों को अपनापन देता है. हालांकि, जज के तौर पर उनकी असली ताकत तभी सामने आएगी, जब स्टाइल के साथ निष्पक्ष जजमेंट और संगीत की बारीकियों को भी बराबर अहमियत मिलेगी. आखिर स्वैग महफिल सजा सकता है, लेकिन दिलों पर राज सुर ही करते हैं.

    कंटेस्टेंट्स की आपसी जजमेंट: मुकाबले में ट्विस्ट या ड्रामे की एंट्री?
    इस सीजन में कंटेस्टेंट्स को एक-दूसरे की परफॉर्मेंस पर अंक भी देने हैं. संगीत की समझ रखने वाले कलाकारों की जजमेंट शो में नया रोमांच जोड़ सकती है. लेकिन जब प्रतिद्वंद्वी ही आपके नंबर तय करें, तो निष्पक्षता पर सवाल उठना भी लाजिमी है. शुरुआती दो एपिसोड के बाद यह फॉर्मेट दिलचस्प लगता है, लेकिन इसकी असली परीक्षा आगे होगी. मेकर्स को ध्यान रखना होगा कि मुकाबला सुरों का रहे, ईगो और बेवजह के ड्रामे का नहीं.

    दो एपिसोड के बाद हमारा एक्सपीरियंस: शुरुआत दिलचस्प, लेकिन पिक्चर अभी बाकी है.

    Indian Idol – Legends Return की सबसे बड़ी ताकत पुराने चेहरों की वापसी और नए फॉर्मेट का मेल है. 24 सिंगर्स, 12 जोड़ियां और हिमेश रेशमिया का स्वैग शो में नॉस्टैल्जिया और ग्लैमर का तड़का लगाते हैं. हालांकि, दर्शकों को लंबे समय तक जोड़े रखने के लिए दमदार गायकी, शानदार संगीत संयोजन और जोड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल जरूरी होगा. फिलहाल शुरुआत उम्मीद जगाती है, लेकिन शो को सुपरहिट बनाने के लिए आगे और दमदार परफॉर्मेंस की जरूरत है.

    शो का असली इम्तिहान: बार-बार दिल जीतना.
    शो की टैगलाइन, 'सिर्फ एक बार जीतना काफी नहीं होता, बार-बार जीतना पड़ता है', इसकी भावना को बखूबी बयां करती है. पुराने कंटेस्टेंट्स के पास अनुभव और पहचान है, लेकिन नई जोड़ियों में खुद को साबित करना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी. वहीं, मेकर्स को ग्लैमर, नॉस्टैल्जिया और प्रतियोगिता के बीच संतुलन बनाकर संगीत को सबसे आगे रखना होगा.

    कुल मिलाकर, दो एपिसोड के बाद शो पुरानी यादों और नए प्रयोग का दिलचस्प मेल नजर आता है. 24 सिंगर्स की वापसी, 12 जोड़ियों का फॉर्मेट और हिमेश रेशमिया की मौजूदगी इसे देखने लायक बनाते हैं. अब असली सवाल यही है कि क्या यह शो आगे भी सुरों का जादू बरकरार रख पाएगा?

  • टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड में दहशत, सलमान-अक्षय समेत इन सितारों की बढ़ाई गई सुरक्षा

    टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड में दहशत, सलमान-अक्षय समेत इन सितारों की बढ़ाई गई सुरक्षा

    मुंबई के जुहू में रविवार शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले के बाद सेलिब्रिटीज की सुरक्षा चर्चा में बनी हुई है. टाइगर पर हमले ने फिल्म जगत की हस्तियों की सिक्योरिटी के मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. ऐसे में कई एक्टर्स और फिल्ममेकर्स की सिक्योरिटी टाइट करने की खबर है.

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित खतरे के मद्देनजर कई एक्टर्स की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सलमान खान के साथ काम कर चुकीं दो अभिनेत्रियां अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उन्हें डर है कि इन धमकियों की वजह से वो भी निशाने पर आ सकती हैं.

    सार्वजनिक इवेंट से बैकआउट
    सलमान की फिल्म टाइगर में काम कर चुके एक एक्टर का कहना है कि उनके परिवार ने उन्हें घर के भीतर ही रहने को कहा है. उनका कहना है कि मेरे परिवार का कहना है कि जितना हो सके, मैं बाहर जाने से बचूं. हम बुलेटप्रूफ गाड़ियों पर भी विचार कर रहे हैं.

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकियों की वजह से कई सेलिब्रिटी मैनेजर अपने क्लाइंटस के इवेंट पोस्टपोन कर रहे हैं. एक फोटो जर्नलिस्ट ने बताया कि टाइगर पर हमले के बाद सार्वजनिक इवेंट को लेकर सेलिब्रिटी काफी सजग हैं. अभी सभी को अपनी सिक्योरिटी की चिंता है. ऐसे में इवेंट या साइट सीइंग को पोस्टपोन किया जा रहा है. इतना ही नहीं कई एक्टर ने पैप्स से भी दूरी बनानी शुरू कर दी है.

    सेलेब्रिटीज बढ़ा रहे सुरक्षा..
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, फायरिंग की घटना के बाद टाइगर, सलमान, आमिर खान और फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सलमान के पास पहले से ही Y+ कैटेगरी की सुरक्षा है, जिसमें मुंबई पुलिस के 11-12 जवान और हथियारबंद कमांडो शामिल हैं. अब उनके बांद्रा स्थित घर के बाहर एक और पुलिस गाड़ी तैनात की गई है, जो लगातार निगरानी रखेगी. आमिर खान के घर के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और रोहित शेट्टी के घर के पास भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है.

    खबरों के अनुसार, प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग सिक्योरिटी के लिए संपर्क कर रहे हैं. इस संख्या में इजाफा हुआ है. हाल की एक रिपोर्ट में बताया गया कि मुंबई की प्रमुख लाइसेंसी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों को रियल एस्टेट प्रोफेशनल्स और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की ओर से रोजाना औसतन तीन से चार बार संपर्क किया जा रहा है.

    इससे पहले कल ही खबर आई थी कि अक्षय कुमार ने अपने घर की खिड़कियों को बुलेटप्रूफ करवाना शुरू कर दिया है. कई स्टार्स बुलेटप्रूफ गाड़ियों पर भी विचार कर रहे हैं.

    खबरों के अनुसार, अक्षय कुमार को 'X' श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्टर अपनी सुरक्षा का खर्च खुद उठाते हैं. अब खबर है कि एक्टर की सिक्‍योरिटी में भी इजाफा किया जा रहा है. इसके तहत उनके घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास शील्ड लगाई जा रही है.

    वहीं, रोहित शेट्टी ने अपने जुहू स्थित आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है, क्योंकि उस इलाके में गोलीबारी की एक घटना हुई थी. इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने गश्त बढ़ा दी है और सुरक्षा के अन्य इंतजाम भी कड़े कर दिए हैं.

    बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकियों के बाद नवंबर 2022 में महाराष्ट्र सरकार ने सलमान खान को Y प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी थी. उनकी सुरक्षा टीम में मुंबई पुलिस के लगभग 11 से 12 जवान शामिल हैं, जिनमें चार हथियारबंद कमांडो भी हैं जो उनके साथ रहते हैं. इस सुरक्षा व्यवस्था में एक विशेष रूप से प्रशिक्षित कांस्टेबल भी शामिल है, जो आधुनिक हथियारों को चलाने में माहिर है.

    बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद, अक्टूबर 2024 में उनकी सुरक्षा और बढ़ा दी गई थी. हाल ही में, टाइगर श्रॉफ की कार से जुड़ी गोलीबारी की घटना के बाद, पुलिस ने बांद्रा स्थित सलमान खान के घर 'गैलेक्सी अपार्टमेंट्स' के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी है. इसके अलावा उनके घर पर भी बुलेट प्रूफ शीशे लगवाए हैं.

    टाइगर श्रॉफ पर अटैक से हड़कंप
    बॉलीवुड हस्तियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था उनके लिए मौजूद खतरे के आकलन के आधार पर तय होती है और हालात बदलने पर इसमें बदलाव भी किया जा सकता है. यह मुद्दा तब चर्चा में आया, जब 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना हुई. बताया जाता है कि जब वे फुटबॉल मैदान से निकल रहे थे, तब अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर कई राउंड गोलियां चलाईं.

    टाइगर श्रॉफ को गोली तो नहीं लगी, लेकिन टूटे हुए कांच और गनपाउडर की वजह से उन्हें मामूली चोटें आईं. उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गए, जिनका इलाज किया गया. बाद में, मुंबई और राजस्थान पुलिस ने कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों फूल सिंह (18), ऋतिक कुमार (22) और रेहान (22) को गिरफ्तार किया. ये लोग कथित तौर पर नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे.