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  • राजस्थान में अगले 4-5 दिन कमजोर रहेगा मानसून, 12 सितंबर से बारिश की वापसी के आसार

    राजस्थान में अगले 4-5 दिन कमजोर रहेगा मानसून, 12 सितंबर से बारिश की वापसी के आसार

    जयपुर
    राजस्थान में मानसून ने फिलहाल ब्रेक ले लिया है। प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ मौसम का मिजाज एक बार फिर गर्म होने लगा है। हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहेगा, लेकिन 12 सितंबर से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। आज भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

    सोमवार को भी प्रदेश में बारिश का दायरा काफी सीमित रहा। अलवर, कोटपूतली, सीकर और राजसमंद में ही कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। राजसमंद के नाथद्वारा में सबसे ज्यादा करीब 28 मिलीमीटर यानी एक इंच से ज्यादा पानी बरसा। देर शाम श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के कुछ इलाकों में बादल छाए और हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं।

    उत्तर भारत की तरफ खिसका मानसून ट्रफ
    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सोमवार को मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से खिसककर उत्तर भारत की तरफ चली गई। इसका सीधा असर राजस्थान में बारिश की गतिविधियों पर पड़ा है। ट्रफ की स्थिति बदलने के कारण अब प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता कमजोर रहने का अनुमान है।

    इस दौरान आसमान में बादल जरूर नजर आ सकते हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर तेज या भारी बारिश की उम्मीद कम है। स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 सितंबर से मानसून फिर सक्रिय होगा, जिसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    राजस्थान में 24 फीसदी बारिश कम
    इस मानसून सीजन में राजस्थान को अब तक सामान्य बारिश का इंतजार ही है। 1 जून से 6 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से करीब 24 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे प्रदेश में सिर्फ चार जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

    इनमें सबसे आगे भरतपुर है। यहां 1 जून से 6 सितंबर तक सामान्य बारिश 481.7 एमएम मानी जाती है, जबकि इस सीजन में अब तक 638.8 एमएम बारिश हो चुकी है। यानी भरतपुर में सामान्य से करीब 33 फीसदी ज्यादा पानी बरसा है।

    भरतपुर के अलावा दौसा, धौलपुर और झुंझुनूं में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इन जिलों में बारिश सामान्य से करीब 7 से 13 फीसदी अधिक रही है। दूसरी ओर अलवर में सामान्य से करीब 1 फीसदी कम और करौली में 5 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    नाथद्वारा में सबसे ज्यादा बारिश
    पिछले 24 घंटे के दौरान राजसमंद का नाथद्वारा बारिश के लिहाज से प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां करीब 28 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोटपूतली, अलवर शहर और सीकर के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई।

    देर शाम पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में मौसम ने थोड़ी करवट ली। बादल छाने के साथ कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। हालांकि, यह बारिश इतनी व्यापक नहीं रही कि प्रदेश में कमजोर पड़े मानसून को फिर से सक्रिय माना जाए।

    बारिश रुकी तो चढ़ने लगा पारा
    बारिश थमने और धूप निकलने का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। सोमवार को करौली, कोटा, प्रतापगढ़, फतेहपुर, अलवर, पिलानी, टोंक और भीलवाड़ा समेत कई शहरों में दिन के तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई।

    प्रदेश में सोमवार को सबसे गर्म फलोदी रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के साथ आने वाले दिनों में दिन के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 12 सितंबर के बाद बारिश का नया दौर शुरू होने पर एक बार फिर तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है।

    आज का मौसम कैसा रहेगा?
    आज भरतपुर और कोटा संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश का इंतजार करना होगा। मौसम विभाग की नजर अब 12 सितंबर से बनने वाले नए बारिश के दौर पर है। अगर सिस्टम अनुकूल रहा तो मानसून की सुस्ती टूट सकती है और प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है।

  • मध्य प्रदेश में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, भोपाल समेत 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बरसा पानी; 4 दिन अलर्ट

    मध्य प्रदेश में 83.5% बारिश का कोटा पूरा, भोपाल समेत 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बरसा पानी; 4 दिन अलर्ट

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 31.1 इंच (लगभग 791 मिमी) पानी बरस चुका है। यह आंकड़ा निर्धारित कोटे का 83.5 प्रतिशत है। सामान्य औसत 33.1 इंच के मुकाबले अभी करीब दो इंच की कमी बनी हुई है, जो कुल मिलाकर छह प्रतिशत कम है।

    प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वर्षा का प्रतिशत 101 से 146 तक पहुंच गया है। मऊगंज जिले में सबसे अधिक करीब 53 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा।

    12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में अब तक 90% से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मऊगंज प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है, जहां करीब 53 इंच पानी गिर चुका है, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच बारिश दर्ज हुई है।

    31 जिलों में 3 से 54% तक बारिश कम
    प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 3% से 23% तक कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से 7% से 54% तक कम पानी गिरा है।

    पूर्वी हिस्से में बारिश से सुधरा आंकड़ा
    पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश के बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में हाल के दिनों में तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसी वजह से पहली बार इस सीजन में पूर्वी हिस्से की बारिश सामान्य के आसपास पहुंची है और सोमवार तक यहां सामान्य से करीब 1% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    11 सितंबर तक इन संभागों में तेज बारिश
    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से एक बार फिर पूरे प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    इतने ही जिले बेहतर स्थिति में हैं, जहां 90 प्रतिशत से अधिक कोटा पूरा हो चुका है। इसके विपरीत 31 जिले अभी भी पिछड़े हुए हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत अच्छी रही, जबकि इंदौर-उज्जैन वाले पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा नजर आ रही है।

    रीवा-शहडोल में जारी रहेगा बारिश का दौर
    मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में भारी वर्षा का क्रम बना रहेगा। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 12 सितंबर के बाद नए सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश में दोबारा बारिश का माहौल बन सकता है।

    जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।

    आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

    प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

     

  • राजस्थान के मौसम का बदला मिजाज, 7 सितंबर के बाद घटेगी बारिश, 12-13 सितंबर से फिर अलर्ट

    राजस्थान के मौसम का बदला मिजाज, 7 सितंबर के बाद घटेगी बारिश, 12-13 सितंबर से फिर अलर्ट

    जयपुर
    राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार 7 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। हालांकि पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 8 से 10 सितंबर तक ज्यादातर इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। राहत के इस दौर के बाद 12-13 सितंबर से फिर बारिश का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं।

    7 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बीकानेर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

    7 सितंबर को इन इलाकों में बारिश के आसार
    मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 7 सितंबर को अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों के अलावा टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर, दौसा, अलवर और भरतपुर के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

    भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। उदयपुर संभाग में भी कुछ जगह बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, बीकानेर और नागौर में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।
    प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।

    उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बना सिस्टम कमजोर
    राजस्थान में पिछले दिनों हुई बारिश के पीछे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) प्रमुख मौसम सिस्टम था। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ी थीं। IMD ने 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई थी।
    अब यह सिस्टम कमजोर पड़ रहा है। इसके कमजोर होने के साथ राजस्थान में मानसून की सक्रियता भी कम होने की संभावना है। इसलिए 7 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों घट सकती हैं।

    8 से 10 सितंबर तक बारिश से राहत
    मौसम विभाग के अनुसार 8 से 10 सितंबर के बीच राजस्थान में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। इस दौरान व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने और कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
    यानी अगले तीन दिन प्रदेश में बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। खासकर पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

    12-13 सितंबर से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
    बारिश में यह कमी लंबे समय तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं।
    12 से 15 सितंबर के बीच पूरबाई हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ सकती है। इससे पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में कई स्थानों पर खंड-खंड बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में ज्यादा रह सकती हैं।

    हालांकि इस दौरान किसी एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति नहीं है। इसलिए इस दौर को फिलहाल नमी बढ़ने और पूरबाई हवाओं के असर से संभावित बारिश के चरण के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा।

    16-17 सितंबर से फिर कम हो सकती है बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 सितंबर के आसपास प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर कमी आ सकती है। हालांकि 10 से 15 दिन के विस्तारित पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले किसी नए मौसम सिस्टम, मानसून ट्रफ की स्थिति और हवाओं के रुख का राजस्थान की बारिश पर असर पड़ सकता है। इसलिए अगले चरण की बारिश को लेकर स्थिति साफ होने के साथ पूर्वानुमान में बदलाव भी संभव है।

     

  • पंजाब में फिर सक्रिय हुआ मानसून, सिर्फ पठानकोट में बारिश का अलर्ट; आज बरसेंगे बादल

    पंजाब में फिर सक्रिय हुआ मानसून, सिर्फ पठानकोट में बारिश का अलर्ट; आज बरसेंगे बादल

    अमृतसर
     पंजाब में शनिवार को कई हिस्सों में बारिश के बाद अब मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को केवल पठानकोट में यलो अलर्ट है। हालांकि पठानकोट और होशियारपुर में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।

    इसके बाद बारिश का दायरा लगातार घटेगा और ज्यादातर जिलों में मौसम सामान्य या शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि शनिवार कुछ जिलों में बारिश के बाद भी औसत तापमान में हल्की बढ़ौतरी देखने को मिली, लेकिन तापमान सामान्य के करीब बना रहा है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के आसार बन रहे हैं।

    शनिवार को 0.7 डिग्री बढ़ा औसत तापमान
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ के अनुसार शनिवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में शुक्रवार के मुकाबले 0.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद तापमान सामान्य के आसपास बना रहा।

    बठिंडा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरीदकोट में 35.5, रूपनगर में 34.3, लुधियाना और चंडीगढ़ में 34, मोहाली में 33.9, अमृतसर में 32.9 और पटियाला में 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    आनंदपुर साहिब में सबसे ज्यादा बारिश
    शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक कई क्षेत्रों में बारिश हुई। श्री आनंदपुर साहिब में 24 मिलीमीटर बारिश हुई, जो राज्य में सबसे अधिक रही। चंडीगढ़ में 15.2, पटियाला में 9, रोपड़ में 7.5 और लुधियाना में 3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

    पठानकोट के थीन बांध और गुरदासपुर में 0.5 से 1 मिलीमीटर बारिश हुई। अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर, होशियारपुर और संगरूर में बारिश नहीं हुई।

    सिर्फ पठानकोट में यलो अलर्ट जारी
    6 सितंबर: पठानकोट में कई स्थानों पर अच्छी बारिश और यलो अलर्ट रहेगा। होशियारपुर में भी कई स्थानों पर बारिश होगी। गुरदासपुर, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर, मानसा, बठिंडा, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, फिरोजपुर और मोगा में छिटपुट बारिश हो सकती है।

    7 सितंबर: पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर बारिश होगी। अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मानसा में छिटपुट बारिश संभव है। बाकी जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।

    8 सितंबर: गुरदासपुर और होशियारपुर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। पठानकोट, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में छिटपुट बारिश हो सकती है। बाकी राज्य में मौसम शुष्क रहेगा।

    9 सितंबर: पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। पंजाब के बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

  • सवाई माधोपुर में 181 मिमी बारिश, स्कूलों में छुट्टी; 5-6 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

    सवाई माधोपुर में 181 मिमी बारिश, स्कूलों में छुट्टी; 5-6 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

    सवाई माधोपुर
     राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने भी 2 दिन कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया (WML) बना हुआ है। मानसून ट्रफ लाइन भी श्रीगंगानगर और WML से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से 5 और 6 सितंबर को पूर्वी व पूर्वी-उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में बारां, दौसा, धौलपुर, झालावाड़, करौली और सवाई माधोपुर जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी और अतिभारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सवाई माधोपुर के तलवाड़ा में सर्वाधिक 131 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

    सवाई माधोपुर जिले में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश का दौर जारी है। जिले सहित अधिकतर ग्रामीणों इलाकों में सुबह से ही बारिश हो रही है। खंडार क्षेत्र में स्थित मानसरोवर बांध भारी बारिश के कारण ओवरफ्लो हो चुका है। इस सीजन में यह पहली बार है, जब मानसरोवर बांध पर चादर चली है। वहीं, भारी बारिश के चलते स्कूलों में शनिवार को छुट्टी घोषित की गई। बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बता दें कि सवाईमाधोपुर जिले में कृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को मानसून ने जोरदार दस्तक दी। सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार को भी जारी है। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश से शहर की सड़कों और ग्रामीण क्षेत्रों के रास्तों पर पानी भर गया। लगातार बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। वहीं खरीफ फसलों के लिए भी बारिश को लाभदायक माना जा रहा है।

    लगातार दूसरे साल मानसरोवर बांध ओवरफ्लो
    जिले के खंडार क्षेत्र में स्थित मानसरोवर बांध लगातार दूसरे साल ओवरफ्लो हुआ है। इससे पहले पिछले साल 30 जुलाई और 23 अगस्त को भारी बारिश के कारण बांध ओवरफ्लो हुआ था। दो बार बांध के ओवरफ्लो होने से सवाई माधोपुर और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली बोधल पुलिया भी दो बार टूटी थी। हालांकि, इस बार बांध के ओवरफ्लो होने से किसानों के चेहरे पर खुशी छलक पड़ी। क्योंकि 16 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।

    स्कूलों में छुट्टी घोषित
    सवाई माधोपुर जिले में लगातार बारिश एवं मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला कलक्टर काना राम के निर्देशानुसार 5 सितम्बर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश जिले के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों पर लागू रहेगा। यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। विद्यालयों का समस्त शिक्षक एवं अन्य स्टाफ नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा। इसी क्रम में जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए भी 5 सितम्बर को अवकाश रहेगा।

    आंगनबाड़ी केंद्रों के मानदेयकर्मी विभागीय निर्देशानुसार नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी देवी लाल मीणा को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के सहयोग से आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशों की अवहेलना की स्थिति में संबंधित राजकीय अथवा गैर-राजकीय विद्यालय के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को नदी-नालों, रपटों, झरनों तथा तेज जल बहाव एवं जलभराव वाले स्थानों पर जाने से रोकें और बारिश के दौरान उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

    खण्डार में 24 घंटे में 181 मिमी बारिश
    पिछले 24 घंटे की बात करें तो जिले में कुल 474.30 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले के खण्डार क्षेत्र में सबसे ज्यादा 181 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मानसरोवर में 55, देवपुरा में 40, पांचोलास में 50, मोरा सागर में 16, भाड़ौती में 35, सवाईमाधोपुर मानटाउन में 55, सवाईमाधोपुर तहसील में 54, चौथ का बरवाड़ा में 30, बामनवास में 35, मलारना डूंगर में 33, बौली में 23, मित्रपुरा में 25, गंगापुर सिटी में 19, वजीरपुर में 7, तलावड़ा में 45, बरनाला में 42 और भांवरा में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।

    जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर को भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश की भी संभावना है। अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 6 सितंबर को भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 7 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

  • अगस्त बना 125 साल का सबसे गर्म महीना, सितंबर में भी कम बारिश की चेतावनी

    अगस्त बना 125 साल का सबसे गर्म महीना, सितंबर में भी कम बारिश की चेतावनी

    नई दिल्ली

    मॉनसून की सुस्ती के साथ अल नीनो हावी होता जा रहा है. इसी का असर अगस्त में देखा गया, जब कम बारिश के कारण देश में अगस्त महीने की गर्मी 125 सालों में सबसे ज्यादा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक अगस्त महीने के दौरान औसत अधिकतम तापमान 1901 के बाद चौथा सबसे अधिक है, जो पिछले 125 साल में अगस्त का चौथा सबसे अधिक टेंपरेचर है. खासकर रात का तापमान ज्यादा परेशान कर रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आमतौर पर अगस्त मानसून का सबसे भीगा और ठंडा महीना होता है, लेकिन इस बार औसत तापमान 28.01 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 0.67 डिग्री अधिक है। 

    रात का तापमान बना सबसे बड़ा कारण
    अगस्त 2026 के इतना गर्म होने का कारण दोपहर की धूप नहीं बल्कि सूरज ढलने के बाद का मौसम रहा है. अगस्त में रात में औसत न्यूनतम तापमान 24.36 डिग्री दर्ज किया गया. यह 1901 के बाद अगस्त का सबसे अधिक रात का तापमान है.जबकि दिन का औसत अधिकतम तापमान 31.66 डिग्री रहा, जो रिकॉर्ड में चौथा सबसे अधिक रहा.पूर्व में बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर इलाकों में रातों का तापमान रिकॉर्ड हाईलेवल पर पहुंच गया है। 

    सितंबर में भी मॉनसून सुस्त
    भारत मौसम विभाग का कहना है कि जून, जुलाई और अगस्त का ट्रेंड सितंबर में भी बना रहेगा.पूरे देश में औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान है.सितंबर 2026 के दौरान पूरे देश में मासिक वर्षा सामान्य से कम (LPA 91%) के करीब रहने की संभावना है.इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान देशभर में मॉनसून कमजोर रहने से 4 जून से 31 अगस्त 2026 के बीच औसत से 14% कम बारिश हुई है। 

    मॉनसून की बारिश में भी असमानता
    अगस्त महीने में देश भर में मॉनसूनी बारिश की 16 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई. बारिश की कमी, कहीं कम और कहीं ज्यादा बारिश के कारण और असमान वितरण भी देखा गया. उत्तर प्रदेश में भी नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुकाबले अवध (लखनऊ-कानपुर आदि) और पूर्वांचल में अच्छी बारिश हुई. दिल्ली में अगस्त में ठीकठाक बारिश हुआ. हरियाणा में गुरुग्राम के आसपास इलाकों को छोड़कर कम बारिश हुई. राजस्थान में कम बारिश चिंता का सबब रही है। 

    प्रशांत महासागर में अल नीनो का असर
    प्रशांत महासागर अल नीनो को लेकर हालात लगातार मजबूत रहे हैं. प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान 3 डिग्री तक बढ़ने का खतरा है. ग्लोबल वार्मिंग और मजबूत अल नीनो के मॉनसून के दौरान तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। 

    सितंबर में बारिश का अनुमान
    गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र की वजह से भारत मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिन के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. छत्तीसगढ़ में सितंबर को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ-साथ कहीं-कहीं बहुत ज्यादा भारी बारिश होने की संभावना है। 

    2 और 3 सितंबर, 2026 को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है.पश्चिम बंगाल में भी ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.ओडिशा, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार में भी अगले 2 दिन अच्छी बारिश के आसार हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 सितंबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 

  • राजस्थान में 2 से 7 सितंबर तक बारिश, जयपुर-भरतपुर समेत 5 संभागों में बदलेगा मौसम

    राजस्थान में 2 से 7 सितंबर तक बारिश, जयपुर-भरतपुर समेत 5 संभागों में बदलेगा मौसम

    जयपुर
    राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर मानसून के बीच मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान जारी किया है। 2 और 3 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसके बाद 4 से 7 सितंबर तक प्रदेश के पांच संभागों में बारिश का दायरा और व्यापक हो जाएगा। इस दौरान कोटा संभाग में भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 2 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ जिलों में मानसूनी गतिविधियां बढ़ना शुरू होंगी। 3 सितंबर को भी इन क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम में बदलाव के साथ कई स्थानों पर बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इससे पिछले दिनों से बनी गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिल सकती है।

    4 से 7 सितंबर तक पांच संभागों में बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक 4 से 7 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में बारिश का दायरा काफी बढ़ जाएगा। जयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान मानसून की गतिविधियां पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावी रहने के आसार हैं।

    कोटा संभाग में भारी बारिश की चेतावनी
    बारिश के नए दौर में कोटा संभाग पर मौसम विभाग की विशेष नजर रहेगी। विभाग के अनुसार कोटा और आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जबकि कहीं-कहीं भारी बारिश भी होने की संभावना है। भारी बारिश की स्थिति में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बनने की आशंका है।

    पश्चिमी राजस्थान में मानसून रहेगा कमजोर
    पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बारिश नहीं होने से इन क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    शेखावाटी में छिटपुट बौछारों के आसार
    पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों को हालांकि बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है। 4 से 6 सितंबर के दौरान बीकानेर संभाग और उससे सटे शेखावाटी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। सीकर, झुंझुनूं और चूरू में छिटपुट मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं।

  • कोटा में मानसून का ब्रेक, अब 3 सितंबर से बारिश के नए दौर के आसार

    कोटा में मानसून का ब्रेक, अब 3 सितंबर से बारिश के नए दौर के आसार

    कोटा 
    कोटा शहर में बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। रविवार को दिनभर धूप खिली और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 33.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश की कमी का असर इस बार मानसून के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कोटा जिले में 30 अगस्त तक सामान्यत: 615 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस मानसून सीजन में अब तक केवल 378.3 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य से 38.54 प्रतिशत कम है। पिछले साल अगस्त माह में 269.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

    अगस्त में हुई 190.2 मिमी बारिश
    कोटा शहर में अगस्त माह के दौरान 190.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। जुलाई तक शहर में 188.1 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस तरह वर्तमान मानसून सीजन में अब तक कुल 378.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कोटा शहर में सामान्य औसत वार्षिक बारिश करीब 732 मिमी मानी जाती है।

    बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में तीव्र होकर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया बनने की प्रबल संभावना है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी चार से पांच दिन मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 3 सितम्बर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं 4 से 7 सितम्बर के दौरान कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

  • छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर होगा तेज, 5 दिनों तक झमाझम बरसेंगे बादल

    छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर होगा तेज, 5 दिनों तक झमाझम बरसेंगे बादल

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में सितंबर महीने की शुरुआत बारिश के साथ होने के मजबूत संकेत हैं. पूरे प्रदेश में आज से बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ने की संभावना जताई गई है. (Latest CG Weather Update) मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है.

    मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब चार फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. 
    मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. वहीं अब मानसून की गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं. (Sunday Weather) बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से 30 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. बारिश का दौर 3 सितंबर तक सक्रिय रहने की संभावना है.

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
    राजधानी रायपुर (Raipur Ka Mausam) में 30 अगस्त को आकाश सामान्यतः मेघमय रहने तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

    कई जिलों में बारिश का अलर्ट 
    मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज मौसम बिगड़ने की संभावना जताई है. कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली और कोरिया में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में आकाशीय बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और वर्षा की संभावना जताई गई है.

    शंकरगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश 
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 29 अगस्त को शंकरगढ़ में सर्वाधिक 6 सेमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा ओडगी में 4, करतला में 3 सेमी, जबकि छुरा, लटोरी, सूरजपुर, डोंगरगांव, कुसमी और छाल में 2-2 सेमी बारिश दर्ज की गई. महासमुंद, पोंडी बचरा, कोरबा, भैसमा, मरीं बंगला देवरी, लाल बहादुर नगर, सोनहत, माना-रायपुर-एपी, राजपुर और बैकुंठपुर में 1-1 सेमी बारिश हुई है.

  • राजस्थान में बारिश का इंतजार बढ़ा, 21% कम बरसात; 4-5 सितंबर से मानसून फिर एक्टिव होने की उम्मीद

    राजस्थान में बारिश का इंतजार बढ़ा, 21% कम बरसात; 4-5 सितंबर से मानसून फिर एक्टिव होने की उम्मीद

    जयपुर 
    राजस्थान में मानसून फिलहाल ब्रेक पर है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद शुक्रवार पहला ऐसा दिन रहा, जब प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। बारिश थमने और दिनभर तेज धूप रहने से कई शहरों में गर्मी और उमस बढ़ गई। जयपुर, टोंक, अलवर समेत 15 शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं, श्रीगंगानगर में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच गया।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में मानसून का यह कमजोर दौर सितंबर के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम बनने की संभावना है। इसके असर से 4-5 सितंबर से राजस्थान में मानसून के दोबारा एक्टिव होने की उम्मीद है।
    प्रदेश में अब तक सामान्य से 21% कम बारिश

    कम बारिश के कारण राजस्थान के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। मानसून सीजन में सबसे कम बारिश पाली जिले में हुई है। इसके अलावा जालोर, बांसवाड़ा, जैसलमेर और उदयपुर भी कम बारिश वाले प्रमुख जिलों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सामान्य के मुकाबले बारिश की कमी बनी हुई है।

    बारिश की कमी का असर खेतों से लेकर जलस्रोतों तक दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने से किसानों को बारिश का इंतजार है। प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 21 फीसदी कम दर्ज की गई है।

    4 सितंबर से बदल सकता है मौसम
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र विकसित होने की संभावना है। इसके राजस्थान की ओर बढ़ने पर 4-5 सितंबर से प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। इससे कई जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

    फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर शिफ्ट है। यह अमृतसर, देहरादून और लखीमपुर खीरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। आने वाले दिनों में ट्रफ के अपनी सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना है। इसके बाद राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    जयपुर में तेज धूप, 35.4 डिग्री पहुंचा तापमान
    जयपुर में शुक्रवार को दिनभर तेज धूप रही। बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। शहर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिन जयपुर में मौसम इसी तरह रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान स्थानीय स्तर पर बादल बनने की स्थिति से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है।

    अजमेर में दो दिन से बारिश नहीं
    अजमेर में पिछले दो दिन से बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार सुबह बादलों की आवाजाही रही और हवा भी चली, लेकिन बारिश नहीं हुई। बीच-बीच में धूप निकलने से लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। शहर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    अलवर में बढ़ी गर्मी और उमस
    अलवर में शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप रही। आसमान साफ रहने के कारण दिन में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। यहां अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बादल छाने और बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन दिनभर मौसम मुख्य रूप से साफ रहा।

    कोटा में पारा 2 डिग्री चढ़ा
    कोटा में बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस बढ़ गई। सुबह बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में धूप निकलने के बाद तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    वहीं, नवनेरा बांध से पानी की निकासी कम कर दी गई है। फिलहाल चार गेट 12 मीटर तक खोलकर करीब 52 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

    उदयपुर में मौसम सुहावना, बारिश नहीं
    उदयपुर में शुक्रवार को मौसम सुहावना बना रहा। कुछ समय हल्के बादल छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। यहां अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री और न्यूनतम 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बने रहने का अनुमान है।

    जोधपुर में सामान्य से अधिक रहा तापमान
    जोधपुर में शुक्रवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। दोपहर बाद धूप निकलने से उमस बढ़ गई। अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।

    सीकर में 38 डिग्री पहुंचा पारा
    सीकर में शुक्रवार को ज्यादातर समय मौसम साफ रहा। तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ा। यहां न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    फिलहाल राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर हैं, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में बनने वाला संभावित सिस्टम प्रदेश के लिए राहत लेकर आ सकता है। यदि सिस्टम मजबूत रहा तो 4-5 सितंबर के बाद बारिश का दौर फिर शुरू होने और बारिश की कमी वाले जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है।