Category: विदेश

  • ‘एल मेंचो’ ड्रग माफिया मिलिट्री ऑपरेशन में मारा गया, मेक्सिको में हिंसा के बीच भारत ने दी यात्रा एडवाइजरी

    ‘एल मेंचो’ ड्रग माफिया मिलिट्री ऑपरेशन में मारा गया, मेक्सिको में हिंसा के बीच भारत ने दी यात्रा एडवाइजरी

     जलिस्को

    मैक्सिकन डिफेंस मिनिस्ट्री ने ऐलान किया है कि दुनिया के सबसे वॉन्टेड ड्रग तस्करों में से एक और 'एल मेंचो' के नाम से कुख्यात नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस एक सैन्य अभियान में मारा गया है. ओसेगुएरा की मौत के बाद पूरे मैक्सिको में जगह-जगह से हिंसा की खबरें आ रही हैं. यह ऑपरेशन पश्चिमी राज्य जलिस्को में मैक्सिकन सुरक्षा बलों द्वारा चलाया गया था.

    मंत्रालय के मुताबिक, 59 वर्षीय भगोड़े ड्रग लॉर्ड की मौत मिलिट्री ऑपरेशन के बाद एयर ट्रांसफर (हवाई मार्ग से ले जाने) के दौरान लगी गंभीर चोटों के कारण हुई. एल मेंचो का संगठन 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) पिछले एक दशक में मेक्सिको का सबसे पावरफुल आपराधिक समूह बन चुका था और अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी का प्रमुख स्रोत था. 

    हालांकि, राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से परहेज किया है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर पूरी जानकारी सुरक्षा कैबिनेट द्वारा दी जाएगी.

    पूरे मेक्सिको में अफ़रा-तफ़री…

    अधिकारियों ने बताया कि ओसेगुएरा की मौत की ख़बरों से CJNG के मज़बूत गढ़ वाले कई राज्यों में हिंसा फैल गई, जहां बंदूकधारियों ने मिलकर बदले की कार्रवाई में कई गाड़ियां जला दीं और मुख्य सड़कों को ब्लॉक कर दिया.

    लोकल मीडिया और अधिकारियों ने बताया कि जलिस्को, गुआनाजुआतो, नायरिट, मिचोआकन और तमाउलिपास में बसों, ट्रकों और कारों में आग लगा दी गई, जबकि ग्वाडलहारा में लोग बदले की कार्रवाई के डर से सड़कों और ट्रांसपोर्ट हब से भाग गए.

    पब्लिक के लिए सलाह जारी…
    गवर्नर पाब्लो लेमस नवारो ने कहा कि स्टेट में अभी भी 'कोड रेड' सिक्योरिटी अलर्ट है और उन्होंने लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की. ​​इलाके के कुछ हिस्सों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद कर दिया गया और चल रही झड़पों की वजह से स्टेट हाईवे पर यात्रा करने से मना कर दिया गया.

    लेमस ने कहा, "हम कोड रेड में हैं. हम यह सलाह दोहराते हैं कि अपने घरों से बाहर न निकलें. कई फ़ेडरल जगहों पर झड़पें हो रही हैं."
    लोकल मीडिया ने बताया कि ओसेगुएरा ग्वाडलहारा से करीब 80 मील दक्षिण-पश्चिम में एक पहाड़ी शहर, तपालपा में या उसके पास एक फ़ेडरल ऑपरेशन के दौरान मारा गया. रीजनल मीडिया में चल रहे वीडियो में इलाके में भारी गोलीबारी और सुरक्षा तैनात दिखाई दे रही थी.

    CJNG की जड़ें लंबे वक्त से ग्रामीण जलिस्को में हैं, जहां ओसेगुएरा (पूर्व पुलिस अफ़सर) एक कार्टेल नेटवर्क को लीड करने के लिए उभरा, जो इलाके पर कब्ज़ा करने और तस्करी के रास्तों को कंट्रोल करने के लिए मिलिट्री-स्टाइल फ़ोर्स और बेरहमी से डराने-धमकाने पर निर्भर था.

    मेक्सिको में US एम्बेसी ने CJNG कार्टेल के लीडर के मारे जाने के बाद बदले की कार्रवाई से जुड़ा सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. यूएस एंबेसी ने कहा, 'चल रहे सिक्योरिटी ऑपरेशन और उससे जुड़ी सड़कों पर रुकावटों और क्रिमिनल एक्टिविटी की वजह से US नागरिकों को अगली सूचना तक सुरक्षित जगह पर रहना चाहिए.'

    भारत ने जारी की एडवाइजरी
    भारत ने भी मेक्सिको के हालात को देखते हुए अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है.

  • नेपाल: पोखरा-काठमांडू बस दुर्घटना, त्रिशूली नदी में गिरी, 17 की जान गई

    नेपाल: पोखरा-काठमांडू बस दुर्घटना, त्रिशूली नदी में गिरी, 17 की जान गई

    काठमांडू
    नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई. पोखरा से काठमांडू आ रही एक यात्री बस त्रिशूली नदी में गिर गई. इस हादसे में मरने वालों की सूची में 6 महिलाएं और 11 पुरुषों की शामिल हैं.

    इस हादसे में कुल 27 लोगों को अस्पतालों में भेजा गया है. दुर्घटना में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. मृतकों और घायलों में एक न्यूजीलैंड का नागरिक भी बताया गया है.

    बस रात करीब 1 बजे पृथ्वी राजमार्ग के अंतर्गत पोखरा से काठमांडू की ओर आ रही थी. बस धादिंग के बेनिघाट रोरांग में त्रिशूली नदी किनारे जा गिरी. बस सड़क से लगभग 300 मीटर नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली.

    टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव

    नाव की मदद से यात्रियों को करीब एक किलोमीटर नीचे तक लाया गया, वहां से उन्हें सड़क तक ऊपर चढ़ाकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. रात का समय, दुर्गम स्थान और राहत सामग्री की कमी के कारण बचाव कार्य में मुश्किल हुई. प्रमुख जिला अधिकारी सुवेदी फोन पर बताया, टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव किया गया. हमें राहत सामग्री की कमी महसूस हुई.

    27 लोगों को पहुंचाया गया अस्पताल
    सुवेदी ने बताया कि घटनास्थल से 8 महिलाएं, 18 पुरुष और एक बालिका सहित कुल 27 लोगों को बचाकर विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. उन्होंने हादसे में 6 महिलाओं और 11 पुरुषों की मौत होने की जानकारी दी.
    दुर्घटनास्थल पर सेना, सशस्त्र प्रहरी बल और नेपाल पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया. सशस्त्र प्रहरी बल के विपद प्रबंधन बेस आदमघाट से डीएसपी सुनील गिरी के नेतृत्व में एक टीम तथा विपद प्रबंधन प्रशिक्षण शिक्षालय कुरिनटार से गोताखोरों की टीम भी राहत और बचाव कार्य में तैनात है.

  • नासा ने टाल दिया अपना मून मिशन, मार्च में होनी थी लॉन्चिंग

    नासा ने टाल दिया अपना मून मिशन, मार्च में होनी थी लॉन्चिंग

    नई दिल्ली.

    अमेरिकी अंतरिक्ष एजंसी नासा ने अपना मून मिशन फिलहालटाल दिया है। जानकारी के मुताबिक नासा मानवयुक्त फ्लाइबाइ मिशन आर्टेमिस-2 को मार्च में लॉन्च करने वाला था। हालांकि अब रॉकेट और यान दोनों को लॉन्च पैड से हटा लिया गया है। बताया गया कि रॉकेट में आई तकनीकी खराबी की वजह से मिशन को टाला गया है।

    नासा के चीफ जेरेड आइजैकमैन ने शनिवार को बताया कि स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) हीलियम लीक की समस्या देखने को मिली थी। अब मार्च में तो इस मिशन को लॉन्च नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, इस फैसले से नासा की टीम निराश है। हम लोगों ने इस मिशन के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मिशन बहुत सावधानी से किए जाते हैं। 1960 के दशक में भी जब नासा ने ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसकी कल्पना भी दुनिया ने नहीं की थी. तब भी कई बाधाएं सामने आई थीं और मिशन लेट हुआ था।

    रॉकेट सिस्टम में हीलियम निभाता है अहम भूमिका
    किसी भी रॉकेट सिस्टम के लिए हीलियम बहुत जरूरी होता है। यह प्रोपेलेंट टैंक में प्रेशर बनाता है और इंजन को चलाने में मदद करता है। अब एलएलएस रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को मरम्मत के लिए व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में ले जाया जाएगा।

    क्या है नासा का प्लान
    नासा का प्लान था कि आर्टेमिस-II में जाने वाले अंतरिक्ष-यात्री शून्य-गुरुत्वाकर्षण में एक छोटे से केबिन में काम करेंगे। पृथ्वी की निचली ऑर्बिट में रेडिएशन का स्तर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की तुलना में ज़्यादा होगा, लेकिन फिर भी सुरक्षित होगा। पृथ्वी पर लौटने पर अंतरिक्ष-यात्री वायुमंडल से गुज़रते समय एक ऊबड़-खाबड़ वापसी का अनुभव करेंगे और अमेरिका के पश्चिमी तट से दूर प्रशांत महासागर में लैंडिंग करेंगे।
    गौरतलब है कि यह रॉकेट चांद पर उतरने वाला नहीं था। नासा के अनुसार, इस मिशन का मकसद आर्टेमिस-3 मिशन में अंतरिक्ष-यात्रियों की चांद पर लैंडिंग के लिए भूमिका तैयार करना था।

    नासा का प्लान है कि जब आर्टेमिस-3 आखिरकार उड़ान भरेगा, तो अंतरिक्ष-यात्री चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएंगे। उस मिशन के बाद, मकसद इंसानों की लगातार मौजूदगी बनाए रखना है। आर्टेमिस-4 और आर्टेमिस-5 गेटवे बनाना शुरू करेंगे, जो चांद के चारों ओर घूमने वाला एक छोटा स्पेस स्टेशन होगा। इसके बाद और भी मून लैंडिंग होंगी, गेटवे में अतिरिक्त हिस्से जोड़े जाएंगे और सतह पर नये रोबोटिक रोवर काम करेंगे। नासा ने पिछली बार 1960 और 1970 के दशक के अपोलो कार्यक्रम के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा था। नये आर्टेमिस कार्यक्रम का लक्ष्य चंद्रमा पर अधिक स्थायी उपस्थिति स्थापित करना है।

  • लेबनान में इजरायली हवाई हमले में हिजबुल्लाह के कमांडर सहित 8 आतंकियों की मौत

    लेबनान में इजरायली हवाई हमले में हिजबुल्लाह के कमांडर सहित 8 आतंकियों की मौत

    नई दिल्ली.

    पूर्वी लेबनान पर हुए इजराइली हवाई हमलों में हिज्बुल्लाह आतंकवादी समूह के आठ सदस्यों की मौत हो गई है, जिनमें कई स्थानीय अधिकारी भी शामिल हैं। हिज्बुल्ला के दो अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों की संख्या 10 बताई है लेकिन आतंकवादियों और नागरिकों के बीच अंतर स्पष्ट नहीं किया गया है।

    तीन मंजिला इमारत पर हमला
    हिज्बुल्लाह के अधिकारियों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर 'एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि शुक्रवार देर रात उत्तरपूर्वी लेबनान के रयाक गांव के पास हुए हमलों में आठ आतंकवादी मारे गए। शनिवार सुबह हमले वाली जगह का दौरा करने वाली एसोसिएटेड प्रेस की टीम ने देखा कि तीन मंजिला इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल ध्वस्त हो गई थी।

    इजरायल पर हमले की रच रहे थे साजिश?
    इजराइली सेना ने शनिवार को बताया कि लेबनान के बालबेक इलाके में तीन अलग-अलग कमांड अड्डों में हिजबुल्ला की मिसाइल इकाई के कई सदस्य मारे गए। सेना ने बताया कि हमले में मारे गये हिजबुल्ला के सदस्य 'इजराइल पर हमले की साजिश रचने, उसे अंजाम देने और सैन्य बल बढ़ाने की प्रक्रियाओं को तेज करने' में संलिप्त थे। हिजबुल्ला के एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से तीन स्थानीय कमांडर थे और उनकी पहचान अली अल-मौसावी, मोहम्मद अल-मौसावी और हुसैन याघी के रूप में हुई है।

    याघी, हिज्बुल्लाह के एक प्रमुख अधिकारी और संस्थापक मोहम्मद याघी का बेटा थे। मोहम्मद याघी का 2023 में निधन हो गया था। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पूर्वी लेबनान पर इजराइली हमलों में 10 लोग मारे गए और 24 घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। रयाक अस्पताल के कार्यकारी निदेशक अली अब्दुल्ला ने एपी को बताया कि यह हमला सूर्यास्त के बाद हुआ।

    उन्होंने बताया कि 10 शवों और 21 घायलों को अस्पताल लाया गया था। मृतकों में सीरिया का एक नागरिक और इथियोपिया की एक महिला भी शामिल है। घायलों में पांच सीरियाई और तीन इथियोपियाई नागरिक शामिल हैं। बता दें कि लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम होने के बाद भी इजरायल अकसर हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाता है। हिजबुल्लाह के अब तक दर्जनों कमांडर इजरायल ने ढेर कर दिए हैं। हिजबुल्लाह और हमास मिलकर इजरायल पर हमले की साजिश करते हैं। ऐसे में इजरायल दोनों ही कट्टरपंथी संगठनों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। इस बार इजरायल ने पूर्वी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकाने को निशाना बनया है।

  • अदियाला जेल से सनसनीखेज दावा: इमरान खान को मानसिक रोगी बनाने की प्लानिंग, लीक ऑडियो से बढ़ा विवाद

    अदियाला जेल से सनसनीखेज दावा: इमरान खान को मानसिक रोगी बनाने की प्लानिंग, लीक ऑडियो से बढ़ा विवाद

    इस्लामाबाद
    पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। उनके समर्थकों के बीच यह आशंका तेज़ हो रही है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो क्लिप ने इस विवाद को और भड़का दिया है। यह ऑडियो पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लक्ष्मण उर्फ लकी बिष्ट द्वारा शेयर किया गया  है, जिसमें पाकिस्तान सरकार, प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
     
    ऑडियो में दावा किया गया है कि जेल प्रशासन पर सरकारी एजेंसियों और सेना से जुड़े तत्वों का प्रभाव है तथा इमरान खान को कथित रूप से “ शारीरिक और मानसिक रूप से धीरे-धीरे कमजोर” करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों और पलटवारों के बीच पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उबाल पर नजर आ रही है।  उनके परिवार और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रचार बताया है।

    इससे पहले इमरान खान की बहन उज्मा खान ने प्रेस वार्ता में कहा कि हालिया जेल मुलाकात के दौरान इमरान ने संदेश दिया—यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सेना प्रमुख Asim Munir जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना प्रमुख और गृह मंत्री Mohsin Naqvi मिलकर उन्हें “धीरे-धीरे मारने” की योजना बना रहे हैं। अलीमा खान ने दावा किया कि इमरान की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और उन्हें निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही। नूरीन खान ने भी सेना नेतृत्व की आलोचना करते हुए इसे “कानून के बिना राज” बताया।
     
    प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे पीटीआई का राजनीतिक स्टंट बताया।सरकार द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की आंखों की रोशनी चश्मे के साथ सामान्य स्तर तक सुधर रही है। रिपोर्ट में उनकी सेहत को स्थिर बताया गया है। अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान की गिरफ्तारी और मुकदमों को लेकर पहले ही पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बना हुआ है। उनकी पार्टी समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • तारिक रहमान बने बांग्लादेश PM, भारत से जुड़ा अहम फैसला और यूनुस के फरमान को किया पलट

    तारिक रहमान बने बांग्लादेश PM, भारत से जुड़ा अहम फैसला और यूनुस के फरमान को किया पलट

    ढाका 

    बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत के साथ रिश्ते को बेहतर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को भारत के लोगों के लिए वीजा सेवाएं फिर से बहाल कर दी है, जिन्हें मोहम्मद यूनुस की सरकार ने करीब दो महीने पहले सस्पेंड कर दिया था.

    भारत-बांग्लादेश वीजा सर्विस बहाल

    भारतीय नागरिकों के लिए सभी कैटेगरी के वीजा बहाल कर दिए गए हैं, जिनमें मेडिकल और पर्यटन वीजा भी शामिल हैं. पिछले साल दिसंबर में बिजनेस और वर्क वीजा पर रोक नहीं लगाई गई थी. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार (20 फरवरी) सुबह सेवाएं बहाल कर दी गईं. बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के तीन बाद ये फैसला लिया गया, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार का संकेत है.

    क्या भारत भी बहाल कर सकता है वीजा सर्विस?

    बांग्लादेश के सिलहट में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भी सभी वीजा सेवाएं पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. बीडी न्यूज24 के अनुसार उन्होंने कहा, 'मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा वर्तमान में जारी किए जा रहे हैं. ट्रेवल सहित अन्य कैटेगरी वीजा को फिर से शुरू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.' उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों पर टिकी है.' उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी प्रकार के भारतीय वीजा सामान्य रूप से जारी होने लगेंगे.

    बांग्लादेश में भारतीय हाई कमीशन पर हुआ था हमला

    तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद बांग्लादेश नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर गया है. बांग्लादेश में कट्टरपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था. दिसंबर 2025 में राजनयिक तनाव के मद्देनजर दोनों देशों के बीच कांसुलर और वीजा सेवाएं रोक दी गई थीं.

    सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी की मौत की सूचना मिलने के बाद 18 दिसंबर की रात प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग के सामने प्रदर्शन किया और पत्थर फेंके थे. इसके बाद भारत ने वहां 21 दिसंबर से अगले आदेश तक कामकाज निलंबित कर दिया.

     

  • पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की दो टूक- ‘आसिम मुनीर नहीं हैं मेरे बॉस’

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की दो टूक- ‘आसिम मुनीर नहीं हैं मेरे बॉस’

    इस्लामाबाद.

    पाकिस्तान की सरकार में सेना की दखल की बातें लंबे समय से चली आ रहीं हैं। अब मुल्क के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान में सेना और सरकार कैसे काम करती हैं। उन्होंने इसे हाइब्रिड व्यवस्था कहा है। साथ ही कहा है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके बॉस नहीं हैं।

    फ्रांस 24 इंग्लिश से बातचीत में आसिफ से सवाल किया गया कि डोनाल्ड ट्रंप के फेवरेट फील्ड मार्शल आसिम मुनीर क्या पाकिस्तान के असली शासक हैं। इसपर आसिफ ने जवाब दिया, 'मैं आपसे सहमत हूं, कुछ लोग हैं जो ऐसा कहते हैं। एक व्यवस्था है। देखिए पाकिस्तान का इतिहास सरकार पर सेना के नियंत्रण का रहा है। 50 के दशक की बात हो या 60 के दशक की। एक समय था, जब सेना ने दखल दिया और सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली।' जब पूछा गया कि क्या अब भी ऐसा ही हो रहा है। उन्होंने कहा, 'ऐसा अब नहीं हो रहा है। क्योंकि जिन हालात का अभी हम सामना कर रहे हैं जैसा कि हमने बात की आतंकवाद, अफगानिस्तान से भारत का खतरा और अर्थव्यवस्था जो 3 साल पहले पूरी तरह कमजोर हो गई थी। तो ऐसे में यह राष्ट्रीय संस्थाओं का आपसी सहयोग है।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तानी सेना या सशस्त्र बल सबसे ज्यादा जरूरी राष्ट्रीय संस्थान हैं। वो राजनीतिक सरकार और चुनी हुई सरकार को सहयोग दे रहे हैं। मैं इसे हाइब्रिड अरेंजमेंट कहूंगा। पाकिस्तान में सेना का शासन नहीं है।'

    आसिम मुनीर पर कर दिया बड़ा दावा
    इंटरव्यू के दौरान आसिफ से पूछा गया कि क्या फील्ड मार्शल मुनीर उनके बॉस हैं। उन्होंने इससे इनकार कर दिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, 'नहीं वह मेरे बॉस नहीं हैं। मेरे बॉस प्रधानमंत्री हैं।' पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ हैं।

  • नए पीएम तारिक रहमान पर भड़के यूनुस के समर्थक?

    नए पीएम तारिक रहमान पर भड़के यूनुस के समर्थक?

    ढाका.

    बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान को कुर्सी संभाले अभी तीन दिन ही बीते हैं कि उनपर मोहम्मद यूनुस के ही समर्थक आरोप लगाने लगे हैं। अंतरिम सरकार में मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाने वाले यूनुस के समर्थक नाहिद इस्लाम ने तारिक रहमान पर शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग और भारत के साथ मिलीभगत के आरोप लगा दिए हैं।

    दरअसल प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान ने भारत से रिश्ते दुरुस्त करने की कवायद की है। इसके अलावा बांग्लादेश में कई जगहों पर आवामी लीग के दफ्तर फिर से खुले हैं। यह बात मोहम्मद यूनुस के समर्थकों को रास नहीं आ रही है। बता दें कि नाहिद इस्लाम नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोक हैं। उनकी पार्टी ने ही जुलाई 2024 में शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए थे। इसी का फायदा उठाकर बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरा दी गई और फिर अंतरिम सरकार गठित कर दी गई। मोहम्मद यूनुस की अगुआई वाली अंतरिम सरकार में भारत के खिलाफ खूब अजेंडे चलाए गए। इसके अलावा अल्पसंख्यकों पर हमले भी आम हो गए। मोहम्मद यूनुस ने खुलकर पाकिस्तान के साथ करीबी बढ़ाई और भारत की आलोचना भी की।

    शेख हसीना से करने लगे तारिक रहमान की तुलना
    अब तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद हालात बदलने लगे तो यूनुस के समर्थकों में खलबली मची हुई है। नाहिद इस्लाम ने कहा कि इस चुनाव में भारत, आवामी लीग और बीएनपी मिले हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर बीएनपी भी आवामी लीग वाली राजनीति फिर से लाने की कोशिश करेगी तो उसका भी विरोध होगा। नाहित इस्लाम ने कहा कि आखिर देश में आवामी लीग के कार्यालय फिर कैसे खुल रहे हैं। इसपर सरकार को जवाब देना चाहिए।

    उन्होंने कहा, सरकार को चाहिए कि आवामी लीग के सारे दफ्तर तुंरत बंद करवाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह काम उनकी पार्टी करेगी। उन्होंने शेख हसीना को फासीवादी बताते हुए कहा कि उन्हें अब बांग्लादेश में कभी पैर जमाने का मौका नहीं मिलेगा।

    भारत के साथ संबंध सुधारना चाहता है बांग्लादेश
    मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में भारत के साथ बांग्लादेश के संबंध हद दर्जे तक खराब हो गए थे। हालांकिअब बांग्लादेश के नए खेल मेंत्री ने भी बीसीसीआई से संबंध सुधारने की इच्छा जताई है। वहीं बांग्लादेश की अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट प्रथम आलो के मुताबिक बीएनपी के आने के बाद कई जिलों में आवामी लीग के दफ्तर खोले गए हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार ने आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में इस चुनाव में पार्टी चुनाव ही नहीं लड़ पाई।

  • मार्शल लॉ लागू करने वाले पूर्व राष्ट्रपति को दक्षिण कोरिया में उम्रकैद की सजा

    मार्शल लॉ लागू करने वाले पूर्व राष्ट्रपति को दक्षिण कोरिया में उम्रकैद की सजा

    सियोल
    दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने उन्हें 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने, सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी पाया. इस मामले में उन्हें मृत्युदंड तक की सजा हो सकती थी, लेकिन अदालत ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया.

    65 वर्षीय यून सुक येओल ने दिसंबर 2024 में सेना और पुलिस बलों को सक्रिय कर संसद पर नियंत्रण की कोशिश की थी. आरोप है कि उन्होंने उदारवादी बहुमत वाली नेशनल असेंबली को अवैध तरीके से कब्जे में लेने की कोशिश की. उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह कदम "राष्ट्र विरोधी ताकतों" को रोकने के लिए जरूरी था, जो उनके एजेंडे को बाधित कर रही थीं.

    मार्शल लॉ करीब छह घंटे तक लागू रहा था. भारी हथियारों से लैस सैनिकों और पुलिस ने संसद भवन की घेराबंदी कर दी थी. हालांकि सांसदों ने अवरोध तोड़ते हुए भीतर पहुंचकर सर्वसम्मति से मार्शल लॉ हटाने के पक्ष में मतदान किया था, जिसके बाद आपात आदेश वापस लेना पड़ा. इस घटना ने देश में गहरा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया था.

    दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं
    जनवरी में अभियोजकों ने यून के लिए मृत्युदंड की मांग की थी. उनका कहना था कि "असंवैधानिक और अवैध मार्शल लॉ ने नेशनल असेंबली और चुनाव आयोग के कामकाज को कमजोर किया और उदार लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने का प्रयास किया." हालांकि दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है और इसे व्यवहारिक रूप से मृत्युदंड पर रोक माना जाता है.

    पूर्व राष्ट्रपति का साथ देने वालों पर भी कार्रवाई
    अदालत ने मार्शल लॉ लागू कराने में शामिल कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया. पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को इस योजना की केंद्रीय भूमिका और सेना को सक्रिय करने के लिए 30 साल की जेल की सजा दी गई.

    यून को पिछले महीने गिरफ्तारी का विरोध करने, मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर करने और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक किए बिना आपात आदेश जारी करने के मामले में पांच साल की सजा भी सुनाई गई थी.

    पूर्व प्रधानमंत्री को अन्य केस में पाया गया दोषी
    सियोल सेंट्रल कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक सू समेत दो अन्य कैबिनेट सदस्यों को भी अलग मामलों में दोषी ठहराया. हान डक सू को 23 साल की सजा दी गई है. उन पर आरोप था कि उन्होंने कैबिनेट बैठक के जरिए आदेश को वैध ठहराने, रिकॉर्ड में हेरफेर करने और शपथ के तहत झूठ बोलने की कोशिश की. उन्होंने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है.

  • शहबाज़ शरीफ़ की अमेरिका यात्रा: ट्रंप से मुलाकात और बोर्ड ऑफ पीस की बैठक तय

    शहबाज़ शरीफ़ की अमेरिका यात्रा: ट्रंप से मुलाकात और बोर्ड ऑफ पीस की बैठक तय

    इस्लामाबाद/वॉशिंगटन

      पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन पर अमेरिका पहुँच चुके हैं। 18 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे का मुख्य केंद्र वॉशिंगटन में होने वाली उच्च स्तरीय बैठकें और अमेरिकी नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता है। ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शिरकत : पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर 'बोर्ड ऑफ़ पीस' की पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका गए हैं।

    महत्वपूर्ण बैठक : यह बैठक आज यानी गुरुवार, 19 फरवरी को होनी है। पृष्ठभूमि : गौरतलब है कि पिछले महीने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम' के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में इस शांति बोर्ड का गठन किया गया था।

    वरिष्ठ मंत्रियों का दल साथ : प्रधानमंत्री अकेले इस दौरे पर नहीं हैं। उनके साथ पाकिस्तान का एक शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है, जिसमें शामिल हैं-उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार। मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ मंत्री और उच्चाधिकारी।

    द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा : 'बोर्ड ऑफ़ पीस' की बैठक के अलावा, शहबाज़ शरीफ़ अमेरिका की वरिष्ठ लीडरशिप के साथ अलग से भी मुलाकातें करेंगे।एजेंडा : इन बैठकों में मुख्य रूप से पाकिस्तान-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों, सुरक्षा सहयोग और वर्तमान वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है।कूटनीतिक महत्व : राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ संबंधों की यह नई दिशा अंतरराष्ट्रीय गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।