Category: मनोरंजन

  • नाना पाटेकर के निधन से सदमे में फिल्म इंडस्ट्री, मौत से पहले कही बातें सुनकर भावुक हुए फैंस

    नाना पाटेकर के निधन से सदमे में फिल्म इंडस्ट्री, मौत से पहले कही बातें सुनकर भावुक हुए फैंस

    'फिर मुलाकात होगी कभी…' नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका हर चाहने वाला यही कहना चाह रहा है. नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गुरुवार, 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हो गया. नाना की अचानक मौत से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. अपनी मौत से कुछ महीने पहले, नाना पाटेकर ने मृत्यु और एक अभिनेता होने के मकसद के बारे में बहुत गहराई से बात की थी. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा था.

    मृत्यु का हो गया था आभास?
    CNN-News18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो गहराई तक प्रभावित करें. नाना ने कहा था कि अभिनेता को अपने आस-पास हो रही घटनाओं से प्रभावित होना चाहिए. कैमरे के जरिए उन जज्बातों को सामने लाना चाहिए. उन्होंने कहा- मुझे तकलीफ होनी चाहिए, मेरे आस-पास जो घट रहा है, उससे तकलीफ तो होनी चाहिए. और उजागर करने का एक ही तरीका है, ये कैमरा है. उसके सामने हम उजागर करते हैं. ऐसी
    कहानी अगर उसका हिस्सा न बनूं तो क्या फायदा?

    नाना ने सिनेमा के कमर्शियल पहलू और जिंदगी की अनिश्चितता के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा- तो वैसे ऊटपटांग फिल्में हम करते रहेंगे, पैसे कमाते रहेंगे. और मैं कल मरने वाला हूं, इस पर अगर मैं भरोसा करूंगा तो आज अच्छा जी सकता हूं.

    नाना ने अपनी खुद की मौत पर भी गौर किया था. उन्होंने कहा था- हमें ऐसा लगता है कि हम मरने वाले नहीं हैं और बटोरते रहते हैं. और अचानक से आता है  इनका अकालिक निधन हो गया. कल रात को तो बैठे थे, खाना-वाना खाए, सुबह उठे ही नहीं. नाना ने कहा कि एक्टिंग अपने अंदर की घुटन को बाहर निकालने का जरिया भी है.

    नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी कहीं बातें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं. उनकी बातें सुनकर ऐसा लग रहा है कि जैसे उन्हें अपनी मौत का आभास हो चुका था. वरना जीवन और मृत्यु पर इतनी गहरी बात कहना क्या सिर्फ इत्तेफाक हो सकता है?

  • नहीं रहे बॉलीवुड के ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर, निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर

    नहीं रहे बॉलीवुड के ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर, निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर

    मुंबई 
    8 अक्टूबर 2026 को हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोवा स्थित उनके घर पर सुबह उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया. अस्पताल में करीब 45 मिनट तक उन्हें सीपीआर देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने निधन की पुष्टि की. नाना पाटेकर ने पर्दे पर जितनी दमदार पहचान बनाई, निजी जिंदगी में वह उतने ही सादे नजर आते थे। 

    नाना पाटेकर का निधन, ऐसा था उनका सादा लाइफस्टाइल
    महंगे ब्रांड और दिखावे के बजाय खेती, गांव, घर का खाना और साधारण कपड़े उनकी पसंद का हिस्सा रहे. यही वजह है कि उनके निधन के बाद उनकी इस जमीन से जुड़ी जिंदगी को भी याद किया जा रहा है।

    पीएम मोदी ने नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि बहुत कम कलाकारों में नाना पाटेकर जैसी गहराई, अपनी अलग पहचान और खास मौजूदगी थी. उन्होंने हर किरदार में शानदार विविधता और रचनात्मकता दिखाई और ऐसे किरदार दिए, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। 
    पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर अपने बेबाक और साफ विचारों के लिए भी जाने जाते थे और जो सही मानते थे, उसे कहने से कभी नहीं हिचकते थे. हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका योगदान बहुत बड़ा था. उनके निधन से एक गहरी कमी पैदा हो गई है. पीएम मोदी ने उनके परिवार, दोस्तों और उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई और उनकी आत्मा की शांति की कामना की.

    अमित शाह ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया दुख
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर के निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि पांच दशकों तक नाना पाटेकर ने अपने सहज अभिनय और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों के दिल पर अमिट छाप छोड़ी. गंभीर सामाजिक विषय हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस किरदार को निभाया, उसे जीवंत बना दिया। 

    अमित शाह ने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए सूखे से जूझ रहे किसान परिवारों की सेवा करना हो या सीमा पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाना, नाना पाटेकर ख्याति के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे। 

    अमित शाह ने कहा कि जब भी नाना से मिलने का मौका मिला, उनकी सरलता और साफगोई ने हमेशा प्रभावित किया. अमित शाह ने शोकाकुल परिवार और प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति देने और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। 

     

     

    खेती और गांव से था खास लगाव
    नाना पाटेकर का खेती से जुड़ाव काफी पुराना था. एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने पुणे के पास अपनी जमीन पर खेती करने की बात बताई थी. वहां चावल, मूंगफली, लहसुन और प्याज जैसी फसलें उगाई जाती थीं. उन्होंने खेती को अपने पसंदीदा कामों में शामिल बताया था. फार्महाउस पर उनका जुड़ाव केवल फसलों तक सीमित नहीं था. पुरानी रिपोर्टों और उनके इंटरव्यू में गाय-बैल समेत पशुओं की देखभाल का भी जिक्र मिलता है. कोविड के दौर में भी उन्होंने फार्महाउस पर रहने और वहां के जीवन का अनुभव शेयर किया था। 

    योगी आदित्यनाथ का ट्वीट
    यूपी के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, 'मशहूर अभिनेता, सशक्त थिएटर कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी पद्म श्री नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपनी बेहतरीन अदाकारी से उन्होंने भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की। भगवान श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।'

     

    खुद खाना बनाना पसंद करते थे
    नाना पाटेकर की सादगी उनके खान-पान में भी नजर आती थी. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें खाना बनाना पसंद है. उन्होंने यह तक कहा था कि अगर वह अभिनेता नहीं बनते तो शायद एक छोटा होटल खोलते. बाद के वर्षों में गांव में रहते हुए भी वह खुद खाना बनाने और अपने रोजमर्रा के काम करने की बात करते रहे. यानी उनका फार्महाउस उनके लिए केवल आराम करने की जगह नहीं था, बल्कि एक ऐसी जगह थी जहां वह सामान्य जीवन जीना पसंद करते थे। 

    कपड़ों में भी दिखती थी सादगी
    नाना पाटेकर के पहनावे की बात करें तो उनका अंदाज बॉलीवुड के सामान्य ग्लैमर से काफी अलग रहा. वह अक्सर साधारण कुर्ता-पायजामा या खादी जैसे आरामदायक पारंपरिक कपड़ों में नजर आते थे. गोवा में 4 अक्टूबर 2026 को उनकी आखिरी सार्वजनिक मौजूदगी की तस्वीरों और वीडियो में भी वह सफेद कुर्ते और सफेद गमछे में दिखाई दिए थे. उनके लिए कपड़े किसी स्टेटस सिंबल से ज्यादा आराम और जरूरत की चीज रहे. यही सादगी उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व की पहचान बन गई थी। 

    लग्जरी से ज्यादा सीमित जरूरतों पर भरोसा
    नाना पाटेकर ने पुराने इंटरव्यू में अपनी जिंदगी को लेकर कहा था कि वह लग्जरी लाइफ नहीं जीते और उनकी जरूरतें सीमित हैं. वह महंगी चीजों पर खर्च करने के बजाय जरूरतमंदों की मदद को अधिक महत्व देने की बात भी करते रहे. किसान परिवारों की मदद और सामाजिक कामों से उनका जुड़ाव भी सार्वजनिक रूप से सामने आता रहा है. नाम फाउंडेशन के जरिए उन्होंने महाराष्ट्र के किसानों से जुड़े राहत कार्यों में भी योगदान दिया था। 

    नाना पाटेकर की सादगी क्यों याद रहेगी?
    नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी फिल्मों और दमदार संवादों की चर्चा स्वाभाविक है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी का यह पहलू भी कम दिलचस्प नहीं है. एक ऐसे दौर में जब सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल अक्सर महंगी कारों, डिजाइनर कपड़ों और लग्जरी छुट्टियों से जोड़ा जाता है, नाना का खेत, पशु, घर का खाना और साधारण पहनावा उनकी अलग पसंद को दिखाता है। 

  • ‘5 करोड़ ने मुझे डुबा दिया’, कोर्ट में इमोशनल हुए राजपाल यादव; CJI बोले- अच्छी फिल्म बनाइए

    ‘5 करोड़ ने मुझे डुबा दिया’, कोर्ट में इमोशनल हुए राजपाल यादव; CJI बोले- अच्छी फिल्म बनाइए

    नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अभिनेता राजपाल यादव को निर्देश दिया है कि वह चेक बाउंस मामले में शिकायतकर्ता को देय रकम में से 2 करोड़ रुपये 13 अक्टूबर तक जमा करें। कोर्ट ने साफ कहा कि रकम जमा किए जाने के बाद ही वह हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राजपाल यादव की याचिका पर विचार करेगा। राजपाल यादव आज खुद कोर्ट में मौजूद थे और अपने साथ 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे थे। बाकी 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक उनकी संपत्ति के खरीदार के जरिए जमा किए जाने हैं, जो राजपाल के साथ कोर्ट में मौजूद था।

    'बार-बार मोहलत देना मजबूरी नहीं'
    सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि उनकी सजा बढ़ाई भी जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि अब तक जो बार-बार मोहलत दी गई, उसका मकसद सिर्फ यही था कि शिकायतकर्ता को उसका पैसा मिल सके। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की, 'कानून का इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।' कोर्ट ने साफ किया कि रकम जमा कराने का आदेश इसलिए दिया गया है ताकि शिकायतकर्ता के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हालांकि, अदालत ने कहा कि राजपाल यादव का अब तक का आचरण उसे संतुष्ट नहीं करता।

    ‘अता पता लापता’ फिल्म का जिक्र आया तो कोर्ट में छा गई हल्की मुस्कान
    आदेश पारित करने के बाद पीठ और राजपाल यादव के बीच कुछ हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई। राजपाल ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुए आर्थिक नुकसान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की वजह से उन्हें करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और फिल्म के निर्माता भी घाटे में रहे। इसी दौरान सीजेआई ने मजाकिया अंदाज में फिल्म के नाम को राजपाल यादव के मौजूदा हालात से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'आपकी फिल्म की तरह आपका पैसा भी अता पता लापता है, गायब।' अदालत की इस टिप्पणी पर माहौल कुछ हल्का हो गया।

    ‘प्रणाम करता हूं’ 
    इसके बाद राजपाल यादव ने पीठ का अभिवादन करते हुए कहा, 'प्रणाम करता हूं।' उन्होंने फिर बताया कि ‘अता पता लापता’ फिल्म में उन्हें करीब 200-250 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।

    सीजेआई ने भी हल्के-फुल्के अंदाज में उन्हें सलाह दी कि अब एक अच्छी फिल्म बनाइए और लोगों का मनोरंजन कीजिए। उन्होंने मजाक करते हुए यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाले वकील भी अच्छे अभिनेता हैं और उन्हें अपनी फिल्मों में कास्ट किया जा सकता है।

    आरटीजीएस नहीं हुआ तो 1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे राजपाल
    सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि भुगतान करने के लिए उन्होंने रजिस्ट्री से संपर्क किया था, लेकिन वहां आरटीजीएस के जरिए भुगतान की अनुमति नहीं थी। इसके बाद राजपाल यादव 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर कोर्ट पहुंचे। वकील ने बताया कि बाकी 85 लाख रुपये एक खरीदार के जरिए दिए जाएंगे। राजपाल यादव की संपत्ति खरीदने वाला व्यक्ति भी कोर्ट में मौजूद था और संपत्ति का लेन-देन पूरा होते ही यह रकम जमा कर दी जाएगी।

    ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है 5 करोड़ रुपये की देनदारी का विवाद
    राजपाल यादव ने खुद कोर्ट को बताया कि पूरा विवाद करीब 5 करोड़ रुपये की देनदारी से जुड़ा है, जिसका संबंध फिल्म ‘अता पता लापता’ से है। उनका कहना था कि फिल्म ने उन्हें इससे कहीं ज्यादा बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया। मामला साल 2010 का है। आरोप है कि मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने ‘अता पता लापता’ फिल्म के लिए राजपाल यादव को कर्ज दिया था। इसके भुगतान के लिए बाद में 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक जारी किए गए, लेकिन ये सभी चेक बाउंस हो गए।

    'फिल्म बनाने के लिए लोन नहीं लिया जाता, यह निवेश या पैकेज डील होती है'
    दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि फिल्मों के लिए आम तौर पर इस तरह कर्ज नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा, “लोन फिल्म के लिए नहीं लिया जाता। लोन घर बनाने या जमीन खरीदने के लिए लिया जाता है, फिल्म बनाने के लिए नहीं। यह या तो पैकेज डील होती है या निवेश।” उन्होंने आगे कहा कि वह खुद करीब 100 फिल्मों में काम कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें एक फिल्म बनाने के लिए लोन लेने की जरूरत ही क्यों होगी। राजपाल यादव ने न्यायपालिका और देश के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि उन्हें भारत, सुप्रीम कोर्ट और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा और सम्मान है। उन्होंने कहा कि अदालत की ओर से जो भी फैसला आएगा और जहां से भी आएगा, उसे सभी स्वीकार करेंगे।

     

  • ‘द बैटमैन पार्ट II’ की शूटिंग रुकी, निर्देशक मैट रीव्स ने लिया ब्रेक

    ‘द बैटमैन पार्ट II’ की शूटिंग रुकी, निर्देशक मैट रीव्स ने लिया ब्रेक

    फिल्म 'द बैटमैन पार्ट II'  के लिए दर्शकों को और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि फिल्म के निर्देशक मैट रीव्स व्यक्तिगत कारणो के चलते फिल्म से खुद को अलग कर चुके हैं।

    अस्थायी रूप से रुका प्रोडक्शन
    फिल्म 'द बैटमैन पार्ट II' की शूटिंग कुछ दिनों से लंदन में चल रही थी। मगर अब इसे रोक दिया गया है। फिल्म के निर्माता वार्नर ब्रदर्स और डीसी स्टूडियोज ने सोमवार को इसकी पुष्टि की जिससे इस सीक्वल को लेकर एक और नया मोड़ आ गया है, जिसकी रिलीज डेट पहले ही कई बार आगे बढ़ाई जा चुकी है। हालांकि अब तक फिल्म की रिलीज डेट 18 फरवरी 2028 ही बताई जा रही है।

    स्टूडियो ने दिया बयान
    हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार स्टूडियो ने एक बयान में कहा, ‘मैट रीव्स के पारिवारिक मामलों पर ध्यान देने के कारण 'द बैटमैन पार्ट II' का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। मैट को डीसी स्टूडियोज का पूरा समर्थन प्राप्त है और हम जल्द ही इस सफर को फिर से शुरू करने की उम्मीद करते हैं।’

     फिल्म ‘बैटमैन’ के बारे में

    • फिल्म 'द बैटमैन पार्ट II' में रॉबर्ट पैटिनसन बैटमैन के रूप में वापसी करेंगे।
    • फिल्म में एंडी सर्किस और कॉलिन फैरेल क्रमशः अल्फ्रेड और पेंगुइन की भूमिकाएं निभाएंगे।
    • वहीं फिल्म में स्कारलेट जोहानसन, सेबेस्टियन स्टेन, ब्रायन टायरी हेनरी, जेमी लॉसन, चार्ल्स डांस, गिल पेरेज-अब्राहम और सेबेस्टियन कोच नए चेहरों के रूप में फिल्म में एंट्री लेंगे।
    • फिल्म 18 फरवरी 2028 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
  • विद्युत जामवाल ने हॉलीवुड के कामकाज का बताया राज, बोले- वहां एक-एक मिनट का मिलता है पैसा

    विद्युत जामवाल ने हॉलीवुड के कामकाज का बताया राज, बोले- वहां एक-एक मिनट का मिलता है पैसा

    एक्टर विद्युत जामवाल इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' को लेकर चर्चा में हैं. ये उनकी ने अपनी हॉलीवुड डेब्यू फिल्म है. कल फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया. इस दौरान  उन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड में काम करने के तरीके को लेकर भी बात की और दोनों इंडस्ट्री के बीच का फर्क बताया.

    एक्टर कल 'स्ट्रीट फाइटर' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में शामिल हुए थे. जहां उन्होंने हॉलीवुड इंडस्ट्री की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि वहां पर कोई भी सेट पर देर से नहीं पहुंचता है.

     हॉलीवुड के काम करने के तरीके पर बोले विद्युत
    इवेंट में जब विद्युत से पूछा गया कि इंडियन सिनेमा से हॉलीवुड के सेट पर काम करने का एक्सपीरियंस कितना अलग रहा? इस पर विद्युत जामवाल ने बड़ा फर्क बताया. उन्होंने कहा कि हॉलीवुड में लोग एक्स्ट्रा टाइम काम करना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें हर एक्स्ट्रा मिनट के लिए पैसे मिलते हैं.

    हॉलीवुड के सेट पर देर से नहीं पहुंचते बड़े सितारे, विद्युत जामवाल बोले- 'हर एक्स्ट्रा मिनट का पैसा मिलता है

    उन्होंने कहा, 'हॉलीवुड में सेट पर सबसे बड़ा स्टार भी समय पर पहुंचता है. चाहे आप जेसन मोमोआ हों या कोई और, कोई देर से नहीं आता. सेट पर मौजूद सभी 300 लोग इसे फॉलो करते हैं. अगर आप एक मिनट भी लेट होते हैं, तो प्रोडक्शन से फोन आ जाता है कि 'आप ठीक हैं? आपकी तबियत ठीक हैं?''

    वहीं, इवेंट के दौरान 'स्ट्रीट फाइटर' में विद्युत जामवाल के किरदार धलसिम की भी खास झलक दिखाई गई. धलसिम 'स्ट्रीट फाइटर' वीडियो गेम सीरीज का मशहूर किरदार है, जो अपने शरीर को खींचने की क्षमता, शक्तियों और मुंह से आग निकालने वाले मूव्स के लिए जाना जाता है.

    विद्युत जामवाल ने अपने किरदार पर की बात
    धलसिम का किरदार विद्युत जामवाल के लिए काफी फिट माना जा रहा है. विद्युत योग के साथ-साथ कलारीपयट्टू और अपने जबरदस्त एक्शन के लिए भी जाने जाते हैं. विद्युत ने अपने किरदार को लेकर कहा, 'बचपन में मैंने वीडियो गेम नहीं खेले, क्योंकि मैं स्पोर्ट्स में बिजी रहता था. शायद इसी वजह से आखिरकार मुझे ये रोल मिला.' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने पूरी जिंदगी इस रोल को पाने के लिए मेहनत की है. मेरे आसपास 50 सेंट, WWE रेसलर्स और कई दूसरे दिग्गज मौजूद थे.'

    कब रिलीज होगी 'स्ट्रीट फाइटर' ?
    बता दें कि विद्युत जामवाल की हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. इसे अंग्रेजी के अलावा हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा.

     

  • ‘बिग बॉस 20’ में माही विज का फूटा गुस्सा, अमन गांधी और उदिति सिंह से हुई तीखी बहस

    ‘बिग बॉस 20’ में माही विज का फूटा गुस्सा, अमन गांधी और उदिति सिंह से हुई तीखी बहस

    कलर्स का रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' इन दिनों काफी चर्चा में है. शो में दो ग्रुप, माही विज एंड काजी तौकीर तो दूसरी तरफ यंग-आम्रपाली दुबे का अलग ग्रुप था लेकिन अब माही का ग्रुप टूट गया, जिसमें उदिति सिंह, अरिश्फा खान और अमन गांधी अलग-थलग दिखे. इसकी वजह से माही विज और उदिति सिंह के बीच तूतूमैंमैं की नौबत आती हुई भी देखने के लिए मिली.

    इतना ही नहीं, नॉमिनेशन टास्क के लिए बिग बॉस ने मैरी कॉम को बॉक्सिंग रिंग में भी उतार दिया है. घर में मंडे को मामला काफी गंभीर देखने के लिए मिला. माही से अलग हुए अमन को भी एक्ट्रेस ने नामर्द तक कह दिया. चलिए बताते हैं आखिर शो में क्या कुछ हुआ.

    उदिति सिंह-माही विज में हुई कैट फाइट, तूतूमैंमैं की नौबत
    इस वीकेंड का वार के बाद उदिति सिंह और माही विज के बीच दूरियां आती नजर आईं. गार्डन एरिया में जब उदिति सिंह, माही से घर के काम को लेकर डिस्कस करती हैं और उन्हें चोपिंग का काम देती हैं तो इस पर वो उन पर भड़क जाती हैं और कहती हैं कि सबको पता है कि उन्हें चोपिंग नहीं आती है और इसके लिए किसी की हेल्प लेनी पड़ती है. वो घर का काम करने से मना कर देती हैं. बाद में उदिति उन्हें दूसरा काम दे देती हैं.

    फिर जाते हुए उदिति उनसे कहती हैं, 'इसमें इतना रूड होने की जरूरत नहीं थी, जो आप चिल्ला रही थीं.' इसी पर दोनों के बीच तीखी बहस हो जाती है और मामला तूतूमैंमैं पर आ जाता है. दोनों एक-दूसरे को तमीज सीखने की नसीहत भी देती नजर आती हैं. बाद में माही को काजी के साथ अमन और उनके बारे में गपशप करते हुए भी देखा गया. वो पूरा दिन उनके ही बारे में बात करती रहीं.

    माही विज ने अमन गांधी को कहा- 'नामर्द'
    वहीं, माही विज काजी के साथ दिनभर जब अमन और उदिति के अलग होने पर बातें करती दिखीं तो इस दौरान अमन पर भी गुस्सा निकाला और यहां तक कि उन्हें फुसफुसाते हुए नामर्द तक कह दिया था. माही कहती हैं, 'ईगो तो देखो इसको कितनी है मेर को तो ईगो आ जाती है. वैसे तो दुनियाभर में सबको सॉरी-सॉरी बांटता फिरता है. नामर्द इंसान.'

    इसके साथ ही माही ने कनिका के बारे में बात करते हुए कहा, 'ये साइड में गुल्लू की बकरी है. इसकी लोग इतनी बेइज्जती करते हैं फिर भी वहीं जाकर बैठ जाती है. इसको धो-धोकर जूते मारते हैं. फिर भी वहीं जाती है. कहते हैं ना कि बाल्टी में पानी है धोकर मारोगे.' कनिका के बारे में इतना कहकर वो हंसने लगती हैं.

    रिंग में पहुंचीं मैरी कॉम
    इसके साथ ही 'बिग बॉस 20' के लेटेस्ट एपिसोड में नॉमिनेशन टास्क के लिए मैरी कॉम को रिंग में उतार दिया गया है, जिसमें जमकर बवाल होते हुए नजर आने वाले है. मैरी कॉम नॉमिनेशन का जोरदार पंच मारने के लिए रिंग में उतर गई हैं हालांकि, इस दौरान नॉमिनेशन टास्क नहीं हुआ, जो अगले एपिसोड में दिखाया जाएगा. प्रोमो में देखने के लिए मिला कि घर वालों के बीच जमकर बवाल होने वाला है. ऐसे में अब देखना होगा कि नॉमिनेशन टास्क में क्या कुछ होता है और कितना बवाल होता है.

     

  • ‘काला हिरण’ फिल्म विवाद में सलमान खान से जवाब तलब, दिल्ली हाईकोर्ट में फिर गरमाया

    ‘काला हिरण’ फिल्म विवाद में सलमान खान से जवाब तलब, दिल्ली हाईकोर्ट में फिर गरमाया

    सलमान खान ने 'काला हिरण' फिल्म पर रोक की मांग करते हुए एक मुकदमा दायर किया था. वहीं फिल्म के प्रोड्यसूर अमित जानी ने एक्टर की याचिका के खिलाफ एक याचिका दायर करते हुए कहा था कि इस तरह का विवाद पहले से ही एक्टर द्वारा दायर एक पुराने मुकदमे में चल रहा है. ऐसे में अब मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे लेकर सलमान खान से जवाब मांगा है.

    सलमान खान से दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
    अमित जानी ने ये अर्जी जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के सामने पेश की थी. अमित जानी के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट में पहले से लंबित एक केस में भी इसी तरह की राहत की मांग की गई थी. ऐसे में काला हिरण के मेकर्स की तरफ से सलमान की नई याचिका पर रोक लगाने की मांग की गई. जानी के वकील ने सलमान को लेकर कहा, 'उन्होंने पिछले मुक़दमे में भी ऐसी ही मांगें की थीं.'

    सलमान के वकील ने क्या कहा?
    इस मामले में सलमान खान की तरफ से पेश हुए वकील रवि प्रकाश ने कहा कि अर्जी का जवाब दिया जाएगा. कोर्ट में सुनवाई के वक्त कोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि क्या यह मुक़दमा पर्सनैलिटी राइट्स के लिए था?' इस पर प्रकाश ने कहा कि सलमान का असल मुकदमा उनके व्यक्तित्व अधिकारों से संबंधित था और कोर्ट ने तब उनके पक्ष में आदेश दिया था. इसके बाद एक फिल्म (काला हिरण) का ऐलान किया गया जो एक्टर की लाइफ से जुड़ी घटना पर बेस्ड थी.

    बता दें कि साल 2025 में प्रोड्यूसर अमित जानी ने 'काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल' नाम से फिल्म बनाने का ऐलान किया था. हालांकि इस पर सलमान ने आपत्ति जताई थी. उनका मानना था कि ये फिल्म में उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, क्योंकि साल 1998 के काला हिरण विवाद में एक्टर का नाम जुड़ा था. सलमान के वकील ने आगे कहा कि फिल्म से जुड़े प्रमोशनल मटीरियल, इंटरव्यू और प्रोड्यूसर के बयानों का उस वक्त हवाला दिया गया था.

    16 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
    इस मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर 2026 को होगी. बता दें कि इससे पहले हुई सुनवाई में फिल्म काला हिरण की रिलीज को लेकर कोर्ट ने स्पष्ट जानकारी मांगी थी. तब बताया गया था कि फिल्म अभी रिलीज की स्थिति में नहीं है. न ही इसका ट्रेलर रिलीज हुआ.

    वहीं इसके बाद की सुनवाई में सलमान की याचिका पर गौर करते हुए कोर्ट ने फिल्म से जुड़े टीजर और अन्य कंटेंट को सोशल मीडिया से हटाने के लिए कहा था. हालांकि काला हिरण के मेकर्स इनकार करते रहे हैं कि फिल्म का सलमान खान से कोई लेना-देना नहीं है. ये फिल्म उनकी काला हिरण घटना से ताल्लुक नहीं रखती है.

     

  • IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल

    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल

    बॉलीवुड की टैलेंटेड एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह और उनके ससुर वासु भगनानी बीते कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में हैं. दरअसल, टैक्स चोरी और फिल्मों के नाम पर विदेशों में पैसे भेजने के मामले में उनका नाम सामने आया था, जिसके सिलसिले में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT) ने छापेमारी भी की थी. अब रकुल प्रीत सिंह ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है.

    क्या बोलीं रकुल?
    रकुल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट शेयर करके सफाई दी है. उन्होंने कहा कि वो बीते कई सालों से रेगुलरली टैक्स भर रही हैं और उनका किसी भी विदेशी लेन-देन से ताल्लुक नहीं है.

    एक्ट्रेस ने अपनी पोस्ट में लिखा- यह काफी दुखद है कि खुद को रिपोर्टर कहने वाले और कुछ मैनस्ट्रीम मीडिया के पत्रकारों में बिना फैक्ट्स चेक किए ही खबरों को सनसनीखेज बनाकर पेश करने का चलन बढ़ता जा रहा है.

    'इसलिए हमेशा के लिए सच साफ बता देती हूं. वो रेड यानी तलाशी मुझसे जुड़ी हुई नहीं थी. यह बात सब जान लें कि मैं आर्म्ड फोर्सेस बैकग्राउंड से हूं और इंडस्ट्री में मेरा कोई गॉडफादर नहीं था. मैं कड़ी मेहनत से आगे आई हूं और एक जिम्मेदार, कानून मानने वाली नागरिक के तौर पर 20 साल की उम्र से अपना टैक्स भर रही हूं.'

    रकुल ने अपनी सफाई देते हुए आगे कहा कि वो किसी भी प्रोडक्शन हाउस की तरफ से किसी भी तरह के गैर-कानूनी विदेशी लेन-देन का हिस्सा नहीं हैं. रकुल बोलीं- मैं यह भी कहना चाहूंगी कि देश या विदेश में कहीं भी मेरे पास किसी की कोई बेनामी संपत्ति नहीं है. न ही कभी किसी ने मुझे कोई प्रॉपर्टी गिफ्ट में दी है और न ही मैं सिद्धांतों के तौर पर ऐसे महंगे तोहफे स्वीकार करती हूं.

    रकुल ने की खास अपील
    मीडिया संस्थानों से अपने पोर्टल से गलत जानकारी वाली खबरें हटाने की अपील करते हुए रकुल ने कहा- मैं उन सभी से गुजारिश करती हूं, जिन्होंने ये झूठी और मनगढ़ंत खबरें छापी हैं, वो इन्हें तुरंत हटा लें और सही फैक्ट्स सामने लाएं. मैं समझती हूं कि मीडिया बिजनेस चलाने वालों पर कमर्शियल प्रेशर होता है, लेकिन यह सब फैक्ट्स की कीमत पर नहीं हो सकता. किसी दूसरे की इमेज या रोजी-रोटी की कीमत पर तो बिल्कुल भी नहीं.

    रकुल प्रीत सिंह की बात करें तो वो जल्द ही नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में शूर्पणखा के किरदार में नजर आएंगी. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे. यह फिल्म दीवाली 2026 के मौके पर रिलीज होगी

  • कसाब ने खुद को बताया था 17 साल का, उज्ज्वल निकम ने ऐसे खोली उम्र की सच्चाई

    कसाब ने खुद को बताया था 17 साल का, उज्ज्वल निकम ने ऐसे खोली उम्र की सच्चाई

    26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी अजमल कसाब का मुकदमा चल रहा था. अभियोजन पक्ष के पास उसके खिलाफ गवाह थे, घटनास्थल से मिले सबूत थे और खुद कसाब के बयान भी थे. मामला पहली नजर में बेहद मजबूत दिखाई दे रहा था. लेकिन तभी कसाब ने अदालत में एक ऐसा दावा किया, जिसने पूरे केस की दिशा बदलने की कोशिश की. उसने कहा, मैं 17 साल का हूं. हिंदी फिल्म प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम में इसी कानूनी लड़ाई को अहम जगह दी गई है. फिल्म में राजकुमार राव मशहूर सरकारी वकील उज्ज्वल निकम की भूमिका निभा रहे हैं. फिल्म के ट्रेलर में भी अदालत के अंदर कसाब का यही दावा सुनाई देता है कि मैं 17 साल का हूं.

    लेकिन सवाल था कि अगर कसाब वाकई नाबालिग साबित हो जाता तो क्या होता? और उज्ज्वल निकम ने आखिर कैसे साबित किया कि कसाब अदालत में अपनी उम्र को लेकर झूठ बोल रहा था? कसाब ने क्यों कहा, मैं 17 साल का हूं?

    अप्रैल 2009 में मुकदमा शुरू होने के कुछ ही समय बाद कसाब के वकील अब्बास काजमी ने अदालत में उसकी उम्र को लेकर दावा किया. बचाव पक्ष का कहना था कि 26/11 के हमलों के वक्त कसाब नाबालिग था. इसके आधार पर उन्होंने मामले को जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में भेजने की मांग की.

    इस दावे का महत्व इसलिए बहुत ज्यादा था, क्योंकि अगर अदालत कसाब को कानूनी तौर पर नाबालिग मान लेती, तो उसे मौत की सजा नहीं दी जा सकती थी. जुवेनाइल जस्टिस कानून के तहत उसके लिए अधिकतम सजा तीन साल के जुवेनाइल रिमांड होम तक सीमित हो सकती थी.

    उज्ज्वल निकम ने इस मांग का तुरंत विरोध किया. अभियोजन पक्ष का कहना था कि उम्र कम बताने की कोशिश मुकदमे को लंबा खींचने और मौत की सजा से बचने की रणनीति थी. लेकिन केवल तर्क से कसाब की उम्र साबित नहीं हो सकती थी. निकम को ठोस सबूत चाहिए था.

    उज्ज्वल निकम ने मेडिकल जांच को बनाया हथियार
    निकम ने कसाब की उम्र की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की. इसके बाद मुंबई के सर जेजे अस्पताल में चार डॉक्टरों की एक मेडिकल टीम ने उसकी जांच की. टीम का नेतृत्व डॉ. नंदा कुमार ने किया.

    कसाब की उम्र का पता लगाने के लिए हड्डियों के जुड़ने यानी बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट और दांतों की जांच की गई. सवाल सीधा था कि कसाब का शरीर उसकी उम्र के बारे में क्या बता रहा है? मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपी. इसमें एक्स-रे के जरिए जोड़ों के जुड़ने और अक्ल की दाढ़ निकलने जैसे संकेतों का अध्ययन किया गया. जांच के आधार पर कसाब की उम्र 20 से 26 साल के बीच आंकी गई.

    रिपोर्ट के मुताबिक, 26 नवंबर 2008 की रात जब मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था, उस समय कसाब की उम्र कम से कम 19 साल 6 महीने थी यानी अदालत में किया गया उसका ‘मैं 17 साल का हूं’ वाला दावा मेडिकल जांच के सामने टिक नहीं पाया.

    लेकिन निकम यहीं नहीं रुके. अभियोजन पक्ष ने कसाब के गिरफ्तार होने के बाद के आधिकारिक रिकॉर्ड खंगाले. इन रिकॉर्ड्स में उसकी उम्र को लेकर ऐसे बयान मौजूद थे, जो अदालत में किए गए उसके नाबालिग होने के दावे से बिल्कुल अलग थे.

    सबसे पहले जेल रिकॉर्ड सामने आया. आर्थर रोड सेंट्रल जेल की तत्कालीन अधीक्षक स्वाति साठे ने गवाही दी कि जेल में दाखिल किए जाने के समय कसाब ने अपनी उम्र 21 साल बताई थी. इसके बाद अस्पताल का रिकॉर्ड सामने आया. 27 नवंबर 2008 को घायल कसाब का नायर अस्पताल में इलाज हुआ था. डॉक्टर राघवन ने अदालत में बताया कि शुरुआती इलाज के दौरान कसाब ने अपनी उम्र 21 साल बताई थी. लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण एक और दस्तावेज था, कसाब का खुद का न्यायिक इकबालिया बयान.

    मजिस्ट्रेट के सामने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज अपने बयान में कसाब ने आधिकारिक तौर पर खुद को 21 साल का बताया था यानी अभियोजन पक्ष के पास सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट नहीं थी. उसके पास कसाब के अपने पुराने बयान, जेल और अस्पताल के आधिकारिक रिकॉर्ड और फॉरेंसिक जांच सब एक ही दिशा में इशारा कर रहे थे. बचाव पक्ष ने पाकिस्तान से जन्म प्रमाण पत्र मंगाने की कोशिश की

    जब मेडिकल रिपोर्ट और पुराने रिकॉर्ड कसाब के खिलाफ जाने लगे तो बचाव पक्ष ने एक और रास्ता अपनाया. अप्रैल 2009 में अब्बास काजमी ने अदालत से अपील की कि कसाब के पाकिस्तान स्थित गांव फरिदकोट से उसके नगर निकाय के जन्म रिकॉर्ड हासिल करने के लिए एक रोगेटरी लेटर जारी किया जाए या वहां एक कमीशन भेजा जाए.

    अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया. निकम का तर्क था कि पाकिस्तानी अधिकारी उस समय कसाब की नागरिकता तक से इनकार कर रहे थे, ऐसे में वहां से आधिकारिक रिकॉर्ड हासिल करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो सकते हैं.

    विशेष न्यायाधीश एमएल तहिलयानी ने बचाव पक्ष की मांग खारिज कर दी. अदालत ने सर जेजे अस्पताल की रेडियोलॉजिकल जांच को कसाब के वयस्क होने का निर्णायक सबूत माना.

    क्या अदालत में कसाब ने सिर्फ उम्र को लेकर ही कहानी बदली?
    उज्ज्वल निकम ने बाद में अपने कई इंटरव्यू में दावा किया कि कसाब अदालत में अपनी छवि और माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करता रहता था. एक इंटरव्यू में निकम ने बताया था कि कसाब कभी आंसू बहाने का नाटक करता, कभी मासूमियत दिखाने की कोशिश करता और जब विदेशी पर्यवेक्षक या पत्रकार अदालत में मौजूद होते, तब अपने बयानों में बदलाव करता था.

    निकम के मुताबिक, ऐसी बदलती कहानियों का जवाब देने का सबसे मजबूत तरीका था- ऐसे सबूतों पर टिके रहना जिन्हें बदला नहीं जा सकता. यानी घटनास्थल के सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड और मेडिकल जांच. सीधी भाषा में कहें तो कसाब अपनी कहानी बदल सकता था, लेकिन सबूत नहीं बदल सकते थे.

    सुप्रीम कोर्ट ने भी मेडिकल सबूत को माना
    बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी कसाब की उम्र तय करने के लिए इस्तेमाल की गई मेडिकल जांच को स्वीकार किया. अगस्त 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने कसाब की मौत की सजा बरकरार रखते हुए अपने फैसले में बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट पर निचली अदालत के भरोसे को सही माना.

    जस्टिस आफताब आलम और जस्टिस सीके प्रसाद की पीठ ने मेडिकल जांच के आधार पर कसाब के वयस्क होने के निष्कर्ष को स्वीकार किया. इस तरह अदालत में 17 साल की उम्र का उसका दावा टिक नहीं सका.

    ‘प्रहार’ में दिखेगी यही कानूनी जंग
    अब इसी पूरे घटनाक्रम को फिल्मी पर्दे पर ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ के जरिए दिखाया जा रहा है. फिल्म के ट्रेलर से साफ है कि कसाब की उम्र को लेकर हुई यह कानूनी लड़ाई कहानी का एक अहम हिस्सा है.

    फिल्म में राजकुमार राव उज्ज्वल निकम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि सिकंदर खेर कसाब के बचाव पक्ष के वकील के किरदार में नजर आएंगे. अविनाश अरुण के निर्देशन में बनी इस फिल्म में जयदीप अहलावत एक विदेशी राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य की भूमिका में हैं. वहीं आशीष विद्यार्थी जज और वामिका गब्बी और नासिर भी अहम भूमिकाओं में हैं. प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम 16 अक्टूबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.

  • ‘बिग बॉस’ के बाद फिर ठेले पर लौटीं ‘वड़ा पाव गर्ल’, अब बेच रही हैं मोमोज

    ‘बिग बॉस’ के बाद फिर ठेले पर लौटीं ‘वड़ा पाव गर्ल’, अब बेच रही हैं मोमोज

    कहते हैं कि वक्त और किस्मत बदलते देर नहीं लगती. सोशल मीडिया के जरिए रातोरात मशहूर हुईं 'वड़ा पाव गर्ल' यानी चंद्रिका दीक्षित ने 'बिग बॉस' तक का सफर तय किया. लेकिन स्टारडम देखने के बाद अब चंद्रिका का दौर फिर से बदल चुका है. वो एक बार फिर सड़क पर ठेला लगाने लगी हैं.

    ठेला लगाने पर मजबूर चंद्रिका
    चंद्रिका का सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो फिर से सड़क पर ठेला लगाती हुई नजर आ रही हैं. लेकिन इस बार चंद्रिका वड़ा पाव नहीं, बल्कि मोमोज बेच रही हैं.

    चंद्रिका ने कहा कि अब सर्दियां आने वाली हैं. सर्दियों में लोगों को मोमोज खाना काफी पसंद है. इसलिए उन्होंने अब खुद से मोमोज बनाकर बेचना शुरू किए हैं. चंद्रिका ने ये भी क्लियर किया कि वो वड़ा पाव भी बेच रही हैं, लेकिन अब से मोमोज भी साथ में बेचेंगी.

    लोगों ने उड़ाया मजाक
    चंद्रिका के फिर से सड़क पर ठेला लगाने पर लोगों के तरह-तरह के रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं. कई लोग उनका मजाक भी उड़ा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- बिग बॉस से सीधा कार्ट पर आ गईं.  एक दूसरे यूजर ने लिखा- फिर से सड़क पर आ गई. एक अन्य यूजर ने लिखा- फिर रोना-धोना करेगी.

    बता दें कि कुछ समय पहले चंद्रिका पति संग अपनी अनबन और तलाक के ड्रामे को लेकर सुर्खियों में रही थीं. मुस्लिम मिस्ट्री मैन संग रोमांटिक वीडियो बनाने पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया था. लेकिन लड़ाई-झगड़े के बीच उन्होंने पति संग पैचअप कर लिया था, जिससे लोग काफी हैरान हुए थे.