दो अलग-अलग मामलों में 7 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर धोखाधड़ी में प्रयुक्त बैंक खातों के नेटवर्क को चिन्हित कर उसके विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में छतरपुर पुलिस ने दो अलग-अलग साइबर अपराध प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं अन्य सामग्री बरामद की है। वहीं, ऑनलाइन ठगी के एक अन्य प्रकरण में 28 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का खुलासा
थाना कोतवाली पुलिस को राजनगर रोड फोरलेन ओवरब्रिज के पास म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने संबंधी सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके पास से विभिन्न बैंकों की 20 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों की 104 सिम कार्ड और 2 मोबाइल फोन प्राप्त हुए, जिसे विधिवत जब्त किया गया।
बरामद सामग्री एवं संबंधित पोर्टल की जांच करने पर कई बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड, मोबाइल सिम एवं मोबाइल फोन का संबंध बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल एवं पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में दर्ज लगभग 35 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित प्रकरणों से पाया गया है।
जांच के दौरान तमिलनाडु में एक महिला के साथ लगभग 37 लाख 80 हजार रुपये की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के प्रकरण में भी बरामद बैंक खातों में से एक खाते का लिंक सामने आया। धोखाधड़ी की राशि का एक हिस्सा संबंधित खाते में ट्रांजैक्शन हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा लोगों को प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते एकत्र किए जाते थे तथा इन म्यूल बैंक खातों में फर्जी सिम उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की राशि का ट्रांजैक्शन कराया जाता था। पुलिस द्वारा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं लेन-देन की जानकारी भी एकत्र की जा रही है।
प्रकरण में पुलिस द्वारा म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी, कियोस्क संचालक सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
28 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी का खुलासा
थाना खजुराहो में आवेदक के साथ टेलीग्राम ऐप पर रेटिंग बढ़वाने के नाम पर पैसे दोगुने करने का लालच देकर 28 लाख रुपये की ऑनलाइन साइबर ठगी किए जाने के संबंध में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, अपराध में प्रयुक्त संचार माध्यमों तथा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का विस्तृत विश्लेषण किया गया। जांच मेंगोटेगांव, जिला नरसिंहपुर के एक गिरोह के इस साइबर ठगी में शामिल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, बैंक खाते खोलने में प्रयुक्त 2 मोबाइल फोन एवं 38 हजार रुपये नगद बरामद किए गए हैं। साथ ही संबंधित बैंक खातों में 1.50 लाख रुपये की राशि फ्रीज कराई गई है।
जांच में सामने आया कि आरोपी Instagram पर विज्ञापनों के माध्यम से बैंक खाते किराए पर लेते थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि डलवाकर उसे तत्काल अन्य खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था। इसके बाद ठगी की राशि को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर देते थे।
आरोपियों द्वारा उपयोग किए जा रहे तकनीकी साधनों एवं बैंक खातों के विश्लेषण में अब तक लगभग 80 लाख रुपये के संदिग्ध साइबर लेन-देनका पता चला है। इन लेन-देन से संबंधित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार एवं झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में लगभग 50 साइबर शिकायतें पंजीबद्ध होना पाया गया है। जांच में आरोपियों के नेटवर्क के पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड एवं महाराष्ट्र से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है।
छतरपुर पुलिस द्वारा दोनों प्रकरणों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों, म्यूल बैंक खातों, फर्जी सिम कार्ड, संदिग्ध बैंक लेन-देन तथा अंतरराज्यीय नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर अपराध से प्राप्त राशि के प्रवाह एवं उससे जुड़े अन्य खातों की भी तकनीकी जांच की जा रही है। प्रकरणों में विवेचना एवं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि वे किसी भी व्यक्ति को प्रलोभन में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंकिंग संबंधी जानकारी अथवा अन्य वित्तीय साधन उपलब्ध न कराएं। ऐसे खातों का उपयोग साइबर अपराधों में होने पर संबंधित व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकता है। साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।



