Category: छत्तीसगढ़

  • 1 लाख मतदाताओं के फैसले पर टिकी नजर, आज आएंगे 227 पदों के चुनाव नतीजे

    1 लाख मतदाताओं के फैसले पर टिकी नजर, आज आएंगे 227 पदों के चुनाव नतीजे

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकायों के आम एवं उप चुनाव के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह से मतगणना शुरू होगी और इसके साथ ही 5 नगरीय निकाय अध्यक्ष, 71 पार्षद, 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला सामने आने लगेगा।

    बता दें कि मतों की गणना प्रदेश के 13 निर्धारित मतगणना केंद्रों में की जाएगी, जहां मतगणना कार्य संपन्न कराने के लिए 395 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। चुनाव परिणामों को लेकर प्रत्याशियों, समर्थकों और राजनीतिक दलों में उत्सुकता चरम पर है। इन चुनावों को स्थानीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनमें कई नवगठित नगर पंचायतों और रिक्त पंचायत पदों के लिए जनप्रतिनिधियों का चुनाव हुआ है। चुनाव परिणाम आने के बाद संबंधित क्षेत्रों में विकास और स्थानीय प्रशासन की नई दिशा तय होगी।

    मई में जारी हुआ था चुनाव कार्यक्रम
    राज्य निर्वाचन आयोग ने मई में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 1 जून को मतदान कराया गया, जबकि आज यानी 4 जून को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार पूरे चुनावी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। मतदान के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी गई थी।

    5 अध्यक्ष और 71 पार्षद पदों पर सबकी नजर
    नगरीय निकाय चुनाव में कुल 5 अध्यक्ष पद और 71 पार्षद पदों के लिए मतदान हुआ था। इनमें नवगठित नगर पंचायतों के चुनाव भी शामिल हैं। राजनांदगांव जिले की घुमका, जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह, सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर और बलौद जिले की पलारी नगर पंचायत के नतीजों पर विशेष नजर रहेगी। इन क्षेत्रों में पहली बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला था।

    पंचायतों में भी कई महत्वपूर्ण पदों का फैसला
    पंचायत चुनाव में 10 जनपद पंचायत सदस्य, 34 सरपंच और 107 पंच पदों के लिए मतदान कराया गया था। कई जगहों पर मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और ग्रामीण नेतृत्व को लेकर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जिसका परिणाम आज सामने आएगा।

    मतदान में दिखा था जबरदस्त उत्साह
    1 जून को हुए मतदान में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। नगरीय निकाय चुनाव में 31,928 मतदाताओं में से 27,006 मतदाताओं ने मतदान किया, जिससे 84.58 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। वहीं पंचायत चुनाव में 1,02,797 मतदाताओं में से 79,968 लोगों ने वोट डाले और 78.61 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। मतदान के लिए नगरीय निकाय क्षेत्रों में 96 और पंचायत क्षेत्रों में 274 मतदान केंद्र बनाए गए थे। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया था।

    राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की बढ़ी धड़कनें
    मतगणना को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में उत्सुकता चरम पर है। मतदान के बाद से ही जीत-हार को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कई सीटों पर कांटे की टक्कर की संभावना जताई जा रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में एकतरफा मुकाबले की भी चर्चा है। स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव भले ही गैर-दलीय आधार पर लड़े जाते हों, लेकिन इनके परिणामों को राजनीतिक दलों की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक ताकत के पैमाने के रूप में भी देखा जाता है। ऐसे में आज आने वाले नतीजों पर प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों की भी नजर बनी हुई है।

  • सरकार ने जारी किए 12 करोड़, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी आर्थिक राहत

    सरकार ने जारी किए 12 करोड़, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी आर्थिक राहत

    बीजापुर.

    तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. जिले में संग्रहण सीजन 2026 के तहत 40 हजार से अधिक संग्राहकों ने तेन्दूपत्ता संग्रहित किया. इसके बदले करीब 36 करोड़ रुपये पारिश्रमिक का भुगतान किया जाना है. पहले चरण में 12 हजार से अधिक संग्राहकों के खातों में 12 करोड़ रुपये ऑनलाइन भेजे गए हैं.

    मानसून से पहले भुगतान मिलने से खेती-किसानी की तैयारियों को बल मिलेगा. ग्रामीण परिवार इस राशि का उपयोग कृषि कार्यों और घरेलू जरूरतों में करते हैं. गुडमा, कुटरू, तोयनार और बरदेला समेत कई समितियों के संग्राहकों को भुगतान मिल चुका है. शेष समितियों में सत्यापन और ऑनलाइन प्रविष्टि का काम जारी है. सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया है. सीधे बैंक खातों में राशि पहुंचने से पारदर्शिता भी बढ़ी है. तेन्दूपत्ता आज भी बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है. इस भुगतान से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है.

  • नक्सल प्रभावित बस्तर में अब NIA स्पेशल कोर्ट, लंबित मामलों पर जल्द होगा फैसला

    नक्सल प्रभावित बस्तर में अब NIA स्पेशल कोर्ट, लंबित मामलों पर जल्द होगा फैसला

    जगदलपुर.

    बस्तर संभाग में लंबे समय से लंबित एनआईए मामलों के निपटारे की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने जगदलपुर में एनआईए स्पेशल कोर्ट शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है. यह अदालत बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर और कोंडागांव के मामलों की सुनवाई करेगी.

    स्पेशल कोर्ट की जिम्मेदारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता नवीन तिवारी को सौंपी गई है. बताया जा रहा है कि क्षेत्र के 21 मामले विचाराधीन हैं जबकि 100 से अधिक मामले रिमांड स्तर पर हैं. अब इन मामलों की लगातार सुनवाई संभव हो सकेगी. झीरम घाटी हमला और भीमा मंडावी हत्याकांड जैसे चर्चित मामलों की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है. अब तक सुनवाई के लिए रायपुर और अन्य न्यायालयों पर निर्भरता रहती थी.

    स्थानीय स्तर पर कोर्ट शुरू होने से कानूनी प्रक्रिया को गति मिलेगी. अभियोजन और बचाव पक्ष के लिए भी अलग-अलग अधिवक्ताओं की नियुक्ति कर दी गई है. जून और जुलाई में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रस्तावित है. इस फैसले को बस्तर में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

  • बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टम: मुख्यमंत्री साय

    बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टम: मुख्यमंत्री साय

    प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री साय

    बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टम

    रायपुर 
     सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के हितग्राही आनंद कुमार पवार से उनके निवास पर आत्मीय मुलाकात कर योजना से आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। 

    मुख्यमंत्री साय ने परिवार से संवाद कर जाना कि किस प्रकार एक जनकल्याणकारी योजना ने उनके जीवन में आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगाई है।मुख्यमंत्री साय से चर्चा के दौरान आनंद कुमार पवार ने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1200 से 1500 रुपये तक आता था, जो सीमित आय वाले परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ था। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया और अब परिवार को बिजली खर्च की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।

    पवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बचत बढ़ी है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हर महीने होने वाली बचत अब परिवार की अन्य जरूरतों और बच्चों के  भविष्य पर खर्च की जा रही है।

    मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान पवार ने यह भी बताया कि योजना के लिए आवेदन करने के लगभग एक माह के भीतर उन्हें सब्सिडी प्राप्त हो गई। साथ ही बैंक से सरल प्रक्रिया के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर संयंत्र लगाने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। शेष राशि का भुगतान आसान मासिक किश्तों में किया जा रहा है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।

    आनंद कुमार पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल बिजली बिल से राहत ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़कर भविष्य की ओर अधिक भरोसे के साथ देख रहा है।

    उल्लेखनीय है कि आनंद कुमार पवार, पिता चमन लाल पवार का घर बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह आवास ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और आमजन के जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। बड़ेकनेरा के आनंद कुमार पवार की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाली नई संभावनाएं भी लेकर आती हैं।

  • पत्थर जैसी बन रही बच्ची का होगा इलाज, बाल आयोग ने मामले में दिखाई सक्रियता

    पत्थर जैसी बन रही बच्ची का होगा इलाज, बाल आयोग ने मामले में दिखाई सक्रियता

    पत्थर शरीर वाली बच्ची के उपचार को लेकर बाल आयोग सक्रिय

    डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर बच्ची के बेहतर उपचार की दिशा में बड़ा कदम

    आयोग की पहल पर बच्ची को मिली उसके नाम पर जुटाई गई सहायता राशि
    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा सोशल मीडिया में प्रसारित समाचार एवं आयोग को प्राप्त आवेदन पत्र का संज्ञान लेते हुए बीजापुर जिले के नेलसनार क्षेत्र अंतर्गत बेंगोफर पारा, कौरगांव निवासी गंभीर रूप से बीमार नाबालिग बच्ची के उपचार हेतु प्राप्त दान एवं सहायता राशि के संबंध में जांच की कार्यवाही कराई जा रही है।

    प्राप्त आवेदन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक एवं दीपक ध्रुवे द्वारा बच्ची के उपचार के लिए सार्वजनिक सहयोग राशि एकत्रित किए जाने तथा भुगतान संबंधी विवरणों पर प्रश्न उठाए गए थे, जिस पर डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दीपक ध्रुवे द्वारा जांच प्रारंभ होने से पूर्व बच्ची के परिवार को ₹39,000 की राशि प्रदान की गई थी तथा जांच के दौरान अतिरिक्त ₹22,400 की राशि बच्ची की माता एवं उसके भाई की उपस्थिति में तथा पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त ₹5,000 की राशि संबंधित बैंक खाता होल्ड होने के कारण बच्ची के चाचा के खाते में जमा कराई गई थी, जिसे बाद में उनके चाचा द्वारा बच्ची की माता को प्रदान किया गया।

    जांच में यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रजराज रजक द्वारा बच्ची के उपचार हेतु वीडियो प्रसारित कर स्वयं का क्यूआर कोड साझा किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि ब्रजराज रजक द्वारा जांच से पूर्व भी कुछ राशि बच्ची के उपचार हेतु परिवार को प्रदान की जा चुकी थी। वहीं पूछताछ के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि ₹18,000 की शेष राशि उनके पास उपलब्ध थी, जिसे जांच उपरांत बच्ची के परिवार को प्रदान कर दिया गया। इस प्रकार अब तक कुल ₹84,400 की राशि बच्ची के उपचार हेतु उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

    डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा निर्देशित किया गया है कि प्रकरण से संबंधित सभी वित्तीय लेन-देन, प्राप्त दान राशि, बैंक खातों एवं भुगतान विवरणों की तथ्यात्मक एवं कंडिकावार जांच सुनिश्चित करते हुए संपूर्ण प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा दोष पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

  • युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी पहल, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर सरकार का जोर : ओ.पी. चौधरी

    युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी पहल, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर सरकार का जोर : ओ.पी. चौधरी

    युवा प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच, खेल सुविधाओं के उन्नयन पर जोर : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब में टेनिस कोर्ट का किया निरीक्षण, युवा खिलाड़ियों से की मुलाकात

    रायपुर,
    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ स्पोर्ट्स क्लब पहुंचकर टेनिस कोर्ट का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेल अधोसंरचना के बेहतर विकास एवं खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

    निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने क्लब में अभ्यास कर रहे युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त साधन भी है।

    मंत्री चौधरी युवा खिलाड़ियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ अभ्यास जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रायगढ़ की प्रतिभाओं में अपार संभावनाएं हैं। उचित मार्गदर्शन और बेहतर सुविधाओं के माध्यम से ये खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनका उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिलें तथा वे अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकें।

    इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, खेल प्रेमी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। खिलाड़ियों ने वित्त मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की।

  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी बेटियों का सहारा, सम्मान और सुरक्षा दे रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी बेटियों का सहारा, सम्मान और सुरक्षा दे रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

    बैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

    बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणा

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सामाजिक परंपराओं, वैदिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच आयोजित इस समारोह में जिले के 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शुभ मुहूर्त में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के लिए वरदान

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों को आर्थिक चिंताओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है, जिससे पात्र परिवारों को और अधिक सहयोग प्राप्त हो सके।

    बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करती है।

    विधायक दीपेश साहू ने प्रस्तुत किया सामाजिक समरसता का आदर्श

    मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में स्वयं विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल युवाओं को सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक समरसता और अनावश्यक खर्चों में कमी लाने का सकारात्मक संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    बारिश को बताया शुभ संकेत

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के दौरान वर्षा होना इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन भी प्रकृति के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है, जो नवदंपतियों के सुखद और समृद्ध भविष्य का शुभ संकेत है।

    बैलगाड़ी में निकली बारात बनी आकर्षण का केंद्र

    समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बैलगाड़ी में निकाली गई बारात रही। जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक-सांस्कृतिक माहौल और जनसहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

    मौसम परिवर्तन के बीच पुराने रेस्ट हाउस में संपन्न हुआ आशीर्वाद समारोह

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मूल रूप से बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित होना था, लेकिन शाम के समय मौसम खराब होने और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया। यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं उपस्थित होकर नवदंपतियों से आत्मीय मुलाकात की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभाशीष प्रदान किया।

    नवदंपतियों को मिला शासन की योजनाओं का लाभ

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित उपहार सामग्री एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    सामूहिक विवाह सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक सामाजिक व्यय में कमी आती है तथा समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों से अपने वैवाहिक जीवन को प्रेम, विश्वास, सहयोग, संस्कार और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

    जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री दयाल दास बघेल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पाण्डेय, सांसद विजय बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इन्द्र कुमार साहू, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बसना विधायक संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नवदंपतियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • सुशासन तिहार में शामिल होंगे CM साय, दुर्ग और बेमेतरा में करेंगे जनसमस्याओं का समाधान

    सुशासन तिहार में शामिल होंगे CM साय, दुर्ग और बेमेतरा में करेंगे जनसमस्याओं का समाधान

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रविवार काे दुर्ग और बेमेतरा जिले के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री निवास में मन की बात कार्यक्रम का श्रवण करेंगे। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे दुर्ग पहुंचकर सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री यहां आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं के निराकरण की दिशा में पहल करेंगे। साथ ही करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर क्षेत्र को नई विकास सौगात देंगे। दोपहर 3 बजे वे सुशासन तिहार के तहत अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा भी लेंगे। शाम 6 बजे मुख्यमंत्री बेमेतरा जिला पहुंचेंगे, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के कार्यक्रम में शामिल होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद देंगे। इसके साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण कर जिले के विकास को नई गति प्रदान करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री रात 9 बजे रायपुर लौटेंगे।

  • DAP खाद की 68 बोरियां चोरी, सुराग तलाशने के लिए डॉग स्क्वाड की ली गई मदद

    DAP खाद की 68 बोरियां चोरी, सुराग तलाशने के लिए डॉग स्क्वाड की ली गई मदद

    बालोद.

    मानसून अभी पहुंचा नहीं है, लेकिन किसान अपनी तैयारी में जुट गए हैं. ऐसे में खेतों को तैयार करने के लिए जरूरी खाद की किल्लत को देखते हुए चोर गोदाम से खाद की बोरियां चोरी करने लगे हैं.

    बालोद जिला स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कुसुमकसा के ग्राम चिपरा के खाद बीज गोदाम से चोरों ने 68 बोरी नवरत्ना कम्पनी का डीएपी चोरी करके ले गए. चोरी की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची डौंडीलोहारा पुलिस जांच में जुटी गई है. घटना स्थल पर डॉग स्क्वायड की टीम की मदद से चोरों को खोजने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब तक पुलिस को कोई सुराग हाथ नही लग पाए है. गौरतलब है कि इस खाद गोदाम से 15 मई 2024 में भी 35 बोरी डीएपी, 12 बोरी पोटाश, 7 बोरी यूरिया, 8 बोरी सुपरफास्फेट की चोरी हुई थी, लेकिन उस मामले में आज तक पुलिस चोरों को पकड़ नहीं पाई है. 

  • पर्यटकों को झटका! नंदनवन जू और जंगल सफारी की टिकट दरें बढ़ीं, AC बस किराया भी महंगा

    पर्यटकों को झटका! नंदनवन जू और जंगल सफारी की टिकट दरें बढ़ीं, AC बस किराया भी महंगा

    रायपुर.

    नवा रायपुर के नंदनवन जू और जंगल सफारी में घूमना पर्यटकों के लिए अब महंगा हो सकता है. वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने जू के प्रवेश शुल्क, सफारी राइड और अन्य सुविधाओं की नई दरें जारी कर दी है. कई श्रेणियों में टिकट रेट 50% तक बढ़ाई गई हैं, जबकि कुछ कैटेगरी में यह बढ़ोतरी दोगुनी से भी अधिक है.

    नई प्रस्तावित दरों के अनुसार 6 से 12 साल तक के बच्चों का टिकट 25 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और 12 वर्ष से अधिक आयु के आगंतुकों का टिकट 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किया गया है. विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 200 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो गया है. वहीं दिव्यांगजन और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को वैध पहचान पत्र के आधार पर फ्री एंट्री जारी रहेगी. हालांकि सुविधा यह वीकेंड, सार्वजनिक अवकाश और सरकारी छुट्टियों पर लागू नहीं होगी.

    सफारी टिकट भी महंगी
    सफारी के लिए 6 से 12 वर्ष के बच्चों का टिकट सामान्य बस में 100 रुपये, एसी बस में 150 रुपये और इलेक्ट्रिक बस में 175 रुपये लगेंगे. वयस्कों के लिए यह 150, 200 और 250 रुपये होगा. विदेशी पर्यटकों के लिए सफारी के लिए 750 रुपये से 1250 रुपये तक के रेट तय किए गए हैं.

    जिप्सी सफारी के नए रेट
    जिप्सी से सफारी घूमने के लिए प्रति व्यक्ति 700 रुपए और पूरी जिप्सी लेने पर 3,500 रुपए देना होगा. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए यह दर 350 रुपये प्रति व्यक्ति और 2,000 रुपये प्रति जिप्सी रखी गई है. वहीं विदेशी पर्यटकों को प्रति व्यक्ति 1,500 रुपये और प्रति जिप्सी 7,000 रुपये शुल्क देना होगा.

    फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर लगेगा भी शुल्क
    अगर आपको जंगल सफारी और नंदनवन जू में फोटोग्राफी करनी है तो इसके लिए एक दिन का 5000 रुपये और कमर्शियल वीडियोग्राफी या फिल्म शूटिंग के लिए एक दिन का 15,000 रुपये शुल्क देना होगा. यह अनुमति संबंधित अधिकारियों की स्वीकृति के अधीन होगी.

    शैक्षणिक भ्रमण पर मिलेगी छूट
    सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को फ्री एंट्री दी जाएगी. वहीं कक्षा 9 से 12 तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों को 50 प्रतिशत और निजी स्कूलों के छात्रों को 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी.