Category: छत्तीसगढ़

  • सावधान! बाजार में बिक रहे थे केमिकल वाले फल, छापेमारी में भारी मात्रा में केले जब्त

    सावधान! बाजार में बिक रहे थे केमिकल वाले फल, छापेमारी में भारी मात्रा में केले जब्त

    खैरागढ़.

    खैरागढ़ जिले में गर्मियों के मौसम में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। तीन दिनों तक चले विशेष जांच अभियान में सड़े-गले फल नष्ट कराए गए, गंदगी मिलने पर जूस सेंटर बंद कराया गया और केमिकल से फल पकाने वाले प्रतिष्ठान पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में केले जब्त किए गए।

    कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे की टीम ने जिले के फल बाजारों, मंडियों और प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण किया। छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में जांच के दौरान करीब 20 किलो सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर मौके पर नष्ट कराए गए। इसी दौरान एक गन्ना जूस सेंटर में भारी गंदगी और खुले में रखी बर्फ मिलने पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए दुकान तत्काल बंद करा दी गई। इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 15 किलो खराब आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज नष्ट कराए गए।

    अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई 29 मई को गंडई तहसील के वार्ड नंबर 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार में हुई, जहां बिना खाद्य पंजीयन के हानिकारक केमिकल से फल पकाने का मामला उजागर हुआ। टीम ने छापेमारी के दौरान गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन 3G और टैगपान लिक्विड जैसे केमिकल बरामद किए। कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि अस्वच्छ तरीके से रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी कीमत लगभग 50 से 60 हजार रुपए बताई जा रही है।

    जांच के दौरान अधिकारियों ने साफ कहा कि कृत्रिम तरीके से फल पकाने, रसायनों के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अब सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि आमजन की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

  • टूरिज्म हब बनने की राह पर छत्तीसगढ़, बड़े निवेश से होटल और पर्यटन उद्योग को मिलेगा बूस्ट

    टूरिज्म हब बनने की राह पर छत्तीसगढ़, बड़े निवेश से होटल और पर्यटन उद्योग को मिलेगा बूस्ट

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

    बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

    वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

    बैठक में यह भी बताया गया कि  पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

    बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

    बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले- शिक्षा, संगठन और संस्कार समाज विकास की सबसे बड़ी ताकत

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले- शिक्षा, संगठन और संस्कार समाज विकास की सबसे बड़ी ताकत

    शिक्षा, संगठन और संस्कार से ही समाज की प्रगति संभव: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

    ​जांजगीर-चांपा के कापन और बलौदा में सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए वित्त मंत्री

    ​अघरिया और स्वर्णकार समाज के सामुदायिक भवनों का लोकार्पण

    ​10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

    ​रायपुर
    छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी आज जांजगीर-चाम्पा जिले के कापन और नगर पंचायत बलौदा में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कापन में अखिल भारतीय अघरिया समाज के क्षेत्रीय सभा सह सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। वहीं, बलौदा के जंगलवा डबरी में स्वर्णकार समाज के 'स्वर्ण मंडपम' सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।

    ​शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बनेगी नई पीढ़ी

            कापन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अवसर उपलब्ध कराकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।" ​उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता, सकारात्मक सोच और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    एकजुटता ही समाज की वास्तविक शक्ति

             कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि अघरिया समाज शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में ही निहित होती है। वहीं, पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े ने कहा कि यह नवनिर्मित भवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा।

    ​बलौदा में 'स्वर्ण मंडपम' का लोकार्पण
      
             नगर पंचायत बलौदा में आयोजित स्वर्ण मंडपम सामुदायिक भवन के लोकार्पण समारोह में वित्त मंत्री ने स्वर्णकार समाज द्वारा सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक चुन्नीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

  • पद्मश्री सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई ICU में भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी

    पद्मश्री सम्मानित पंडवानी गायिका तीजन बाई ICU में भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कलाकार और पंडवानी गायन की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें मेडिकल आईसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है।

    तीजन बाई के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही कला जगत, उनके प्रशंसकों और अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य खराब होने पर तीजन बाई को तत्काल एम्स रायपुर लाया गया। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती करने का निर्णय लिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम इलाज में जुटी हुई है और जरूरी मेडिकल जांच भी की जा रही है।

    पंडवानी कला की अंतरराष्ट्रीय पहचान
    तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश की लोककला की पहचान मानी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी शैली को देश-विदेश तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाई दी है। अपनी अनूठी प्रस्तुति शैली, दमदार आवाज और अभिनय से उन्होंने लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे देश के प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

    कला प्रेमियों में बढ़ी चिंता
    तीजन बाई की तबीयत खराब होने की खबर फैलते ही कला प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में चिंता का माहौल है। कई कलाकारों और जनप्रतिनिधियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उनके प्रशंसक और चाहने वाले उनके शीघ्र स्वस्थ होकर फिर से मंच पर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।

    छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर
    तीजन बाई को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से महाभारत की कथाओं को पंडवानी शैली में जीवंत रूप दिया और लोकसंस्कृति को नई पहचान दिलाई। आज भी उनकी प्रस्तुतियां देशभर में लोकप्रिय हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रदेशभर में भावनात्मक माहौल बना हुआ है।

    डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाज
    एम्स प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनकी हालत नियंत्रण में है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। परिवार के सदस्य और करीबी लोग भी अस्पताल में मौजूद हैं।

  • छत्तीसगढ़ में राशन व्यवस्था को मिलेगा नया बल, CM साय बोले- गरीब कल्याण की दिशा में बड़ा कदम

    छत्तीसगढ़ में राशन व्यवस्था को मिलेगा नया बल, CM साय बोले- गरीब कल्याण की दिशा में बड़ा कदम

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सार्थक-पीडीएस फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपए की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. सार्थक-पीडीएस फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी. इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा.

  • वन विभाग में बड़ा बदलाव, अरूण पांडे बने नए PCCF

    वन विभाग में बड़ा बदलाव, अरूण पांडे बने नए PCCF

    रायपुर.

    राज्य शासन ने 1994 बैच के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय को छत्तीसगढ़ का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख नियुक्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आज 27 मई 2026 को मंत्रालय (महानदी भवन) से यह आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।

    विभाग के विशेष सचिव जे.पी. पाठक के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति वर्तमान प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, भा.व.से. (1990) की सेवानिवृत्ति के उपरांत की गई है। नवनियुक्त वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, भा.व.से. (1994) वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।

    अब उन्हें अरण्य भवन, नवा रायपुर के शीर्षस्थ पद पर पदस्थ करते हुए शीर्षस्थ वेतनमान में नियुक्त किया गया है। राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय और मुख्यमंत्री सचिवालय सहित सभी संबंधित विभागों को तत्काल भेज दी गई है।

  • CM साय ने दिवंगत रूपनारायण के घर पहुंचकर जताया शोक, कई मंत्री रहे साथ

    CM साय ने दिवंगत रूपनारायण के घर पहुंचकर जताया शोक, कई मंत्री रहे साथ

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार सुबह योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा के कबीर नगर स्थित निवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे. मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान रूपनारायण सिन्हा की अचानक तबियत बिगड़ गई.

    इस बीच उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उनकी कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. आज कुछ देर बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रूपनारायण से उनका बहुत पुराना संबंध रहा है. वे लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे और उनके साथ व्यक्तिगत रिश्ते भी बेहद आत्मीय रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में भगवान उनके परिवार को संबल प्रदान करें और दिवंगत रूपनारायण सिन्हा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें.

    पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित
    रूपनारायण सिन्हा के निधन के बाद BJP का पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण महाअभियान स्थगित कर दिया गया है. तिफरा के झूलेलाल मंगलम में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होना था, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है. 

  • मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां

    मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां

    मुस्लिम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग तत्पर

    मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां

    डॉ. वर्णिका शर्मा के निरीक्षण में मदरसों की अव्यवस्था आई सामने

    बाल संरक्षण मानकों में मिली कमियां, सुधार के दिए निर्देश

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में रायपुर स्थित दो मदरसों एवं यतीमखानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।  निरीक्षण के दौरान बैजनाथ पारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन एवं दारुल यतामा में बच्चों की दिनचर्या अत्यधिक लंबी एवं असंतुलित पाई गई। निरीक्षण में परिसर एवं रसोईघर में गंदगी, स्वच्छ पेयजल की कमी तथा अस्वच्छ भोजन व्यवस्था जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मदरसों में बच्चों से सफाई एवं अन्य दैनिक कार्य कराए जा रहे हैं, जिसे बाल अधिकारों के विरुद्ध माना गया।

    डॉ वर्णिका शर्मा ने संस्था प्रबंध को आदेशित किया है कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कार्य नहीं कराया जाए तथा बाल संरक्षण संबंधी सभी मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। इसके अलावा खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था नहीं मिलने पर भी चिंता व्यक्त की। बाल आयोग ने संबंधित संस्थानों को तत्काल निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।आयोग द्वारा संबंधित अधिकारियों को और  मदरसे को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित अवधि में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • WHO की चेतावनी के बाद रायपुर एयरपोर्ट सतर्क, बाहर से आने वाले हर यात्री की हो रही स्क्रीनिंग

    WHO की चेतावनी के बाद रायपुर एयरपोर्ट सतर्क, बाहर से आने वाले हर यात्री की हो रही स्क्रीनिंग

    रायपुर 

     इबोला वायरस को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की अनिवार्य जांच शुरू कर दी है. अभी तक भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें एहतियाती तौर पर पूरी तरह सतर्क हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। 

    रायपुर एयरपोर्ट पर सख्ती, यात्रियों की जांच अनिवार्य
    इबोला संक्रमण की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है. इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की जा रही है, जो स्क्रीनिंग, निगरानी और आपातकालीन व्यवस्था का समन्वय करेगा. संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों की तुरंत पहचान कर उन्हें आइसोलेशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। 

    देशभर में निगरानी तेज, केंद्र सरकार अलर्ट मोड में
    इबोला के खतरे को लेकर केंद्र सरकार भी सतर्क है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है. देश के सभी एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमावर्ती क्षेत्रों पर स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है. एनसीडीसी, आईसीएमआर और अन्य एजेंसियों को ट्रैकिंग, टेस्टिंग और सर्विलांस के लिए लगातार तैयार रहने को कहा गया है। 

    WHO के अलर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता
    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में अफ्रीका के कांगो और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' घोषित किया है. इस प्रकोप के बाद दुनिया भर के देशों ने निगरानी बढ़ा दी है. भारत में भी इसी के चलते एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच को अनिवार्य किया गया है। 

    SOP और एडवाइजरी जारी, राज्यों को निर्देश
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनमें स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन, इलाज, लैब जांच और संक्रमण रोकथाम से जुड़े प्रोटोकॉल शामिल हैं. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में बुखार या अन्य लक्षणों पर विशेष नजर रखने और तुरंत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    क्या है इबोला और कितनी है गंभीरता
    इबोला एक खतरनाक वायरल रोग है, जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है. यह संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और शारीरिक तरल पदार्थ के संपर्क से फैलता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में रक्तस्राव शामिल हैं. इस बीमारी का ऊष्मायन काल 2 से 21 दिनों तक हो सकता है। 

    फिलहाल भारत सुरक्षित, लेकिन सतर्कता जरूरी
    स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है. हालांकि वैश्विक यात्रा और संक्रमण के खतरे को देखते हुए सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. रायपुर समेत देशभर के एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई निगरानी और सख्ती इसी दिशा में उठाया गया एहतियाती कदम है, ताकि समय रहते किसी भी खतरे को टाला जा सके। 

  • छत्तीसगढ़ तप रहा आग की तरह, नौतपा शुरू होते ही रायपुर में पारा 45°C

    छत्तीसगढ़ तप रहा आग की तरह, नौतपा शुरू होते ही रायपुर में पारा 45°C

    रायपुर
    नौतपा की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में गर्मी और ज्यादा बढ़ने वाली है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 4 दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां रात में हवा भी हल्की गर्म चल रही है।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क है और तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ।सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा
    बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के शुरुआती दिनों में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार और महासमुंद जैसे जिलों में तेज धूप और लू का असर अधिक रहेगा।

    अगले 4 दिन तक राहत के आसार नहीं
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में सूखा और बेहद गर्म मौसम बना रहेगा। रायपुर के लिए जारी पूर्वानुमान में आसमान साफ रहने और दिनभर गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

    भीषण गर्मी से चमगादड़ों की मौत
    कोरबा जिले में भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक के कारण करीब 200 चमगादड़ों की मौत हो गई। पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब क्षेत्र में सैकड़ों चमगादड़ पेड़ों से गिरकर मर गए। वन विभाग ने लू के कारण उनकी मौत की पुष्टि की है। इलाके में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

    स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी
    बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।